"माला फेरत जुग भया,फिरा न मन का फेर।
कर का मनका डार दे,मन का मन का फेर"।
निर्गुण भक्ति धारा के महान कवि,धार्मिक एकता के प्रतीक एवं समाज सुधारक कबीरदास जी की जयंती पर मैं आप को कोटिशः नमन तथा विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं।निर्गुण भक्ति धारा में जाति व्यवस्था और ऊंच-नीच का विरोध करते हुए सभी मनुष्यों को एक समान माना गया है।🙏🙏🙏
#🌞 Good Morning🌞 ##viral #MOTIVATIONAL #🥰मोटिवेशन वीडियो #संत कबिरदास जयंती 💐💐