PuranikYatra

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2 days ago
पिता और माता ही शरीर को जन्म देते हैं और इसका लालन-पालन करते हैं। तब कहीं जाकर यह शरीर धर्म, अर्थ, काम अथवा मोक्ष की प्राप्ति का साधन बनता है। यदि कोई मनुष्य सौ वर्ष तो जीकर माता और पिता की सेवा करता रहे, तब भी वह उनके उपकार से उऋण नहीं हो सकता। श्रीमद्भागवत-महापुराण/१०/४५/५ श्रीमद्भागवत-महापुराण/10/45/5 #bhavishypuran #vedpuran #puranam #puranikyatra #mbapanditji #upanishads #shrimadbhagwat #shrimadbhagwatkatha #bhagwatkatha #bhagwat #bhagwatkathalive #भागवत #भागवतकथा #श्रीमद्भगवद्गीता #श्रीमद्भागवत #श्राद्धकर्म #श्राद्धविधि #श्राद्धपक्ष #shradhpaksh #shradh #naradpuran #naradapuran #naradpurankatha #MBAPanditJi #PuranikYatra
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10 days ago
जो पुत्र पिता के आने पर उनकी आगवानी के लिए सामने नही जाता, वह चौदह इन्द्रो के राज्यकाल तक घोर नरक में पड़ा रहता है। पिता के स्वागत के लिए सामने जाने वाले पुत्र को पग पग पर यज्ञ का फल प्राप्त होता है - ऐसा पौराणिक द्विज कहते हैं। नारदपुराण।उत्तरभाग।१५।१४ नारद-पुराण/उत्तर-भाग/15/14 #bhavishypuran #vedpuran #puranam #puranikyatra #mbapanditji #upanishads #shrimadbhagwat #shrimadbhagwatkatha #bhagwatkatha #bhagwat #bhagwatkathalive #भागवत #भागवतकथा #श्रीमद्भगवद्गीता #श्रीमद्भागवत #श्राद्धकर्म #श्राद्धविधि #श्राद्धपक्ष #shradhpaksh #shradh #naradpuran #naradapuran #naradpurankatha #PuranikYatra #MBAPanditJi
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13 days ago
प्राकृत देह का निर्माण होता है स्थूल, सूक्ष्म और कारण - इन तीन देहों के संयोग से। जब तक 'कारण शरीर' रहता है, तब तक इस प्राकृत देह से जीव को छुटकारा नहीं मिलता। 'कारण शरीर' कहते हैं पूर्वकृत कर्मों के उन संस्कारों को, जो देह-निर्माण के कारण होते हैं। इस 'कारण शरीर' के आधार पर जीव को बार-बार जन्म-मृत्यु के चक्कर में पड़ना होता है और यह चक्र जीव की मुक्ति न होने तक अथवा 'कारण' का सर्वथा अभाव न होने तक चलता ही रहता है। इसी कर्म बन्धन के कारण पांच भौतिक स्थूल शरीर मिलता है - जो रक्त, मांस, अस्थि आदि से भरा और चमड़े से ढका होता है। श्रीमद्भागवत-महापुराण/१०/३३ (व्याख्या) श्रीमद्भागवत-महापुराण/10/33 #bhavishypuran #vedpuran #puranam #puranikyatra #mbapanditji #upanishads #shrimadbhagwat #shrimadbhagwatkatha #bhagwatkatha #bhagwat #bhagwatkathalive #भागवत #भागवतकथा #श्रीमद्भगवद्गीता #श्रीमद्भागवत #श्राद्धकर्म #श्राद्धविधि #श्राद्धपक्ष #shradhpaksh #shradh #MBAPanditJi #PuranikYatra
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17 days ago
कुलीन स्त्रियों के लिए जार पुरूष की सेवा सब तरह से निन्दनीय ही है। इससे उनका परलोक बिगड़ता है, स्वर्ग नहीं मिलता, इस लोक में अपयश होता है। यह कुकर्म स्वयं तो अत्यन्त तुच्छ, क्षणिक है ही; इसमें प्रत्यक्ष - वर्तमान में भी कष्ट-ही-कष्ट है। मोक्ष आदि की तो बात ही कौन करे, यह साक्षात् परम भय - नरक आदि का हेतु है। श्रीमद्भागवत-महापुराण/१०/२९/२६ श्रीमद्भागवत-महापुराण/10/29/26 #bhavishypuran #vedpuran #puranam #puranikyatra #mbapanditji #upanishads #shrimadbhagwat #shrimadbhagwatkatha #bhagwatkatha #bhagwat #bhagwatkathalive #भागवत #भागवतकथा #श्रीमद्भगवद्गीता #श्रीमद्भागवत #श्राद्धकर्म #श्राद्धविधि #श्राद्धपक्ष #shradhpaksh #shradh #PuranikYatra #MBAPanditJi
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18 days ago
स्त्रियों का परम धर्म यही है कि वे पति और उसके भाई-बन्धुओं की निष्कपट भाव से सेवा करें और सन्तान का पालन पोषण करें। जिन स्त्रियों को उत्तम लोक प्राप्त करने की अभिलाषा हो, वे पातकी को छोड़कर और किसी भी प्रकार के पति का परित्याग न करें। भले ही वह बुरे स्वभाव-वाला, भाग्यहीन, वृद्ध, मूर्ख, रोगी या निर्धन ही क्यों न हो। श्रीमद्भागवत-महापुराण/१०/२९/२४-२५ श्रीमद्भागवत-महापुराण/10/29/24-25 #bhavishypuran #vedpuran #puranam #puranikyatra #mbapanditji #upanishads #shrimadbhagwat #shrimadbhagwatkatha #bhagwatkatha #bhagwat #bhagwatkathalive #भागवत #भागवतकथा #श्रीमद्भगवद्गीता #श्रीमद्भागवत #श्राद्धकर्म #श्राद्धविधि #श्राद्धपक्ष #shradhpaksh #shradh #MBAPanditJi #PuranikYatra
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22 days ago
प्राणी अपने कर्म के अनुसार ही पैदा होता और कर्म से ही मर जाता है। उसे उसके कर्म के अनुसार ही सुख-दुःख, भय और मंगल के निमित्तों की प्राप्ति होती है। श्रीमद्भागवत-महापुराण/१०/२४/१३ श्रीमद्भागवत-महापुराण/10/24/13 #bhavishypuran #vedpuran #puranam #puranikyatra #mbapanditji #upanishads #shrimadbhagwat #shrimadbhagwatkatha #bhagwatkatha #bhagwat #bhagwatkathalive #भागवत #भागवतकथा #श्रीमद्भगवद्गीता #श्रीमद्भागवत #श्राद्धकर्म #श्राद्धविधि #श्राद्धपक्ष #shradhpaksh #PuranikYatra #MBAPanditJi
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24 days ago
नूनं त्वद्बान्धवा: कृष्ण न चार्हन्त्यवसीदितुम्। वयं हि सर्वधर्मज्ञ त्वन्नाथास्त्वत्परायणा:।। श्रीकृष्ण! जिनके तुम्हीं भाई-बन्धु और सब कुछ हो, उन्हें तो किसी किसी प्रकार का कष्ट नहीं होना चाहिए। सब धर्मो के ज्ञाता श्यामसुन्दर! तुम्हीं हमारे एकमात्र रक्षक एवं स्वामी हो; हमें केवल तुम्हारा ही भरोसा है। श्रीमद्भागवत-महापुराण/१०/१९/१० श्रीमद्भागवत-महापुराण/10/19/10 #bhavishypuran #vedpuran #puranam #puranikyatra #mbapanditji #upanishads #shrimadbhagwat #shrimadbhagwatkatha #bhagwatkatha #bhagwat #bhagwatkathalive #भागवत #भागवतकथा #श्रीमद्भगवद्गीता #श्रीमद्भागवत #श्राद्धकर्म #श्राद्धविधि #श्राद्धपक्ष #shradhpaksh #MBAPanditJi #PuranikYatra
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26 days ago
जो किसी के गुणों में दोष नहीं निकालते, झूठ नहीं बोलते, दम्भ, ईर्ष्या और हिंसा नहीं करते तथा अभिमान से रहित हैं - उन सत्यशील ब्राह्मणों का आशीर्वाद कभी विफल नहीं होता। श्रीमद्भागवत-महापुराण/१०/७/१३ श्रीमद्भागवत-महापुराण/10/7/13 #bhavishypuran #vedpuran #puranam #puranikyatra #mbapanditji #upanishads #shrimadbhagwat #shrimadbhagwatkatha #bhagwatkatha #bhagwat #bhagwatkathalive #भागवत #भागवतकथा #श्रीमद्भगवद्गीता #श्रीमद्भागवत #श्राद्धकर्म #श्राद्धविधि #श्राद्धपक्ष #shradhpaksh #MBAPanditJi #PuranikYatra
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29 days ago
शव के कान, नाक आदि सात छिद्रों में सोने के टुकड़ों को छोड़कर श्मशान ले जाना चाहिये। क्रमशः मुख में एक, नाक में दो, दोनों आँखों में एक-एक तथा दोनों कानों में एक-एक सोने का टुकड़ा डालना चाहिये- गरुड़-पुराण/प्रेतखण्ड/१५/९ यदि सुवर्ण न हो तो इसी क्रम से घी की बूँद डाले। (निर्णयसिन्धु) गरुड़-पुराण/प्रेतखण्ड/15/9 #bhavishypuran #vedpuran #puranam #puranikyatra #mbapanditji #upanishads #shrimadbhagwat #shrimadbhagwatkatha #bhagwatkatha #bhagwat #bhagwatkathalive #भागवत #भागवतकथा #श्रीमद्भगवद्गीता #श्रीमद्भागवत #श्राद्धकर्म #श्राद्धविधि #श्राद्धपक्ष #shradhpaksh #PuranikYatra #MBAPanditJi