सुशील मेहता
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10 days ago
विश्व बुजुर्ग दुर्व्‍यवहार जागरूकता दिवस विश्व बुजुर्ग दुर्व्यवहार जागरूकता दिवस (World Elder Abuse Awareness Day) हर साल 15 जून को विश्व स्तर पर मनाया जाता है. यह दिन बुजुर्ग लोगों के साथ दुर्व्यवहार और पीड़ा के विरोध में आवाज उठाने के लिए मनाया जाता है. इस दिन का मुख्य उद्देश्य दुनिया भर के समुदायों को बुजुर्गों के दुर्व्यवहार और उपेक्षा को प्रभावित करने वाली सांस्कृतिक, सामाजिक, आर्थिक और जनसांख्यिकीय प्रक्रियाओं के बारे में जागरूकता पैदा करके दुर्व्यवहार और उपेक्षा की बेहतर समझ को बढ़ावा देने का अवसर प्रदान करना है।. इंटरनेशनल नेटवर्क फॉर द प्रिवेंशन ऑफ एल्डर एब्यूज (INPEA) के अनुरोध के बाद संयुक्त राष्ट्र के संकल्प 66/127 को दरकिनार करते हुए दिसंबर 2011 में संयुक्त राष्ट्र महासभा द्वारा आधिकारिक तौर पर इस दिन को मान्यता दी है। हमारे समाज में तेजी से हो रहे बदलावों के कारण बुजुर्गों को अकेलापन और दुर्व्यवहार का सामना करना पड़ रहा है। डिजिटल क्रांति, औद्योगीकरण, शहरीकरण और वैश्वीकरण हमारे सांस्कृतिक और पारंपरिक मूल्यों को बदल रहे हैं। मौजूदा फैमिली सिस्टम और दिन-प्रतिदिन हर गतिविधियों का डिजिटल होना वृद्ध वयस्कों को हाशिए पर डाल रहा है। इसलिए उनकी सुरक्षा करना अब पहले से कहीं अधिक ज्यादा जरूरी हो गया है। हमें यह सुनिश्चित करना चाहिए कि उनका दुरुपयोग और शोषण न हो। उनकी देखभाल करना हमारा सभ्यतागत कर्तव्य है। बुजुर्गों के साथ दुर्व्यवहार शारीरिक, यौन, सामाजिक, मनोवैज्ञानिक और वित्तीय हो सकता है और इसमें उपेक्षा भी शामिल हो सकता है। बड़े पैमाने पर बुजुर्गों के साथ दुर्व्यवहार की घटनाएं होती हैं लेकिन आमतौर पर इसके मामले कम दर्ज किए जाते हैं। क्योंकि ज़्यादातर मामलों में दुर्व्यवहार करने वाले व्यक्ति उनके परिजन विशेषकर उनके बच्चे होतें है। हेल्पएज इंडिया की शोध के अनुसार बुजुर्गों को जिस तरह के दुर्व्यवहार का सबसे ज्यादा सामना करना पड़ता है वह है- तिरस्कार 56 प्रतिशत, गाली-गलौज 49 प्रतिशत, अनदेखी 33 प्रतिशत। ज्यादातर लोगों को लगता है कि बहुएं सास-ससुर के साथ बुरा बर्ताव करती हैं। लेकिन इस हेल्पएज की स्टडी की मानें तो सास-ससुर के साथ दुर्व्यवहार करने वाली बहुओं की संख्या तो 38 प्रतिशत है जबकि अपने ही मां-बाप का शोषण करने वाले बेटों की संख्या 57 प्रतिशत। बुजुर्गों के साथ हो रहे दुर्व्यवहार को 6 वर्गों में वर्गीकृत किए जा सकता है। #जागरूकता दिवस