वैश्विक पवन उर्जा
पवन ऊर्जा, पवन ऊर्जा के विभिन्न उपयोगों और पवन ऊर्जा दुनिया को बदलने में कैसे मदद कर सकती है, इसके तरीके और संभावनाओं के बारे में जागरूकता फैलाने के लिए हर साल 15 जून को दुनिया भर में वैश्विक पवन दिवस (Global Wind Day) मनाया जाता है. वैश्विक पवन दिवस को पहली बार 2007 में पवन दिवस (Wind Day) के रूप में मनाया गया था. बाद में, 2009 में इसका नाम बदलकर वैश्विक पवन दिवस (Global Wind Day) कर दिया गया. वैश्विक पवन दिवस का आयोजन विंडयूरोप (WindEurope) और ग्लोबल विंड एनर्जी काउंसिल (Global Wind Energy Council - GWEC) द्वारा किया जाता है। (International Renewable Energy Agency - IRENA) के अनुसार, पवन ऊर्जा दुनिया में सबसे तेजी से बढ़ते अक्षय ऊर्जा स्रोतों में से एक है. भारत 2021-25 में 20GW पवन क्षमता स्थापित करेगा. पवन ऊर्जा स्वच्छ ऊर्जा का स्रोत है और यह अक्षय है. वर्तमान में, भारत की कुल स्थापित पवन ऊर्जा क्षमता 38.789 GW है. भारत के पास दुनिया की चौथी सबसे बड़ी स्थापित पवन ऊर्जा क्षमता है।।
हवा एक ऐसा स्रोत है जो इसमें नौकरियों और अर्थव्यवस्था के विकास को बढ़ावा देने की क्षमता है. पवन ऊर्जा में कई मायनों में क्रांतिकारी(revolutionary) रही है और एक मुख्यधारा की तकनीक में बदल गई है. कार्बन उत्सर्जन को कम करने के लिए ऊर्जा के नवीकरणीय स्रोतों के लिए परियोजनाओं में अरबों डॉलर के वित्तपोषण के साथ पवन ऊर्जा प्रौद्योगिकी में निवेश करने वाले बहुत सारे औद्योगिक क्षेत्र हैं. यूरोपीय संघ इस मामले में सबसे आगे रहा है और गैस की तुलना में पवन ऊर्जा की अधिक स्थापना की है, जो पूरे क्षेत्र की बिजली की खपत को 11.4% p.a. में नीचे लाता है, लगभग 87 मिलियन से अधिक घर ऐसे हैं जो पवन ऊर्जा का उपयोग करते हैं। ।
#जागरूकता दिवस