#GodMorningMonday
#दुर्लभ_दर्शन_संत_के करलो किस्मत वालों
Sant Rampal Ji Maharaj
#गीता तेरा ज्ञान अमृत
♦️गीता अध्याय 2 का श्लोक 17
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नाशरहित तो उसको जान (येन्) जिसका विनाश करने में कोई भी समर्थ नहीं है। पूर्ण परमात्मा अविनाशी है, वो कभी मरता नहीं।
♦️ गीता अध्याय 2 का श्लोक 19
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पूर्ण प्रभु दयालु है वह किसी को मारता नहीं। जो कहे कि आत्मा मरती है व पूर्ण परमात्मा किसी को मारता है, वे दोनों ही अज्ञानी हैं।
♦️गीता अध्याय 5 के श्लोक 25
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तत्वदर्शी संत से दीक्षा लेकर शास्त्रविधि अनुसार साधना करने से जिनके सब पाप नष्ट हो गए हैं वह सब प्राणियों का हितैषी होता है। वह सत्य भक्ति व शुभ कर्म करने वाला साधक सुखदायी परमात्मा सतपुरूष को प्राप्त होते हैं।
♦️गीता अध्याय 17 श्लोक 23
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ऊँ, तत्, सत्, इति, निर्देशः, ब्रह्मणः, त्रिविधः,स्मृतः
ब्राह्मणाः, तेन, वेदाः, च, यज्ञाः, च विहिताः, पुरा।।
सच्चिदानंद घन ब्रह्म का मन्त्र ‘‘ऊँ तत् सत्‘‘ है।
इन तीनों मंत्रों के जाप से परम गति प्राप्त होगी।
यह मन्त्र तुझे तत्वदर्शी संत देगे। इसकी उपासना तीन तरह से तीन बार मे होती है।
🙏🙏इस आध्यात्मिक रहस्य को जानने के लिए अवश्य देखें साधना चैनल हर रोज शाम 7:30 बजे।
Sant Rampal Ji Maharaj
#कबीर