hindu

Rajesh Dogra
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1 months ago
🔱🙏 हर हर महादेव! 🙏🔱 जहाँ महाकाल का आशीर्वाद हो, वहाँ भय, चिंता और बाधाएँ स्वयं दूर हो जाती हैं। भोलेनाथ की कृपा से जीवन में सुख, शांति, शक्ति और समृद्धि का वास हो। 🕉️✨ “काल भी जिसके अधीन है, वो हैं हमारे महाकाल।” ❤️🔱. #HarHarMahadev #Mahakal #Bholenath #ShivBhakt #Mahadev 🙏🕉️🔱**#hindu
jaishreeram
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1 months ago
क्या आप को पता है हनुमानजी के पास 8 सिधिया थी चलो जानते है💫 #JaiShreeRam🚩 #हनुमान भगवान status 🙏😍😍 #🙏🏻आध्यात्मिकता😇 #🕉️सनातन धर्म🚩 #हिंदू
Pradeep Singh
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1 months ago
✨ 🕊️ 🕉️ क्या आप जानते हैं कि यह मानव जीवन कितनी मुश्किलों के बाद मिलता है? चौरासी लाख योनियों के इस चक्रव्यूह का सच जानकर आपके रोंगटे खड़े हो जाएंगे! ​=========>>>>>> "ये ज़िन्दगी ! ना मिलेगी दोबारा" ​जीव इस संसार में चौरासी लाख योनियों में भटकता रहता है। एक योनि में जन्म अगली बार उसे किस योनि में जाना है ये इस बात पर निर्भर करता है कि इस योनि में उसने अन्य किस योनि पर कृपा अथवा अत्याचार किया है। जिस योनि पर वह अत्याचार करता है उस योनि के कर्मों को भोगने के लिए उसे अगला जन्म उसी योनि में लेना पड़ता है। इसी प्रकार वह जलचर, थलचर और गगनचर आदि की सभी योनियों भोगता है। ​सब योनियों को भोगने के उपरांत उसे अपने द्वारा किये गये सभी पापों के प्रायश्चित के लिये मानव जन्म मिलता है। ​कोई भी ज्योतिष विज्ञान आपके जन्म और स्थान की गणना करके ये तो बता सकता है कि आप पिछले जन्म में किस योनि में थे, परन्तु आगे भविष्य में आप किस योनि में जायेंगे उसको ज्ञात करने का उनके पास भी कोई तरीका नहीं है। वह तो केवल इस बात पर निर्भर होता है कि आप अपने पापों का कितना प्रायश्चित कर पाते हैं या और कितने नवीन पाप करते हैं। भगवान ने यह मानव जीवन अपनी गलतियों को सुधारने के लिये दिया है। इस मानव जीवन के बाद तो फैसले की घड़ी आती है। ​इस मानव जीवन के बाद जीव के लिये दो रास्ते होते हैं। या तो वह इस जीवन-मरण के चक्र से मुक्ति पाकर मोक्ष की प्राप्ति करता है और या फिर दोबारा से इन चौरासी लाख योनियों में भटकता है। अब ये फैसला तो आपके हाथ में है कि आप कौन-सा मार्ग चुनना चाहते हैं। क्योंकि 'ये ज़िन्दगी ! ना मिलेगी दोबारा'। ​ =====>>> ​#karma #krishna #spritual #motivation #reelsindia #hinduism #trendingreels #viralpost #sanatandharma #wisdom ​🔱 कर्मों का यह खेल बहुत गहरा है, आज का किया कल भुगतना ही पड़ेगा। इस अनमोल मानव जीवन को व्यर्थ न गंवाएं, अच्छे कर्म करें और मोक्ष की राह चुनें। 🙏✨ ​🚨 क्या आप भी जाने-अनजाने ऐसे कर्म कर रहे हैं जो आपको फिर से उसी जन्म-मरण के चक्र में धकेल देंगे? आज ही संभल जाइए, क्योंकि यह मौका दोबारा नहीं मिलेगा! आपके अनुसार इस जीवन का असली उद्देश्य क्या होना चाहिए? ​📊 🗳️ ​मानव जीवन का सबसे बड़ा लक्ष्य आपके अनुसार क्या है? ​1️⃣ मोक्ष की प्राप्ति और प्रभु भक्ति 🧘‍♂️🕉️ ​2️⃣ संसार के सुख और धन-दौलत 💰हँसना-गाना ​3️⃣ अच्छे कर्म और दूसरों की सेवा🤝❤️ #hindu #🙏गीता ज्ञान🛕 #🔊सुन्दर कांड🕉️ #🕉️सनातन धर्म🚩 #🙏🏻आध्यात्मिकता😇
Pradeep Singh
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1 months ago
दुखों से परेशान होकर हर जगह भाग रहे हो? 😟 भगवान ने आपके हिस्से में दुःख क्यों लिखा, इसका रहस्य जानकर चौंक जाओगे! 🤫 जीवन की सबसे बड़ी सच्चाई को समझने के लिए इस पोस्ट को अंत तक जरूर पढ़ें। 👇 ​ ​=========>>>>>>जब भगवान सृष्टि की रचना कर रहे थे, तो उन्होंने जीव को कहा कि तुम्हें मृत्युलोक जाना पड़ेगा, मैं सृष्टि की रचना करने जा रहा हूँ। ये सुन जीव की आँखों में आँसू आ गए, वो बोला--"प्रभु! कुछ तो ऐसा करो की मैं लौटकर आपके पास ही आऊँ।" भगवान को दया आ गई। उन्होंने दो कार्य किये जीव के लिए। पहला संसार की हर चीज में अतृप्ति मिला दी, और जीव से कहा--"तुझे दुनिया में कुछ भी मिल जाये परन्तु तू तृप्त नहीं होगा, तृप्ति तभी मिलेगी जब तू मेरे पास आएगा और दूसरा सभी के हिस्से मे थोड़ा-थोड़ा दुःख मिला दिया है ताकि तू लौट कर मेरे ही पास पहुँचे।" ​इस तरह हर किसी के जीवन मे थोड़ा दुःख है। जीवन का दुःख या विषाद हमें ईश्वर के पास ले जाने के लिए है। लेकिन हम चूक जाते हैं। हमारी समस्या क्या है कि हर किसी को दुःख आता है, हम भागते है ज्योतिष के पास, अपने दोस्तों और रिश्तेदारों के पास। कुछ होने वाला नहीं। थोड़ी देर का मानसिक संतोष बस, यदि दुखों से घबरायें नहीं और ईश्वर का प्रसाद समझ कर आगे बढ़े तो बात बन जाती है। ​यदि हम ईश्वर से विलग होने के दिनों को याद कर ले तो बात बन जाती है और जीव दुखों से भी पार हो जाता है। दुःख तो ईश्वर का प्रसाद है। दुखों का मतलब है, ईश्वर का बुलावा है। वो हमें याद कर रहा है पहले भी ये विषाद और दुःख बहुत से संतों के लिए ईश्वर प्राप्ति का मार्ग बन चुका है। हमें ये बात अच्छे से समझनी चाहिए कि संसार मे हर चीज़ में अतृप्ति है और दुःख और विषाद ईश्वर प्राप्ति का साधन है। ​=====>>> ​#bhagwankrishna #spirituality #sanatandharma #pradiptgyan #motivationalquotes #karma #hinduism #vedanta #iskcon #godislove ​✨🙏🕉️ ​जब जीवन की हर भौतिक सुख-सुविधा और सफलता आपको मिल जाती है, तब भी मन के भीतर एक अजीब सा खालीपन और अतृप्ति क्यों बनी रहती है? इस कथा में छिपा है आपकी आत्मा की उस अधूरी प्यास का असली कारण। ​क्या आपको भी लगता है कि आपके जीवन के दुःख वास्तव में ईश्वर का कोई गुप्त संकेत हैं? जब भी जीवन में कोई बड़ी परेशानी आती है, तो आप सबसे पहले किसके पास जाते हैं—ईश्वर की शरण में या दुनिया के लोगों के पास? अपने अनुभव नीचे कमेंट में साझा करें। ​📊❓ ​संसार की अतृप्ति पर आपका क्या विचार है? ​1️⃣ हाँ, संसार में पूर्ण तृप्ति असंभव है 💔 ​2️⃣ नहीं, भौतिक सुखों से शांति मिलती है 💰 ​3️⃣ दुःख ही ईश्वर से जुड़ने का माध्यम है 🕉️ ​4️⃣ अभी इस सत्य को समझ रहा हूँ 🤔 #🙏🏻आध्यात्मिकता😇 #🕉️सनातन धर्म🚩 #🙏गीता ज्ञान🛕 #🔊सुन्दर कांड🕉️ #hindu
Pradeep Singh
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1 months ago
मंदिर में 'खुली' आँखों से क्या देखते हैं? 🤫 जब वो 'निहारते' हैं, तो आपकी कौन सी चीज़ 'बड़ी' हो जाती है? 👀 कुछ लोग 'अंदर' जाकर भी 'बाहर' ही रह जाते हैं... जानिए क्यों! ​=========>>>>>> दर्शन कैसे करें ? ​हम लोगों को दर्शन करना नहीं आता ! हम मन्दिर में जाकर कहते हैं-'वाह ! बड़ी अच्छी मार्बल की मूर्ति है, सोने-चाँदी की मूर्ति है, काष की मूर्ति है।' वहाँ जाकर भगवान् का दर्शन करना चाहिए न की जड़-वस्तुओं का। सस्ते में जो नहीं देखना चाहिए, वो तो देखते चले जाते हैं। दूसरों के गुणदोष और भगवान् के सामने प्रेमपूर्वक दर्शन करके दृष्टि को कृतार्थ करना चाहिए तो वहाँ आँख मूंद के खड़े हो जाते हैं। यथा दुर्भाव है ! कितनी सुन्दर झाँकी है, फिर भी आँख मुंदकर खड़े हैं। आँख मुंदकर खड़े हैं तो वो भी किसी निष्काम भाव से प्रार्थना करने नहीं वल्कि-'है भगवन ! वहाँ से चलकर हम यहाँ तक आए हैं। हमें अमुक-अमुक वस्तुओं की आवश्यकता है, आप ये दे दीजिये, ये दे दीजिये।' बस पूरी लिस्ट बाँचर सुनाई, फिर प्रणाम किया और चले आए। फिर दुबारा मुड़कर देखा ही नहीं। ये दर्शन दत्तचित्त नहीं है। निहारो, ठाकुरजी को निहारो। चरण से लेकर मुख पर्यन्त और मुख से लेकर चरण पर्यन्त। बार बार छवि को निहारो। जरूरी नहीं की १०-२० मन्दिरों में जाए, एक जगह दर्शन करो लेकिन निहारो और जब प्रेमपूर्वक ठाकुरजी को आप निहारने लग जायेंगे तो मन्दिरों में ही नहीं आपके घर के ठाकुरजी में ही आपको विविध अनुभूतियाँ होने लगेंगी। कभी लगेगा हमारे ठाकुरजी आज थोड़े गंभीर हैं, कभी लगेगा आज थोड़े अगमने से हैं, कभी लगेगा नजर से नजर तो मिलती है लेकिन ये शरमा रहे हैं। और फिर तन्मयता बढ़ेगी तो वे बातचीत भी करने लगेंगे। ​राधे राधे =========>>>>>> ​🔥 #pradiptgyan ✨ #krishnadarshan 🙏 #radheradhe 🌻 #spiritualgrowth 🎯 #morningmotivation Trending: #reelsindia #love Viral: #shortvideo #explorepage ​🥰 मंदिर में आँखें बंद करने वालों के लिए एक ज़रूरी सबक! 🙏 अगर आप भी मंदिर जाकर सिर्फ अपनी 'लिस्ट' सुनते हैं, तो आप बहुत कुछ 'मिस' कर रहे हैं। सच्चा दर्शन क्या है और उसे कैसे पाएँ, यह कहानी खोल देगी आपकी आँखें। प्रेम से बोलिए, राधे राधे! ​👀 क्या आप भी मंदिर में वही 'एक' गलती करते हैं? हम सब मंदिर जाते हैं, लेकिन क्या हम सच में 'देखते' हैं? अगली बार जब आप दर्शन करने जाएँ, तो आँखें बंद न करें, बल्कि यह करें—और देखिए चमत्कार! ​🗳️ क्या आपने कभी ठाकुरजी से बात की है? 👍 हाँ, बहुत बार! 😐 नहीं, कभी नहीं। #hindu #🔊सुन्दर कांड🕉️ #🙏गीता ज्ञान🛕 #🕉️सनातन धर्म🚩 #🙏🏻आध्यात्मिकता😇