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#🌐 राष्ट्रीय अपडेट #🆕 ताजा अपडेट #📢 ताज़ा खबर 🗞️ जंतर-मंतर पर चल रहा प्रदर्शन 20 जुलाई अचानक ही हिंसा की भेंट चढ़ गया था। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि क्या उस दिन काॅकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के पास जंतर मंतर से संसद तक जाते हुए प्रदर्शन करने की अनुमति थी? इस संबंध में अधिकारियों का कहना है कि प्रदर्शन कर रहे सीजेपी के लोगों को संसद तक मार्च की अनुमति नहीं दी गई थी। ऐसे में आरोप लग रहे हैं कि सीजेपी के समर्थकों और कार्यकर्ताओं ने कानून-व्यवस्था की परवाह किए बिना लामबंदी की और भारी भीड़ को संसद भवन की ओर कूच करने के लिए उकसाया था।
संयुक्त पुलिस आयुक्त मधुर वर्मा ने स्पष्ट किया कि सीजेपी को जंतर-मंतर से संसद भवन की ओर मार्च निकालने या बैरिकेड्स पार करने की कोई आधिकारिक अनुमति नहीं दी गई थी। पुलिस प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था और सुरक्षा नियमों का हवाला देते हुए आयोजकों को पहले ही जंतर-मंतर के निर्धारित क्षेत्र के भीतर ही शांतिपूर्ण प्रदर्शन तक सीमित रहने की कई बार सख्त चेतावनी दी थी।
अधिकारी ने आगे बताया कि फिर भी सीजेपी के नेतृत्व ने कानून अपने हाथ में लेते हुए सोशल मीडिया अभियानों और डिजिटल माध्यमों का सहारा लेकर देश के विभिन्न राज्यों (हरियाणा, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, बिहार आदि) से युवाओं और समर्थकों को दिल्ली पहुंचने का आह्वान किया। इसके परिणामस्वरूप हजारों की भीड़ जंतर-मंतर पर एकत्र हो गई, जिससे लुटियंस दिल्ली और आसपास के इलाकों में सामान्य आवाजाही पूरी तरह ठप पड़ गई।
निर्धारित धरनास्थल की सीमाओं का उल्लंघन कर भीड़ ने संसद मार्ग की ओर बढ़ने का प्रयास किया। बैरिकेड्स को तोड़ने, पथराव करने और भीड़ को उकसाने पर पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा तथा आंसू गैस के गोले दागने पड़े। स्थिति तब विस्फोटक हो गई, जब बैरिकेड्स के पास तैनात पुलिस बल को भीड़ ने पीछे धकेलने की कोशिश की। स्थिति पर नियंत्रण पाने और संसद की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए दिल्ली पुलिस को बल प्रयोग करना पड़ा।
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