MBA Pandit Ji
528 views
1 days ago
यत्र येन यतो यस्य यस्मै यद् यद् यथा यदा। स्यादिदं भगवान् साक्षात् प्रधान पुरुषेश्वरः।।४।। इस जगत् के आधार, निर्माता और निर्माण सामग्री भी तुम्ही हो। इस सारे जगत् के स्वामी तुम दोनों (श्रीकृष्ण और श्री बलराम) हो और तुम्हारी ही क्रीड़ा के लिए इसका निर्माण हुआ है। यह जिस समय, जिस रूप में जो कुछ रहता है, होता है - वह सब तुम्ही हो। इस जगत् में प्रकृति-रूप से भोग्य और पुरुषरूप से भोक्ता तथा दोनों से परे दोनों के नियामक साक्षात् भगवान् भी तुम्ही हो। श्रीमद्भागवत-महापुराण/१०/८५/४ श्रीमद्भागवत-महापुराण/10/84/4 #PuranikYatra #MBAPanditJi #ब्रह्मवैवर्त_पुराण_कथा #shivmahapuran #shiv #shiva #शिवमहापुराण #bhavishypuran #vedpuran #puranam #upanishads #shrimadbhagwat #shrimadbhagwatkatha #bhagwatkatha #bhagwat #bhagwatkathalive #भागवत #भागवतकथा #श्रीमद्भगवद्गीता #श्रीमद्भागवत #श्राद्धकर्म #श्राद्धविधि #श्राद्धपक्ष #shradhpaksh #shradh #naradpuran #naradapuran #naradpurankatha #शिवमहापुराणकथा #shivmahapurankatha #ब्रह्मवैवर्तपुराण #hindu #sanatan #brahmvaivartpuran #MBAPanditJi #PuranikYatra