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जान लेती हैं हरएक अदाएँ तुम्हारी,
खामोशीयों के दामन मे.....
प्रभु माफ़ करें पर हर चीज,
इंसानो के बस की बात नही है!
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कौन पूछे इस दिल मे बहार कितना है,
तुम्हारे लिए दिल में क़रार कितना है!
दो पल के लिए दिखो तुम यूँ अदाएँ समेटे,
कौन बताए तुम्हरे लिए दिल बेक़रार कितना है!
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हवा छूकर निकले बदन को,
दिल बेचारा कैसे आराम करे।
बस एक तू और तेरी सब बातें,
बेदर्दी हमें बहुत ही परेशान करे।
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जरुरी नहीं कि हुस्न हमेशा डूबी रहे,
सुन्दर से लिबास में.....
सीधी सादी अप्सराएँ भी साहेब,
कसम से यूँ भी कोहिनूर बरसाती हैं।
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कुछ समझने की जरुरत नहीं,
समझे तो बहुत नही तो कम है!
मत पूछ पहचान क्या है...
बस अपने दिल का ही रंग है!
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तुझे देखता हूँ पर.....
मन नहीं भरता कभी......
ताउम्र तुझसे बस यही,
एक शिकायत रहेगी...मेरी।।
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उलझनों के दौर में ये भी,
पता चला न कभी....
दिल उलझा जो तुझमे,
वो भी उलझा ही रह गया!
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सजा ये माफ़ी के काबिल नही,
कुछ लोग बहुत ही सताते हैं!
ये इश्क है ये प्यार है ये नशा है,
जो दूर रहकर भी बहुत ही याद आते हैं!
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मेरे पास नहीं है दरिया मुहब्बत का,
तुम्हे डुबोने को....
ना ही दिल अपना खाली है,
चुपके से खोने को....
एक तुम हो और बहुत सी हैं,
यादें तुम्हारी......
तुम्हे याद करने को सोने को,
और सपनो मे तुम्हारा होने को।
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इन आँखों के चमकते हुए जुगनुओं से,
किसी की मुहब्बत झलक रही है।
कोई सोया नहीं शायद दिन निकलने तक,
खुली नजरों से रात की चांदनी छलक रही है!💕💞
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.............✍️रवि प्रताप सिंह("पंकज")🍒
🌳🌳🌳🌳🌳मनमोहन🌳🌳🌳🌳🌳
#💝 शायराना इश्क़ #❤️ आई लव यू #💔पुराना प्यार 💔 #🌹प्यार के नगमे💖 #❤️Love You ज़िंदगी ❤️