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अनिल साहू - Author on ShareChat
अनिल साहू
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#जय माँ गायत्री जय गुरुवर
33 श्रीहरि समूह प्रभु श्री राम जी की कृपा आप सभी पर बरसती रहे आप का दिवस शुभ व मंगलमय होः सुविचार  आज का C ৫১ ज्ञान बढ़ने पर यदि विनम्रता न बढ़े, तो वह ज्ञान केवल एक बोझ है। सूरेश जायसवाल देवास 33 श्रीहरि समूह प्रभु श्री राम जी की कृपा आप सभी पर बरसती रहे आप का दिवस शुभ व मंगलमय होः सुविचार  आज का C ৫১ ज्ञान बढ़ने पर यदि विनम्रता न बढ़े, तो वह ज्ञान केवल एक बोझ है। सूरेश जायसवाल देवास
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    अनिल साहू
    #जय माँ गायत्री जय गुरुवर
    हरि शरणं ٥پ जटाटवीगलज्जलप्रवाहपावितस्थले गलेडवलम्ब्य लम्बितां भुजंगतुंगमालिकाम् डमड्डमड्डमड्डमन्निनादवड्डमर्वयं चकार चण्डताण्डवं तनोतु नः शिवः शिवम् जिन शिव जी की सघन जटाओं रूपी जंगल से बहने वाली गंगा जी की धाराओं से जिनका कण्ठ पवित्र है, जिनके गले में बड़े-बड़े सर्पों की मालाएं लटक रही हैं और जो కT-ST डमरू बजाकर नृत्य कर रहे हैं॰ वे भगवान शिव  எisq हमारा कल्याण करें ஈழ 5< 5< #6144 0 हरि शरणं ٥پ जटाटवीगलज्जलप्रवाहपावितस्थले गलेडवलम्ब्य लम्बितां भुजंगतुंगमालिकाम् डमड्डमड्डमड्डमन्निनादवड्डमर्वयं चकार चण्डताण्डवं तनोतु नः शिवः शिवम् जिन शिव जी की सघन जटाओं रूपी जंगल से बहने वाली गंगा जी की धाराओं से जिनका कण्ठ पवित्र है, जिनके गले में बड़े-बड़े सर्पों की मालाएं लटक रही हैं और जो కT-ST डमरू बजाकर नृत्य कर रहे हैं॰ वे भगवान शिव  எisq हमारा कल्याण करें ஈழ 5< 5< #6144 0
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    अनिल साहू
    #जय माँ गायत्री जय गुरुवर
    स्वस्थ शरीर में ही स्वस्थ मन का निवास होता है। নিহীঠ নীনন ক महत्वपूर्ण सूत्र स्वस्थ जीवन ही सुखी जीवन की आधारशिला है। स्वास्थ्य सबसे बडा उपहार है॰ संतोष सबसे बड़ा धन है निरोग रहने के लिए अपनाएं ये सरल और प्रभावी सूत्र নিংবাম सबसे बड़ा संबंध है। पं॰ श्रीराम शर्मा आचार्य संतुलित सात्विक एवं नियमित व्यायाम और योग 2 36R ताजा, पौष्टिक, शुद्ध और हल्का भोजन करें ।  प्रतिदिन कम से कम ३० मिनट व्यायाम  अधिक तला-भुना , मसालेदार, पैकेजड योगासनों और प्राणायाम को दें।  रोगमुक्त " और बासी भोजन से बचें | यह शरीर को ऊर्जावान और रखता है। पर्याप्त और गुणवत्तापूर्ण नींद  शुद्ध वायु और स्वच्छ पर्यावरण  3 प्रतिदिन ६ ७ घंटे की गहरी नींद लें। प्रातःकाल ताजी हवा में भ्रमण करें। में रहें और प्रदूषण रात में देर तक जागने की आदत स्वच्छ वातावरण स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है। #44/ पर्याप्त जल का सेवन मानसिक संतुलन और सकारात्मक सोच 5 चिंता , क्रोध, लोभ, मोह से दूर रहें। दिनभर में ८-१० गिलास स्वच्छ जल पिएं। जल शरीर से वियैले तत्वों को बाहर सकारात्मक विचार रखें, ध्यान और निकालता है और ऊर्जा बनाए रखता है। সাথনা কং | व्यसन से दूरी दिनचर्या में अनुशासन 8 नियमित समय पर उठना , भोजन करना , ননাকু; शराब. नशा और अन्य व्यसन शरीर को खोखला करते हैं, इनसे कार्य करना और सो्मा स्वस्थ जीवन सर्दैव दूर रहें।  का आधार है। में मधुरता " नियमित दिनचर्या में सूर्य और प्रकृति से जुड़ाव सेवा,  सहयोग और रिश्तों 10 सूर्य की रोशनी , प्रकृति का सानिध्य और सेवा , सहयोग , प्रेम और सद्वभावना से जीवन में सुख  धरती के संपर्क में रहना स्वास्थ्य के लिए मन प्रसन्न रहता है और शांति बनी रहती है। अत्यंत लाभकारी है। याद रखें संतुलित नियमित এযদ अधिक व्यसन सकारातक से दूर रहें। सोच आहार ٥١ जल स्वस्थ शरीर , शांत मन और उच्च विचार यही निरोग जीवन का आधार है। अखिल विश्व गायत्री परिवार स्वस्थ शरीर में ही स्वस्थ मन का निवास होता है। নিহীঠ নীনন ক महत्वपूर्ण सूत्र स्वस्थ जीवन ही सुखी जीवन की आधारशिला है। स्वास्थ्य सबसे बडा उपहार है॰ संतोष सबसे बड़ा धन है निरोग रहने के लिए अपनाएं ये सरल और प्रभावी सूत्र নিংবাম सबसे बड़ा संबंध है। पं॰ श्रीराम शर्मा आचार्य संतुलित सात्विक एवं नियमित व्यायाम और योग 2 36R ताजा, पौष्टिक, शुद्ध और हल्का भोजन करें ।  प्रतिदिन कम से कम ३० मिनट व्यायाम  अधिक तला-भुना , मसालेदार, पैकेजड योगासनों और प्राणायाम को दें।  रोगमुक्त " और बासी भोजन से बचें | यह शरीर को ऊर्जावान और रखता है। पर्याप्त और गुणवत्तापूर्ण नींद  शुद्ध वायु और स्वच्छ पर्यावरण  3 प्रतिदिन ६ ७ घंटे की गहरी नींद लें। प्रातःकाल ताजी हवा में भ्रमण करें। में रहें और प्रदूषण रात में देर तक जागने की आदत स्वच्छ वातावरण स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है। #44/ पर्याप्त जल का सेवन मानसिक संतुलन और सकारात्मक सोच 5 चिंता , क्रोध, लोभ, मोह से दूर रहें। दिनभर में ८-१० गिलास स्वच्छ जल पिएं। जल शरीर से वियैले तत्वों को बाहर सकारात्मक विचार रखें, ध्यान और निकालता है और ऊर्जा बनाए रखता है। সাথনা কং | व्यसन से दूरी दिनचर्या में अनुशासन 8 नियमित समय पर उठना , भोजन करना , ননাকু; शराब. नशा और अन्य व्यसन शरीर को खोखला करते हैं, इनसे कार्य करना और सो्मा स्वस्थ जीवन सर्दैव दूर रहें।  का आधार है। में मधुरता " नियमित दिनचर्या में सूर्य और प्रकृति से जुड़ाव सेवा,  सहयोग और रिश्तों 10 सूर्य की रोशनी , प्रकृति का सानिध्य और सेवा , सहयोग , प्रेम और सद्वभावना से जीवन में सुख  धरती के संपर्क में रहना स्वास्थ्य के लिए मन प्रसन्न रहता है और शांति बनी रहती है। अत्यंत लाभकारी है। याद रखें संतुलित नियमित এযদ अधिक व्यसन सकारातक से दूर रहें। सोच आहार ٥١ जल स्वस्थ शरीर , शांत मन और उच्च विचार यही निरोग जीवन का आधार है। अखिल विश्व गायत्री परिवार
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    अनिल साहू
    #जय माँ गायत्री जय गुरुवर
    Aವn Lue परिपुष्ठता नहीं , शरीर की मनोबल की दृढ़ता ही असली बल है! True strength lies not in a healthy body but in the unwavering courage of the mind. Source: अखण्ड ज्योति - जनवरी १९८९ पूष्ठ ५९ Aವn Lue परिपुष्ठता नहीं , शरीर की मनोबल की दृढ़ता ही असली बल है! True strength lies not in a healthy body but in the unwavering courage of the mind. Source: अखण्ड ज्योति - जनवरी १९८९ पूष्ठ ५९
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    अनिल साहू
    #जय माँ गायत्री जय गुरुवर
    श्री हरिः || 04 নাথ ! नाथ !! आपको भूलूँ नहीं !! 66 যযক্ নিনা पारमार्थिक सिद्धि नहीं होती; प्रेम , न ज्ञान होता है। ন 99 श्रद्धेय स्वामीजी श्रीरामसुखदासजी महाराज श्री हरिः || 04 নাথ ! नाथ !! आपको भूलूँ नहीं !! 66 যযক্ নিনা पारमार्थिक सिद्धि नहीं होती; प्रेम , न ज्ञान होता है। ন 99 श्रद्धेय स्वामीजी श्रीरामसुखदासजी महाराज
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    #जय माँ गायत्री जय गुरुवर
    सढचिन्तन दिं १० ०८ ३६० ছূ্টি केउली आलिकबल < मनुष्य वास्तव में॰ खरीरना चाहू ले३ए इसकेबदटे সানিক্ষী ঠীর নৌ মৌঠী | যা বাসবন সমত্রমক্ষ रहिष्णुता धर्य सहानुभूति रयन , 9 अपने हृदय में उत्पन्न करन। चार्हेंते हमें॰ ಈ6 তুনক तें शपनो मनावृत्तियों की उच्चश्रंखलता , ೧49, ==T* 831ச . एम्पट्त ओर मनसिक चूपरत र। लेने होगे | (खण्ड गरति 3१त १९४५ पृष्ठ ए-०३ः Shantikunj WhatsApp . 8439014110  सुधरेंगे , युग हम बदलेंगे, युग बदलेगा सुधरेगा 84 awgpofficial Shantikunj Rishi Chintan Shantikunj Video Mawgn.nrg Youfube IullTlug) सढचिन्तन दिं १० ०८ ३६० ছূ্টি केउली आलिकबल < मनुष्य वास्तव में॰ खरीरना चाहू ले३ए इसकेबदटे সানিক্ষী ঠীর নৌ মৌঠী | যা বাসবন সমত্রমক্ষ रहिष्णुता धर्य सहानुभूति रयन , 9 अपने हृदय में उत्पन्न करन। चार्हेंते हमें॰ ಈ6 তুনক तें शपनो मनावृत्तियों की उच्चश्रंखलता , ೧49, ==T* 831ச . एम्पट्त ओर मनसिक चूपरत र। लेने होगे | (खण्ड गरति 3१त १९४५ पृष्ठ ए-०३ः Shantikunj WhatsApp . 8439014110  सुधरेंगे , युग हम बदलेंगे, युग बदलेगा सुधरेगा 84 awgpofficial Shantikunj Rishi Chintan Shantikunj Video Mawgn.nrg Youfube IullTlug)
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    अनिल साहू
    #जय माँ गायत्री जय गुरुवर
    erdledh ப -7-0 [equs 1 பG 2026 4926 | शताव्दी जन्म PWfF-rIrp AA ERTIL  132ಗ   लगन और परिश्रम का संयोग जहाँ भी होगा , वहाँ जादू जैसी चमत्कारी परिस्थितियाँ एवं सफलताएँ उत्पन्न होती रहेंगी। माता भगवती देवी शर्मा awgpofficial vou TUBE] Shantikunj Rishi Chintan] 8439014110 wwwawgporg erdledh ப -7-0 [equs 1 பG 2026 4926 | शताव्दी जन्म PWfF-rIrp AA ERTIL  132ಗ   लगन और परिश्रम का संयोग जहाँ भी होगा , वहाँ जादू जैसी चमत्कारी परिस्थितियाँ एवं सफलताएँ उत्पन्न होती रहेंगी। माता भगवती देवी शर्मा awgpofficial vou TUBE] Shantikunj Rishi Chintan] 8439014110 wwwawgporg
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    अनिल साहू
    #जय माँ गायत्री जय गुरुवर
    वास्तविक प्रार्थना का सच्चा स्वरूप मात्र शांति चाहता है, चिरशांति पर वह शांति है मानव कहाँ ? संसार में तो अशांति का ही साम्राज्य है शांति के भंडार केवल तो वही शक्तिपुंज सर्वेश्वर भगवान ही हैं।वे ही परम गति हैं और उनके पास पहुँचने के सत्य   हृदय सेकी गई लिए प्रार्थना ही पंखस्वरूप है उनके अक्षय भंडार से ही सुख-शांति की प्राप्ति होती है प्रार्थना कीजिए | अपने हृदय को खोल कर कीजिए সাই जिस रूप में कीजिए चाहे जहाँ एकांत में कीजिए अपनी टूटी- लड़खड़ाती भाषा में कीजिए, भगवान सर्वज्ञ हैं | वे तुरंत ही फूटी आप की तोतली बोली को समझ लेेंगे সান:ক্াল সাথনা कीजिए मध्याह्न में कीजिए संध्या को कीजिए सर्वत्र कीजिए और सभी अवस्थाओं में कीजिए। उचित तो यही है कि आप की प्रार्थना निरंतर होती रहे। यही नहीं आप का संपूर्ण " সীনন प्रार्थना- मय बन जाए प्रभु से माँगिए कुछ नहीं | वे तो सबके माँ- बाप हैं | सबकी आवश्यकताओं को वे खूब जानते हैं आप तो दृढ़ता से उनके मंगलविधान को सर्वथा स्वीकार कर लीजिए। उनकी इच्छा के साथ अपनी इच्छा को जोड़कर एकरूप कर दीजिए भगवान की हाँ में हाँ मिलाते रहिए॰ तभी सच्ची शांति का अनुभव कर सकोगे प्रतिकूल जब कभी जो भी परिस्थिति अनुकूल अथवा आ जाए, भगवान को धन्यवाद दीजिए और हृदय से कहिए- प्रभो ! मैं तो यही चाहता था। ज्योति नवंबर १९५९ पृष्ठ २७ २६५ अखण्ड
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    अनिल साहू
    #जय माँ गायत्री जय गुरुवर
    सदूचिन्तन ५०६०१९  स्वर्ग काद्वर हरकिरी के लिए हर घ्नी खुला रहलहॅ । आप चाहेंते अज उसनें वे राक टोक पवेशकररकत ( अभी ही. ೨ निरोक्षण अपने अंतःकरणकेोे टटोलिए, शल्म @ अनर कीजिए : जा ई२वरोय आिपक तज जगमगा रहा्हे उरक दर्शन कीजिए यहीओेफी Wea( | % ಇ೧೯೯ . (osw4f-8137-3888: Shantikunj WhatsApp . 8439014110 सुधरेंगे , युग हम बदलेंगे, युग बदलेगा মুখয়ো 84 awgpofficial Shantikunj Rishi Chintan] Iutttg) Shantikunj Vided WWWaWgprg Yougbe सदूचिन्तन ५०६०१९  स्वर्ग काद्वर हरकिरी के लिए हर घ्नी खुला रहलहॅ । आप चाहेंते अज उसनें वे राक टोक पवेशकररकत ( अभी ही. ೨ निरोक्षण अपने अंतःकरणकेोे टटोलिए, शल्म @ अनर कीजिए : जा ई२वरोय आिपक तज जगमगा रहा्हे उरक दर्शन कीजिए यहीओेफी Wea( | % ಇ೧೯೯ . (osw4f-8137-3888: Shantikunj WhatsApp . 8439014110 सुधरेंगे , युग हम बदलेंगे, युग बदलेगा মুখয়ো 84 awgpofficial Shantikunj Rishi Chintan] Iutttg) Shantikunj Vided WWWaWgprg Yougbe
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    अनिल साहू
    #जय माँ गायत्री जय गुरुवर
    ঢল ফ্ধা दिव्य दर्शन समाधि स्थल gfவf शांतिकुंज, हरिँद्वार से गायत्री तीर्थ 24.07.2026 থঁট शातिकुज सच्चासधक कभी परिस्थितियों को दोष नहीं देता , बल्कि स्वयंको बदलकर समाधन खोजने का प्रयास करता है। हम बदलेंगे युग बदलेगा , हम सुधरेगा| सुधरेंगे युग  हम बदलेंगे युग बदलेगा , हम सुधरेंगे सुधरेगा| युग बोलना और प्रतिक्रिया करना जरूरी लेकिन संयम और सभ्यता का . दामन कभी नहीं छूटना चाहिए..! ঢল ফ্ধা दिव्य दर्शन समाधि स्थल gfவf शांतिकुंज, हरिँद्वार से गायत्री तीर्थ 24.07.2026 থঁট शातिकुज सच्चासधक कभी परिस्थितियों को दोष नहीं देता , बल्कि स्वयंको बदलकर समाधन खोजने का प्रयास करता है। हम बदलेंगे युग बदलेगा , हम सुधरेगा| सुधरेंगे युग  हम बदलेंगे युग बदलेगा , हम सुधरेंगे सुधरेगा| युग बोलना और प्रतिक्रिया करना जरूरी लेकिन संयम और सभ्यता का . दामन कभी नहीं छूटना चाहिए..!
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    अनिल साहू
    #जय माँ गायत्री जय गुरुवर
    ಎು आभियान 3@ পসিম্রাল n अमियान  ப अभियान प्रज्ञा 3সিযান प्रज्ञा హన్న কর মাথ दूसरों वह व्यवहार करो , जो तुम्हें 7 अपने लिए पसंद नहीं | पं. श्रीराम शर्मा आचार्य शताव्दी दीप ಕಿ अगवती  I ? ೯ಯ 92 থন 1926 2026 {  +7 u 0261 WWW awgp org WWWdSvv ac in प्रज्ञा अभियान, पत्रिका विभाग, शान्तिकुञ्ज हरिद्वार pragyaabhiyan@awgp.org +91 9258-369-725  ಎು आभियान 3@ পসিম্রাল n अमियान  ப अभियान प्रज्ञा 3সিযান प्रज्ञा హన్న কর মাথ दूसरों वह व्यवहार करो , जो तुम्हें 7 अपने लिए पसंद नहीं | पं. श्रीराम शर्मा आचार्य शताव्दी दीप ಕಿ अगवती  I ? ೯ಯ 92 থন 1926 2026 {  +7 u 0261 WWW awgp org WWWdSvv ac in प्रज्ञा अभियान, पत्रिका विभाग, शान्तिकुञ्ज हरिद्वार pragyaabhiyan@awgp.org +91 9258-369-725
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