MBAPanditJi
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MBA Pandit Ji
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जैसे स्वप्न टूटने पर मनुष्य स्वप्न के सम्बन्धियों से आसक्त नहीं रहता - वैसे ही ज्यों-ज्यों सत्संग के द्वारा बुद्धि शुद्ध हो, त्यों ही त्यों शरीर, स्त्री, पुत्र, धन आदि की आसक्ति स्वयं छोड़ता चले। क्योंकि एक-न-एक दिन ये छूटने वाले ही हैं। श्रीमद्भागवत-महापुराण/७/१४/४ श्रीमद्भागवत-महापुराण/7/14/4 #bhavishypuran #vedpuran #puranam #puranikyatra #mbapanditji #upanishads #shrimadbhagwat #shrimadbhagwatkatha #bhagwatkatha #bhagwat #bhagwatkathalive #भागवत #भागवतकथा #श्रीमद्भगवद्गीता #MBAPanditJi #PuranikYatra
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प्रह्लाद ने भगवान नृसिंह से कहा - जो स्वामी से अपनी कामनाओं की पूर्ति चाहता है, वह सेवक नहीं; और जो सेवक से सेवा कराने के लिए उसका स्वामी बनने के लिए उसकी कामनाएं पूर्ण करता है, वह स्वामी नहीं। श्रीमद्भागवत-महापुराण/७/१०/५ और यहां हम लोग भगवान को लालच देते हैं कि हमारा ये काम हो जाए तो लड्डू चढ़ाएं या तुम्हारा जगराता करें। श्रीमद्भागवत-महापुराण/7/10/5 #bhavishypuran #vedpuran #puranam #puranikyatra #mbapanditji #upanishads #shrimadbhagwat #shrimadbhagwatkatha #bhagwatkatha #bhagwat #bhagwatkathalive #भागवत #भागवतकथा #श्रीमद्भगवद्गीता #PuranikYatra #MBAPanditJi
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