महंगाई के आगे टेके घुटने,
कर दिया है खुद को सरेंडर।
कल तक था महंगा पेट्रोल,
आज महंगा हुआ सिलेंडर।
व्यंजन बनाना और खाना,
होगा सिर्फ घर के अंदर।
नुक्कड के ढाबे ठेलों की,
लाइन हो जाएगी छूमंतर।
खा लो घर की सब्जी पूरी,
बीवी को समझो सिकंदर।
मजे से खाओ दाल रोटी,
बन जाओ मस्त कलंदर।
✍🏻सुमित मानधना 'गौरव'😎
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