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1 दिन पहले
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CPI(ML) Launches "Dabba Collection" Drive to Ensure Success of State Conference Jan Kranti Office Report CPI(ML) is a Party Sustained by Public Support—Not by Corporates, Companies, Criminals, Mafias, Brokers, Contractors, or Bureaucrats: Surendra Tajpur/Samastipur (Jan Kranti Hindi News Bulletin Office News Desk – May 3, 2026) With the objective of ensuring the success of the CPI(ML)'s 12th Bihar State Conference, the party organized a "Dabba Collection" (donation box collection) and public outreach program in Tajpur on Sunday at the Motipur Vegetable Market. A large number of activists from CPI(ML) and its affiliated mass organizations gathered, holding flags and banners related to the conference. They conducted the "Dabba Collection" and public outreach campaign, appealing to everyone to contribute their physical, mental, and financial resources to make the state conference a resounding success. It is noteworthy that the CPI(ML)'s 12th Bihar State Conference is scheduled to be held from May 16 to May 18, 2026, at the Laheriasarai Auditorium in Darbhanga. The conference will feature extensive discussions regarding the organization's strategies and various public issues. Party leaders have appealed to the general public—including laborers, farmers, students, and youth—to participate in the event in large numbers to ensure the conference's success. The program was led by Block Secretary Surendra Prasad Singh. Also present on the occasion were Block Committee members Brahmadev Prasad Singh, Shankar Mahto, Rajdev Prasad Singh, Sanjeev Rai, Mukesh Kumar Gupta, Asif Hoda, Md. Ejaz, Jitendra Sahni, Motilal Singh, and others. Published and circulated by Rajesh Kumar Verma, Publisher/Editor, from the Jan Kranti Head Office, Samastipur. ##Samastipur news #moj_content ##Bihar politics #📢 ताज़ा खबर 🗞️ #🆕 ताजा अपडेट
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1 दिन पहले
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राज्य सम्मेलन की सफलता को लेकर भाकपा माले ने शुरू किया डब्बा कलेक्शन जनक्रांति कार्यालय रिपोर्ट कारपोरेट, कंपनी, अपराधी, माफिया, दलाल, ठेकेदार, अधिकारी के बजाय जनसहयोग से चलने वाली पार्टी है भाकपा माले- सुरेंद्र ताजपुर/समस्तीपुर(जनक्रांति हिन्दी न्यूज़ बुलेटिन कार्यालय न्यूज़ डेस्क 3 मई 2026)। भाकपा माले के 12वें बिहार राज्य सम्मेलन को सफल बनाने के उद्देश्य से भाकपा माले द्वारा ताजपुर में “डब्बा कलेक्शन” सह जनसंपर्क कार्यक्रम का आयोजन रविवार को मोतीपुर सब्जी मंडी में किया गया। बड़ी संख्या में भाकपा माले एवं इससे जुड़े जनसंगठनों के कार्यकर्ता इकट्ठा होकर अपने-अपने हाथों में सम्मेलन से जुड़े झंडे, बैनर लेकर डब्बा कलेक्शन सह जनसंपर्क अभियान चलाकर राज्य सम्मेलन को तन-मन-धन से सफल बनाने की अपील की। गौरतलब है कि भाकपा माले का 12वां बिहार राज्य सम्मेलन 16 से 18 मई 2026 तक दरभंगा के लहेरियासराय प्रेक्षागृह में आयोजित होना प्रस्तावित है, जिसमें संगठन की रणनीति और जन मुद्दों पर व्यापक चर्चा होगी। पार्टी नेताओं ने आम जनता, मजदूरों, किसानों, छात्र-नौजवानों से कार्यक्रम में अधिक से अधिक संख्या में भाग लेने की अपील की है, ताकि सम्मेलन को सफल बनाया जा सके। कार्यक्रम का नेतृत्व प्रखंड सचिव सुरेंद्र प्रसाद सिंह ने किया जबकि मौके पर प्रखंड कमिटी सदस्य ब्रहमदेव प्रसाद सिंह, शंकर महतो, राजदेव प्रसाद सिंह, संजीव राय, मुकेश कुमार गुप्ता, आसिफ होदा, मो० एजाज, जीतेंद्र सहनी, मोतीलाल सिंह आदि उपस्थित थे। समस्तीपुर जनक्रांति प्रधान कार्यालय से प्रकाशक /सम्पादक राजेश कुमार वर्मा द्वारा प्रकाशित व प्रसारित। #📢 ताज़ा खबर 🗞️ #🆕 ताजा अपडेट ##Samastipur news ##Bihar politics #moj_content
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5 दिन पहले
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बिहारी युवक की दिल्ली पुलिस द्वारा गोली मारकर हत्या के खिलाफ प्रतिरोध मार्च,आक्रोषित लोगों ने किया गृहमंत्री का पुतला दहन जनक्रांति कार्यालय रिपोर्ट बिहार और बिहारी स्मिता भाजपा को सिर्फ चुनाव में याद आती है - सुरेंद्र समस्तीपुर,बिहार (जनक्रांति हिन्दी न्यूज़ बुलेटिन कार्यालय न्यूज़ डेस्क 29 अप्रैल 2026)। दिल्ली के द्वारका इलाके में बिहारी युवक को दिल्ली पुलिस द्वारा गोली मारकर हत्या कर दिये जाने की घटना के विरोध में समस्तीपुर शहर में प्रतिरोध मार्च निकालकर आइसा एवं नागरिक समाज के बैनर तले गृहमंत्री का पूतला फूंका गया। घटना से आक्रोशित आइसा एवं नागरिक समाज के कार्यकर्ता शहर के सर्किट हाउस से एकत्रित होकर अपने-अपने हाथों ने झंडे, बैनर, मांगों से संबंधित नारे लिखे तख्तियां एवं गृहमंत्री का पुतला लेकर प्रतिरोध मार्च निकाला। नारे लगाकर प्रतिरोध मार्च मुख्य मार्गों का भ्रमण कर गायत्री कांप्लेक्स पहुंचकर मार्च सभा में तब्दील हो गया‌। सभा की अध्यक्षता आइसा जिला अध्यक्ष लोकेश राज ने की। सभा का संचालन जिला सचिव सुनील कुमार सिंह ने किया। सभा को संबोधित करते हुए भाकपा माले जिला स्थाई समिति सदस्य सुरेंद्र प्रसाद सिंह ने कहा कि बिहारी होने के नाम पर युवक को गोली मारने की घटना गंभीर है और इसकी निष्पक्ष जांच कर बिहार में दोषी पुलिस पर एफआईआर दर्ज करने एवं स्पीडी ट्रायल चलाकर बिहार में सजा देने, मृतकों के परिवारजन को सरकारी नौकरी एवं 20 लाख रुपए मुआवजा देने, संपूर्ण देश में काम के सिलसिले में गये बिहारियों की रक्षा करने एवं बिहार में ही कल-कारखाने, उद्योग-धंधे का जाल बिछाकर बिहारियों को नौकरी-पेशा-रोजगार देने की मांग की। माले नेता ने "मार दिया तो क्या हुआ" बोलने वाले जीतनराम मांझी एवं बिहार फर्स्ट-बिहारी फर्स्ट का नारा देने वाले चिराग पासवान का भी आलोचना किया। अंत में आक्रोशपूर्ण नारे के बीच गृहमंत्री अमित शाह का पूतला फूंककर विरोध दर्ज कराया गया। मौके पर नागरिक समाज के दीनबंधु प्रसाद, रामबली सिंह, दीनबंधु प्रसाद, राजद नेता शाहीद हुसैन, भाकपा माले के मो० सगीर, मनोज कुमार सिंह, मनोज शर्मा, मो० सोनू, आइसा के लोकेश कुमार, सुनील कुमार सिंह, राजू झा, दीपक यदुवंशी समेत बड़ी संख्या में आइसा-माले कार्यकर्ता उपस्थित थे। विदित हो कि शनिवार की रात्रि दिल्ली के द्वारका में अपने दोस्त के घर पार्टी से लौट रहे डेलीवरी बॉय पांडव कुमार एवं उसके दोस्त को दिल्ली पुलिस निरज कुमार ने रोककर गाली-गलौज करने लगा जब युवक ने उसका विरोध किया तो सीना में पिस्टल सटाकर गोली मार दी। गोली पांडव के सीना छेदते हुए उसके दोस्त को लग गई। पांडव की मौत मौके पर हो गई और उसका दोस्त इलाजरत है। मृतक पांडव कुमार खगड़िया का स्थाई निवासी है। दिल्ली में डेलीवरी बॉय का काम करता था। समस्तीपुर जनक्रांति प्रधान कार्यालय #📢 ताज़ा खबर 🗞️ #🆕 ताजा अपडेट ##Samastipur news #moj_content ##Bihar politics से प्रकाशक /सम्पादक राजेश कुमार वर्मा द्वारा प्रकाशित व प्रसारित।
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9 दिन पहले
अधिकार और जनहित के सवालों को लेकर राज्य सम्मेलन महत्वपूर्ण होगा:सुरेन्द्र प्रसाद सिंह ##Bihar politics #moj_content #📢 ताज़ा खबर 🗞️ #🆕 ताजा अपडेट ##india_jankranti_news,
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9 दिन पहले
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राज्य सम्मेलन की तैयारी को लेकर भाकपा माले की बैठक संपन्न जनक्रांति कार्यालय रिपोर्ट अधिकार और जनहित के सवालों को लेकर राज्य सम्मेलन महत्वपूर्ण होगा:सुरेन्द्र प्रसाद सिंह समस्तीपुर, बिहार (जनक्रांति हिन्दी न्यूज़ बुलेटिन कार्यालय न्यूज़ डेस्क 25 अप्रैल 2026 )। भाकपा माले के 12वें राज्य सम्मेलन की तैयारी को लेकर ताजपुर प्रखंड कमिटी की बैठक बाजार क्षेत्र के फलमंडी में आयोजित की गई। बैठक में 16 से 18 मई 2026 को दरभंगा के प्रेक्षागृह, लहेरियासराय में होने वाले राज्य सम्मेलन को सफल बनाने पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक की अध्यक्षता प्रखंड सचिव सुरेंद्र प्रसाद सिंह ने की। वक्ताओं ने कहा कि राज्य सम्मेलन को ऐतिहासिक बनाने के लिए गांव-गांव अभियान चलाया जाएगा, कार्यकर्ताओं की टीम बनाई जाएगी तथा अधिकाधिक प्रतिनिधियों की भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी। इसके लिए जनता बैठक करने, प्रचार-प्रसार, पोस्टर-बैनर, जनसंपर्क, दीवार लेखन तथा आर्थिक सहयोग जुटाने का निर्णय लिया गया। बैठक में यह भी तय किया गया कि ताजपुर नगर परिषद एवं प्रखंड क्षेत्र में सम्मेलन के मुद्दों को लेकर जनसभाएं आयोजित की जाएंगी। मौके पर प्रखंड सचिव अपने अध्यक्षीय संबोधन में कहा कि अधिकार और जनहित के सवालों को लेकर राज्य सम्मेलन महत्वपूर्ण होगा, इसलिए सभी कार्यकर्ताओं से सक्रिय भूमिका निभाने की अपील की गई। बैठक में आसिफ होदा, ब्रहमदेव प्रसाद सिंह, मो० एजाज, मो० क्यूम, जीतेंद्र सहनी, मो० शाद, मो० अबुबकर, सूरज कुमार, बिरजू कुमार, मो० शकील, वसाम तौहीदी समेत अन्य कई स्थानीय कार्यकर्ता उपस्थित थे और सभी ने सम्मेलन को सफल बनाने का संकल्प लिया। कार्यक्रम के अंत में धन्यवाद ज्ञापन किया गया। समस्तीपुर जनक्रांति प्रधान कार्यालय से प्रकाशक /सम्पादक राजेश कुमार वर्मा द्वारा प्रकाशित व प्रसारित। ##Samastipur news #🆕 ताजा अपडेट #📢 ताज़ा खबर 🗞️ ##Bihar politics #moj_content
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12 दिन पहले
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भाकपा माले का 58वां स्थापना दिवस ताजपुर में मनाया गया, पार्टी विस्तार का लिया संकल्प जनक्रांति कार्यालय रिपोर्ट जन समस्याओं को लेकर जनांदोलन तेज करने का लिया गया निर्णय आइसा, इनौस, ऐपवा, खेग्रामस, अभाकिम, ऐक्टू, आशा, रसोईया, आंगनबाड़ी संगठनों को मजबूती करने का संकल्प समस्तीपुर, बिहार (जनक्रांति हिन्दी न्यूज़ बुलेटिन कार्यालय न्यूज़ डेस्क 22 अप्रैल 2026)। भाकपा–माले के 58वें स्थापना दिवस को भाकपा माले लोकल कमिटी के बैनर तले मोतीपुर में बुधवार को समारोहपूर्वक मनाया गया। कार्यक्रम की शुरुआत पार्टी के झंडोत्तोलन एवं शहीदों को श्रद्धांजलि के साथ हुई। इस मौके पर कार्यकर्ताओं ने पार्टी के संस्थापक नेताओं के विचारों को याद करते हुए जनसंघर्ष तेज करने का संकल्प लिया। सभा को संबोधित करते हुए भाकपा माले प्रखंड सचिव सुरेंद्र प्रसाद सिंह ने कहा कि कम्युनिस्ट एकता के सही मायनों में मजबूत, धर्मनिरपेक्ष और लोकतांत्रिक गणराज्य के निर्माण के लिए संघर्ष को आगे बढ़ाना आज की जरूरत है। उन्होंने हर संभव तरीके से पार्टी का विस्तार और संगठन को मजबूत करने पर जोर दिया। साथ ही बुलडोजर हमले, महंगाई, बेरोजगारी तथा जनविरोधी नीतियों के खिलाफ जोरदार प्रतिरोध विकसित करने का आह्वान किया गया। कार्यक्रम में उपस्थित कार्यकर्ताओं ने गांव-गांव में अभियान चलाने, नए सदस्यों को जोड़ने तथा जनसमस्याओं को लेकर आंदोलन तेज करने का निर्णय लिया। अंत में नारेबाजी के साथ कार्यक्रम का समापन किया गया। एक प्रस्ताव पारित कर 16-18 भी को दरभंगा में आयोजित होने वाले भाकपा माले राज्य सम्मेलन को सफल बनाने को लेकर जीबी बैठक करने, कोष संग्रह करने, प्रचार-प्रसार करने आदि का निर्णय लिया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रखंड कमिटी सदस्य ब्रहमदेव प्रसाद सिंह ने किया। प्रखंड कमिटी सदस्य शंकर महतो, मोतीपुर लाल सिंह, कैलाश सिंह, रंधीर कुमार, वीरेंद्र सिंह, विणुदेव राय, महेश्वर शर्मा, रामसागर राय, हीरालाल सिंह, संजय शर्मा, दिनेश साह समेत बड़ी संख्या में माले कार्यकर्ता मौजूद थे। समस्तीपुर जनक्रांति प्रधान कार्यालय से प्रकाशक /सम्पादक राजेश कुमार वर्मा द्वारा प्रकाशित व प्रसारित। #moj_content #🆕 ताजा अपडेट ##Samastipur news #📢 ताज़ा खबर 🗞️ ##Bihar politics
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20 दिन पहले
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राष्ट्रपिता महात्मा गाँधी की प्रतिमा ध्वस्त करने के विरुद्ध महागठबंधन के नेताओं ने उपद्रवियों पर जताई नाराजगी जनक्रांति कार्यालय रिपोर्ट बापू की प्रतिमा को क्षतिग्रस्त करना देश की स्वतंत्रता में उनके अमूल्य योगदान का अपमान है : रोमा भारती समस्तीपुर, बिहार (जनक्रांति हिन्दी न्यूज़ बुलेटिन कार्यालय न्यूज़ डेस्क 14 अप्रैल 2026)।समस्तीपुर जिलान्तर्गत रोसड़ा बाजार में गांधी चौक पर राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की स्थापित ऐतिहासिक प्रतिमा और स्मारक को कुछ असामाजिक और देश-तोड़क तत्वों द्वारा जेसीबी से ध्वस्त करने के खिलाफ महागठबंधन नेताओं ने गहरी नाराजगी व्यक्त करते हुए आज स्मारक स्थल पर प्रतिरोध सभा की l अध्यक्षता राजद जिलाध्यक्ष सह पूर्व विधान पार्षद रोमा भारती, संचालन भाकपा जिला मंत्री सुरेन्द्र सिंह मुन्ना एवं धन्यवाद ज्ञापन राजद दलित सेल के जिलाध्यक्ष सत्यविंद पासवान ने की l प्रतिरोध सभा को संबोधित करते हुए उजियारपुर विधायक सह पूर्व मंत्री आलोक कुमार मेहता, पूर्व विधायक अख्तरुल इस्लाम शाहीन तथा राजद जिलाध्यक्ष सह पूर्व विधान पार्षद रोमा भारती ने कहा कि बापू की प्रतिमा को क्षतिग्रस्त करना देश की स्वतंत्रता में उनके अमूल्य योगदान का अपमान है। यह घटना बेहद शर्मनाक, दुर्भाग्यपूर्ण एवं निंदनीय है l यह केवल तोड़फोड़ नहीं है, बल्कि अहिंसा के विचार पर एक हिंसक हमला है। जिला प्रशासन को दोषियों पर सख्त कार्रवाई करना चाहिए l इस आशय की जानकारी जिला राजद प्रवक्ता राकेश कुमार ठाकुर ने प्रेस को दी है l समस्तीपुर जनक्रांति प्रधान कार्यालय से प्रकाशक/सम्पादक राजेश कुमार वर्मा द्वारा प्रकाशित व प्रसारित। #🆕 ताजा अपडेट #moj_content #📢 ताज़ा खबर 🗞️ ##Samastipur news ##Bihar politics
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21 दिन पहले
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महिला आरक्षण बिल २०२७ वोट लेने की नई तरकीब जनक्रांति कार्यालय से केंद्रीय ब्यूरो चीफ प्रमोद कुमार सिन्हा की रिपोर्ट समाज शिक्षित होगा औऱ समाज ज़ब शिक्षित होगा तो राजनितिक पार्टियों को वोट पाने में काफ़ी दिक्क़तों का करना पडेगा सामना इंडिया जनक्रांति न्यूज़ डेस्क (जनक्रांति हिन्दी न्यूज़ बुलेटिन 13 अप्रैल 2026)। संसद में महिला आरक्षण बिल आने वाला है जिसमें पक्ष औऱ विपक्ष में घमासान होना स्वाभाबिक है, लेकिन महिला आरक्षण बिल पास हो या ना हो दोनों अवस्था में बी जे पी को लाभ मिलना ही मिलना है। ये बिल वास्तविक रूप से महिला हितकारी है। ऐसी बात नहीं है यदि महिला पर सरकार इतना ही मेहरबान है तो रोज आये दिन महिला पर अत्याचार, व्यभिचार औऱ बलात्कार एबं अन्य घटना क्यों होती है ? जाहिर है की महिला क़े हित की चिंता किसी भी पार्टी को नहीं है, वरण सभी अपने अपने वोट बैंक क़े लिये इसका प्रयोग करते रहते हैँ। आये दिन कोई राम राम तो कोई अल्लाह अल्लाह कोई हिन्दू मुस्लिम कोई बैक वार्ड फॉरवर्ड कोई यू जी सी एबं अन्य अन्य फिकरे से वोट बैंक की खरीदारी में लगे हुए हैँ जबकि संसार में मात्र दो किस्म की ही जाती हैँ एक अमीर दूसरे गरीब परन्तु लोगों को इससे भटकना औऱ वोट क़े लिये फिक्रेबाजी करना आम बात है नीतीश जी ने तो एक जबरदस्त कार्ड खेला दलित औऱ महादलित यही तो यहाँ की राजनीति है। आम जन हितैषी कोई भी नहीं है। अब बी जे पी महिला आरक्षण बिल लेकर आ रही है पास हो या ना हो इससे कोई मतलब नहीं है मतलब केवल इस बात पर है कि महिला का वोट २०२७ में कैसे इनके पक्ष में हो जाये ये दीगर बात है की अभी N D A बहुमत में है बिल पास होना ही है यदि नहीं भी पास होता है तो ठीकरा विरोधियों पर ही फोरा जायेगा जिससे विरोधियों को महिला वोट का लाभ नहीं मिल सके वोट खरीदने का बेहतरीन बेहतरीन तरीके इस्तेमाल किये जाते रहे हैँ सभी पार्टियों क़े द्वारा जिससे अमीर औऱ अमीर होता जा रहा है औऱ गरीब औऱ गरीब होता जा रहा है ये क्या तरीका है गरीब को पाँच किलो अनाज देकर कामचोर बना भीखमंगा बना दो या आरक्षण पर आरक्षण देकर भारत की प्रतिभा को ही कुचल डालो बाबा भीमराव अम्बेडकर ने तो मात्र पाँच वर्ष के लिये ही आरक्षण की वकालत की थी लेकिन पीछे वोट की खातिर समाज को बाँटना सिखाया औऱ ये द्रोपदी की चीड़ की तरह बढ़ता ही चला जा रहा है वोट क़े लिये ये सभी पार्टियां लोगों को बिभक्त कर फुट डालो औऱ राज्य करो की नियति औऱ नियत में विश्वास रखती है। इसका सबसे प्रमुख कारण शिक्षा है। यहाँ शिक्षा क़े नाम पर खिलबाड़ हो रहा है अमीरों क़े लिये अलग शिक्षा औऱ गरीबों क़े लिये अलग शिक्षा, मेरा मानना है भारत सरकार द्वारा शिक्षा बिभाग को ही समाप्त कर देना चाहिये ज़ब स्कूल से लेकर यूनिवर्सिटी तक शिक्षा पर इतना खर्च किया जा रहा है तो शिक्षा क़े नाम पर कुकुरमुत्ते की तरह प्राइवेट सिक्षा का क्या काम है यह तो अमीर औऱ गरीब को बाँटने बाली शिक्षा है अमीर स्टैंडर्ड शिक्षा हासिल करेंगे औऱ गरीब स्कूली सरकारी शिक्षा इसका क्या मतलब है ? शिक्षा देना ही है तो प्राइवेट शिक्षा बन्द करो या स्कूली शिक्षा बन्द करो, शिक्षा पर सबको समान अधिकार हो चाहे वो अमीर हो या गरीब सबको शिक्षा की जरूरत है औऱ समाज समानता क़े लिये अनाज या कोई भी धन केवल उसे ही मिले जिसके बच्चे पढ़ाई कर रहे हैँ उसे नहीं मिले जिसको पढ़ाई में दिलचस्पी नहीं हो इससे ये होगा समाज शिक्षित होगा औऱ समाज ज़ब शिक्षित होगा तो राजनितिक पार्टियों को वोट पाने में काफ़ी दिक्क़तों का सामना करना पड़ेगा अभी तो ये हो रहा है चोर डकैत औऱ बाहुबली ही राजनीति करते हैँ, जो जितने घोटालेबाज हैँ वो उतने बड़े राजनीतिज्ञ हैँ सबों को आई ए एस ही नचा रहे हैँ औऱ शिक्षा क़े अभाव में वे विवश नज़र आ रहे हैं सरकारी शिक्षा व्यवस्था पर इतना खर्च होने क़े बाद भी ये शिक्षा का प्राइवेटी करण क्यों ? फिर मानव संसाधन विकाश मंत्रालय की जरूरत क्यों है ? क्या शिक्षा माफिया क़े आगे शिक्षा बिभाग नतमस्तक है या उसका थैली से संतुष्ट है जो बड़े बड़े लोग पैसे बाले मनमानी फीस औऱ मनमानी ड्रेस और मनमानी किताबों का बोझ छोटे छोटे बच्चे क़े कंधे पर लादकर उसका बचपन छीन रहे हैँ ये कहाँ तक जाइज है ? ये सोचनीय प्रश्न है आज इस सम्बदादाता द्वारा देखा जा रहा है गाँव से लेकर शहर तक मुफ्त में अनाज क़े बदौलत लोग ताश खेलते नज़र आते हैँ कामचोर हो गये हैँ इसका जिम्मेबार ये रसजनितिक पार्टी हैँ जो चाहते हैँ लोग ऐसे ही अशिक्षित औऱ गरीब रहे ताकी वोट क़े समय उनके खाली कटोरे में कुछ देकर या रूपया देकर वोट खरीदा जा सके अतएब सबसे पहला कदम शिक्षा को व्यवस्थित करने की है ताकी कोई अशिक्षित नहीं हो। दुसरा मुख्य कारण है अमीरी औऱ ग़रीबी यहाँ मात्र दो किस्म की ही जाती हैँ अमीर औऱ गरीब अब हम इस पर विचार करते हैँ क्या कारण है आज अमीर औऱ अमीर होता जा रहा है औऱ गरीब औऱ गरीब इसका प्रमुख कारण है सरकार, सरकार अमीरों का संरक्षण देती है उसका कर्जा चाहे अरबों मेंही क्यों ना हो उसे माफ कर देती है चाहे वो बैंक का बैंक डूबा जाये औऱ गरीब का झोपड़ा उजार देती है थोड़े से पैसे क़े लिये ही क्यों ? आज जो घोटाले क़े नाम पर जेल जाने बाले होते हैँ दबंग होते हैँ उसने यदि संभावित पार्टी का दामन थाम लेते हैँ तो वो स्वच्छ हो जाते हैँ ऐसा क्यों ? क्योंकि जनता जगरूक नहीं है यानी जनता शिक्षित नहीं है शिक्षा एक अहम मुद्दा है तब अमीरी जो गरीबों का धन हड़प लिया है चाहे कोई भी हैँ हमारे द्वारा अदा किये जानेबाले टैक्स से ही सभी पलते हैँ फिर अमीर कैसे अमीर हो जाता है स्वाभाविक है उसे लोन देने में बैंक आनाकानी नहीं करता है जबकि गरीब को साधारण लोन लेने में चप्पल घिस जाते हैँ ये दोहरी व्यवस्था का जिम्मेबार निश्चित तौरपर सरकार पर ही जाती है इसलिये इस देश में मात्र दो जातियों क़े अलाबा कोई जाती नहीं है बाकी सभी फिकरे हैँ वोट लेने क़े लिये या समाज बिभक्त करने क़े लिये अमीर औऱ गरीब क़े अलाबे कोई जाती नहीं कोई धर्म नहीं कोई ऊंच नहीं कोई नीच नहीं ये सभी राजनितिक फिकरे क़े अलाबे कुछ नहीं तीसरा मुख्य बिंदु है आरक्षण, क्या आरक्षण क़े नाम पर देश की प्रतिभा को कुंठित नहीं किया जा रहा है ? आरक्षण क्यों ? जबसबकी पढ़ाई एक साथ तो जाती पाती व्यवस्था क्यों ? निश्चित है आरक्षण देकर देश की प्रतिभा को कुचला जा रहा है औऱ आरक्षण पाकर भी लोग कुंठित रहते हैँ यह सहने क़े लिये ये आरक्षण कोटा क़े हैँ आरक्षण देना है तो उनको ऐसी कोचिंग सुबिधा दो जिससे वे बिना आरक्षण औऱ कुंठित क़े प्रतियोगिता में भाग लेकर उस मुकाम को हासिल कर सके आज हम पा रहे हैँ एक बार जो आरक्षण का लाभ ले चुके हैँ उनके समस्त परिवार ही इस लाभ को प्राप्त कर रहे हैँ औऱ जिसे लाभ नहीं मिला वो अभीतक वँचित हैँ क्या आरक्षण का अर्थ यही है ? इसका जबाब शायद हो कोई दे सके, सभी को अपने वोट की पड़ी है वोट क़े लिये समाज को हज़ारों टुकड़े में बिभक्त को तैयार हैँ सबसे महत्वपूर्ण प्रश्न है जिसको वोट देकर जीता कर भेजते हैँ कि हमारे हक़ क़े लिये वो काम करेगा ये जनता की सेवा है जनता की सेवा को वो सरकारी सेवा मानते हैँ कारण है कानून बनाने का अधिकार उन्हें है उसलिए समस्त कानून को ताक पर रखकर अपने सुबिधा क़े लिये वे सरकारी सेवा मानकर कानून बनाकर पेंशन दर पेंशन पा रहे हैं औऱ जो वास्तविक रूप से सरकारी सेवा करते हुए उमर गुज़ार देते हैँ उनका बुढ़ापे की लाठी पेंशन पर रोक होता h ऐसा क्यों ? क्या संबिधान में ऐसा प्रावधान पहले से निर्धारित है ? याद है जिस राज्य को भारत में बिलय किया गया उसके राजा को प्रिबी पर्स क़े तौर पर जागीरदारी का हिस्सा दिया जाता था जिसे आईरान लेडी उर्फ़ श्री मति इंदिरा गाँधी ने अपने प्रधनमंत्रित्व काल में बन्द किया था चूँकि देश का आर्थिक अहम हिस्सा उसीमें चला जाता था आज माननीय मोदी जी को हिम्मत है कि राजनीतिक नेताओं का पेंशन औऱ अन्य सुबिधा बन्द करें चूँकि देश का अहम आर्थिक हिस्सा उसी में चला जाता है इसके अलावे सबसे अहम मुद्दा है भ्रष्टाचार ? भ्रष्टाचार क्यों ? कहावत है यदि राजा चोर होगा तो दरबारी भी चोर होगा राजा ईमानदार होगा तो मजाल नहीं कोई दरबारी चोर हो जाये, ईमानदारी अच्छी नीति है वरण वो ऊपर से हो ऊपर को भ्र्ष्टाचार नहीं कमीशन कहा जाता है या उसे भेंट या सेवा का नाम दिया जाता है ऐसा क्यों होता है इसका प्रमुख कारण है चुनाव औऱ चुनावी सभा में अनाप सनाप पैसा खर्च करना ज़ब सरकार द्वारा चुनाव में इतना पैसा खर्च किया ही जाता है तो ये रेडिओ औऱ टेलीवीज़न किस काम क़े ? क्यों नहीं रेडियो या टेलीविजन क़े माध्यम से ही प्रचार की व्यवस्था की जाती है इस तरह क़े बहुतेरे प्रश्न है जिस पर राज्य करने वाले दृढ़ संकल्पित होकर ठोस निर्णय या कानून बनाबे। जिससे देश में भ्रष्टाचार समाप्त हो जाये लेकिन ऐसा होगा नहीं क्योंकि मलाई खाने की आदत सबको हो गया है। आज सरकारी कर्मचारी भ्र्ष्टाचार में पकड़े जाते हैँ किसी नेता या मंत्री को घुस लेते पकड़ा जा सका है क्यों ? वे टेबल क़े अंदर से पैसे बटोरते हैँ। उपरोक्त आलेख प्रकाशन हेतु प्रमोद कुमार सिन्हा, केंद्रीय ब्यूरो चीफ जनक्रांति हिन्दी न्यूज बुलेटिन द्वारा संप्रेषित व समस्तीपुर जनक्रांति प्रधान कार्यालय से प्रकाशित व प्रसारित। #moj_content #📢 ताज़ा खबर 🗞️ ##india_jankranti_news, ##Begusarai_jankranti_News ##Bihar politics