बच्चे गर्मी की छुट्टियों में नानी घर गए हुए थे अपनी मां के साथ, पिता वहां जाता है, बच्चों को यह कहकर साथ लाता है कि दादा दादी बहुत मिस कर रहे हैं, कल फिर छोड़ जाऊंगा। मां बच्चों को भेज देती है, लेकिन वो घर लाकर बच्चों को दही में सलफास मिला कर खिला देता है, थोड़ी देर बाद बच्चों की तबियत बिगड़ती है और दादाजी अस्पताल ले जाते हैं तो जहर की पुष्टि होती है और बच्चे सुबह होने से पहले खत्म हो जाते हैं, उसके बाद दादाजी बच्चों के पिता के खिलाफ FIR लिखवाते हैं।
मामला गोरखपुर का है, जहां एक पिता ने अपने ही 8 साल की बेटी और 5 साल के बेटे को इसलिए जहर दे दिया क्योंकि उसके सास ससुर ने उसके ऑटो की किश्तें भरने से मना कर दिया, जो उसने लोन पर खरीदी थी और वो बहुत गुस्से में था, लेकिन उसने कुछ कहा नहीं और चुपचाप बच्चों को घर लेकर आ गया।
कुछ लोग कहते हैं कि लोग गरीब लड़कों से बेटियों की शादी नहीं करना चाहते, जबकि गरीब ज्यादा सम्मान से रखता है, वो लालची नहीं होता, वो पैसों के लिए रिश्तों का कत्ल नहीं करता, जबकि मैं बार बार कहती हूं कि गरीबी अमीरी से कोई फर्क नहीं पड़ता, बात मानसिकता की है, वरना ये गरीब इंसान गुस्से में अपने ही बच्चों को जहर नहीं देता और हां कुछ पुरुष खुद भी जहर खा लेते हैं ऐसी परिस्थितियों में, जब उनसे खर्च नहीं संभलते, परिवार नहीं संभलता, बच्चों की परवरिश नहीं संभलती।
आज के अर्थयुग में जितना सम्मान जरूरी है, उतना ही जरूरी पैसा भी है और जिनमें कोई स्किल नहीं है वो पुरुष फ्रस्ट्रेटेड है क्योंकि खर्चे एक दिन भी नहीं रुकते...तो भैया ले दे कर एक ही ऑप्शन बचता है कि बेटियों को पढ़ा लिखा कर उनके पैरों पर खड़े करो....बाकी शादी ब्याह होनी होगी हो जाएगी और न भी हुई तो ऐसी नारकीय जीवन से तो बेहतर ही होगी।
क्या बीत रही होगी उस मां पर, उसके नाना नानी पर, उसके दादा दादी पर जिनका दो दो बच्चा बिना किसी गलती के मारा गया 🥹🥹
#NewsUpdate #up #gorakhpur #kids #murder #nonfollowers
#sad news #🌙 गुड नाईट #ram ram