#🌼परशुराम जयंती🪓 #🥳अक्षय तृतीया स्टेट्स🙏 #🌸अक्षय तृतीयेच्या शुभेच्छा🍁 #🙏अक्षय तृतीयेचे महत्व✍️ #🛕अक्षय तृतीयेच्या पौराणीक कथा📖
भगवान परशुराम को विष्णु जी का अवतार माना जाता है। परशुराम जयंती के दिन अगर आप विधि-विधान से पूजा करते हैं तो आपको लंबी आयु का वर परशुराम जी देते हैं। साल 2026 में परशुराम जयंती कब है, और इस दिन पूजा के लिए शुभ मुहूर्त क्या होगा आइए इस बारे में विस्तार से जानते हैं।
#परशुराम_जयंती_की_तिथि-
साल 2026 में परशुराम जयंती 19 अप्रैल को है। परशुराम जी का जन्म अक्षय तृतीया के दिन हुआ था इसलिए हर साल अक्षय तृतीया पर परशुराम जी की पूजा आराधना की जाती है।
#परशुराम_जयंती_पर_पूजा_का_शुभ_मुहूर्त:-
पहला शुभ मुहूर्त- 19 अप्रैल को सुबह 7 बजकर 29 मिनट से लेकर दोपहर 12 बजकर 20 मिनट तक और
दूसरा मुहूर्त- शाम को 6 बजकर 49 मिनट से लेकर रात 10 बजकर 57 मिनट तक है।
वैशाख माह के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि 19 अप्रैल को सुबह 10 बजकर 49 मिनट पर आरंभ होगी, जो 20 अप्रैल को सुबह 7 बजकर 26 मिनट सामप्त होगी।
#परशुराम_जयंती_पूजा_विधि:-
परशुराम जयंती के दिन आपको स्वच्छ होने के बाद घर के पूजा स्थल की भी साफ-सफाई करनी चाहिए। इसके बाद पूजा स्थल पर परशुराम जी की तस्वीर या प्रतिमा स्थापित करें। परशुराम भगवान को इसके बाद जल, अक्षत, चंदन आदि अर्पित करें। पूजा के दौरान घी का दीपक और धूप जलाएं। इसके बाद परशुराम जी के मंत्रों का जप करें और उन्हें खीर इत्यादि का भोग लगाएं। आप तुलसी के पत्ते भी परशुराम भगवान को अर्पित कर सकते हैं। अंत में आपको परशुराम जी की आरती करनी चाहिए और पूजा की समाप्ति पर प्रसाद भी सभी लोगों में बांटना चाहिए।
#इन_मंत्रों_से_करें_परशुराम_जी_को_प्रसन्न:-
ॐ ब्रह्मक्षत्राय विद्महे क्षत्रियान्ताय धीमहि तन्नो राम: प्रचोदयात्।।
ॐ जामदग्न्याय विद्महे महावीराय धीमहि तन्नो परशुराम: प्रचोदयात्।।
ॐ रां रां ॐ रां रां परशुहस्ताय नम:।।
परशुराम जयंती के दिन इन मंत्रों का जप करने से आपको सिद्धियां प्राप्त हो सकती हैं। हालांकि मंत्रों का जप आपको एकांत स्थान में बैठकर करना चाहिए और कम से कम 108 माला का जप करना चाहिए। ऐसा माना जाता है कि परशुराम जी की पूजा करने से व्यक्ति के तेज में वृद्धि होती है। इसके साथ ही करियर और कारोबार के क्षेत्र में भी आपको लाभ मिलने लगता है। परशुराम भगवान पराक्रमी और साहसी थे इसलिए वो लोग जो साहसिक कार्यों में हिस्सा लेते हैं, उनके लिए परशुराम जी की पूजा करना बेहद शुभ फलदायी साबित हो सकता है। परशुराम जयंती, अक्षय तृतीया के दिन आती है इसलिए दान, पुण्य और पवित्र नदियों में स्नान भी आप इस दिन कर सकते हैं।
#परशुराम_जयंती_का_महत्व:
परशुराम शब्द का अर्थ है, फरसा धारण करने वाला। हिंदु धर्म में उनकी जयंती का ये दिन अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है। ऐसी मान्यता है कि भगवान विष्णु के इस अवतार की उपासना से हमारे जीवन में व्याप्त समस्त बुराइयों का नाश होता है। ये दिन किसे नए कार्य का आरंभ करने व शुरू करने और ब्राह्मणों को भोजन तथा दान आदि देने के लिए श्रेष्ठ माना जाता है। ऐसी मान्यता है कि परशुराम जयंती पर जो लोग पूजा-पाठ, दान-पुण्य जैसे अच्छे कर्म करते हैं, उन्हें भगवान परशुराम का आशीर्वाद प्राप्त होता है।