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• 1 days ago
#🌐 राष्ट्रीय अपडेट #🆕 ताजा अपडेट #📢 ताज़ा खबर 🗞️ उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरु पूर्णिमा पर वाराणसी के दौरे पर जिले का नाम फिर से संत रविदास नगर करने की घोषणा की। उनके इस कदम की जमकर सराहना हो रही है। बहुजन समाज पार्टी की अध्यक्ष मायावती ने भी योगी आदित्यनाथ सरकार के इस कदम की जमकर प्रशंसा की है।
बसपा मुखिया ने शुक्रवार को एक्स पर इसको लेकर एक बड़ा पोस्ट किया। उन्होंने लिखा कि जैसा कि मीडिया की खबरों से सर्वविदित है कि यूपी की वर्तमान सरकार ने बीएसपी सरकार द्वारा भदोही को राज्य मुख्यालय का दर्जा देते हुये संत रविदास नगर के नाम से नया जिला बनाया था। जिसे समाजवादी पार्टी (सपा) की सरकार ने अपनी संकीर्ण जातिवादी मानसिकता के तहत बदल दिया था, इसे अब फिर से संत रविदास नगर जिला स्थापित कर दिया है, जिसके लिये पार्टी राज्य सरकार की आभारी है।
मायावती ने लिखा, वास्तव में बीएसपी की यूपी में रही चारों सरकारों में प्रशासनिक व्यवस्था को चुस्त-दुरुस्त करने व आम जनहित को बेहतर बनाने के मद्देनज़र अनेकों नये जिले, तहसील, विकास खण्ड तथा पुलिस जोन व रेंज आदि बनाये गये।
उनमें से कई ज़िलों के नाम दलित व अन्य पिछड़े वर्गों (ओबीसी) में समय-समय में जन्मे महान संतों, गुरुओं व महापुरुषों के नाम पर रखे गये और इसी क्रम में संत रविदास नगर व छत्रपति शाहूजी महाराज नगर व भीम नगर आदि अनेकों नये जिले बने। जिनके नाम सपा सरकार ने केवल अपनी जातिवादी सोच, द्वेष व संकीर्ण राजनीति के कारण बदल दिये, जिसको लोग कभी भी भुला नहीं पायेंगे।
बसपा मुखिया ने कहा कि इतना ही नहीं बल्कि ब्रज क्षेत्र में कासगंज इलाके के समुचित विकास के लिए कासंगज को जुला मुख्यालय का दर्जा देते हुये मान्यवर श्री कांशीराम जी के नाम पर नया जिला बनाया गया, जिसका भी नाम सपा सरकार ने अपने पीडीए-पिछड़ा दलित व अक्लियत विरोधी रवैयों के कारण बदल दिया।
मायावती ने लिखा कि ऐसे में यूपी सरकार संत रविदास नगर की तरह ही, मान्यवर श्री कांशीराम जी व अन्य महापुरुषों के नाम पर बनाये गये नये ज़िलों के भी असली नाम बहाल कर दे तो यह उचित होगा और यह कार्य अगर मान्यवर श्री कांशीराम जी के नौ अक्टूबर के परिनिर्वाण दिवस से पहले कर दिया जाये या उसी दिन ही कर दिया जाये तो बीएसपी इसके लिये आभारी रहेगी।
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