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12 hours ago
"रंग-उमंग" ●●●●●●● 🌹🌱🌾 आज कानों में फिर सखे, झंकार सुनाई दी हमको! पहली बार लाल टमाटर की, मीठी पूकार सुनाई दी हमको! आज हमे भी पुरूष होने पर, पहली बार अभिमान हुआ! पहली बार अपने आपे का, हमको भी अद्भुत ज्ञान हुआ! अपने कुछ गाढ़े रंग संग, हमाए फुलझड़ी कुछ गाने लगी! उछल कूद दौर फांदकर, प्राणप्यारी गजब फड़फड़ाने लगी! पहली बार ही मौशम्बी, देख सामने से इतराई हैं! पहली बार नजरों को देख, फूलगोभी भी मुस्कुराई हैं! साँसे भरकर खड़ी मुंडेर पे, फूलमती ने दिल जलाया है! चित बर्फी बनके फिर से, लोलमती बोल गुनगुनाया है! देखा अण्डे फोर दिलों के, गजब का ही दिया कमाल है! छेड़छाड़ कर हिरणी ने यूँ, बकरे को फिर से किया हलाल है! सोंनपापड़ियों के हाँथों से भी, कलाकन्द ताड़े ही जाते हैं! खोया रसमलाई के चक्कर मे, जानबूझकर बर्फी ही मारे जाते हैं! सुगियाँ सी जो दिखती हैं, देखा अपने रंग में आयी हैं! पहली बार ही उनने खुलकर, आँखों से गोलियां चलायी हैं! घनघोर उदासी से भरी हुई, खत्म हो गई हर रातें अब! बस दिल को करनी है, रसभरीयों संग हर बातें अब! मीठे-मीठे दिलतक बढ़कर, चंद्रमुखी ने मारी बाजी हैं! इस खाली अंधेरी जीवन मे, हमरी घाटकोपर भी हुई राजी हैं! अब फिर से अपनेआप में ही, डूबकर जीवनभर रहना है! जो भी दिल की भोली हैं, बस उनसबको अपना ही कहना है! बस सबको I 💝U.............🤩😍🧞 .....Mgr. Er. साह-जू-चेरुआ("मोर्गन")🍒 🌳🌳🌳🌳🌳मनमोहन🌳🌳🌳🌳🌳 #💝 शायराना इश्क़ #❤️ आई लव यू #🌹प्यार के नगमे💖 #💔पुराना प्यार 💔 #❤️Love You ज़िंदगी ❤️
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13 hours ago
दिल-ए-डगर" ●●●●●●●● 🌹🌱🌾 इश्क के गुजरते डगरी में, यूँ सुन ली एक आवाज! मन ने चाहा और खोल दिए, उसने दिल के अपने हर राज! देखा भी कुछ ऐसे जैसे, मदहोश सी करती नजरें... छाए जो जबरन मन पे, जैसे खड़ी हसीन एक ख्वाब! कँगना सी खनकती मन पे, दिल पे छमके जैसे पायल... रुनझुन बजता रहा दिल भी, कुछ ऐसे भी करे जो बात! ना बंदिशें रहे कोई फिर, ना ही हो कोई बहाना... ये दिन अपनी बाँहों में और, हृदय को डुबोती सुंदर रात! छेड़ा भी कुछ ऐसे जैसे, बजता प्यारा सा कोई धुन... बढ़ता हुआ धड़कन और, फिर चढ़ती हुई हर साँस! एक मनमोहक कली सी, बन आई हो कुछ ऐसे... मन को वश में करती यूँ, जैसे खिलती हुई गुलाब! सपने आजाद हैं मेरे यूँ, हसीन ख्वाहिशों के संग... आसमान के तले एक पंछी, और फिर दिल में दे वो साथ!💕💞 .....✍️रवि प्रताप सिंह("पंकज")🍒 🌳🌳🌳🌳मनमोहन🌳🌳🌳🌳 #💝 शायराना इश्क़ #❤️ आई लव यू #🌹प्यार के नगमे💖 #💔पुराना प्यार 💔 #❤️Love You ज़िंदगी ❤️
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1 days ago
"Silent Soldiers" ●●●●●●●●●●●● 🌹🌱🌾 There are so many Responsibilities for Solders of our nation. And they do their work With full concern Dedication trust and Faith. We see them on border Camps platforms airports And several places. But there are also So many hidden soldiers With same smiles in our country. Arm forces do their work And stabilize strategically, And others do their work With same dedication In different ways & concerns For physical- economical Establity of the countries. Yes they may be doctors Teachers pilots drivers police Shopkeepers farmers lawyers Engineers & other professionals. If they are as regular Punctual as soldiers everywhere. If doctors care his patients In mid night with favour, Drivers pilot carrying their Passengers with own life risk, Techer taking classes on Sunday for their students promises, Police solve the guilts In front of silent tears. . Lawyers change the black magics As parallel as the white games, Engineers create histories In between limited record times, Farmer making records of growth, & workmen carry work within time. . And every one so on.... Who carry their work/profession With interest intimation and Full dedication of their patience In sence of nation progress Height tributes and superiorities. Yes they are actually hidden Solders of their country. Who demand their Primary rights of citizens Then they also fullfil their Primary responsibilities for nation. We have justify the threads, Where are our concerns Favour dedication decisions For our country our nation. And we are just a person Or we are also the hidden soldiers.💕💞 .......✍️Ravi Pratap Singh("पंकज")🍒 🌳🌳🌳🌳🌳मनमोहन🌳🌳🌳🌳🌳 #🌹प्यार के नगमे💖 #❤️ आई लव यू #💔पुराना प्यार 💔 #💝 शायराना इश्क़ #❤️Love You ज़िंदगी ❤️
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1 days ago
"Colourful Buds" ●●●●●●●●●●●● 🌹🌱🌾 The colourful buds are Blooming today, By meeting the thirsty bumblebees. Fragrance is coming from the cast, With the bloom of feelings. Let you too meet in The pleasing manner. The lamps have lit up in the nights, From that impact of the flame. Darkness is running away itself, With the love of lamp-wick. Let you too close by your lovely consequences desires. As the clouds growing dark black, With a call from Sawan. Its going to rain on top, From a memory of deep heart. Let you too smile with your Gleaming face. The weather is pleasant and beautiful, Like a cuckoo's voice. Air meet and becoming sweet cool, Like with blessings spring heart. Let you too happy with strings Of your heart. Like birds are chirping in Diapasons, From morning to morning. Peacocks are keeping their minds, With the melodious voice Of the clouds. Don't you even think about today, Let you too hug with Your blissfulness and love.💕💞 ....✍️Ravi Pratap Singh ("पंकज")🍒 🌳🌳🌳🌳🌳मनमोहन🌳🌳🌳🌳🌳 #💝 शायराना इश्क़ #❤️ आई लव यू #🌹प्यार के नगमे💖 #💔पुराना प्यार 💔 #❤️Love You ज़िंदगी ❤️
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2 days ago
"Sweet Harmony" •••••••••••••••••••••• 🌹🌱🌾 Whenever on the Fingers of the hands, You remember the face & make each evening count! When on the carefree Words of the lips, Your past smile and Meet your own thoughts! Putting a hand in the Corner of the mind, Ask about the condition With the help of sweet dreams! When you don't forget With restless eyelids, Don't be able to embrace Anyone's worries! Eyes should be away from Every restriction somewhere, When nothing is said to anyone! After a moment When even by myself. Don't be silent anywhere! Then hold your heart Who knows, That beautiful bird may pass Right in front of you! Whose shadow rides On the every beat, Come out from somewhere else. & Smile in the same company And Simile with sweet harmony.💕💞 .........✍️Ravi Pratap Singh("पंकज")🍒 🌳🌳🌳🌳🌳 मनमोहन 🌳🌳🌳🌳🌳 #💝 शायराना इश्क़ #❤️ आई लव यू #🌹प्यार के नगमे💖 #💔पुराना प्यार 💔 #❤️Love You ज़िंदगी ❤️
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2 days ago
"बचपन" ●●●●● 🌹🌱🌾 बचपन का जमाना होता था, खुशियों का खजाना होता था। चाहत चाँद को पाने की और, दिल तितली का दिवाना होता था। खबर ना होती कुछ सुबह की, ना शाम का कुछ ठिकाना होता था। थक हार कर आना स्कूल से, पर खेलने भी तो जाना होता था। दादा जी की कहानी होती थी, परियोँ का फसाना होता था। बारीस मे कागज की कश्ती फिर, हर मौसम ही सुहाना होता था। कभी रंगों की होली होती थी, कपड़े तब फड़वाना होता था। और दिवाली मे पटाखों से, हर पैजामो को चिढाना होता था। कुछ भी करके एकदम से ही, कही किधर छुप जाना होता था। लोल बना के बहेल लोगों को, बस खाली हाथ मुस्काना होता था। सिंग़ पकर चढ़ना भैसियन पर, फिर पूँछ पकड़ उतर जाना होता था। कुत्ते-बिल्ली हर गली का प्राणी, जैसे हमारे ढेले-डण्डो का दिवाना होता था। हर खेल मे साथी होते थे, हर रिश्ता भी निभाना होता था। बड़ो की वो डॉटे गलती पर, फिर अपनो का भी मनाना होता था। गम की जुबान ना होती थी, ना जख्मो का पैमाना होता था। रोने की ना कोई वजह होती थी, बस हँसने का बहाना होता था। अब ना रही वो जिंदगी जैसे, बचपन का वो तराना होता था। सबकुछ बस अपना होता था, और जमाना ही हमारा होता था।।💕💞 ...........✍️रवि प्रताप सिंह"(पंकज")🍒 🌳🌳🌳🌳🌳मनमोहन🌳🌳🌳🌳🌳 #💝 शायराना इश्क़ #❤️ आई लव यू #💔पुराना प्यार 💔 #🌹प्यार के नगमे💖 #❤️Love You ज़िंदगी ❤️
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2 days ago
🌹🌱🌾 ●●●●●● अब खामोश है मेरा दिल तेरे इतराते हर नजाकत पे, हम तो अनजाने ही दिल से तलबगार बने बैठे हैं। कमबख्त समंदर के ग़ालिब समन्दर पी रहे हैं..... हम नहर के फ़िरदौस यूँ ही भूखे प्यासे ही उलझे बैठे हैं। *** यूँ पास आकर के तन्हाइयों में, हमे अब और न जलाइये..... एक तो ऐसे ही जान निकलते रहती है, अब दिल में आप भी कमबख्त यूँ आग न लगाइये। *** अभी अभी हाथ लगा कर फिर से देखा मैने, सच कहुँ तो........ तेरे नाम पर जोरो से पगलीं धड़कता है ये दिल। *** उनके थरथराते लबों पे कुछ यूँ नाम था मेरा, वक़्ते रुखसत अश्कों ने बगावत कर दी। अलविदा कहके शहर को चल पड़ा था मैं, आज फिर से यादों ने, उसकी ही हिमायत कर दी... *** ये मुस्कुराहट आजकल जो यूँ फिजाओं में है, ख़ुशी के पल जो इन बहती हुई हवाओं मेंं है। यूँ ही सोचता हूँ मैं कभी कभी कि..... टूटकर भी अभी तक मै जिंदादिल कैसे हूँ, मेरे महककर भिखरने का असर तो तेरी दुआओं में है। *** बस कुछ अजनबियों से, मिलने की ख्वाहिश है, कुछ अजनबियों से, भूलने की ख्वाहिश है। बंद ढक्कन से नशा नही होता है यहाँ..... कुछ अजनबियों से अब खुलने की ख्वाहिश है। *** तुम्हारे फ़ुर्सत के तो हम भी कर्जदार हैं, इस जमाने में भी.... बस तुम्हरे अदाओं के सिवाय अब हमे भी कुछ याद नही।💕💞 *** .....✍️रवि प्रताप सिंह("पंकज")🍒 🌳🌳🌳🌳मनमोहन🌳🌳🌳🌳 #💝 शायराना इश्क़ #❤️ आई लव यू #🌹प्यार के नगमे💖 #💔पुराना प्यार 💔 #❤️Love You ज़िंदगी ❤️
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3 days ago
"Deep Night's" ••••••••••••••••••• 🌹🌱🌾 There is dry moisture In the spring It's a Lovely afternoon! . In the company of the Blowing winds, The city has bloomed From dop de drop!! To these rising and Falling breaths Somone Las make The effort on heart! . Often in closed Swimming eyes Throb is neutralized!! Chirping hemming touching Someone's home has Become in this heart! . Just not in control like crazy. This wandering mind has Become homeless!! The heart has no peace at all Some Body Create the news! . In different ways sheep is True nowadays, Hert Have become oblivious Just like that steal!!💕💞 .........✍️Ravi Pratap Singh ("पंकज")🍒 🌳🌳🌳🌳🌳 रामाकृष्णा 🌳🌳🌳🌳🌳 #💝 शायराना इश्क़ #❤️ आई लव यू #💔पुराना प्यार 💔 #🌹प्यार के नगमे💖 #❤️Love You ज़िंदगी ❤️
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3 days ago
🌹🌱🌾 ●●●●●● गुजरती हुई हर गलियों में... एक रंगीन कोर उसी का है! सावन की अलसाई रातों में.... महकती पावन भोर उसी का है! है वो पुरवा झोंके की तरह.... चहुँओर शोर बस उसी का है! जीवन निखर कंचन हो जाए... जीवन में अब मोक्ष उसी का है! वो अलग है सुंदर हैं अल्हड़ है..... चमकती चाँद सी परोक्ष उसी का है! इस अथाह सागर के हिलोरों में... बन्धन का हरएक छोर उसी का है! प्रेम के इस हरेभरे मंदिर में.... दिलों पे मन्त्रों का शोर उसी का है!💕💞 🚩🚩🚩हरहर महादेव🚩🚩🚩 🌳🌳🌳🌳मनमोहन🌳🌳🌳🌳 #💝 शायराना इश्क़ #❤️ आई लव यू #🌹प्यार के नगमे💖 #💔पुराना प्यार 💔 #❤️Love You ज़िंदगी ❤️
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4 days ago
"वन्दन" ●●●●●● 🌹🌱🌾 मन करता है अपना भी प्रभु, तुम्हरे चरणं में वंदन कर दूँ। तुम अधिश्वर आत्मस्वरूप का, आज मै भी अभिनन्दन कर दूँ। प्राणवल्लभ तुम प्रेमी जनजन के, तुम्हे अपने अश्रु से तर्पण कर दूँ। कोमल हृदय के अंकुरित पुष्प भी, प्रभु आज मै तुमको अर्पण कर दूँ जगत रचयिता तुम पालनहार को, अपना कुछ सरल प्रेम भी धर दूँ। ब्रह्माण्ड नायक भाग्यविधाता को, अपना सबकुछ समर्पण मै कर दूँ। भावविभोर हे भक्तवत्सल प्रभु, प्रफुल्लित मन का चन्दन कर दूँ। अद्भुत संयोग से जो मिलते हो तुम, आज भक्तिमय मैे कणकण कर दूँ।।1।। आधारभूत हो तुम जनजन के, तुम जगत संचालन करते हो। डूबते हुए इस जगत मझदार से, तुम ही बेड़ा पार भी करते हो। जग वैभव हो जिसके अन्तः में, चीत में सबके भी बसते हो। प्रेम भावनाओं को प्रवाहित करते, तुम प्रेम स्वभाव ही रहते हो। भक्तवत्सल भक्तों के हो तुम, सबको उपकृत करते हो। स्नेह बरसाते बिन भेदभाव के, फिर भी कुछ नही कहते हो। प्रेमिवत्सल करुणा के सागर, कणकण में ही तुम बसते हो। हमने सुना है प्रभु तुम भी, हरदम प्रेमविह्वल हो रहते हो।।2।। देखा जब जनजन को मैन, कुछ आभाष नही होता है। और ज्ञात नही हमको प्रभु, ये भाव भक्ति क्या होता है। अतृप्त इच्छाओं के सनिध्य हो, अपना अंतरमन भी खोता है। तुम तो जानते ही हो प्रभु कि, ये मन कितना चंचल होता है। असामान्य इस जीवन में, जनमानस विह्वल होता है। संकुचित स्वभाव के अधीन हो बस अपने से वंचित होता है। छनिक उद्वेग हृदय वेग से, मनुष्य ये भ्रमित होता है। अब तुम्हे बताना क्या प्रभु, सुलभ प्रेम न संचित होता है।।3।। कुछ ज्ञान नही हमे बोध नही, बोलो कैसे मै सुरुआत करूँ। अनन्त सिंधु के बाँहों में, कैसे शुक्ष्म सरिता का प्रवाह करूँ। विवेकहीन ही हूँ मै इस जग में, बुद्धिमत से कैसे तब बात करूँ। अयोग्य होकर समक्ष तुम्हारे, योग्य बन कैसे तब साथ करूँ। अंतरात्मा के बोझ तले हो, क्या-क्या अब विवाद करूँ। कही वैरी ही न बन जाऊँ मै, अब क्या-क्या मैं अपवाद करूँ। मन कलुषित ये तन कलुषित, बोलो कैसे तुम्हरे मै पास रहूँ। जानबूझकर अंजान बनकर, बोलो कैसे मै ये अपराध करूँ।।4।। पर दूर नही रह सकता तुमसे, बस मन से ही साथ मै रहता हूँ। जप तप नही कर पाता कभी, मै बस राम-राम ही कहता हूँ। जीवन के इस पल-पल में से, कुछ पल तुम्हारा ले लेेता हूँ। बालक बन पितृ जान तुम्हे, कुछ पुत्र भाव तुम्हे दे देता हूँ। सोंचता हूँ इस सम्बन्ध प्रेम से, कुछ पास तुम्हारे रह लेता हूँ। अबोध जनों पर क्रोध न करते, ये सोंच ही धृष्टता कर देता हूँ। प्रेम तुम्हारा हरजन से है, बिन मोलभाव बिन मापतौल, बस यही जान हे करुणानिधान, कुछ ऐसे अशिष्टता कर लेता हूँ।।5।। प्रभु विनय भाव विनती है तुमसे, कभी स्नेह से न विसराणा तुम। दण्डित करना भले ही जितना, पर हमपे विरल प्रित बरसाना तुम। सम्बन्ध बना रहे ये तुमसे, स्वामी-भक्त या पिता-पुत्र सा, पर दीन-हीन पर कुपित होकर, कभी दूर नही हो जाना तुम। उदंड समझ ही भाग्यहीन, या कर्महीन ही बना देना तुम। पर कभी भी आवेश वश ही, कभी भक्ति से न विचलाना तुम। इस कुंठित मन के अनुबंध में भी, कुछ सरस आस बढ़ाना तुम। उचित-अनुचित का भाण न करना, बस पुलकित प्रेम छलकाना तुम।।6।। मै तुम्हरा तुम हो मेरे, हृदय तुमपे विस्वास करे। श्यामल तरुण श्याम प्रभु, ये हृदय तुम्ही में वास करे। गलत सही का मान छोर के, ये जीवन ही तुम्हरे नाम करे। भावनावों के संगम में बह, बस तुमसे ही मन अनुराग करे। राग विराग को पीछे करके, ये मन प्रभु तुम्हरे पास रहे। प्रेम-पूजा के माध्यम से ही, हम तुम्हरा ही गुणगान करे। अधरों से लेकर अंधियारों तक, ये मनुज तुम्हे ही सन्धान करे। जितना जनता हूँ अपने आप को, बस उतने से ही तुम्हे प्रणाम करे।।7।। मन करता है अपना भी प्रभु, तुम्हरे चरणं में वंदन कर दूँ। तुम अधिश्वर आत्मस्वरूप का, आज मै भी अभिनन्दन कर दूँ। प्राणवल्लभ तुम भक्तवत्सल प्रभु, आज तुम्हरा मै अभिनन्दन कर दूँ।।💖🧞 ......✍️रवि प्रताप सिंह("पंकज")🚩 🌳🌳🌳🌳🌳मनमोहन🌳🌳🌳🌳🌳 #🇮🇳मेरा भारत, मेरी शान #❤️ आई लव यू #🙏🏻माँ तुझे सलाम #📿संतवाणी 🗣️ #❤️Love You ज़िंदगी ❤️