ayodhya

sn vyas
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22 days ago
#अयोध्या पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, सरयू नदी का जन्म किसी साधारण स्रोत से नहीं बल्कि स्वयं भगवान विष्णु के नेत्रों से हुआ है कहा जाता है कि प्राचीन काल में जब भगवान विष्णु ने आनंद के आंसू बहाए, तो ब्रह्मा जी ने उन आंसुओं को 'मानसरोवर' झील में एकत्र कर लिया। अयोध्या के आदि राजा वैवस्वत मनु ने तपस्या की और महामुनि वशिष्ठ के माध्यम से उस पवित्र जल को मानसरोवर से नीचे पृथ्वी पर लाए। क्योंकि यह जल 'सर' (झील) से निकला था, इसलिए इसका नाम 'सरयू' पड़ा। सरयू नदी को अयोध्या की पहचान माना जाता है। भगवान राम के जीवन की हर बड़ी घटना इस नदी की साक्षी रही है: बाल्यकाल: श्री राम और उनके भाइयों ने इसी नदी के तट पर अपनी बाल लीलाएं कीं। अंतिम यात्रा (जल समाधि): रामायण के अनुसार, जब भगवान राम का पृथ्वी पर अवतार कार्य पूर्ण हुआ, तो उन्होंने सरयू नदी के 'गुप्तार घाट' पर जल समाधि लेकर पुनः विष्णु रूप धारण किया और वैकुंठ धाम प्रस्थान किया। भूगोल की दृष्टि से सरयू एक विशाल नदी तंत्र का हिस्सा है: उद्गम: यह हिमालय की पहाड़ियों से निकलती है। तिब्बत के पास मानसरोवर से निकलने वाली 'करनाली' नदी ही आगे चलकर सरयू कहलाती है। विभिन्न नाम: उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों में इसे घाघरा के नाम से भी जाना जाता है। अयोध्या में प्रवेश करते ही यह श्रद्धापूर्वक 'सरयू' पुकारी जाती है। यह नदी उत्तर प्रदेश के बलिया जिले के पास गंगा नदी में मिल जाती है। सरयू केवल एक जलधारा नहीं, बल्कि करोड़ों हिंदुओं की आस्था का केंद्र है: वर्तमान में अयोध्या में सरयू तट पर शाम की आरती का दृश्य अत्यंत दिव्य होता है, जो ठीक उसी प्रकार लोकप्रिय हो रहा है जैसे काशी में गंगा आरती। रामनवमी, दीपावली और कार्तिक पूर्णिमा जैसे त्योहारों पर लाखों श्रद्धालु सरयू में डुबकी लगाते हैं। माना जाता है कि इसमें स्नान करने से सभी पापों का नाश होता है। अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के साथ-साथ सरयू के घाटों (जैसे राम की पैड़ी) का विस्तार और नवीनीकरण किया गया है। रामायण में उल्लेख है कि सरयू नदी अयोध्या की सीमाओं की रक्षा करती है और अयोध्यावासियों के लिए यह 'माता' के समान है।
... Pradip Jethra
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1 months ago
🙏🙏 जय हनुमान जी महाराज🙏 #🛕मंदिर दर्शन🙏 हनुमान गढ़ी अयोध्या धाम उत्तर प्रदेश #jai hanu man🙏🙏 #Ayodhy dham