एस्ट्रो पं.रामपाल भट्ट
#💮आज का पंचांग एवं मुहूर्त💫 #🔯आज का राशिफल☀️ #🌟देखिए खास ज्योतिष उपाय #🔯वास्तु दोष उपाय
🌄श्री सनातन हिंदू पंचांग-29.07.2026🌄
✴️दैनिक गोचर ग्रह एवं राशिफल✴️
🕉️ शुभ बुधवार - 🌞 - शुभ प्रभात् 🕉️
74-30💥मध्यमान्💥75-30
(केतकी चित्रापक्षीय गणितानुसारेण निर्मितम्)
🕉️💥💥🌄💥💥🕉️
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✴️आपकी कुंडली✴️आपका भविष्य✴️
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____________आज विशेष___________
आज है गुरु पूर्णिमा जिसे व्यास पूर्णिमा भी
कहा जाता हैं प्रस्तुत है इस विषयक जानकारी
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_________दैनिक पंचांग विवरण________
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आज दिनांक.......................29.7.2026
कलियुग संवत्.............................5128
विक्रम संवत्.................. ............. 2083
शक संवत्.................................. 1948
संवत्सर.....................................श्री रौद्र
अयन.........................................दक्षिण
गोल........................................... उत्तर
ऋतु............................................ वर्षा
मास........................................ आषाढ़
पक्ष........................................... शुक्ल
तिथि.....पूर्णिमा. रात्रि. 8.06 तक / प्रतिपदा
वार..........................................बुधवार नक्षत्र......उ.षाढ़ा. अपरा.3.37 तक / श्रवण
चंद्र राशि............... मकर. संपूर्ण (अहोरात्र)
योग.... प्रीति. रात्रि. 11.57 तक / आयुष्मान्
करण........…... विष्टि(भद्रा) प्रातः 7.15 तक
करण........... बव. रात्रि. 8.06 तक / बालव
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नोट-जिस रात्रि समय के ऊपर(*) लगा हुआ हो
वह समय अर्द्ध रात्रि के बाद सूर्योदय तक का है
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-दैनिक सूर्योंदयास्त दिनमानादि पंचांग विवरण-
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सूर्योदय....................प्रातः 05.58.10 पर
सूर्यास्त....................सायं. 07.17.25 पर
दिनमान-घं.मि.से....................13.19.14
रात्रिमान-घं.मि.से. ..................10.41.14
चंद्रास्त......................06.29.36 AM पर
चंद्रोदय.....................07.20.11 PM पर
राहुकाल.....अपरा. 12.38 से 2.18(अशुभ)
यमघंट...........प्रातः 7.38 से 9.18(त्याज्य)
गुलिक..पूर्वा.10.58 से 12.38(शुभे त्याज्य)
अभिजित.... मध्या.12.11 से 1.05(अशुभ)
पंचक....................................... .नहीं है
हवन मुहूर्त(अग्निवास)............. .... आज है
दिशाशूल.............................. उत्तर दिशा
दोष परिहार......तिल का सेवन कर यात्रा करें
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___________आज का दिन___________
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व्रत विशेष................................. पूर्णिमा
अन्य व्रत.............................कोकिला व्रत
पर्व विशेष.......गुरु पूर्णिमा(व्यास पीठ पूजा)
पर्व विशेष..................श्री शिव शयनोत्सव
काल विशेष........... सनातन् चातुर्मास जारी
काल विशेष..जैन व सन्यासी चातुर्मास प्रारंभ
दिन विशेष................... वायु परीक्षा दिवस
दिन विशेष...............अंतर्राष्ट्रीय बाघ दिवस
खगोलीय............ सूर्य नक्षत्र - पुष्य. जारी है
खगोलीय................................... नहीं है
नक्षत्र वाहन.................मूषक (वर्षा मध्यम्)
विष्टि(भद्रा)... ..................प्रातः 7.15 तक
पंचक........................................ नहीं है
सर्वा.सि.योग.............................. .नहीं है
अमृत सि.योग.............................. नहीं है
सिद्ध रवियोग.............................. .नहीं है
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✴️ अगले दिन की प्रतीकात्मक जानकारी✴️
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दिनांक............................30.07.2026
तिथि............श्रावण कृष्णा प्रतिपदा गुरुवार
व्रत विशेष.................................. नहीं है
अन्य व्रत.................................... नहीं है
पर्व विशेष.................................. नहीं है
काल विशेष........... सनातन् चातुर्मास जारी
दिन विशेष........... अंतर्राष्ट्रीय मित्रता दिवस
दिन विशेष..विश्व मानव तस्करी निषेध दिवस
खगोलीय............ सूर्य नक्षत्र - पुष्य. जारी है
खगोलीय................................... नहीं है
नक्षत्र वाहन...................मूषक (वर्षमध्यम्)
विष्टि(भद्रा)... ..............................नहीं है
पंचक.........................................नहीं है
सर्वा.सि.योग.............................. . नहीं है
अमृत सि.योग.............................. नहीं है
सिद्ध रवियोग.............................. नहीं है
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*विभिन्न नगरों के सूर्योदय में समयांतर मिनट*
🌞श्री सनातन हिंदू पंचांग के अनुसार🌞
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दिल्ली -10 मिनट---------जोधपुर +6 मिनट
जयपुर -5 मिनट------अहमदाबाद +8 मिनट
इंदौर - 4 मिनट-------------मुंबई +7 मिनट
लखनऊ - 25 मिनट------बीकानेर +5 मिनट
कोलकाता -54 मिनट--जैसलमेर +15 मिनट
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🌄विशिष्ट काल-मुहूर्त-वेला परिचय🌄
______🏵️🌞🌞✴️🌞🌞🏵️________ अभिजित् मुहुर्त - दिनार्द्ध से एक घटी पहले और एक घटी बाद का समय अभिजित मुहूर्त कहलाता है,पर बुधवार को यह शुभ नहीं होता.
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ब्रह्म मुहूर्त - सूर्योदय से पहले का 1.30 घंटे का समय ब्रह्म मुहूर्त कहलाता है..
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प्रदोष काल - सूर्यास्त से 45 मिनट पहले और 45 मिनट बाद का समय प्रदोष काल होता है
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गौधूलिक काल सूर्यास्त से 12 मिनट पहले एवं
12 मिनट बाद का समय कहलाता है
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🌄✴️भद्रा वास शुभाशुभ विचार✴️🌄
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भद्रा मेष, वृष, मिथुन, वृश्चिक के चंद्रमा में स्वर्ग में व कन्या, तुला, धनु, मकर के चंद्रमा में पाताल लोक में और कुंभ, मीन, कर्क, सिंह के चंद्रमा में मृत्युलोक में मानी जाती है यहां स्वर्ग और पाताल लोक की भद्रा शुभ मानी जाती हैं और मृत्युलोक की भद्रा काल में शुभ कार्य वर्जित होते हैं इसी तरह भद्रा फल विचार करें।
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✴️🌄दिन का चौघड़िया 🌄✴️
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लाभ.................प्रातः 5.58 से 7.38 तक
अमृत................प्रातः 7.38 से 9.18 तक
शुभ..............पूर्वा. 10.58 से 12.38 तक
चंचल..............अपरा. 3.58 से 5.38 तक
लाभ.................सायं. 5.38 से 7.17 तक
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✴️🌄रात्रि का चौघड़िया🌄✴️
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शुभ..................रात्रि. 8.38 से 9.58 तक
अमृत...............रात्रि 9.58 से 11.18 तक
चंचल..... .रात्रि.11.18 से 12.38 AM तक
लाभ.....रात्रि. 3.18 AM से 4.39 AM तक
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(विशेष - ज्योतिष शास्त्र में एक शुभ योग और एक अशुभ योग जब भी साथ साथ आते हैं तो शुभ योग की स्वीकार्यता मानी गई है )
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🌞🕉️शुभ शिववास की तिथियां🕉️🌞
शुक्ल पक्ष-2-----5-----6---- 9-------12----13.
कृष्ण पक्ष-1---4----5----8---11----12----30.
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दिन नक्षत्र एवं चरणाक्षर संबंधी संपूर्ण विवरण
संदर्भ विशेष -यदि किसी बालक का जन्म गंड नक्षत्रों (रेवती, अश्विनी, अश्लेषा, मघा, ज्येष्ठा और मूल) में होता है तो सविधि नक्षत्र की शांति आवश्यक मानी गयी है जो सविधि होनी चाहिये
आज जन्मे बालकों का नक्षत्र के चरण के समय समय के अनुसार राशिगत् नामाक्षरे....
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समय - नक्षत्र नाम - नक्षत्र चरण - चरणाक्षर
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09.01 AM तक.....उ.षाढ़ा....3.......जा
03.37 PM तक.....उ.षाढ़ा....4.......जी
10.10 PM तक.......श्रवण....1.......खी
04.42 AM तक.......श्रवण....2...... .खू
उपरांत रात्रि तक.......श्रवण....3........खे
________राशि मकर - पाया ताम्र________
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✴️आज की विशेष प्रस्तुति✴️
💥धर्म ज्योतिष वास्तु एवं गोचर राशिफल 💥
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आज है गुरु पूर्णिमा जिसे व्यास पूर्णिमा भी कहा जाता हैं प्रस्तुत है इस विषयक जानकारी
गुरु पूर्णिमा पर राशि अनुसार करें ये उपाय!
जानें तिथि, मुहूर्त और इस दिन का धार्मिक महत्व!
गुरु पूर्णिमा 2026: सनातन धर्म में हर माह आने वाली पूर्णिमा तिथि का विशेष महत्व होता है जो प्रत्येक महीने के शुक्ल पक्ष की चतुर्दशी के अगले दिन आती है। इसी क्रम में, आषाढ़ माह की पूर्णिमा को आषाढ़ी पूर्णिमा भी कहा जाता है। इसे गुरु पूर्णिमा के नाम से भी जाना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन वेदों के रचयिता महर्षि वेदव्यास का जन्म हुआ था इसलिए इसे व्यास पूर्णिमा भी कहते हैं। आषाढ़ी पूर्णिमा के साथ ही आषाढ़ माह की समाप्ति हो जाती है और हिंदू धर्म के पवित्र महीने सावन का आरंभ हो जाता है जिसे भगवान शिव का प्रिय मास कहा जाता है।
गुरु पूर्णिमा हिंदू धर्म का एक प्रमुख पर्व है जो गुरु के सम्मान में बहुत भक्तिभाव से मनाया जाता है। यह दिन गुरुओं को समर्पित होता है और इस अवसर पर शिष्य अपने गुरु के चरण छूकर उनका आशीर्वाद लेते हैं, और उनके प्रति कृतज्ञता प्रकट करते हैं। वैसे तो, हर पूर्णिमा को पुण्यदायी माना जाता है, लेकिन गुरु पूर्णिमा का महत्व अधिक है क्योंकि इसे पूरे देश में बहुत धूमधाम से मनाया जाता है।
सामान्य रूप से, गुरु पूर्णिमा के दिन लोग अपने गुरुओं के प्रति आभार व्यक्त करते हैं, उनकी पूजा-अर्चना करते हैं और उनका आशीर्वाद प्राप्त करते हैं। गुरु पूर्णिमा पर महर्षि वेदव्यास, जिन्हें भगवान विष्णु का अंश माना जाता है, विशेष रूप से उनका पूजन किया जाता है क्योंकि इसके बिना आपकी पूजा अधूरी मानी जाती है। यह विशेष लेख है जिसके माध्यम से आपको गुरु पूर्णिमा की सही तिथि, पूजा मुहूर्त और महत्व जैस महत्वपूर्ण जानकारी प्राप्त होगी। साथ ही, इस दिन किन उपायों को करके आप अपने गुरुजी की कृपा पा सकते हैं, इससे भी हम आपको अवगत करवाएंगे। आइए अब हम आगे बढ़ते हैं और नज़र डालते हैं गुरु पूर्णिमा की तिथि और समय पर।
गुरु पूर्णिमा 2026: तिथि और समय
गुरु पूर्णिमा का दिन गुरुओं को समर्पित होता है और इस पर्व को हर साल आषाढ़ माह में मनाया जाता है। हिंदू पंचांग के अनुसार, गुरु पूर्णिमा का पर्व प्रत्येक वर्ष आषाढ़ माह की पूर्णिमा तिथि पर मनाया जाता है। अंग्रेजी कैलेंडर में, यह दिन सामान्यतः जून या जुलाई में पड़ता है। बात करें वर्ष 2026 की, तो इस साल गुरु पूर्णिमा 29 जुलाई, 2026 को मनाई जाएगी। यह दिन दान-पुण्य और गुरु को दक्षिणा देने के लिए बेहद शुभ माना जाता है। चलिए अब हम आगे बढ़ते हैं और जान लेते हैं गुरु पूर्णिमा 2026 का मुहूर्त।
गुरु पूर्णिमा तिथि: 29 जुलाई 2026, बुधवार
पूर्णिमा तिथि आरंभ: 28 जुलाई 2026 की शाम 06 बजकर 19 मिनट से,
पूर्णिमा तिथि समाप्त: 29 जुलाई 2026 की रात 08 बजकर 06 मिनट तक
नोट: सनातन धर्म में उदया तिथि को महत्व दिया जाता है इसलिए उदया तिथि के अनुसार आषाढ़ी पूर्णिमा या गुरु पूर्णिमा का पर्व 29 जुलाई 2026 को मनाया जाएगा।
गुरु पूर्णिमा 2026 पर बनेगा शुभ योग
जब किसी व्रत एवं त्योहार पर शुभ योग का निर्माण होता है, तब उस दिन का महत्व और प्रभाव कई गुना बढ़ जाता है। ऐसे में, गुरु पूर्णिमा का दिन बेहद ख़ास रहने वाला है क्योंकि इस दिन शुभ माने जाने वाले प्रीति योग और हर्षण योग का निर्माण होने जा रहा है। इस तिथि पर पूरे दिन दोनों योग रहेंगे। प्रीति योग को प्रेम, सौहार्द और सकारात्मक ऊर्जा का प्रतीक माना जाता है। वहीं, हर्षण योग आपको कार्यों में सफलता प्रदान करता है। ऐसे में, गुरु पूर्णिमा पर की जाने वाली पूजा से जीवन में सुख-शांति और सफलता आएगी। साथ ही, आपको कार्यों में सकारात्मक परिणामों की प्राप्ति होगी।
अब हम आपको अवगत करवाते हैं गुरु पूर्णिमा या आषाढ़ी पूर्णिमा के महत्व से।
गुरु पूर्णिमा का धार्मिक महत्व
हिंदू धर्म में गुरु को भगवान का दर्जा दिया गया है क्योंकि एक गुरु ही होता है जो अपने शिष्य को जीवन में सही मार्ग दिखाता है, और उसे भगवान तक पहुंचने की दिशा प्रदान करता है। गुरु केवल शिष्य को ज्ञान नहीं देता है, बल्कि जीवन को सही दिशा और प्रकाशित भी करते हैं। हिंदू धर्म में गुरु के महत्व का वर्णन संस्कृत भाषा में एक श्लोक के माध्यम से किया गया है जो इस प्रकार है।
गुरुर्ब्रह्मा गुरुर्विष्णुः गुरुर्देवो महेश्वरः,
गुरुः साक्षात् परं ब्रह्म तस्मै श्री गुरवे नमः।
इस श्लोक का अर्थ है “गुरु ब्रह्मा हैं, गुरु विष्णु हैं, गुरु ही शंकर हैं, गुरु ही साक्षात परब्रह्म हैं, उन सद्गुरु को प्रणाम।” इस श्लोक से स्पष्ट होता है कि हमारे जीवन में गुरु का स्थान कितना ऊंचा और महत्वपूर्ण है।
हिंदू धर्म की पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, आषाढ़ी पूर्णिमा की तिथि पर ही महाभारत के रचयिता महर्षि वेदव्यास जी का जन्म हुआ था। उन्हें प्रथम गुरु के रूप में माना जाता है, क्योंकि उन्होंने ही मानव जाति को वेदों का ज्ञान प्रदान किया और उन्हें चार भागों में विभाजित किया। इसी वजह से महर्षि व्यास जी के जन्मदिन को व्यास पूर्णिमा भी कहा जाता है, जिसे हम गुरु पूर्णिमा के रूप में मनाते हैं।
भारत में गुरु पूर्णिमा के पर्व को बड़े श्रद्धाभाव और उत्साह के साथ मनाया जाता है। इस शुभ अवसर पर शिष्य अपने गुरु के प्रति सम्मान व्यक्त करते हैं, उनके चरण स्पर्श कर आशीर्वाद लेते हैं और उन्हें धन्यवाद देते हैं। साथ ही, पूर्णिमा तिथि होने के कारण इस दिन भगवान विष्णु की पूजा का भी विशेष महत्व होता है। बता दें कि महर्षि वेदव्यास को स्वयं भगवान विष्णु का अवतार माना जाता है।
गुरु किसे कहते हैं और क्या है इसका अर्थ?
आगे बढ़ने से पहले हमें गुरु शब्द के अर्थ को समझना होगा। बता दें कि गुरु शब्द की उत्पत्ति दो शब्दों से मिलकर हुई है गु” यानी अज्ञान और “रु” यानी उसे दूर करने वाला। सरल शब्दों में गुरु वह व्यक्ति होता है जो हमारे जीवन से अज्ञान का अंधकार हटाकर हमें ज्ञान और सही दिशा की तरफ लेकर जाता है। वह न केवल सिखाता है, बल्कि हमारे जीवन को सकारात्मकता से भर देता है और आगे बढ़ने में मार्गदर्शन करता है।
गुरु का कार्य सिर्फ़ पढ़ाना नहीं होता है, बल्कि यह शिष्य के व्यक्तित्व को संवारने और उसे बेहतर इंसान बनाने में भी मदद करता है। गुरु के मार्गदर्शन से ही व्यक्ति अपने जीवन का सही उद्देश्य समझ पाता है और सफलता के मार्ग पर अग्रसर होता है। हालांकि, बता दें कि गुरु मुख्य रूप से दो प्रकार के होते हैं, पहला शिक्षा गुरु और दूसरा दीक्षा गुरु। शिक्षा गुरु हमें किताबों और विषयों का ज्ञान देते हैं, जबकि दीक्षा गुरु हमारे भीतर छिपी क्षमताओं को पहचान कर उन्हें निखारते हैं जिससे वह हमें सरल एवं आध्यात्मिक मार्ग की ओर ले जाते हैं।
गुरु पूर्णिमा पर अवश्य करें स्नान
धार्मिक और आध्यात्मिक दृष्टि से दान-स्नान का विशेष महत्व माना गया है और गुरु पूर्णिमा के दिन इसका महत्व कई गुना बढ़ जाता है। ऐसी मान्यता है कि पूर्णिमा तिथि पर गंगा या किसी पवित्र नदी या तालाब में स्नान करने से देवी-देवताओं के आशीर्वाद की प्राप्ति होती है। यदि आपके लिए ऐसा करना संभव न हो, तो घर पर ही नहाने के पानी में गंगा जल मिलाकर स्नान करना भी अत्यंत कल्याणकारी माना जाता है। इससे भी गंगा जल में डुबकी लगाने के समान पुण्य मिलता है।
गुरु पूर्णिमा के दिन पवित्र जल में स्नान करने से जीवन में सुख-समृद्धि आती है, भाग्य मजबूत होता है और आर्थिक समस्याएं दूर होने लगती हैं। साथ ही, आषाढ़ी पूर्णिमा के अवसर पर ब्राह्मणों, गरीबों या जरूरतमंदों को पीले वस्त्र और मिठाई का दान करना बेहद शुभ माना जाता है। ऐसा करने से जीवन से सभी परेशानियों का अंत होता है और सकारात्मकता बढ़ती है।
क्यों की जाती है गुरु पूर्णिमा पर वेदव्यास पूजा?
जैसा कि हमने आपको बताया कि गुरु पूर्णिमा या आषाढ़ी पूर्णिमा को महर्षि वेदव्यास के जन्मदिन के रूप में मनाया जाता है। इस दिन महाभारत और वेदों के रचयिता महर्षि वेदव्यास के पूजन के बिना गुरु पूर्णिमा की पूजा अधूरी मानी जाती है क्योंकि इन्हें संसार के प्रथम गुरु का पद प्राप्त है।
इस पूर्णिमा के दिन महर्षि व्यास का जन्म हुआ था इसलिए इसे व्यास पूर्णिमा के नाम से जाना जाता है। इन्हें भगवान विष्णु का अंश और जगत के पालनकर्ता का स्वरूप माना जाता है। धार्मिक परंपराओं के अनुसार, व्यास जी द्वारा ही चारों वेदों का संकलन और उन्हें विभाजित किया गया था जिसकी उत्पत्ति स्वयं सृष्टि के रचयिता ब्रह्मा जी ने की थी। इसके अलावा, व्यास जी ने महाभारत सहित कई पुराणों की भी रचना की जिसने मानव जाति को धर्म, ज्ञान और जीवन के मूल सिद्धांतों की समझ मिली।
गुरु पूर्णिमा पर माँ लक्ष्मी की कृपा के लिए करें ये काम
कलह और विवाद से शांति: अगर आपके परिवार में मतभेद, विवाद और कलह की स्थिति हमेशा बनी रहती है, तो आप आषाढ़ पूर्णिमा 2026 के दिन भगवान विष्णु और मां लक्ष्मी की विधि-विधान से पूजा करें। पूजा के दौरान विष्णु जी को सफेद चंदन का तिलक लगाकर सुख-शांति के लिए प्रार्थना करें। साथ ही, पूर्णिमा तिथि के दिन घर में दीपक जलाएं।
धन प्राप्ति के बनेंगे योग: धन प्राप्ति के लिए आषाढ़ पूर्णिमा पर माँ लक्ष्मी की विधिपूर्वक पूजा करें। इस दौरान माता को लाल रंग के फूल और प्रसाद में खीर अर्पित करें। इसके अलावा, कनकधारा स्तोत्र का भी पाठ अवश्य करें क्योंकि ऐसा करना शुभ माना जाता है और आपके जीवन से धन संबंधित समस्याओं का अंत होता है।
माँ लक्ष्मी का मिलेगा आशीर्वाद: आषाढ़ पूर्णिमा के शुभ अवसर पर 11 कौड़ियों पर हल्दी लगाएं और फिर, देवी को समर्पित करें। इसके बाद, देवी लक्ष्मी के सामने घी का दीपक जलाएं और लक्ष्मी चालीसा का पाठ करें। पूजा समाप्त होने के बाद इन कौड़ियों को अपनी तिजोरी में रखें।
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गुरु पूर्णिमा पर अवश्य पढ़ें ये कथा
हम यह भली-भांति जानते हैं कि गुरु पूर्णिमा का पर्व गुरुओं को समर्पित होता है और इस दिन वेदव्यास जी का जन्म होने के कारण ही गुरु पूर्णिमा को मनाया जाता है। धार्मिक ग्रंथों में गुरु पूर्णिमा के संबंध में कथा का वर्णन मिलता है जो हम आपको नीचे बताने जा रहे हैं।
पौराणिक कथा के अनुसार, भगवान विष्णु के अंश अवतार के रूप में महर्षि वेदव्यास ने धरती पर जन्म लिया था। उनके पिता का नाम ऋषि पराशर और माता देवी सत्यवती थी। इनकी रुचि बचपन से ही अध्यात्म में काफी थी और इसी वजह से उन्होंने वन जाकर तपस्या शुरू करने की इच्छा अपने माता-पिता के सामने प्रकट की। लेकिन, उनकी माता ने व्यास जी की इस इच्छा के लिए स्पष्ट रूप से मना कर दिया। महर्षि वेदव्यास ने अपनी माता को मनाने के लिए बहुत प्रयत्न किया और अंत में माता से उनकी बात मान ली। माता ने उन्हें आज्ञा देते हुए कहा कि जब तुम्हें घर की याद आए, तो वापस लौट आना।
इसके पश्चात, वेदव्यास जी जंगल की ओर तपस्या करने के लिए चले गए और कठोर तपस्या में लीन हो गए। इस तपस्या के दौरान उन्होंने संस्कृत भाषा का ज्ञान प्राप्त किया और इस ज्ञान के उपयोग से उन्होंने चारों वेदों, अठारह महापुराणों और महाभारत की रचना की। ऐसा माना जाता है कि महर्षि वेदव्यास आज भी हमारे बीच किसी न किसी रूप में उपस्थित हैं। हिंदू धर्म में महर्षि वेदव्यास को भगवान के रूप में पूजा जाता है। उनके नाम से देश में कई मंदिर भी बनाए गए हैं जहां लोग उनकी पूजा-अर्चना करते हैं। आज भी वेदों में सबसे पहले महर्षि व्यास का नाम लिया जाता है।
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गुरु पूर्णिमा 2026 पर राशि अनुसार करें ये विशेष उपाय
मेष राशि: मेष राशि के जातक गुरु पूर्णिमा पर मंदिर जाएं और भगवान विष्णु की उपासना करें। इसके बाद, जरूरतमंदों और गरीबों को पीले वस्त्र या पीली मिठाई का दान करें। साथ ही, इस दिन अपने गुरु के दर्शन करें और उनका आशीर्वाद अवश्य लें।
वृषभ राशि: वृषभ राशि वाले गुरु पूर्णिमा के शुभ अवसर पर भगवान विष्णु, भगवान शिव और गुरु का पूजन करें। साथ ही, भगवद गीता या अन्य धार्मिक ग्रंथों का पाठ करें। इसके पश्चात आप अपने सामर्थ्य के अनुसार जरूरतमंद लोगों की सहायता करें।
मिथुन राशि: गुरु पूर्णिमा के दिन मिथुन राशि वालों को अपने गुरु द्वारा दिए गए मंत्रों का जाप करना चाहिए। साथ ही, गुरु को कुछ भेंट स्वरूप देकर आभार प्रकट करें और भगवान विष्णु की पूजा करें। प्रसाद के रूप में विष्णु जी को चावल की खीर का भोग लगाएं।
कर्क राशि: कर्क राशि वाले गुरु पूर्णिमा के अवसर पर मंदिर या घर के पूजा स्थान पर गुरु के चित्र के सामने घी का दीपक जलाएं। इस दिन भगवान विष्णु की पूजा करने से आपको अपार लाभ की प्राप्ति होगी।
सिंह राशि: सिंह राशि के जातकों को गुरु पूर्णिमा पर बच्चों और छात्रों को पढ़ाई की सामग्री दान में देनी चाहिए और अपनी क्षमतानुसार ज़रूरतमंदों की सहायता करें।
कन्या राशि: कन्या राशि वालों को गुरु पूर्णिमा के पावन अवसर पर रात के समय चंद्रोदय होने पर चंद्र देव को जल अर्पित करें और फिर उनकी पूजा करें।
तुला राशि: तुला राशि के जातकों को गुरु पूर्णिमा पर परिवारजनों और करीबियों के साथ समय बिताने की सलाह दी जाती है। अध्यात्म और धर्म-कर्म पर चर्चा करें। साथ ही, किसी धार्मिक स्थान पर अपने गुरु का आशीर्वाद लें।
वृश्चिक राशि: गुरु पूर्णिमा के दिन वृश्चिक राशि वालों को गुरु मंत्र का जाप करना चाहिए और जरूरतमंदों एवं गरीबों को अपने सामर्थ्य के अनुसार भोजन करवाएं। साथ ही, आप अपने गुरु से आशीर्वाद प्राप्त करें।
धनु राशि: धनु राशि के जातक गुरु पूर्णिमा 2026 के दिन किसी तीर्थ स्थान की यात्रा करें और घर में सत्यनारायण की कथा सुनें।
मकर राशि: मकर राशि वाले आषाढ़ पूर्णिमा की रात चंद्र पूजन करें और गुरु मंत्र का जाप भी करें। इस दिन आप मंदिर में हवन भी करवा सकते हैं और भगवान विष्णु को चरणामृत का भोग अवश्य लगाएं।
कुंभ राशि: कुंभ राशि वालों को गुरु पूर्णिमा के दिन सत्य का पालन करना चाहिए और कुछ समय निकालकर अपने गुरु की सेवा करें। ऐसा करने से आपके अटके हुए कार्य बनने लगेंगे।
मीन राशि: मीन राशि के जातकों को इस पूर्णिमा तिथि के दिन धार्मिक कार्यों में हिस्सा लेना चाहिए। साथ ही, आप अपने गुरु के चरण छूकर उनका आशीर्वाद लें। इस उपाय को करने से आपका स्वास्थ्य उत्तम होगा और जीवन से समस्याएं भी दूर होंगी।
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✴️ 🕉️आज का राशिफल🕉️ ✴️
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मेष-(चू चे चो ला ली लू ले लो अ)
आज लंबे समय से चली आ रही अपनी बीमारी का इलाज अपनी मुस्कान से करें, क्योंकि यह सभी परेशानियों की सबसे कारगर दवा है। आर्थिक तौर पर सुधार तय है। अनचाहे मेहमानों से शाम को आपका घर भरा रह सकता है। निर्णय लेते समय अपने अहम को बीच में न आने दें, अपने कनिष्ठ सहकर्मियों की बात पर ग़ौर करें। इस राशि के लोगोंं को आज शराब सिगरेट से दूर रहने की जरुरत है क्योंकि इससे आपका कीमती समय बर्बाद हो सकता है।
वृषभ-(इ उ एओ वा वी वू वे वो)
आज तनाव से बचने के लिए अपना क़ीमती वक़्त बच्चों के साथ गुज़ारें। आप बच्चों की उपचार करने की शक्ति महसूस करेंगे। वे आध्यात्मिक तौर पर धरती पर सबसे ज़्यादा ताक़तवर और भावनात्मक लोग हैं। उनके साथ आप ख़ुद को ऊर्जा से भरपूर पाएंगे। दीर्घावधि लाभ के नज़रिए से स्टॉक और म्यूचुअल फ़ंड में निवेश करना फ़ायदेमंद रहेगा। जितना आपने सोचा था, आपका भाई उससे ज़्यादा मददगार साबित होगा। सावधान रहें, क्योंकि कोई आपकी छवि धूमिल करने की कोशिश कर सकता है। आपका आत्मविश्वास आपकी पेशेवर ज़िंदगी में ख़ास असर छोड़ेगा। यह दूसरों को आपका नज़रिया समझाने और उनकी मदद हासिल करने में कारगर रहेगा। अपने काम से आराम लेकर आज आप कुछ समय अपने जीवनसाथी के साथ बिता सकते हैं। जीवनसाथी द्वारा परिवार और मित्रों के बीच नकारात्मक तरीक़े से आपके वैवाहिक जीवन की निजी बातें उजागर हो सकती हैं।
मिथुन- (क की कू घ ङ छ के को ह)
आज अगर आपकी योजना बाहर घूमने-फिरने की है तो आपका वक़्त हँसी-ख़ुशी और सुकून भरा रहेगा। लम्बे समय से अटके मुआवज़े और कर्ज़ आदि आख़िरकार आपको मिल जाएंगे। आपका ज्ञान और हास-परिहास आपके चारों ओर लोगों को प्रभावित करेगा। बीते दिनों की मीठी यादें आपको व्यस्त रखेंगी। आज कार्यालय में आपको कुछ अच्छा समाचार सुनने को मिल सकता है। इस राशि के लोग बड़े ही दिलचस्प होते हैं। ये कभी लोगों के बीच रहकर खुश रहते हैं तो कभी अकेले में हालांकि अकेले वक्त गुजारना इतना आसान नहीं है फिर भी आज दिन में कुछ समय आप अपने लिए जरुर निकाल पाएंगे। यह दिन आपके जीवन में वसंत-काल की तरह है।
कर्क- (ही हू हे हो डा डी डू डे डो)
आज आपके लिए ख़ुशी से भरा एक अच्छा दिन है। अगर आपका धन से जुड़ा कोई मामला कोर्ट-कचहरी में अटका था तो आज उसमें आपको विजय मिल सकती है और आपको धन लाभ हो सकता है। संभव है कि परिवार वाले आपकी उम्मीदों को पूरा न कर सकें। इस बात कि इच्छा न करें कि वे आपके मुताबिक़ काम करेंगे, बल्कि अपने काम करने का तरीक़ा बदलकर पहल करें। आपके प्रिय के कड़वे शब्दों के कारण आपका मूड ख़राब हो सकता है। आप दफ़्तर में माहौल में बेहतरी और कामकाज के स्तर में सुधार को महसूस कर सकते हैं। आज आप सब कामों को छोड़कर उन कामों को करना पसंद करेंगे जिन्हें आप बचपन के दिनों में करना पसंद करते थे। अपने जीवनसाथी की वजह से आपको मानसिक अशान्ति का सामना करना पड़ सकता है।
सिंह- (मा मी मू मे मो टा टी टू टे)
आज ख़ुद को सेहतमंद और दुरुस्त रखने के लिए वसायुक्त और तली-भुनी चीज़ों से दूर रहें। यदि आप किसी से उधार वापस मांग रहे थे और अब तक वो आपकी बात को टाल रहा था तो आज बिना बोले ही वो आपको पैसा लौटा सकता है। घरेलू ज़िन्दगी में कुछ तनाव का सामना करना पड़ सकता है। दफ़्तर में आपके दुश्मन भी आज आपके दोस्त बन जाएंगे - आपके सिर्फ़ एक छोटे-से अच्छे काम की बदौलत। अपने जिगरी यारों के साथ आज आप खाली समय का आनंद लेने का विचार बना सकते हैं। यह दिन आपके सामान्य वैवाहिक जीवन से कुछ हटकर होने वाला है। आपको अपने जीवनसाथी की ओर से कुछ ख़ास देखने को मिल सकता है।
कन्या- (टो प पी पू ष ण ठ पे पो)
आज अपनी व्यस्त दिनचर्या के बावजूद स्वास्थ्य अच्छा रहेगा। रियल एस्टेट और वित्तीय लेन-देन के लिए अच्छा दिन है। एक मज़ेदार शाम के लिए दोस्त आपको अपने घर पर बुलाएंगे। आपको अपनी ओर से सबसे अच्छा बर्ताव करने की ज़रूरत है, क्योंकि आपके प्रिय का मूड बहुत अनिश्चित होगा। आज आराम के लिए बहुत कम समय है- क्योंकि पहले के टाले हुए काम आपको व्यस्त रखेंगे। आज आप कोई नई पुस्तक खरीदकर किसी कमरे में खुद को बंद करके पूरा दिन गुजार सकते हैं। जीवनसाथी के ख़राब व्यवहार का नकारात्मक असर आपके ऊपर पड़ सकता है।
तुला- (रा री रू रे रो ता ती तू ते)
आज परिवार के इलाज से जुड़े ख़र्चों में वृद्धि को नकारा नहीं जा सकता है। आज आपको अपनी संतान की वजह से आर्थिक लाभ होने की संभावना नजर आ रही है। इससे आपको काफी खुशी होगी। आपका ज्ञान और हास-परिहास आपके चारों ओर लोगों को प्रभावित करेगा। आपका प्रिय दिन भर आपको याद करने में समय बिताएगा। आज फ़ायदा हो सकता है, बशर्ते आप अपनी बात भली-भांति रखें और काम में लगन व उत्साह दिखाएँ। दिल के करीबी लोगों के साथ आपका वक्त बिताने का मन करेगा लेकिन आप ऐसा कर पाने में सक्षम नहीं हो पाएंगे। आपके और आपके जीवन साथी के बीच विश्वास की कमी रह सकती है। जिससे आज वैवाहिक जीवन में तनाव हो सकता है।
वृश्चिक- (तो ना नी नू ने नो या यी यू)
आज सेहत से जुड़े कार्यक्रमों को फिर से शुरू करने के लिए अच्छा दिन है। आज आप आसानी से पैसे इकट्ठा कर सकते हैं- लोगों को दिए पुराने कर्ज़ वापिस मिल सकते हैं- या फिर किसी नयी परियोजना पर लगाने के लिए धन अर्जित कर सकते हैं। बच्चे आपको घरेलू काम-काज निबटाने में मदद करेंगे। थोड़े बहुत टकराव के बावजूद भी आज आपका प्रेम जीवन अच्छा रहेगा और आप अपने संगी को खुश रखने में कामयाब होंगे। यह करिअर के मोर्चे पर उन बदलावों को करने का सही वक़्त है, जिनके बारे में आप लम्बे समय से सोच रहे हैं। टीवी, मोबाईल का इस्तेमाल गलत नहीं है लेकिन आवश्यकता से अधिक इनका उपयोग आपके जरुरी समय को खराब कर सकता है। आज के दिन कुछ भी करने के लिए अपने साथी पर दबाव न डाले, अन्यथा आपके दिलों में दूरियां आ सकती हैं।
धनु-ये यो भा भी भू धा फा ढ़ा भे)
आज शाम का वक़्त अपने जीवनसाथी के साथ किसी फ़िल्म, थिएटर या रेस्टोरेंट में बिताना आपको सुकून देगा और आपका मन तरोताज़ा रखेगा। आर्थिक तौर पर बेहतरी के चलते आपके लिए ज़रूरी चीज़ें ख़रीदना आसान होगा। आपकी भरपूर ऊर्जा और ज़बरदस्त उत्साह सकारात्मक परिणाम लाएंगे व घरेलू तनाव दूर करने में मददगार रहेंगे। अपने साथी को भावनात्मक तौर पर ब्लैकमेल करने से बचें। साझेदारी में किए गए काम आख़िरकार फ़ायदेमंद साबित होंगे, लेकिन आपको अपने भागीदारों से काफ़ी विरोध का सामना करना पड़ सकता है। वक्त सेे हर काम को पूरा करना ठीक होता है अगर आप ऐसा करते हैं तो आप अपने लिए भी वक्त निकाल पाते हैं। अगर आप हर काम को कल पर टालते हैं तो अपने लिए आप कभी समय नहीं निकाल पाएंगे। आपके जीवनसाथी की सुस्ती आपके कई कामों पर पानी फेर सकती है।
मकर- (भो जा जी खी खू खे खो गा गी)
आज आस-पास के लोगों का सहयोग आपको सुखद अनुभूति देगा। आपका धन कहां खर्च हो रहा है इसपर आपको नजर बनाए रखने की जरुरत है नहीं तो आने वाले समय में आपको परेशानी हो सकती है। विद्यालय का काम पूरा करने के लिए बच्चे आपसे मदद ले सकते हैं। उदास न हों, कभी-कभी विफल होना कोई बुरी बात नहीं है। वह तो ज़िंदगी की ख़ूबसूरती है। अपने उद्देश्यों की ओर शान्ति से बढ़ते रहें और सफलता मिलने से पहले अपने पत्ते न खोलें। आप खुद को समय देना जानते हैं और आज तो आपको काफी खाली समय मिलने की संभावना है। खाली समय में आज आप कोई खेल-खेल सकते हैं या जिम जा सकते हैं। अगर आपके जीवनसाथी का मन खिन्न है और चाहते हैं की दिन अच्छा गुज़रे, तो चुप्पी साधे रहें।
कुंभ- (गू गे गो सा सी सू से सो द)
आज आँखों के मरीज़ प्रदूषित जगहों पर जाने से बचें, क्योंकि धूँआ आपकी आँखों को और नुक़सान पहुँचा सकता है। अगर संभव हो तो सूरज की तेज़ रोशनी से भी बचे। आपके भाई-बहनों में से कोई आज आपसे पैसे उधार मांग सकता है, आप उनको पैसे उधार तो दे देंगे लेकिन इससे आपके आर्थिक हालात खराब हो सकते हैं। विद्यालय का काम पूरा करने के लिए बच्चे आपसे मदद ले सकते हैं। काम के दबाव के चलते मानसिक उथल-पुथल और परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। दिन के उत्तरार्ध में ज़्यादा तनाव न लें और आराम करें। आपका वर्चस्ववादी स्वभाव आलोचना की वजह बन सकता है। आप खुद को समय देना जानते हैं और आज तो आपको काफी खाली समय मिलने की संभावना है। खाली समय में आज आप कोई खेल-खेल सकते हैं या जिम जा सकते हैं। मुश्किल हालात से उबरने में आपके जीवनसाथी की तरफ़ से ज़्यादा सहयोग हासिल नहीं होगा।
मीन- (दी दू थ झ ञ दे दो च ची)
आज अपनी ऊर्जा का इस्तेमाल किसी मुश्किल में फँसे इंसान की मदद करने के लिए करें। याद रखें - यह शरीर तो एक-न-एक दिन मिट्टी में मिलने वाला है, अगर यह किसी के काम न आ सके तो इसका क्या फ़ायदा? दीर्घावधि निवेश से बचिए और अपने दोस्तों के साथ बाहर जाकर कुछ ख़ुशी के पल बिताएँ। विदेश में रह रहे किसी संबंधी से मिला उपहार आपको ख़ुशी दे सकता है। प्यार की ताक़त आपको प्यार करने की वजह देती है। मातहत और सहकर्मियों का रुख़ बहुत मददगार रहेगा। जिंदगी में चल रही आपाधापी के बीच आज आपको अपने लिए पर्याप्त समय मिलेगा और और आप अपने पसंदीदा कामों को कर पाने में कामयाब हो पाएंगे। अगर आप कोशिश करें तो आप अपने जीवनसाथी के साथ अपने जीवन का सबसे अच्छा दिन आज गुज़ार सकते हैं।
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✴️संकलन एवं प्रस्तुत कर्त्ता✴️
☀️पं.रामपाल भट्ट-ज्योतिष एवं वास्तुविद्☀️
श्री ज्योतिष समाधान सेवा भीलवाड़ा (राज)
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