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Jan-Kranti hindi news bulletin
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भारत की एक 'वंडर गर्ल'— रबानी जॉली रबानी जौली का अनूठा हुनर आँखों पर पट्टी बांधकर भी दुनिया को देख सकती है..? जनक्रांति कार्यालय रिपोर्ट रबानी जौली की कहानी हमें सिखाती है कि यदि आत्मविश्वास और कड़ी मेहनत का साथ हो, तो असंभव शब्द भी शब्दकोश से मिटाया जा सकता है। इंडिया जनक्रांति न्यूज़ डेस्क (जनक्रांति हिन्दी न्यूज़ बुलेटिन कार्यालय 10 अप्रैल 2026)। क्या आपने कभी ऐसी किसी प्रतिभा के बारे में सुना है जो अपनी आँखों पर पट्टी बांधकर भी दुनिया को देख सकती है.? यह जादुई लग सकता है, लेकिन यह हकीकत है, हमारी 'वंडर गर्ल' रबानी जौली, जिन्हें लोग वंडर गर्ल का नाम से जानते है। रबानी एक असाधारण 'ब्लाइंडफोल्ड चैलेंज' एक्सपर्ट हैं। जब वह आँखों पर गहरी पट्टी बांधती हैं, तो उनकी अन्य इंद्रियाँ एक अद्भुत स्तर पर सक्रिय हो जाती हैं। बिना देखे किताबें पढ़ना, रंगों की पहचान करना, यहाँ तक कि बेहद बारीकी से मेकअप करना उनके लिए बाएं हाथ का खेल है। उनकी यह क्षमता किसी चमत्कार से कम नहीं लगती, जो यह साबित करती है कि इंसान का सामर्थ्य केवल आँखों तक सीमित नहीं है। लेकिन रबानी की प्रतिभा केवल दृष्टि की सीमाओं को पार करने तक सीमित नहीं है। उनकी बुद्धिमत्ता और भाषाई ज्ञान विश्व स्तर का है। वे 500 से अधिक भाषाओं को न केवल पहचान सकती हैं, बल्कि उनका अंग्रेजी में धाराप्रवाह अनुवाद भी कर सकती हैं। भाषाओं का यह विशाल भंडार उन्हें एक वैश्विक सेतु बनाता है। उनकी इस अद्भुत क्षमता ने दुनिया भर का ध्यान अपनी ओर खींचा है। रबानी को कई राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय पुरस्कारों से सम्मानित किया जा चुका है। उनकी असाधारण उपलब्धियों के लिए उन्हें प्रतिष्ठित 'ओएमजी वर्ल्ड बुक ऑफ रिकॉर्ड्स' (OMG World Book of Records) में भी शामिल किया गया है, जो उनके नाम की एक बड़ी उपलब्धि है। रबानी जौली की कहानी हमें सिखाती है कि #moj_content #📚कविता-कहानी संग्रह ##india_jankranti_news, #🆕 ताजा अपडेट यदि आत्मविश्वास और कड़ी मेहनत का साथ हो, तो असंभव शब्द भी शब्दकोश से मिटाया जा सकता है। वह न केवल भारत का गौरव हैं, बल्कि उन लाखों लोगों के लिए एक मशाल हैं जो खुद को सीमाओं में बंधा हुआ महसूस करते हैं। रबानी का जीवन हमें याद दिलाता है कि हमारी असली दृष्टि हमारे मन और संकल्प में होती है। वह वास्तव में एक 'वंडर गर्ल' हैं, जो अपनी प्रतिभा से अंधेरे में भी उम्मीद की किरणें बिखेर रही हैं। उनकी यात्रा जारी है, और पूरी दुनिया उनकी अगली उपलब्धि की प्रतीक्षा कर रही है। समस्तीपुर जनक्रांति प्रधान कार्यालय से प्रकाशक /सम्पादक राजेश कुमार वर्मा द्वारा प्रकाशित व प्रसारित।
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Jan-Kranti hindi news bulletin
1K views 2 days ago AI indicator
मैं तुमसे दूर नहीं तुम मेरे पास हो , समय मेरे साथ है, तुम्हीं मेरे खास हो , मैं तुमसे...??? 🖋️प्रमोद कुमार सिन्हा, बाघी मैं तुमसे दूर नहीं , तुम मेरे पास हो , समय मेरे साथ है, तुम्हीं मेरे खास हो , मैं तुमसे...... एक साल का हुआ , दस अप्रैल मास है , तेरा हाथ मेरे माथे पर , यही तो अरदास है , मैं तुमसे..... भूल जाता हूँ कभी , याद पल पल दिलाते हो, कृपा बरसती रहती है हर वक़्त तुम बुलाते हो, मैं तुमसे...... कैसे बखानू शब्द नहीं , गहरी नींद में सुलाते हो , तुम्हारे समान कोई नहीं , अनहद सुना जगाते हो , मैं तुमसे..... याद तुम्हारी तड़पाती है , दर्शन बहुत दिन बीत गये , एक बार आबाज दे दो , समझूं समय को जीत गये , मैं तुमसे..... लायक कहाँ था मैं , तुमने लायक बना दिया, तेरी मेहरवानी तेरी कृपा , मौन रहना सीखा दिया , मैं तुमसे.... घंटों बैठने की तमन्ना है , गर दृष्टि पड़ जाये , आऊँ तो गले लगा लेना , जिंदगी मेरा सुधर जाये, मैं तुमसे...... जल्दबाजी नहीं है मुझे , जिस हाल में तुम रखो , अंतरदृष्टि डालो एकबार , हृदय में बसाकर देखो , मैं तुमसे....... अमृत रस तो पीला रहे , आनन्द का घूँट पीला दो , तड़प रहा जन्मान्तर से , जंचर पॉइंट पर पहुँचा दो, मैं तुमसे दूर..... तंग हो गया दुनियादारी से, प्रीत का घूँट तो पीला दो , मुक्ति की तमन्ना भी नही , मस्ती भरा जाम पीला दो , मैं तुमसे...... प्रमोद को कुछ नहीं चाहिये, बस अपने समान बना लो , जैसा भी हूँ हूँ तुम्हारा ही , एकबार अंक से लगा लो , मैं तुमसे...... जन्मदिन विशेष : आज मेरा आध्यात्मिक जन्म दिन है औऱ सर्टिफिकेट जन्म भी मेरी विनती गुरुदेव को समर्पित 👆प्रकाशन हेतु प्रेषित, प्रमोद कुमार सिन्हा केन्द्रीय ब्यूरो चीफ जनक्रांति हिन्दी न्यूज बुलेटिन द्वारा संप्रेषित व समस्तीपुर जनक्रांति प्रधान कार्यालय से प्रकाशित व प्रसारित। #📚कविता-कहानी संग्रह #moj_content ##Begusarai_jankranti_News ##कडवा सच
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Jan-Kranti hindi news bulletin
18K views 5 days ago AI indicator
स्व रचित पद :- सदा पल पल याद आते रहो.... 🖋️प्रमोद कुमार सिन्हा, बाघी सदा दिल में रहो तुम , पल पल याद आते रहो , सब काम होता रहे मेरा , यंत्रवत मुझे सताते रहो , सदा दिल....... तुम्हारे सिवा याद ना रहे, दुःख में भी साथ तुम रहो , दुनिया को भूल जाऊँ मैं , दिल में तुम मुस्कुराते रहो, सदा दिल........ कोई क्षण तुम बिन ना गुज़रे, ध्यान में तुम ही तुम रहो, ना सुध रहे कहाँ पड़ा हूँ मैं , ह्रदय में तुम गुनगुनाते रहो , सदा दिल........ चाह नहीं मैं मुक्त हो जाऊँ , सेवा का याद दिलाते रहो , तुम्हारा ही सुनूं गीत मैं , पल पल सिर्फ जगाते रहो , सदा दिल........ मस्त हो जाऊँ अपने में ही , हौसला क्षण क्षण दिलाते रहो, जैसे पड़े हो हरवक्त तुम , राह पल पल मुझे दिखाते रहो , सदा दिल....... कैसे हो जाऊँ मैं जैसे तुम हो , कर्म कुशलता में लगाते रहो , सब भूल गया तेरा है सहारा , दास को हर पल बुलाते रहो , सदा दिल........ तुम्हारे सिबा नज़र ना जाये , नयनों में मेरे अश्क़ बहाते रहो , तड़प इतनी जगा दो ह्रदय में , मैं ना रहूँ तुम ही नज़र आते रहो, सदा दिल...... बार बार जन्मना बार बार मरना, इस जनम माधव में लगाते रहो , विनती सुन लो मेरे गुरुबर अब, अंक में अपने लगाते रहो , सदा दिल....... जनम जनम से तुम्हें तलाशा , चरणों में ही अब लगाते रहो , आशा निराशा से पड़े हो जाऊँ , प्रमोद को रस पिलाते रहो , वही आनन्द वही मस्ती हो , उसी आनन्द में सुलाते रहो , गुजर जाये ना वक़्त कभी , क्षण क्षण अमृत पिलाते रहो, सदा दिल...... समस्तीपुर जनक्रांति प्रधान कार्यालय से प्रकाशित व प्रसारित। ##Begusarai_jankranti_News #📚कविता-कहानी संग्रह
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