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kirti Sahu - Author on ShareChat
kirti Sahu
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##जय मां गायत्री जय गुरुवर
गायतीतीर्थ शान्तिकुंञ्ज मनुष्यों में सामान्य रूप से यह पाई जाती है प्रवृत्ति एक ক্ি ঐ নুষই ক কামী ম बहुत जल्दी हस्तक्षेप करने लगते हैं। अखण्ड ज्योति जनवरी १९५८ हम बदलेंगे - युग बदलेगा , हम सुधरेंगे  युग सुधरेगा  वंदनीया माताजी की जन्म शताब्दी Gonar ' 1926 ` ಞe दिव्य प्रकाश का महापर्व २०२६ awgpofficial 8439014110  YoufUaD Shantikunj Rishi Chintan WWW awgp.org गायतीतीर्थ शान्तिकुंञ्ज मनुष्यों में सामान्य रूप से यह पाई जाती है प्रवृत्ति एक ক্ি ঐ নুষই ক কামী ম बहुत जल्दी हस्तक्षेप करने लगते हैं। अखण्ड ज्योति जनवरी १९५८ हम बदलेंगे - युग बदलेगा , हम सुधरेंगे  युग सुधरेगा  वंदनीया माताजी की जन्म शताब्दी Gonar ' 1926 ` ಞe दिव्य प्रकाश का महापर्व २०२६ awgpofficial 8439014110  YoufUaD Shantikunj Rishi Chintan WWW awgp.org
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    kirti Sahu
    ##जय मां गायत्री जय गुरुवर
    पाप नाशिनी गायत्री भगवती महाशक्ति गायत्री यह नहीं देखती कि साधक का पिछला जीवन कैसा रहा है | इस आधार किसी से घृणा भी नहीं करती | 4 दीपक प्रत्येक व्यक्ति को, चाहे वह भला हो या बुरा उसे प्रकाश देता है, उसका किसी व्यक्ति से बैर-विरोध नहीं माँ अपने बुरे से बुरे बेटे से भी सुधरने की आशा रखती है और उस पर अन्य पुत्रों की तरह स्नेह वर्षा करती है | गायत्री महाशक्ति की तुलना न तो दीपक से की जा सकती है और न ही शरीर को जन्म देने वाली माँ से। गायत्री महाशक्ति अपने शरण में आने वाले को दिव्य সক্াথা ঐলী ঔ, 3মী মন্সাযযািমী ননন কী ঈহতা प्रदान करती है और सच्ची सुख   शान्ति का अधिकारी बना देती है | पंडित श्रीराम शर्मा आचार्य पुस्तकःगायत्री महाविद्या का तत्वदर्शन पाप नाशिनी गायत्री भगवती महाशक्ति गायत्री यह नहीं देखती कि साधक का पिछला जीवन कैसा रहा है | इस आधार किसी से घृणा भी नहीं करती | 4 दीपक प्रत्येक व्यक्ति को, चाहे वह भला हो या बुरा उसे प्रकाश देता है, उसका किसी व्यक्ति से बैर-विरोध नहीं माँ अपने बुरे से बुरे बेटे से भी सुधरने की आशा रखती है और उस पर अन्य पुत्रों की तरह स्नेह वर्षा करती है | गायत्री महाशक्ति की तुलना न तो दीपक से की जा सकती है और न ही शरीर को जन्म देने वाली माँ से। गायत्री महाशक्ति अपने शरण में आने वाले को दिव्य সক্াথা ঐলী ঔ, 3মী মন্সাযযািমী ননন কী ঈহতা प्रदान करती है और सच्ची सुख   शान्ति का अधिकारी बना देती है | पंडित श्रीराम शर्मा आचार्य पुस्तकःगायत्री महाविद्या का तत्वदर्शन
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    kirti Sahu
    ##जय मां गायत्री जय गुरुवर
    हरि शरणं परिस्थितियां चाहे जैसी भी हों, अगर हमारा मन शांत और संतुष्ट है, तो हम हर मुश्किल को आसानी से पार सकते हैं, बाहरी दुनिया की भागदौड़ में अक्सर कर हम वह भूल जाते हैं जो हमारे पास पहले से है, आज के दिन की शुरुआत अपनी उन खुशियों को याद करके करें जो आपके पास हैं सभी प्रभु प्रेमियों को सुबह की राम राम  हरि शरणं परिस्थितियां चाहे जैसी भी हों, अगर हमारा मन शांत और संतुष्ट है, तो हम हर मुश्किल को आसानी से पार सकते हैं, बाहरी दुनिया की भागदौड़ में अक्सर कर हम वह भूल जाते हैं जो हमारे पास पहले से है, आज के दिन की शुरुआत अपनी उन खुशियों को याद करके करें जो आपके पास हैं सभी प्रभु प्रेमियों को सुबह की राम राम
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  • Anamika - Author on ShareChat
    Anamika❤
    #🙏रोजाना भक्ति स्टेट्स #जय माता दी 🙏 #जय मां गायत्री
    1 जय मां गायत्री 1 जय मां गायत्री
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  • अनिल साहू - Author on ShareChat
    अनिल साहू
    #जय माँ गायत्री जय गुरुवर
    ज़िंदगी में जब बचपन के खेल खत्म हो जाते हैं, उसके बाद फिर किस्मत के खेल शुरू हो जाते हैं। शुभ रात्रि जय मां गायत्री ज़िंदगी में जब बचपन के खेल खत्म हो जाते हैं, उसके बाद फिर किस्मत के खेल शुरू हो जाते हैं। शुभ रात्रि जय मां गायत्री
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  • अनिल साहू - Author on ShareChat
    अनिल साहू
    #जय माँ गायत्री जय गुरुवर
    हरि शरणं राम रामेति रामेति, रमे रामे मनोरमे तत्तुल्यं, रामनाम वरानने सहस्रनाम भगवान शिव कहते है कि हे पार्वती पूरे ब्रह्मांड में सबसे बड़ा नाम राम नाम है राम नाम से बड़ा और कोई अन्य नाम नहीं है राम नाम विष्णु या नारायण बोलने से सत्य नाम है॰ हजार बार श्री हरि या एक बार राम बोलने के बराबर है। हरि शरणं राम रामेति रामेति, रमे रामे मनोरमे तत्तुल्यं, रामनाम वरानने सहस्रनाम भगवान शिव कहते है कि हे पार्वती पूरे ब्रह्मांड में सबसे बड़ा नाम राम नाम है राम नाम से बड़ा और कोई अन्य नाम नहीं है राम नाम विष्णु या नारायण बोलने से सत्य नाम है॰ हजार बार श्री हरि या एक बार राम बोलने के बराबर है।
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  • अनिल साहू - Author on ShareChat
    अनिल साहू
    #जय माँ गायत्री जय गुरुवर
    हरि शरणं আনামি ত্রীরয অত্ নীত বুতা ೩iಚ नतोड़्हं सदा सर्वदा तुभ्यं दुःखोद्य तातप्यमानं जरा जन्म प्रभो पाहि आपन्नमामीश शंभो मैं न तो योग जानता हूँ, न जप और न पूजा ही। हे शम्भो! मैं तो सदा-सर्वदा आपको ही नमस्कार करता हूँ। हे प्रभो! बुढ़ापा तथा जन्म | मृत्यु) के दुःख समूहों की दुःख से रक्षा कीजिए। हे से जलते हुए मुझ दुःखी ईश्वर! हे शम्भो! मैं आपको नमस्कार करता हूँ हरि शरणं আনামি ত্রীরয অত্ নীত বুতা ೩iಚ नतोड़्हं सदा सर्वदा तुभ्यं दुःखोद्य तातप्यमानं जरा जन्म प्रभो पाहि आपन्नमामीश शंभो मैं न तो योग जानता हूँ, न जप और न पूजा ही। हे शम्भो! मैं तो सदा-सर्वदा आपको ही नमस्कार करता हूँ। हे प्रभो! बुढ़ापा तथा जन्म | मृत्यु) के दुःख समूहों की दुःख से रक्षा कीजिए। हे से जलते हुए मुझ दुःखी ईश्वर! हे शम्भो! मैं आपको नमस्कार करता हूँ
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  • अनिल साहू - Author on ShareChat
    अनिल साहू
    #जय माँ गायत्री जय गुरुवर
    हरि शरणं fs बिस्वास भगति नहिं तेहि बिनु द्रवहिं न रामु fs बिश्रामु सपनेहुँ जीव न लह राम कृपा गोस्वामी जी कहते है कि सच्चा भक्त भगवान पर अटूट विश्वास विश्वास किये प्रभु कृपा प्राप्त रखता है॰ बिना भगवान पर करना सम्भव ही नहीं है, भगवान राम की कृपा के बिना स्वप्न में भी चैन नहीं मिलता इसलिये प्रभु श्रीराम पर अखंड विश्वास रखते हुए भक्ति करना ही सब प्रकार से लाभकारी है हरि शरणं fs बिस्वास भगति नहिं तेहि बिनु द्रवहिं न रामु fs बिश्रामु सपनेहुँ जीव न लह राम कृपा गोस्वामी जी कहते है कि सच्चा भक्त भगवान पर अटूट विश्वास विश्वास किये प्रभु कृपा प्राप्त रखता है॰ बिना भगवान पर करना सम्भव ही नहीं है, भगवान राम की कृपा के बिना स्वप्न में भी चैन नहीं मिलता इसलिये प्रभु श्रीराम पर अखंड विश्वास रखते हुए भक्ति करना ही सब प्रकार से लाभकारी है
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    kirti Sahu
    ##जय मां गायत्री जय गुरुवर
    हरि शरणं शिव अज सुक सनकादिक नारद जे मुनि ब्रम्हबिचार बिसारद सब कर मत खगनायक एहा करिअ राम पद पंकज नेहा काकभूसूंडी जी कहते है कि शिवजी, ब्रह्माजी, जी, शुकदेव सनकादिक सनक, सनंदन आदि चारों भाई) और देवर्षि नारद इनके अलावा भी जो ब्रह्मज्ञान (परम सत्य) के विचार में নথা विद्वान मुनि हैं, हे पक्षीराज गरुड़ जी! उन सभी निपुण परम सिद्धांत (निचोड़) यही है कि भगवान श्री रामचंद्र का एकमात्र जी के चरण कमलों में अटूट प्रेम किया जाए अर्थात संसार के तमाम गूढ़ ज्ञान और दर्शन का एकमात्र निचोड़ यही है कि अहंकार और संशय को छोड़कर भगवान राम के चरणों में निष्काम और सच्चा प्रेम किया जाए हरि शरणं शिव अज सुक सनकादिक नारद जे मुनि ब्रम्हबिचार बिसारद सब कर मत खगनायक एहा करिअ राम पद पंकज नेहा काकभूसूंडी जी कहते है कि शिवजी, ब्रह्माजी, जी, शुकदेव सनकादिक सनक, सनंदन आदि चारों भाई) और देवर्षि नारद इनके अलावा भी जो ब्रह्मज्ञान (परम सत्य) के विचार में নথা विद्वान मुनि हैं, हे पक्षीराज गरुड़ जी! उन सभी निपुण परम सिद्धांत (निचोड़) यही है कि भगवान श्री रामचंद्र का एकमात्र जी के चरण कमलों में अटूट प्रेम किया जाए अर्थात संसार के तमाम गूढ़ ज्ञान और दर्शन का एकमात्र निचोड़ यही है कि अहंकार और संशय को छोड़कर भगवान राम के चरणों में निष्काम और सच्चा प्रेम किया जाए
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  • अनिल साहू - Author on ShareChat
    अनिल साहू
    #जय माँ गायत्री जय गुरुवर
    हरि शरणं जनकसुता जग जननि जानकी, अतिसय प्रिय करुनानिधान की, ताके जुग पद कमल मनावउँ, निरमल मति पावउँ कृपाँ जासु पुत्री, जगत् की माता और करुणा निधान श्री राजा जनक की रामचन्द्रजी की प्रियतमा श्री जानकीजी के दोनों चरण कमलों को मैं मनाता हूँ॰ जिनकी कृपा से निर्मल बुद्धि पाऊँ श्रीरामचरितमानस, बालकांड १७/४ हरि शरणं जनकसुता जग जननि जानकी, अतिसय प्रिय करुनानिधान की, ताके जुग पद कमल मनावउँ, निरमल मति पावउँ कृपाँ जासु पुत्री, जगत् की माता और करुणा निधान श्री राजा जनक की रामचन्द्रजी की प्रियतमा श्री जानकीजी के दोनों चरण कमलों को मैं मनाता हूँ॰ जिनकी कृपा से निर्मल बुद्धि पाऊँ श्रीरामचरितमानस, बालकांड १७/४
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