सामाजिक समस्या#

K. VISHVAKARMA
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4 महीने पहले
आपदा में अवसर.... यही तो चाहते थे.. मोदी,योगी,अमित शाह,अजित डोभाल.... कि बिना विदेशी मुस्लिम ताक़तों के भारत में जन्मे, भारत में पले बढ़े, भारत में उच्च शिक्षा प्राप्त, भारत में सरकारी नौकरी में सेट मुसलमानों का सिंडिकेट एक ऐसी बड़ी गलती कर बैठे.... कि मोदी के द्वारा तंत्र के हाथ खोल दिये जा सके..... और यही गलती कर भी दी भारत के पढ़े लिखे उच्च शिक्षा प्राप्त मुसलमानों के धड़े ने...... पिछले 11 वर्षों में एक नया खेला हुआ है मुस्लिमों के भीतर ही.... जो कि एक निर्धारित रणनीति के तहत अंजाम दिया गया.... 2014 से पहले गरीब अनपढ़ मुसलमानों का इस्तेमाल किया जाता था पढ़े लिखे मुसलमानों द्वारा भारत के खिलाफ.... परन्तु बुलडोजर एक्शन के ब्रह्मास्त्र ने गरीब मुसलमानों को हिंसा, आगजनी, तोड़फोड़ में भाग लेने से किनारा करने के लिए विवश कर दिया गया।।।। आर्थिक नुकसान गरीब मुसलमान सहन नहीं कर पाए... शुरू शुरू में तो मकान टूटने पर मुस्लिम संगठनों द्वारा आर्थिक सहायता प्रदान की गई.... परन्तु ताबड़तोड़ बुलडोजर एक्शन प्लान के कारण मुस्लिम खैरातअलियों के भी हाथ पाँव फूलने लग गए और आर्थिक सहायता प्रदान करने में ढिलाई पड़ने लग गई... इसके कारण गरीब मुसलमानों ने अपने बच्चों को काबू में करना शुरू कर दिया..... और मोदी के हटने तक शांत रहने की नीतियां अपनाना शुरू कर दिया.... चूँकि अमीर मुसलमानों के ऊपर विदेशी दबाव डाला जा रहा था भारत में मोदी को अस्थिर करने का.... और दूसरी ओर गरीब मुसलमानों द्वारा सहयोग नहीं मिल रहा था तो एकाएक पढ़े लिखे मुसलमानों ने विदेशी मुस्लिम ताकतों के दबाव में खुद ही आतंकी हमला करने के लिए मजबूर हो गए.... इस बार हुए इस्लामिक आतंकी हमले में शामिल पूरा सिंडिकेट भारत में ही जन्मा हुआ है और मदरसाच्छाप मानसिकता से ओत प्रोत भी है.... शुरुआत में सरकारी एजेंसियों को इन सभी पर सिर्फ कड़ी निगरानी रखने की रणनीति बनाई गई और इन्हें हजारों किलो विस्फोटक खरीदने, इधर उधर इकट्ठा करने व आपस में पूरा आतंकी नेटवर्क तैयार करने दिया गया.... जैसे ही ये प्लान के अंतिम चरण में पहुँचने ही वाले थे कि एकाएक कुछ ही घण्टो में अलग अलग स्थानों से इन पढ़े लिखे जिहादियों की धरपकड़ व विस्फोटक सामग्री की बरामदगी की जाने लगी...... एकाएक धरपकड़ होने से जिहादियों में हड़कंप मच गया और जो लोग गिरफ्तार नहीं हो पाए थे उन्होंने विस्फोटक सामग्री अलग थलग करने का काम अपने अपने हिसाब से ही करना शुरू कर दिया..... दिल्ली बम विस्फोट इसी आनन फानन की हड़बड़ी का ही नतीजा था.... कई पकड़ लिए गए और कुछेक बम विस्फोट में मर गए और उसके बाद बचे खुचों को भी दबोच लिया जा रहा है... असली खेल अब शुरू किया जाएगा..... अबकी बार पाकिस्तान को सबक सिखाने की बजाय भारत में कांग्रेस पोषय आधे मोर्चे के खुंदको पर सर्जिकल स्ट्राइक की जानी शुरू होगी..... जहाँ पर आज तक पुलिस,सेना व सुरक्षा एजेंसियों का घुसना बड़ा मुश्किल होता था अब इस आतंकी हमले के बाद उन दड़बों में भी हाथ डाल लिया जाएगा...... भारत के मुसलमानों की पूरी तरह से कागजाति प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी.... कितने मुल्ले, मौलबी,कितने मदरसे, कितनी मस्जिदें, कितनी आबादी इनमें पढ़ रही है और कौन कौन अपने बच्चों को इन मदरसों में पढ़ा कर गजवा के लिए तैयार कर रहे हैं... अब सब कुछ खंगाला जाना शुरू किया जाएगा .... दिल्ली में मुस्लिम आतंकी हमले के बाद भारत में हिन्दूओ द्वारा आधे मोर्चे की लड़ाई शुरू कर दी गई है.... मोदी सरकार ने सक्षम नेताओं व सक्षम अधिकारियों व एजेंटों के हाथ खोल दिए हैं.... भारत के आंतरिक मामलों में विश्व की कोई ताकत दखलंदाजी करने की हिम्मत नहीं करेगी..... आतंकवाद के खिलाफ मोदी की लड़ाई अब निर्णायक मोड़ पर आ गई है हिन्दूओ...... मोदी ने अपना काम कर दिया है अब मोदी का तंत्र अपना काम शुरू कर चुका है..... हैरान मत होइएगा कि आपके शहर में हो सकता है कि आपके गली मोहल्लों में भी तंत्र के लोगों द्वारा आधे मोर्चे की निगरानी रखने की आहट सुनाई दे पड़े..... वैश्विक ताकतों को फटकारने के बाद अब मोदी ने स्व.CDS विपिन रावत जी द्वारा चेताए गए आधे मोर्चे के गृहयुद्ध के जिहादियों को कुचलने का काम शुरू कर दिया गया है.... भारत के मुसलमानों ने मोदी को मौका प्रदान कर दिया है.... अब सबके गिरेबाँ खंगाले जाएंगे और गान पर लात मारकर जिहादियों को मिट्टी में मिलाया जाएगा.... करोड़ों मुस्लिम घुसपैठिए तो जान बचाने व गिरफ्तारी से बचने के लिए भाग खड़े होंगे.... बाकी के जिहादियों को मोदी का तंत्र सम्भाल लेगा...... नोबत आई तो गली मोहल्लों में तुम भी तैयार हो जाना भारत माँ की सन्तानों..... हर हर महादेव, जय जय श्री राम व अपने आराध्यों के जातीय युद्धघोशों की जयकार करते हुए मोर्चा संभाल लेना माँ भारती की रक्षा के लिए.... अपने अस्तित्व व अपने बच्चों की रक्षा के लिए तैयार हो जाना... क्योंकि जिहादियों द्वारा पतन के अंतिम दौर में जरूर कोई न कोई डायरेक्ट एक्शन प्लान तैयार किया जाएगा हिन्दूओ के खिलाफ 1946 के बंगाल हिन्दू नरसंहार की तरह ही.... आधे मोर्चे पर युद्ध आरम्भ कर दिया गया है..... अपने हिस्से की तैयारियां शुरू कर लेना भारत माँ के सपूतों.... #पॉलिटिक्स #सामाजिक समस्या# #🇮🇳मेरा भारत, मेरी शान
K. VISHVAKARMA
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4 महीने पहले
🌞🕉️🌞 🚩 *शास्त्र📜 शस्त्र⚔️* *प्रतिदिन पूजन करे* ⚔️⚔️⚔️⚔️⚔️⚔️ 🧑‍🎤🧑‍🎤 संस्कारों का पतन ही हमारी मृत्यु हैं ❓❓ 👨‍🎤👩‍🎤 🪭एक गैर पुरुष द्वारा साड़ी खींचने पर जिस देश में महाभारत हो गई थी उस भारत स्त्री खुद अपनी साढ़ी उतरवा रही हैं। - पंडित जी महिलाओं को स्वयं तिलक भी नहीं लगाते पर शादियों में अब 🤷‍♀️🤷‍♀️ साढ़ी–ब्लाउज पहनाने 🤷‍♂️🤷वालों को बुलाया जाने लगा है।🤷‍♂️🤷‍♀️🤷 अब किसी भी अवसर पर🤷‍♀️🤷‍♀️ महिलाओं को साढ़ी पहनाने से लेकर मेहंदी, सैलून, टैटू सब काम पुरुष कर रहे है👨‍💼👨‍💼 आज औरतें स्वयं ही परपुरुष से न केवल जिम में अपने निजी अंगों का स्पर्श सुख भोग रही है बल्कि साढ़ी भी उतार पहन रही हैं । 🤷‍♀️🤷‍♀️ ये प्रगति नहीं 🚫 सनातन परंपरा का पतनहै।📜📜 राक्षसी प्रवृत्ति का बढ़ावा👹👺 ----------------- ------------------ 🤷‍♀️🤷‍♀️🤷‍♀️ ईश्वर ....…. प्रकृति ने नारी के शरीर पर स्तन दिए, ताकि वह अपनी संतान को स्तनपान करा कर उसका पालन पोषण कर सके। पर..? 🤭🤭😔 पिछले कुछ वर्षों से असंख्य 🤷‍♀️महिलाओं ने अपने स्तनों को सोशल मीडिया पर फॉलोवर्स बढ़ाने का माध्यम बना लिया हैं।। एक देश 👮‍♀️👮🏻इजरायल है जहां लड़कियां👮🏻 देश की सुरक्षा के लिए कदम से कदम मिलाकर लड़ रही है। 👮🏻👮🏻 🇮🇳🇮🇳 एक देश हमारा भारत है जहां ज्यादातर लड़कियां यूट्यूब,इंस्टाग्राम पर नंगी होकर मुजरा कर रही है और दुःख इस बात का है मां-बाप / पति उन्हें मना करने के बजाय बहुत खुश हो रहें हैं और उनकी हौसला अफजाई कर रहे हैं!! Subscribers और Like करने वाले भाई इनके मजे ले रहे हैं और वाह वाह कर रहे हैं। कुछ लोग कह रहे हैं कि इसमें कुछ ग़लत नहीं है आपकी सोच ग़लत है, उनको मैं बताना चाहता हूं कि समाज की कुछ मर्यादाएं भी होती हैं जिनका पालन करना सबके लिए अनिवार्य होता है ! ऐसे लोगों से मेरा प्रश्न है कि - मान लीजिए आप अपनी बहिन बेटियों की बहुत इज्जत करते हैं, आपकी सोच भी गंदी नहीं है तो क्या आपकी बहिन बेटियां आपके सामने निर्वस्त्र घूम सकती हैं ? नहीं ना ? 📜📜 इसलिए सामाजिक नियमों का पालन कीजिए, बच्चों को नैतिकता की शिक्षा दीजिए, व्यभिचार से दूर रहिए और देश की संस्कृति बचाने में अपना योगदान दीजिए🙏👏 सार्वजनिक जीवन में अश्लीलता का विरोध सदैव होगा, वीडियो ही बनाना है तो कुछ अच्छे वीडियो बनाएं, ऐसे वीडियो जो परिवार संग देखे जा सके! लोगों को अपना टैलेंट दिखाना है, अपने निजी अंग नही..✍️ ये प्रगति नहीं 🚫 सनातन परंपरा का पतन है।📜📜 राक्षसी प्रवृत्ति का बढ़ावा👹👺 जय हिंद 🇮🇳 🚩🚩👏👏 ------------------- 📜📜 ➖➖➖➖➖➖ 🌈 *सदैव प्रसन्न रहिये!!* जो प्राप्त है-पर्याप्त है @🚩[卐] 𝙍𝙞𝙩𝙪_ 𝙗𝙖𝙟𝙥𝙖𝙞 [卐] #सामाजिक समस्या#
K. VISHVAKARMA
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4 महीने पहले
बंगाल में SIR अभियान रोज़ नई आग उगल रही है ! घर-घर पहुंचते ही BLO को जो मिल रहा है, उससे दिल्ली तक हिल गई है, एक ही फोटो से 17-17 वोटर कार्ड, मृत हुई औरतें 2024 में भी वोट डाल रही थीं, 90 साल की बुढ़िया का फोटो 25 साल के जवान लड़के ने लगा रखा था ! चुनाव आयोग द्वारा इस्तेमाल किए गए AI फेशियल रिकग्निशन ने तो कमाल कर दिया, एक ही क्लिक में सैकड़ों डुप्लीकेट पकड़ लिए जा रहे हैं ! यानि एक ही फोटो में अलग अलग नाम और अलग-अलग जगहों पर वोटिंग हुआ करती थी ! बॉर्डर पर तो अलग ही हंगामा है, हकीमपुर-ताराली पर रात-रात भर लाइन लगी है, बैग कंधे पर, बच्चे गोद में, सैकड़ों बांग्लादेशी रोते-गाते वापस जा रहे हैं, जो गुप्त रास्ते से बार्डर पार कर ले रहे हैं उनकी छोड़िए, BSF वालों ने भी 18 नवंबर को 500 लोगों को ऑन रिकॉर्ड पकड़ा है, जो कल तक कोलकाता में रिक्शा चला रहे थे, आज कह रहे हैं दादा बस, अबकी तो घर ही ठीक है ... ऊपर से फ्राड स्कैमर लोग OTP मांगकर धमका रहे हैं कि SIR फॉर्म नहीं भरा तो जेल होगी OTP बताओ ! मने फ्राड करने वालों ने यहां भी दिमाग लगा लिया SIR सिर्फ लिस्ट साफ नहीं कर रहा, बंगाल के 50 साल के वोटबैंक की गंदगी को भी बाहर निकाल रहा है ! ये आग अभी और भड़केगी ..... 🤗 #सामाजिक समस्या# #पॉलिटिक्स #🇮🇳मेरा भारत, मेरी शान
K. VISHVAKARMA
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4 महीने पहले
🌞🕉️🌞 🚩 *शास्त्र📜 शस्त्र⚔️* *प्रतिदिन पूजन करे* ⚔️⚔️⚔️⚔️⚔️⚔️ 🧑‍🎤🧑‍🎤 संस्कारों का पतन ही हमारी मृत्यु हैं ❓❓ 👨‍🎤👩‍🎤 🪭 1-सनातन परंपरा अनुसार शादी दिन में संपन्न कराना प्रारंभ करो ताकि सही समय लग्न मुहूर्त में जब विवाह संपन्न होता है सामाजिक जीवन सुखमय व्यतीत होता है 🤷‍♀️🤷‍♀️ 🤷‍♂️🤷 2-ईसाई धर्म, सिख धर्म, मुस्लिम, यह तीनों धर्म दिन में समस्त मांगलिक कार्यक्रम संपन्न कर (60% धनराशि हिंदुओं के कार्यक्रमों अनुसार सुरक्षित रखते हैं) 🤷‍♂️🤷‍♀️🤷 3-सनातन परंपरा से विपरीत हिंदू हल्दी, मेहंदी, बैंड, बाजा आतिशबाजी आदि ,आदि, नए-नए कार्यक्रम जोड़कर 60% धन हंसी-खुशी बर्बाद करते हैं जो किसी न किसी रूप में जिहादियों के पास जाता है इस धन से वह हमें मिटा रहे हैं। 4-सनातन परंपरा अनुसार पंडित जी ,माली,नाऊ,फांसी, कुम्हार , आदि का दक्षिण जो सात परजा लगाए जाते हैं उनको दक्षिण खर्चा देने में पूरा परिवार खानदान नातेदार फैसला करने के लिए सदैव तत्पर रहते हैं जो हमारी संस्कृति पर आश्रित है विचार योग्य 🤷‍♀️🤷‍♀️ 5-शादी में जूता चुराई रस्म राशि बढ़ती जा जाती है। जिनके सगी साली नहीं होती है किराए की(ममेरी फुफेरी) कर्तव्य निर्वाहन करती हैं समाज में उनका घोर अपमान हो जाता है क्योंकि परिवार चाहता है नेग के नाम पर इनको 11,21 ही देना पड़े पर सामाजिक स्तर पर ज्यादा मंगवाए जाते हैं दिखावे के लिए रस्म संपन्न होते ही किराए की सालियों से 51, 101 देकर बाकी रकम वापस ली जाती है उनके माता-पिता पर क्या बितती होगी विचार योग्य 👨‍💼👨‍💼 6- आजकल गांव में भी शादी के 3 दिन पहले और तीन दिन बाद तक घरेलू भोजन बनाने के लिए लोग बुलाए जाने लगे जो समाज के लिए शर्मनाक है गांव की मर्यादा परंपरा को पतन की ओर अग्रसर 🤷‍♀️🤷‍♀️ ये प्रगति नहीं 🚫 सनातन परंपरा का पतनहै।📜📜 राक्षसी प्रवृत्ति का बढ़ावा👹👺 🤷‍♀️🤷‍♀️🤷‍♀️ ➖➖➖➖➖➖ सनातन परंपरा अनुसार समाज में आवश्यकता है ➖➖➖➖➖➖ सनातन समाज 1- शादी सही समय पर सुनिश्चित करें 2-समस्त कार्यक्रमों को गुरुकुल छात्रों द्वारा कार्य प्रारंभ करें सनातन का पैसा सनातन के कार्य में (बोनस में नशेड़ी टीम गायब हो जाती है) 3-मांगलिक कार्यक्रम में ब्राह्मण, माली ,नाऊ, धोबी , आदि सातो सदस्य को दक्षिणा सही वस्त्र उपलब्ध कराए ➖➖➖➖➖ आदि आदि लेख असीमित है स्वयं विचार करें जय हिंद 🇮🇳 🚩🚩👏👏 ------------------- 📜📜 ➖➖➖➖➖➖ ** 🌈 *सदैव प्रसन्न रहिये!!* जो प्राप्त है-पर्याप्त है #🇮🇳मेरा भारत, मेरी शान #सामाजिक समस्या#
K. VISHVAKARMA
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4 महीने पहले
🍦🍦🍦🍦🍦🍦🍦🍦 *भारतीय सनातनी परिवारों को* समाप्त करने की और तोड़ने की दो प्रकार की साजिश की गई पहले की परिवार को ही समाप्त कर दिया जाए इसके लिए तरह-तरह के एजेंडे चलाए गए जबरदस्ती नसबंदी हम दो हमारे दो का ट्रेंड सेट किया गया उसका प्रभाव आप सब देख रहे हैं। 🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹 *दूसरा पारिवारिक संबंधों को* ही समाप्त कर दिया जाए जाए, संबंध समाप्त हो जाएंगे तो परिवार अपने आप समाप्त हो जाएगा इसके तहत सबसे बड़ा एजेंडा सास बहू के संबंधों को लेकर चलाया गया और देवरानी जेठानी ननंद भोजाई इत्यादि जितने भी पारिवारिक संबंध थे उन सब को पिक्चरों और सीरियलों में नकारात्मक तरीकों से प्रस्तुत करके हमारे संबंधों को समाप्त किया गया और सीरियल और पिक्चर चलाने वाले कौन सी तकते हैं वह आप सबको पता होना चाहिए इसलिए आज हमने सास बहू के उन पवित्र संबंधों के विषय में विस्तार से चर्चा की है कि यह संबंध किस प्रकार से हमारे परिवार और समाज के लिए सकारात्मक और लाभदायक है इस पर आप जरूर विचार करें 📢📢📢📢📢📢📢 🌲🌲🌲🌲🌲🌲🌲🌲 #सामाजिक समस्या# #🇮🇳मेरा भारत, मेरी शान
K. VISHVAKARMA
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4 महीने पहले
🚩 🪔🪔🪔 *शास्त्र📜 शस्त्र⚔️* *प्रतिदिन पूजन करे* ⚔️⚔️⚔️⚔️⚔️⚔️ 👱‍♀️👱‍♀️👱‍♀️ हिंदू लड़कियाँ सतर्क रहें — नई "दरगाही चाल" शुरू हो चुकी है! 👩🏻‍🦳🧔🏻‍♀️👩🏻‍🦳🧔🏻‍♀️👩🏻‍🦳🧔🏻‍♀️ यह केवल लड़कियाँ नहीं, बल्कि 40-50 साल की महिलाएँ तक भी आजकल इस झांसे में फँस रही हैं। मन्नत माँगने के नाम पर दरगाहों में जाने वाली महिलाएँ काले धागे की बेड़ी बंधवा रही हैं — लेकिन इसका असली मतलब और असर कोई नहीं समझ रहा। 🔗 बेड़ी बाँधने और काटने की रहस्यमयी रस्म क्या है..?? दरगाहों में एक "मान्यता" फैलाई जा रही है कि मन्नत माँगने वाली लड़की या महिला को पैर में काले धागे की बेड़ी बाँधनी होती है। ▪️ जब मन्नत पूरी हो जाए, तब जाकर उस बेड़ी को ख़ादिम (दरगाह के मुल्ला) से कटवाना पड़ता है। ▪️ लड़की तभी "मुक्त" मानी जाती है जब वो बेड़ी कटवा दे। यह रस्म दरअसल एक मानसिक और सांस्कृतिक बंधन है, जो एक बार बंध जाने के बाद हिंदू लड़की को अंदर से "मज़ार संस्कृति" से जोड़ देता है। इस टोटके की शुरुआत "कलियर शरीफ़" से हुई थी। अब ये हर छोटी-बड़ी दरगाह में फैल चुका है — "बेड़ी बाँधो और कटवाओ" वाला धंधा। ▪️ भोली-भाली हिंदू लड़कियाँ इस जाल में आकर दरगाहों पर बेड़ी बाँध रही हैं ▪️ उन्हें लगता है कि ये कोई सामान्य धार्मिक आस्था है — जबकि ये कट्टरपंथी जाल का हिस्सा है। यह केवल मानसिक जकड़न नहीं — ज्योतिषीय दृष्टिकोण से भी घातक है! पैर में जहाँ पायल या बिछुए पहनते हैं, वह स्थान मंगल ग्रह का प्रतिनिधित्व करता है। मंगल ग्रह को काली वस्तुएँ ( जैसे काला धागा ) पसंद नहीं होतीं। पैर में काला धागा पहनना अशुभ माना गया है — इससे दांपत्य जीवन, स्वास्थ्य और मानसिक संतुलन पर भी नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है। उस समय शायद मुझे भी इसका रहस्य नहीं पता था, लेकिन अब समझ में आ रहा है कि यह कोई मासूम परंपरा नहीं, बल्कि हिंदू महिलाओं को इस्लामी सूफ़ी दरगाही सिस्टम में धीरे-धीरे खींचने की योजना है। हिंदू लड़कियों और माताओं-बहनों से निवेदन है: 🙏 अपनी आस्था को विवेक से संचालित करें, अंधविश्वास से नहीं। ▪️ मन्नत माँगनी है तो अपने इष्ट से माँगिए — ▪️ मंदिर जाइए, गाय को रोटी दीजिए, गरीब की मदद कीजिए, ▪️ लेकिन दरगाहों की बेड़ियाँ मत बाँधिए! ❌ जो रस्म आपको मन से गुलाम बनाती है, वो आस्था नहीं, मानसिक बंधन है। जागरूक रहे, अपने परिवार की सुरक्षा करे। 🚩🚩👏👏 ------------------ *सदैव प्रसन्न रहिये!!* जो प्राप्त है-पर्याप्त है #सामाजिक समस्या# #🇮🇳मेरा भारत, मेरी शान