तुनिस से रवाना होने वाला क़ाफ़िला-ए-स़मूद इन दिनों पूरी दुनिया की नज़र में है। यह काफ़िला 44 देशों के इंसाफ़पसंद लोगों पर मुश्तमिल है, जो ग़ज़ा के मज़लूम और महरूम लोगों तक इंसानियत का पैग़ाम और मदद पहुँचाने के लिए निकला है।
ये क़ाफ़िला हाल ही में तुनिस की बन्ज़र्त (Bizerte) शहर पहुँचा है। यहाँ से ये अल्लाह के भरोसे और इंसानी हमदर्दी के जज़्बे के साथ समुंदर के रास्ते ग़ज़ा की तरफ़ सफ़र करेगा, इसके ज़रिए फ़लस्तीनी भाई-बहनों तक ख़ुराक, दवाइयाँ और इंसानी मदद पहुँचाने की कोशिश की जाएगी।
इसमें शामिल लोग ये साबित करना चाहते हैं कि दुनिया अब भी इंसानियत से खाली नहीं हुई।
ग़ज़ा के मज़लूमों के साथ खड़ा होना दरअसल पूरी इंसानियत के साथ खड़े होने जैसा है।
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