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MEKHRAM SAHU - Author on ShareChat
MEKHRAM SAHU
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#🌴🌹🙏साहेब बंदगी साहेब🙏🌹🌴
ज्ञान समागम प्रेम सुख , दया भक्ति विश्वास| गुरु सेवा ते पाईए, सद् गुरु चरण निवास II সনক্ সলি সম, 5எ, H সমাাম, निर्वासनिक सुख, दया, भक्ति सत्य स्वरूप और सदू गुरू की शरण में निवास ये सब गुरू की सेवा से निलते हैं
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    #🌴🌹🙏साहेब बंदगी साहेब🙏🌹🌴
    गुरु पारस गुरु पुरुष है, गुरु चंदन बास सुबास| सतगुरु पारस जीव के, दीन्हा मुक्ति निवास।। आषाढ़ पूर्णिमा (गुरु पूर्णिमा ) के पावन पर्व पर ஸரHகி आप सभी को गुरु हार्दिक शुभकामनाएं! 0- गुरु पारस गुरु पुरुष है, गुरु चंदन बास सुबास| सतगुरु पारस जीव के, दीन्हा मुक्ति निवास।। आषाढ़ पूर्णिमा (गुरु पूर्णिमा ) के पावन पर्व पर ஸரHகி आप सभी को गुरु हार्दिक शुभकामनाएं! 0-
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    #🌴🌹🙏साहेब बंदगी साहेब🙏🌹🌴
    जितने आऐं सदगुरू का द्वार कष्ट सब, आओ सत्तसंगत , अपनाओ सतमार्ग कर लेना मंजूर | द्वारुरु # लेकिन कभी न होना दूर Il गुरू से जुड़ाव ही जीवन की सच्ची कमाई है, गुरू कृपा ही हर परेशानी को मिटाई है। सदगुरू कबीर साहेब सप्रेम साहेब बंदगी साहेब जितने आऐं सदगुरू का द्वार कष्ट सब, आओ सत्तसंगत , अपनाओ सतमार्ग कर लेना मंजूर | द्वारुरु # लेकिन कभी न होना दूर Il गुरू से जुड़ाव ही जीवन की सच्ची कमाई है, गुरू कृपा ही हर परेशानी को मिटाई है। सदगुरू कबीर साहेब सप्रेम साहेब बंदगी साहेब
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    MEKHRAM SAHU
    #🌴🌹🙏साहेब बंदगी साहेब🙏🌹🌴
    मनुष्य संसार को देखने में पूरा जीवन लगा देता है॰ भीतर पर स्वर्य के बहुत कम उतर पाता है। क्रोध, के दूसरों  छल और अहकार पर निर्णय देना आसान है, पर जब वही बातें अपने भीतर दिखाई देने लगें , तभी वास्तविक जागरूकता शुरू होती है। सप्रेम साहेब बंदगी साहेब मनुष्य संसार को देखने में पूरा जीवन लगा देता है॰ भीतर पर स्वर्य के बहुत कम उतर पाता है। क्रोध, के दूसरों  छल और अहकार पर निर्णय देना आसान है, पर जब वही बातें अपने भीतर दिखाई देने लगें , तभी वास्तविक जागरूकता शुरू होती है। सप्रेम साहेब बंदगी साहेब
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    #🌴🌹🙏साहेब बंदगी साहेब🙏🌹🌴
    कबीर साहेब की अमृत वाणी कबीर, मानुष जन्म पाय कर, नहीं रटै हरि नाम | बिन, जैसे जल कुआँ बनवाया क्या काम Il c003 allaIM कबीर साहेब जी कहते हैं मानव जीवन में यदि भक्ति नहीं करता तो वह जीवन ऐसा है जैसे सुंदर कुआँ बना रखा है। यदि उसमें जल नहीं है या जल है तो खारा (पीने योग्य नहीं ) है, उसका भी नाम भले ही कुंआँ हैं, परंतु गुण कुएं वाले नहीं हैं। इसी प्रकार मनुष्य भक्ति नहीं करता तो उसको भी मानव कहते हैं, परंतु मनुष्य वाले गुण नहीं हैं। लिए इसलिए मानव जीवन को सार्थक बनाने के हरि नाम का स्मरण और भकिफ अवश्य करें । কনীতগল FULOLU कबीर साहेब की अमृत वाणी कबीर, मानुष जन्म पाय कर, नहीं रटै हरि नाम | बिन, जैसे जल कुआँ बनवाया क्या काम Il c003 allaIM कबीर साहेब जी कहते हैं मानव जीवन में यदि भक्ति नहीं करता तो वह जीवन ऐसा है जैसे सुंदर कुआँ बना रखा है। यदि उसमें जल नहीं है या जल है तो खारा (पीने योग्य नहीं ) है, उसका भी नाम भले ही कुंआँ हैं, परंतु गुण कुएं वाले नहीं हैं। इसी प्रकार मनुष्य भक्ति नहीं करता तो उसको भी मानव कहते हैं, परंतु मनुष्य वाले गुण नहीं हैं। लिए इसलिए मानव जीवन को सार्थक बनाने के हरि नाम का स्मरण और भकिफ अवश्य करें । কনীতগল FULOLU
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    #🌴🌹🙏साहेब बंदगी साहेब🙏🌹🌴
    गँठि न थामहिं बॉध ही॰ 9 नहिं नारी सो नेह | कह कबीर वा साधु की, हम चरनन की खेह Il सरल अर्थ जो साधु धन- संपत्ति की गाँठ नहीं बाँधता , स्त्री से मोह नहीं रखता , उसी साधु के चरणों की धूल के समान सदगुरू ' कबीर साहेब हम अपने आपको मानते हैं | ऐसे साधु के चरणों की मन, वचन , कर्म से धन की आसक्ति नारी मोह से T दूर रहे पवित्र रहे धूल बनना ही गौरव है सप्रेम साहेब बंदगी साहेब गँठि न थामहिं बॉध ही॰ 9 नहिं नारी सो नेह | कह कबीर वा साधु की, हम चरनन की खेह Il सरल अर्थ जो साधु धन- संपत्ति की गाँठ नहीं बाँधता , स्त्री से मोह नहीं रखता , उसी साधु के चरणों की धूल के समान सदगुरू ' कबीर साहेब हम अपने आपको मानते हैं | ऐसे साधु के चरणों की मन, वचन , कर्म से धन की आसक्ति नारी मोह से T दूर रहे पवित्र रहे धूल बनना ही गौरव है सप्रेम साहेब बंदगी साहेब
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    #🌴🌹🙏साहेब बंदगी साहेब🙏🌹🌴
    sido & हमेशा सही सोच : ಫಹ आपकी सोच ही आपकी दिशा और आपकी सफलता तय करती है। सही सोच सही दिशा सदगुरू कबीर साहेब सप्रेम साहेब बंदगी साहेब sido & हमेशा सही सोच : ಫಹ आपकी सोच ही आपकी दिशा और आपकी सफलता तय करती है। सही सोच सही दिशा सदगुरू कबीर साहेब सप्रेम साहेब बंदगी साहेब
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    #🌴🌹🙏साहेब बंदगी साहेब🙏🌹🌴
    सतगुरू शब्द बिन सत्य नहीं  सत्य बिन नहों पार। नाम बिन जीव भटके खाय , जन्म मरण को मार।। N SATGURO सतगुरु का ज्ञान और नाम ही मुक्ति का मार्ग है। FOLLOW COD VLOGS ज्ञान - आध्यात्मिक विचार ٩٩٠ ٦5 सतगुरू शब्द बिन सत्य नहीं  सत्य बिन नहों पार। नाम बिन जीव भटके खाय , जन्म मरण को मार।। N SATGURO सतगुरु का ज्ञान और नाम ही मुक्ति का मार्ग है। FOLLOW COD VLOGS ज्ञान - आध्यात्मिक विचार ٩٩٠ ٦5
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    Daulat sahu
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    साहेब बंदगी साहेब, साहेब बंदगी साहेब
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    #🌴🌹🙏साहेब बंदगी साहेब🙏🌹🌴
    सत््गुरू कबीर साहेब वाणी चंचल मन की दौड़ को , गुरु ही पावे पार। अंतिम क्षण की चूक भी, भटकावे संसार Il भावार्थ सतगुरु कबीर साहेब कहते हैं कि चंचल और अशांत मन अनेक विचारों और इच्छाओं के इस वाणी से सीख पीछे भागता रहता है। इस मन की दौड़ से जीव थक जाता है, भटक जाता है। ऐसे मन को केवल सटगुरु की शरण, उनकी भक्ति और उनके बताए मार्ग से ही पार पाया 81 जा सकता गुरू भक्ति और गुरु का मार्ग ही ஈ समय रहते और यदि अंतिम समय में भी साधना, स्मरण सतगुरु के चरणों सुमिरन से ही सही दिशा और साधना करो, और गुरू-भक्ति में चूक हो जाए, तो जीव में लगाओ| मन को शांति मिलती है। जीवन अनमोल है। পাং ওনানে নালা ট1 संसार के बंधनों में भटकता ही रहता है। सप्रेम साहेब बंदगी साहेब Y7n ' सत््गुरू कबीर साहेब वाणी चंचल मन की दौड़ को , गुरु ही पावे पार। अंतिम क्षण की चूक भी, भटकावे संसार Il भावार्थ सतगुरु कबीर साहेब कहते हैं कि चंचल और अशांत मन अनेक विचारों और इच्छाओं के इस वाणी से सीख पीछे भागता रहता है। इस मन की दौड़ से जीव थक जाता है, भटक जाता है। ऐसे मन को केवल सटगुरु की शरण, उनकी भक्ति और उनके बताए मार्ग से ही पार पाया 81 जा सकता गुरू भक्ति और गुरु का मार्ग ही ஈ समय रहते और यदि अंतिम समय में भी साधना, स्मरण सतगुरु के चरणों सुमिरन से ही सही दिशा और साधना करो, और गुरू-भक्ति में चूक हो जाए, तो जीव में लगाओ| मन को शांति मिलती है। जीवन अनमोल है। পাং ওনানে নালা ট1 संसार के बंधनों में भटकता ही रहता है। सप्रेम साहेब बंदगी साहेब Y7n '
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