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परमात्मा_चारों_युगमें_आतेहैं - परमात्मा चारों युगों में आते हैं बदीछाड रातगुर रागपाल जी महाराज की पावन उपस्थिति में ६२९ नां दिवसु कबारपसुश्वरप्रकट २९ जून २०२६ में अलग-्अलग नामों से आते हैं। कबीर परमात्मा चारों  युगों  'कबीर सागर' (बोध सागर खंड) के अध्याय 'भवतारण बोध' , पृष्ठ ५५ में कबीर जी ने स्वयं बताया हैः टेरा, सतयुग में सतसुकृत कह त्रेता नाम मुनीन्द्र मेरा। द्वापर में करुणामय कहाया, कलयुग नाम कबीर धराया।। Sant Rampal Ji YOUTUBE Maharaj CHANNEL @SaintRampalJiMaharaj परमात्मा चारों युगों में आते हैं बदीछाड रातगुर रागपाल जी महाराज की पावन उपस्थिति में ६२९ नां दिवसु कबारपसुश्वरप्रकट २९ जून २०२६ में अलग-्अलग नामों से आते हैं। कबीर परमात्मा चारों  युगों  'कबीर सागर' (बोध सागर खंड) के अध्याय 'भवतारण बोध' , पृष्ठ ५५ में कबीर जी ने स्वयं बताया हैः टेरा, सतयुग में सतसुकृत कह त्रेता नाम मुनीन्द्र मेरा। द्वापर में करुणामय कहाया, कलयुग नाम कबीर धराया।। Sant Rampal Ji YOUTUBE Maharaj CHANNEL @SaintRampalJiMaharaj - ShareChat