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कबीर परमात्मा के चारों युगों में आने के ऐतिहासिक व आध्यात्मिक प्रमाण मिलते हैं। सतयुग में कबीर जी 'सतसुकृत' नाम से आकर पक्षीराज गरुड़, कागभुशुंडि और मनु आदि ऋषियों से मिले। त्रेतायुग में 'मुनीन्द्र' ऋषि के रूप में उन्होंने रानी मंदोदरी, विभीषण, नल-नील और हनुमान जी आदि को दर्शन दिए। द्वापरयुग में 'करुणामय' रूप में वे सुपच सुदर्शन और रानी इन्द्रमती से मिले, तथा कलियुग में 'कबीर' नाम से प्रकट होकर गुरु नानक देव जी और आदरणीय धर्मदास जी आदि महापुरुषों से मिले। 'कबीर सागर' (बोध सागर खंड) के अध्याय 'ज्ञान बोध', पृष्ठ 29 में कबीर परमात्मा ने अपनी जानकारी स्वयं दी है: सतयुग सतसुकृत कहलाये। त्रेता नाम मुनीन्द्र धराये। द्वापर में करुणामय कहाये। कलियुग नाम कबीर रखाये।। कबीर परमात्मा चारों युगों में अलग-अलग नामों से आते हैं। 'कबीर सागर' (बोध सागर खंड) के अध्याय 'भवतारण बोध', पृष्ठ 55 में कबीर जी ने स्वयं बताया है: सतयुग में सतसुकृत कह टेरा, त्रेता नाम मुनीन्द्र मेरा। द्वापर में करुणामय कहाया, कलयुग नाम कबीर धराया।। कबीर परमात्मा सतयुग में 'सतसुकृत', त्रेतायुग में 'मुनीन्द्र', द्वापरयुग में 'करुणामय' तथा कलियुग में वास्तविक नाम 'कविर्देव' (कबीर प्रभु) से प्रकट हुए। #परमात्मा_चारों_युगमें_आतेहैं #GodKabir_In4Yugas #SantRampalJi_YouTubeChannel #KabirParmeshwar_PrakatDiwas #KabirisGod #kabir #god #incarnation #sanatandharma #bhagavadgita #santravidas #prophetmuhammad #ali #AlKhidr #gurunanakdevji #hinduism #krishna #Hanuman #rumi #moses #konya #trendingnow #SupremeGodKabir #reelsvideo #reelitfeelit #SantRampalJiMaharaj #trending #viral #परमात्मा_चारों_युगमें_आतेहैं
परमात्मा_चारों_युगमें_आतेहैं - परमात्मा चारों युगों में आते हैं बंदीछोड़ सतगुरू रामपाल जी महाराज की पावन उपस्थिति में ६२९ वां far पसुश्वरप्रकट OdP 29 লূল 2026 त्रेतायुग में कबीर परमेश्वर ' मुनीन्द्र' ऋषि के रूप में प्रकट हुए और नल नील को अपनी शरण में लिया।  কন্র মী মুক্ जब रामचंद्र जी को सीता जी को रावण की  নন্ মুনীল্স कराने के लिए समुद्र पर पुल बनाना था, ऋषि के रूप में कबीर जी ने ही वह पुल बनवाया थाः धन-्धन सतगुरु सत कबीर, भक्त की पीर मिटाने वाले। रहे नल -नील यत्न कर हार, तब सतगुरु से करी पुकार। जा सत रेखा लिखी अपार, सिंधु पर शिला तिराने वाले।। Sant Rampal Ji YOUTUBE Maharaj  CHANNEL @SaintRampalJIMaharaj परमात्मा चारों युगों में आते हैं बंदीछोड़ सतगुरू रामपाल जी महाराज की पावन उपस्थिति में ६२९ वां far पसुश्वरप्रकट OdP 29 লূল 2026 त्रेतायुग में कबीर परमेश्वर ' मुनीन्द्र' ऋषि के रूप में प्रकट हुए और नल नील को अपनी शरण में लिया।  কন্র মী মুক্ जब रामचंद्र जी को सीता जी को रावण की  নন্ মুনীল্স कराने के लिए समुद्र पर पुल बनाना था, ऋषि के रूप में कबीर जी ने ही वह पुल बनवाया थाः धन-्धन सतगुरु सत कबीर, भक्त की पीर मिटाने वाले। रहे नल -नील यत्न कर हार, तब सतगुरु से करी पुकार। जा सत रेखा लिखी अपार, सिंधु पर शिला तिराने वाले।। Sant Rampal Ji YOUTUBE Maharaj  CHANNEL @SaintRampalJIMaharaj - ShareChat