⛈️मानसून अपडेट 🗞️

Newsgenix
610 views
1 days ago
#🌐 राष्ट्रीय अपडेट #🆕 ताजा अपडेट #📢 ताज़ा खबर 🗞️ देश में जब भी गर्मी की बात होती है तो ध्यान अक्सर दिल्ली, राजस्थान या यूपी के रिकॉर्ड तोड़ते तापमान (45-48 डिग्री) पर जाता है। पर पर्यावरण विज्ञानियों की नई चेतावनियों ने एक बड़े और अदृश्य खतरे की ओर इशारा किया है। एक ऐसा खतरा जो सिर्फ थर्मामीटर देखकर समझ में नहीं आता। यह खतरा है, उमस भरी गर्मी का, जो अब मुंबई-चेन्नई जैसे तटीय इलाकों से निकलकर देश की राजधानी सहित गंगा के मैदानी इलाकों को भी अपनी चपेट में ले चुकी है। जलवायु परिवर्तन पर शोध करने वाली संस्था क्लाइमेट सेंट्रल की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, भारत की एक बहुत बड़ी आबादी इस समय गर्मी और नमी की दोहरी मार झेल रही है, जो मानव शरीर को उसकी सहनशक्ति की आखिरी सीमा तक धकेल रही है। इसका चिंताजनक पहलू यह है कि जानलेवा उमस अब सिर्फ समुद्र तटीय इलाकों तक सीमित नहीं है। यह दमघोंटू स्थिति मानसून के आने से पहले और उसके जाने के बाद के महीनों में दिल्ली समेत एनसीआर, उत्तर प्रदेश, बिहार और बंगाल (गंगा के मैदानी क्षेत्रों) में तेजी से पैर पसार रही है। दिल्ली और इसके आसपास के मैदानी इलाकों की भौगोलिक स्थिति ऐसी है कि जब तापमान 38 से 40 डिग्री के बीच होता है और हवा में नमी बढ़ जाती है, तो वह 45 डिग्री की सूखी गर्मी (लू) से कहीं ज्यादा खतरनाक हो जाती है। ऐसी स्थिति में पसीना लगातार निकलता तो है, लेकिन हवा भारी होने के कारण सूख नहीं पाता। गर्मी शरीर के भीतर ही फंस जाती है। इससे शरीर का आंतरिक तापमान खतरनाक स्तर तक बढ़ जाता है। यही स्थिति आगे चलकर डिहाइड्रेशन, हीट स्ट्रोक व दिल-सांस से जुड़ी जानलेवा बीमारियों का कारण बनती है। रविवार को भी दिल्ली का अधिकतम तापमान 41.8 डिग्री सेल्सियस था, लेकिन हीट इंडेक्स या महसूस किया जाने वाला तापमान 50.7 डिग्री रहा। मुंबई, कोलकाता, चेन्नई, विशाखापट्टनम और कोच्चि जैसे तटीय शहरों में रहने वाले लोग सालों से एक बात कहते आए हैं कि यहां गर्मी उतनी नहीं लगती, जितनी उमस मारती है। लेकिन ग्लोबल वार्मिंग के कारण दिल्ली और गंगा के मैदानी इलाकों का हाल भी मानसून के महीनों में तटीय शहरों जैसा ही दमघोंटू होने लगा है। वेट बल्ब तापमान को मापने के लिए विज्ञानी तापमान के साथ हवा की नमी को भी मापा जाता है। क्लाइमेट सेंट्रल ने 25 डिग्री सेल्सियस या उससे अधिक के वेट बल्ब तापमान को खतरनाक श्रेणी में रखा है। रिपोर्ट के मुताबिक, 1970 के बाद से दुनिया के 961 शहरों में से 69 प्रतिशत शहरों में जलवायु परिवर्तन के कारण ऐसे खतरनाक दिनों की संख्या बढ़ी है। #Delhi #HeatWave #Newsgenix #⛈मौसम अपडेट📰