सुशील मेहता
520 views 9 days ago
विश्व हेपटाइटिस दिवस विश्व हेपेटाइटिस दिवस पूरे विश्व में 28 जुलाई को मनाया जाता है। यह दिवस लोगों में इस बीमारी की रोकथाम, परीक्षण और उपचार के बारे में जागरूकता फैलाने के लिए भी मनाया जाता है। हेपेटाइटिस होने पर ये शरीर में कई तरह अन्य दिक्कतों का भी कारण बनती है. हाल ही में आए विश्व स्वास्थ्य संगठन की रिपोर्ट के मुताबिक पुरुषों में हेपेटाइटिस का असर उनकी फर्टिलिटी पर पड़ता है। विश्व हेपेटाइटिस दिवस मनाए जाने का उद्देश्य लोगों को हेपेटाइटिस के लिए जागरूक करना है. लोगों में जागरुकता न होने के कारण लोग सही समय पर हेपेटाइटिस का टीका नहीं लगवाते हैं, जिसके कारण यह बीमारी बढ़ती जाती है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) की रिपोर्ट के मुताबिक दुनिया भर में 36 करोड़ से ज्यादा लोग हेपेटाइटिस के गंभीर वायरस से संक्रमित हैं. भारत में 4 करोड़ लोग इस वायरस के संक्रमण से घिरे हुए हैं. ये सभी हेपेटाइटिस बी के वायरस से इंफेक्टेड हैं.विश्व हेपेटाइटिस दिवस वर्ष 2010 से मनाया जा रहा है. विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) द्वारा चिह्नित किए गए 8 वैश्विक सार्वजनिक स्वास्थ्य अभियानों में से एक है। विश्व स्वास्थ्य संगठन ने मई 2010 में एक प्रस्ताव पारित कर यह दिवस मनाने की घोषणा की। इससे पहले क्रोनिक वायरल हैपेटाइटिस के प्रति जागरूकता फैलाने हेतु वर्ल्ड हेपेटाइटिस एलायंस ने वर्ष 2008 में अभियान चलाया था। 28 जुलाई प्रोफेसर बारूक ब्लमबर्ग का जन्मदिन है, उन्होंने हेपेटाइटिस बी वायरस की खोज की थी और उन्हें वर्ष 1976 में फिजियोलॉजी या चिकित्सा में नोबेल पुरस्कार से सम्मानित किया गया था। हेपेटाइटिस ग्रीक शब्द ‘हेपर’ और ‘आईटिस’ से बना है. ‘हेपर’ का अर्थ होता है ‘यकृत’ और ‘आईटिस’ का अर्थ है सूजन. हेपेटाइटिस के पांच प्रकार के होते हैं हेपेटाइटिस- ए, बी, सी, डी और ई.हेपेटाइटिस वायरस के काऱण होने वाली यह एक संक्रामक बीमारी है जो मनुष्य के साथ बंदरों की प्रजाति के लीवर को भी संक्रमित करती है, जिसके वजह से लीवर में सूजन और जलन पैदा होती है। हेपेटाइटिस यकृत की सूजन है, जिसे यकृत के ऊतकों में सूजन वाली कोशिकाओं की मौजूदगी से पहचाना जाता हैं। #जागरूकता दिवस
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