#india_jankranti_news,

59 Posts • 5K views
Jan-Kranti hindi news bulletin
567 views 2 months ago AI indicator
मोदी शासनकाल में भ्रष्टाचार और सूचना तंत्र पर उठे सवाल, न्यायिक एवं सूचना आयोग की कार्यप्रणाली पर भी प्रश्नचिह्न जनक्रांति कार्यालय रिपोर्ट आरटीआई फाइल डायरी संख्या 29011/2025 से संबंधित अभिलेखों में बदलाव कर न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किए जाने का उन्होंने विरोध किया था: जगदीश सक्सेना नई दिल्ली, इंडिया (जनक्रांति हिन्दी न्यूज़ बुलेटिन कार्यालय न्यूज़ डेस्क, 31 मई 2026)। स्वतंत्रता सेनानी परिवार से जुड़े वरिष्ठ नागरिक एवं नागरिक अधिकार चेतना परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष जगदीश सक्सेना ने केंद्र सरकार के विभिन्न विभागों में कथित भ्रष्टाचार, सूचना के अधिकार (आरटीआई) के क्रियान्वयन तथा न्यायिक प्रक्रिया को लेकर गंभीर सवाल उठाए हैं। जारी प्रेस विज्ञप्ति में सक्सेना ने आरोप लगाया कि कुछ मामलों में जन सूचना अधिकारी एवं प्रथम अपीलीय अधिकारियों द्वारा आरटीआई अधिनियम के तहत मांगी गई सूचनाएं उपलब्ध कराने के बजाय प्रकरणों को न्यायालय में लंबित मामलों (अंडर ट्रायल) का हवाला देकर आगे बढ़ाया गया। उन्होंने दावा किया कि आरटीआई फाइल डायरी संख्या 29011/2025 से संबंधित अभिलेखों में बदलाव कर न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किए जाने का उन्होंने विरोध किया था। सक्सेना के अनुसार, संबंधित मामले की सुनवाई के दौरान न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत में उन्होंने यह आपत्ति दर्ज कराई कि आरटीआई नियमों के अनुरूप सूचना उपलब्ध कराई जानी चाहिए थी। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि उन्हें विधिक सहायता उपलब्ध कराने की प्रक्रिया तथा संबंधित अधिकारियों की कार्यशैली कई प्रश्न खड़े करती है। उन्होंने आगे कहा कि 14 मई 2026 को मुख्य सूचना आयुक्त के समक्ष हुई सुनवाई के बाद भी आदेश की सत्यापित प्रति उपलब्ध नहीं कराई गई, जिससे सूचना आयोग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उत्पन्न होते हैं। सक्सेना ने मांग की कि मामले में लगाए गए आरोपों की निष्पक्ष जांच कराई जाए तथा आवश्यक होने पर संबंधित एजेंसियों द्वारा कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। सक्सेना ने भारत सरकार के गृह मंत्रालय से सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों और विधिक प्रावधानों के अनुरूप मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। समस्तीपुर जनक्रांति प्रधान कार्यालय से प्रकाशक/संपादक राजेश कुमार वर्मा द्वारा प्रकाशित एवं प्रसारित। ##india_jankranti_news, #📢 ताज़ा खबर 🗞️ #moj_content #🆕 ताजा अपडेट
7 likes
16 shares
Jan-Kranti hindi news bulletin
538 views 2 months ago AI indicator
सीनियर सिटिजन सदस्य ने लगाए गए गंभीर आरोपों को बताया झूठा और मनगढ़ंत निष्पक्ष जांच और सीबीआई कार्रवाई की उठाई मांग जनक्रांति कार्यालय रिपोर्ट अदालत की अवमानना से संबंधित सिविल वाद संख्या 05/2023 दायर करते हुए उन्होंने न्यायालय को अवगत कराया कि उनके खिलाफ लगाए गए आरोप निराधार हैं: जगदीश सक्सेना नई दिल्ली,भारत (जनक्रांति हिन्दी न्यूज़ बुलेटिन इंडिया न्यूज़ डेस्क 29 मई 2026: सीनियर सिटिजन सदस्य जगदीश सक्सेना ने अपने विरुद्ध भारतीय दंड संहिता की धारा 354, 354-A और 354-B के तहत लगाए गए आरोपों को पूरी तरह झूठा, फर्जी और मनगढ़ंत बताते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है। उन्होंने आरोप लगाया कि यह पूरा मामला साजिश के तहत तैयार किया गया। प्रेस विज्ञप्ति जारी करते हुए उन्होंने बताया कि सीनियर सिविल जज, पटियाला हाउस कोर्ट में लंबित सिविल वाद संख्या 1078/2021 में 20 नवंबर 2021 को अदालत द्वारा प्रतिवादियों को विधिसम्मत प्रक्रिया का पालन किए बिना याचिकाकर्ता को बेदखल नहीं करने का निर्देश दिया गया था। जगदीश सक्सेना के अनुसार, सागरपुर थाना प्रभारी सूबे सिंह की कथित योजना के तहत सिविल वाद संख्या 1078/2021 के प्रतिवादियों की कथित झूठी और मनगढ़ंत गवाहियों के आधार पर उनके विरुद्ध सागरपुर थाने में एफआईआर संख्या 472/2021 दर्ज कराई गई। उन्होंने कहा कि इसके बाद अदालत की अवमानना से संबंधित सिविल वाद संख्या 05/2023 दायर करते हुए उन्होंने न्यायालय को अवगत कराया कि उनके खिलाफ लगाए गए आरोप निराधार हैं। उनका आरोप है कि जिन लोगों के विरुद्ध सिविल वाद लंबित था, उन्हीं को एफआईआर में गवाह बनाया गया। प्रेस विज्ञप्ति में उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि संबंधित मामले में न्यायालय को उचित कानूनी कार्रवाई करनी चाहिए थी, लेकिन उनकी अवमानना याचिका को खारिज कर दिया गया। जगदीश सक्सेना ने बताया कि भारतीय न्याय संहिता-2023 की धारा 175 के तहत डायरेक्ट एफआईआर दर्ज कराने के लिए उन्होंने आपराधिक याचिका संख्या 675/2026 दायर की है। उन्होंने आरोप लगाया कि मामले में उपलब्ध कराए गए दस्तावेजों और साक्ष्यों पर समुचित कार्रवाई नहीं की गई तथा फाइल बंद कर दी गई। उन्होंने संबंधित शाखा अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि आरटीआई के तहत मांगी गई सूचनाएं उपलब्ध नहीं कराई गईं तथा आपराधिक फाइलों में बदलाव और दस्तावेजों के गायब होने जैसी अनियमितताएं सामने आई हैं, जो भ्रष्टाचार की ओर संकेत करती हैं। जगदीश सक्सेना ने भारत सरकार के गृह मंत्रालय एवं संबंधित उच्च अधिकारियों से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने तथा सीबीआई से कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करने की मांग की है। समस्तीपुर जनक्रांति प्रधान कार्यालय से प्रकाशक/सम्पादक राजेश कुमार वर्मा द्वारा प्रकाशित व प्रसारित। #📢 ताज़ा खबर 🗞️ #moj_content #🆕 ताजा अपडेट ##india_jankranti_news,
9 likes
13 shares