MBA Pandit Ji
1K views • 10 days ago
कुलीन स्त्रियों के लिए जार पुरूष की सेवा सब तरह से निन्दनीय ही है। इससे उनका परलोक बिगड़ता है, स्वर्ग नहीं मिलता, इस लोक में अपयश होता है। यह कुकर्म स्वयं तो अत्यन्त तुच्छ, क्षणिक है ही; इसमें प्रत्यक्ष - वर्तमान में भी कष्ट-ही-कष्ट है। मोक्ष आदि की तो बात ही कौन करे, यह साक्षात् परम भय - नरक आदि का हेतु है।
श्रीमद्भागवत-महापुराण/१०/२९/२६
श्रीमद्भागवत-महापुराण/10/29/26
#bhavishypuran #vedpuran #puranam #puranikyatra #mbapanditji #upanishads
#shrimadbhagwat #shrimadbhagwatkatha #bhagwatkatha #bhagwat #bhagwatkathalive #भागवत #भागवतकथा #श्रीमद्भगवद्गीता #श्रीमद्भागवत #श्राद्धकर्म #श्राद्धविधि #श्राद्धपक्ष #shradhpaksh #shradh #PuranikYatra #MBAPanditJi
24 likes
14 shares