परमात्मा_चारों_युगमें_आतेहैं

Sagar Saini
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#परमात्मा_चारों_युगमें_आतेहैं #GodKabir_In4Yugas #SantRampalJi_YouTubeChannel #KabirParmeshwar_PrakatDiwas #KabirisGod #kabir #god #incarnation #sanatandharma #bhagavadgita #santravidas #prophetmuhammad #ali #AlKhidr #gurunanakdevji #hinduism #krishna #Hanuman #rumi #moses #konya #trendingnow #SupremeGodKabir #reelsvideo #reelitfeelit #SantRampalJiMaharaj #trending #viral द्वापरयुग में कबीर साहेब 'करुणामय' ऋषि के रूप में प्रकट हुए थे। जब पांडवों का यज्ञ सफल नहीं हो रहा था, तब कबीर साहेब ने अपने भक्त सुपच सुदर्शन के रूप में आकर उस यज्ञ को सफल करवाया था। इसका प्रमाण संत गरीबदास जी की वाणी में मिलता है: सुपच रूप धर आईया, सतगुरु पुरुष कबीर। तीन लोक की मेदनी, सुर नर मुनि जन भीर।। कबीर साहेब जी सतयुग में 'सतसुकृत' नाम से मनु जी से मिले थे। उन्होंने मनु जी को तत्वज्ञान (यथार्थ ज्ञान) समझाना चाहा, परंतु मनु जी ने सतसुकृत रूप में आए कबीर साहेब के ज्ञान पर विश्वास करने के बजाय उनका उपहास किया और उन्हें 'वामदेव' (विपरीत ज्ञान देने वाला) कहा। इसका उल्लेख यजुर्वेद के अध्याय 12, मंत्र 4 में मिलता है, जहाँ स्पष्ट है कि वामदेव ने यजुर्वेद के वास्तविक ज्ञान को समझा और अन्य लोगों को भी समझाया। #परमात्मा_चारों_युगमें_आतेहैं
Sagar Saini
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Sagar Saini
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Sagar Saini
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#परमात्मा_चारों_युगमें_आतेहैं #GodKabir_In4Yugas #SantRampalJi_YouTubeChannel #KabirParmeshwar_PrakatDiwas #KabirisGod #kabir #god #incarnation #sanatandharma #bhagavadgita #santravidas #prophetmuhammad #ali #AlKhidr #gurunanakdevji #hinduism #krishna #Hanuman #rumi #moses #konya #trendingnow #SupremeGodKabir #reelsvideo #reelitfeelit #SantRampalJiMaharaj #trending #viral कबीर परमात्मा के चारों युगों में आने के ऐतिहासिक व आध्यात्मिक प्रमाण मिलते हैं। सतयुग में कबीर जी 'सतसुकृत' नाम से आकर पक्षीराज गरुड़, कागभुशुंडि और मनु आदि ऋषियों से मिले। त्रेतायुग में 'मुनीन्द्र' ऋषि के रूप में उन्होंने रानी मंदोदरी, विभीषण, नल-नील और हनुमान जी आदि को दर्शन दिए। द्वापरयुग में 'करुणामय' रूप में वे सुपच सुदर्शन और रानी इन्द्रमती से मिले, तथा कलियुग में 'कबीर' नाम से प्रकट होकर गुरु नानक देव जी और आदरणीय धर्मदास जी आदि महापुरुषों से मिले। 'कबीर सागर' (बोध सागर खंड) के अध्याय 'ज्ञान बोध', पृष्ठ 29 में कबीर परमात्मा ने अपनी जानकारी स्वयं दी है: सतयुग सतसुकृत कहलाये। त्रेता नाम मुनीन्द्र धराये। द्वापर में करुणामय कहाये। कलियुग नाम कबीर रखाये।। #परमात्मा_चारों_युगमें_आतेहैं
Sagar Saini
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कबीर परमात्मा के चारों युगों में आने के ऐतिहासिक व आध्यात्मिक प्रमाण मिलते हैं। सतयुग में कबीर जी 'सतसुकृत' नाम से आकर पक्षीराज गरुड़, कागभुशुंडि और मनु आदि ऋषियों से मिले। त्रेतायुग में 'मुनीन्द्र' ऋषि के रूप में उन्होंने रानी मंदोदरी, विभीषण, नल-नील और हनुमान जी आदि को दर्शन दिए। द्वापरयुग में 'करुणामय' रूप में वे सुपच सुदर्शन और रानी इन्द्रमती से मिले, तथा कलियुग में 'कबीर' नाम से प्रकट होकर गुरु नानक देव जी और आदरणीय धर्मदास जी आदि महापुरुषों से मिले। 'कबीर सागर' (बोध सागर खंड) के अध्याय 'ज्ञान बोध', पृष्ठ 29 में कबीर परमात्मा ने अपनी जानकारी स्वयं दी है: सतयुग सतसुकृत कहलाये। त्रेता नाम मुनीन्द्र धराये। द्वापर में करुणामय कहाये। कलियुग नाम कबीर रखाये।। कबीर परमात्मा चारों युगों में अलग-अलग नामों से आते हैं। 'कबीर सागर' (बोध सागर खंड) के अध्याय 'भवतारण बोध', पृष्ठ 55 में कबीर जी ने स्वयं बताया है: सतयुग में सतसुकृत कह टेरा, त्रेता नाम मुनीन्द्र मेरा। द्वापर में करुणामय कहाया, कलयुग नाम कबीर धराया।। कबीर परमात्मा सतयुग में 'सतसुकृत', त्रेतायुग में 'मुनीन्द्र', द्वापरयुग में 'करुणामय' तथा कलियुग में वास्तविक नाम 'कविर्देव' (कबीर प्रभु) से प्रकट हुए। #परमात्मा_चारों_युगमें_आतेहैं #GodKabir_In4Yugas #SantRampalJi_YouTubeChannel #KabirParmeshwar_PrakatDiwas #KabirisGod #kabir #god #incarnation #sanatandharma #bhagavadgita #santravidas #prophetmuhammad #ali #AlKhidr #gurunanakdevji #hinduism #krishna #Hanuman #rumi #moses #konya #trendingnow #SupremeGodKabir #reelsvideo #reelitfeelit #SantRampalJiMaharaj #trending #viral #परमात्मा_चारों_युगमें_आतेहैं
Sagar Saini
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Sagar Saini
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#परमात्मा_चारों_युगमें_आतेहैं #GodKabir_In4Yugas #SantRampalJi_YouTubeChannel #KabirParmeshwar_PrakatDiwas #KabirisGod #kabir #god #incarnation #sanatandharma #bhagavadgita #santravidas #prophetmuhammad #ali #AlKhidr #gurunanakdevji #hinduism #krishna #Hanuman #rumi #moses #konya #trendingnow #SupremeGodKabir #reelsvideo #reelitfeelit #SantRampalJiMaharaj #trending #viral द्वापरयुग में कबीर साहेब 'करुणामय' ऋषि के रूप में प्रकट हुए थे। जब पांडवों का यज्ञ सफल नहीं हो रहा था, तब कबीर साहेब ने अपने भक्त सुपच सुदर्शन के रूप में आकर उस यज्ञ को सफल करवाया था। इसका प्रमाण संत गरीबदास जी की वाणी में मिलता है: सुपच रूप धर आईया, सतगुरु पुरुष कबीर। तीन लोक की मेदनी, सुर नर मुनि जन भीर।। कबीर साहेब जी सतयुग में 'सतसुकृत' नाम से मनु जी से मिले थे। उन्होंने मनु जी को तत्वज्ञान (यथार्थ ज्ञान) समझाना चाहा, परंतु मनु जी ने सतसुकृत रूप में आए कबीर साहेब के ज्ञान पर विश्वास करने के बजाय उनका उपहास किया और उन्हें 'वामदेव' (विपरीत ज्ञान देने वाला) कहा। इसका उल्लेख यजुर्वेद के अध्याय 12, मंत्र 4 में मिलता है, जहाँ स्पष्ट है कि वामदेव ने यजुर्वेद के वास्तविक ज्ञान को समझा और अन्य लोगों को भी समझाया। द्वापरयुग में 'करुणामय' रूप में आए कबीर साहेब ने रानी इन्द्रमती और उनके पति चंद्रविजय को अपनी शरण में लिया था। जब सर्प ने रानी इन्द्रमती को डसा, तब कबीर साहेब ने उनके गुरु रूप में प्रकट होकर उनकी रक्षा की थी: डसी सर्प नै जब जाय, पुकारी इन्द्रमति अकुलाय। आप ने तुरंत करी सहाय, बहरूली मंत्र सुनाने वाले।। धन-धन सतगुरु सत कबीर, भक्त की पीर मिटाने वाले।। कबीर परमेश्वर केवल कलियुग में ही नहीं आए, बल्कि वे चारों युगों में प्रकट होते हैं। महाभारत युद्ध के उपरांत पांडवों ने श्रीकृष्ण जी के सान्निध्य में जो धर्म यज्ञ किया था, उसे परमात्मा कबीर जी ने अपने भक्त सुपच सुदर्शन के रूप में आकर पूर्ण करवाया था: बज्या सुपच का शंख, स्वर्ग में धुनि सुनि। गण गंधर्व गलतान, सकल ज्ञानी गुनी।। कबीर साहेब चारों युगों में अलग-अलग नामों से प्रकट होते हैं। सतयुग में कबीर परमेश्वर, विष्णु जी के वाहन पक्षीराज गरुड़ से मिले और उन्हें वास्तविक ज्ञान से परिचित कराया: ज्ञानी गरुड़ है दास तुम्हारा, तुम बिन नाहीं जीव निस्तारा। इतना कह गरुड़ चरण लिपटाया, शरण लेवो अविगत राया।। त्रेतायुग में कबीर परमेश्वर 'मुनीन्द्र' ऋषि के रूप में प्रकट हुए और नल-नील को अपनी शरण में लिया। जब रामचंद्र जी को सीता जी को रावण की कैद से मुक्त कराने के लिए समुद्र पर पुल बनाना था, तब मुनीन्द्र ऋषि के रूप में कबीर जी ने ही वह पुल बनवाया था: धन-धन सतगुरु सत कबीर, भक्त की पीर मिटाने वाले। रहे नल-नील यत्न कर हार, तब सतगुरु से करी पुकार। जा सत रेखा लिखी अपार, सिंधु पर शिला तिराने वाले।। #परमात्मा_चारों_युगोंमें_आतेहैं
kamal Dass
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#🙏गुरु महिमा😇 #🙏🏻आध्यात्मिकता😇 #परमात्मा जी चारों युग में आते हैं #परमात्मा_चारों_युगमें_आतेहैं ♦️कबीर परमात्मा चारों युगों में अलग-अलग नामों से आते हैं। 'कबीर सागर' (बोध सागर खंड) के अध्याय 'भवतारण बोध', पृष्ठ 55 में कबीर जी ने स्वयं बताया है: सतयुग में सतसुकृत कह टेरा, त्रेता नाम मुनीन्द्र मेरा। द्वापर में करुणामय कहाया, कलयुग नाम कबीर धराया।। God Kabir In 4Yugas