"दर्पण"
●●●●●
🌹🌱🌾
सीखना है तुझे कुछ खाश,
तो खड़े आईने से सिख,
हर बात बताता है जिंदगी में,
जिसे तू जानता भी नहीं है,
बिना झूठ बोले चुपके चुपकेे।
दुनिया लालच में बतलाती है,
उन्हें भी तेरे हक़ में,
जिसके तू कभी काबिल नहीं,
ये तेरी हर हकीकत बयाँ करता है,
बिना डरे बस चुपके चुपके।
क्या कर सकता है तू,
कहाँ तक जा सकता है तू,
अपने हौसलो से,
क्या क्या पा सकता है तू,
सबकुछ बताता है बस चुपके चुपके।
तेरे चेहरे का नूर,
तेरे कामयाबी का गुरुर,
तेरे हर पिने का पैमाना,
तेरे फिर जीने का सुरूर,
कह देता है बिना कुछ लिए,
अजनबी सा बन बस चुपके चुपके।
अजीब है ये भी,
इंसान घबरा गया था....
इतना कड़वा सच भी,
कैसे छुपा रहा था.....
जानबूझ ये जहर को,
कैसे पचा रहा था....
आसमान में उड़ने वाला,
समुन्दर में तैर रहा था...
दिलों में जलने वाला,
अंगारो पे चल रहा था....
सबकुछ बता बैठाता जब,
बस यूँ ही चुपके चुपके।
ये आईना है दिल में भी,
पर काँच का टुकड़ा नही...
जब बंद आँख करके देखो,
हर सवाल बुझा देता है...
अपनों के ऊपर अपना,
ये हक जता देता है,
मुस्कुराकर बस चुपके चुपके।।💕💞
......✍️रवि प्रताप सिंह("पंकज")🍒
🌳🌳🌳🌳मनमोहन🌳🌳🌳🌳
#💝 शायराना इश्क़ #❤️ आई लव यू #💔पुराना प्यार 💔 #🌹प्यार के नगमे💖 #❤️Love You ज़िंदगी ❤️