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kirti Sahu - Author on ShareChat
kirti Sahu
1K views • 19 days ago
##जय मां गायत्री जय गुरुवर
हरि शरणं ಡಡ তিমি থল जल रहि न सकाई कोटि भाँति कोउ करै उपाई तथा मोच्छ सुख सुनु खगराई न सकइ हरि भगति बिहाई जिस प्रकार कोई चाहे करोड़ों उपाय ले, लेकिन पृथ्वी రగగా जल के बिना नहीं रह सकती अर्थात जल के बिना धरती H और जीवनहीन हो जाती है ठीक उसी प्रकार सूखी भगवान की भक्ति को छोड़कर (बिना भक्ति के) मोक्ष का सुख भी नहीं मिल सकता और न ही वह सुख ठहर काकभुशुंडि जी गरुड़ जी से कह रहे हैं सकता है यहाँ कि ज्ञान मार्ग कठिन हो सकता है॰ लेकिन भक्ति मार्ग सुलभ और सर्वोपरि है, क्योंकि मोक्ष जैसा परम सुख भी हरि-भक्ति के अधीन है हरि शरणं ಡಡ তিমি থল जल रहि न सकाई कोटि भाँति कोउ करै उपाई तथा मोच्छ सुख सुनु खगराई न सकइ हरि भगति बिहाई जिस प्रकार कोई चाहे करोड़ों उपाय ले, लेकिन पृथ्वी రగగా जल के बिना नहीं रह सकती अर्थात जल के बिना धरती H और जीवनहीन हो जाती है ठीक उसी प्रकार सूखी भगवान की भक्ति को छोड़कर (बिना भक्ति के) मोक्ष का सुख भी नहीं मिल सकता और न ही वह सुख ठहर काकभुशुंडि जी गरुड़ जी से कह रहे हैं सकता है यहाँ कि ज्ञान मार्ग कठिन हो सकता है॰ लेकिन भक्ति मार्ग सुलभ और सर्वोपरि है, क्योंकि मोक्ष जैसा परम सुख भी हरि-भक्ति के अधीन है
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  • अनिल साहू - Author on ShareChat
    अनिल साहू
    #जय माँ गायत्री जय गुरुवर
    हरि शरणं राम रामेति रामेति, रमे रामे मनोरमे तत्तुल्यं, रामनाम वरानने सहस्रनाम भगवान शिव कहते है कि हे पार्वती पूरे ब्रह्मांड में सबसे बड़ा नाम राम नाम है राम नाम से बड़ा और कोई अन्य नाम नहीं है राम नाम विष्णु या नारायण बोलने से सत्य नाम है॰ हजार बार श्री हरि या एक बार राम बोलने के बराबर है। हरि शरणं राम रामेति रामेति, रमे रामे मनोरमे तत्तुल्यं, रामनाम वरानने सहस्रनाम भगवान शिव कहते है कि हे पार्वती पूरे ब्रह्मांड में सबसे बड़ा नाम राम नाम है राम नाम से बड़ा और कोई अन्य नाम नहीं है राम नाम विष्णु या नारायण बोलने से सत्य नाम है॰ हजार बार श्री हरि या एक बार राम बोलने के बराबर है।
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  • अनिल साहू - Author on ShareChat
    अनिल साहू
    #जय माँ गायत्री जय गुरुवर
    Il9 sf: II हे नाथ ! हे मेरे नाथ !! मैं आपको भूलूँ नहीं !! ८८ सब काम भगवान् का ही समझकर करें- - इसमें सब समय भगवान् का ही स्मरण होगा | - ११ श्रद्धेय स्वामीजी श्रीरामसुखदासजी महाराज स्मरण ही जीवन का सार है, भगवान् ही हमारा आधार है। Il9 sf: II हे नाथ ! हे मेरे नाथ !! मैं आपको भूलूँ नहीं !! ८८ सब काम भगवान् का ही समझकर करें- - इसमें सब समय भगवान् का ही स्मरण होगा | - ११ श्रद्धेय स्वामीजी श्रीरामसुखदासजी महाराज स्मरण ही जीवन का सार है, भगवान् ही हमारा आधार है।
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  • AshaKushwah - Author on ShareChat
    💥❤️‍🔥Asha🦋Kushwah❤️‍🔥💥
    जय माता गायत्री 🙏🌹🌅🇮🇳 #जय हो गायत्री माता की #🙏जय गायत्री माता🙏 #🙏जय गायत्री माता🌺 #जय गायत्री माता #जय गायत्री माता 🙏🙏
    शुभं कुरु त्वं कल्याणी , आरोग्यं धनसंपदाम्। माँ गायत्री का आशीर्वाद Sassy Ashu शुभं कुरु त्वं कल्याणी , आरोग्यं धनसंपदाम्। माँ गायत्री का आशीर्वाद Sassy Ashu
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  • Anamika - Author on ShareChat
    Anamika❤
    #🙏रोजाना भक्ति स्टेट्स #जय माता दी 🙏 #जय मां गायत्री
    1 जय मां गायत्री 1 जय मां गायत्री
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  • अनिल साहू - Author on ShareChat
    अनिल साहू
    #जय माँ गायत्री जय गुरुवर
    हरि शरणं fs बिस्वास भगति नहिं तेहि बिनु द्रवहिं न रामु fs बिश्रामु सपनेहुँ जीव न लह राम कृपा गोस्वामी जी कहते है कि सच्चा भक्त भगवान पर अटूट विश्वास विश्वास किये प्रभु कृपा प्राप्त रखता है॰ बिना भगवान पर करना सम्भव ही नहीं है, भगवान राम की कृपा के बिना स्वप्न में भी चैन नहीं मिलता इसलिये प्रभु श्रीराम पर अखंड विश्वास रखते हुए भक्ति करना ही सब प्रकार से लाभकारी है हरि शरणं fs बिस्वास भगति नहिं तेहि बिनु द्रवहिं न रामु fs बिश्रामु सपनेहुँ जीव न लह राम कृपा गोस्वामी जी कहते है कि सच्चा भक्त भगवान पर अटूट विश्वास विश्वास किये प्रभु कृपा प्राप्त रखता है॰ बिना भगवान पर करना सम्भव ही नहीं है, भगवान राम की कृपा के बिना स्वप्न में भी चैन नहीं मिलता इसलिये प्रभु श्रीराम पर अखंड विश्वास रखते हुए भक्ति करना ही सब प्रकार से लाभकारी है
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  • अनिल साहू - Author on ShareChat
    अनिल साहू
    #जय माँ गायत्री जय गुरुवर
    हरि शरणं আনামি ত্রীরয অত্ নীত বুতা ೩iಚ नतोड़्हं सदा सर्वदा तुभ्यं दुःखोद्य तातप्यमानं जरा जन्म प्रभो पाहि आपन्नमामीश शंभो मैं न तो योग जानता हूँ, न जप और न पूजा ही। हे शम्भो! मैं तो सदा-सर्वदा आपको ही नमस्कार करता हूँ। हे प्रभो! बुढ़ापा तथा जन्म | मृत्यु) के दुःख समूहों की दुःख से रक्षा कीजिए। हे से जलते हुए मुझ दुःखी ईश्वर! हे शम्भो! मैं आपको नमस्कार करता हूँ हरि शरणं আনামি ত্রীরয অত্ নীত বুতা ೩iಚ नतोड़्हं सदा सर्वदा तुभ्यं दुःखोद्य तातप्यमानं जरा जन्म प्रभो पाहि आपन्नमामीश शंभो मैं न तो योग जानता हूँ, न जप और न पूजा ही। हे शम्भो! मैं तो सदा-सर्वदा आपको ही नमस्कार करता हूँ। हे प्रभो! बुढ़ापा तथा जन्म | मृत्यु) के दुःख समूहों की दुःख से रक्षा कीजिए। हे से जलते हुए मुझ दुःखी ईश्वर! हे शम्भो! मैं आपको नमस्कार करता हूँ
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  • kirti Sahu - Author on ShareChat
    kirti Sahu
    ##जय मां गायत्री जय गुरुवर
    हरि शरणं सो सुखु करमु धरमु जरि जाऊ जहॅँ न राम पद पंकज भाऊ जोगु कुजोगु ग्यानु अग्यानू जहँ नहिं राम प्रेम परधानू वह सुख, वह कर्म और वह धर्म जल जाए॰ जिसमें श्री राम जी के चरण कमलों के प्रति प्रेम या भाव न हो, वह योग भी कुयोग है और वह ज्ञान भी अज्ञान के समान है, जहाँ श्री राम जी के प्रति प्रेम सर्वोपरि न हो, अर्थात संसार का कोई भी सुख, कर्म, धर्म, योग या ज्ञान तब तक निरर्थक और जब तक कि मनुष्य के हृदय में भगवान श्री राम बेकार है के प्रति सच्ची भक्ति और प्रेम न हो, राम-प्रेम के बिना बड़ी से बड़ी उपलब्धि भी व्यर्थ मानी गई है हरि शरणं सो सुखु करमु धरमु जरि जाऊ जहॅँ न राम पद पंकज भाऊ जोगु कुजोगु ग्यानु अग्यानू जहँ नहिं राम प्रेम परधानू वह सुख, वह कर्म और वह धर्म जल जाए॰ जिसमें श्री राम जी के चरण कमलों के प्रति प्रेम या भाव न हो, वह योग भी कुयोग है और वह ज्ञान भी अज्ञान के समान है, जहाँ श्री राम जी के प्रति प्रेम सर्वोपरि न हो, अर्थात संसार का कोई भी सुख, कर्म, धर्म, योग या ज्ञान तब तक निरर्थक और जब तक कि मनुष्य के हृदय में भगवान श्री राम बेकार है के प्रति सच्ची भक्ति और प्रेम न हो, राम-प्रेम के बिना बड़ी से बड़ी उपलब्धि भी व्यर्थ मानी गई है
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  • अनिल साहू - Author on ShareChat
    अनिल साहू
    #जय माँ गायत्री जय गुरुवर
    हरि शरणं जनकसुता जग जननि जानकी, अतिसय प्रिय करुनानिधान की, ताके जुग पद कमल मनावउँ, निरमल मति पावउँ कृपाँ जासु पुत्री, जगत् की माता और करुणा निधान श्री राजा जनक की रामचन्द्रजी की प्रियतमा श्री जानकीजी के दोनों चरण कमलों को मैं मनाता हूँ॰ जिनकी कृपा से निर्मल बुद्धि पाऊँ श्रीरामचरितमानस, बालकांड १७/४ हरि शरणं जनकसुता जग जननि जानकी, अतिसय प्रिय करुनानिधान की, ताके जुग पद कमल मनावउँ, निरमल मति पावउँ कृपाँ जासु पुत्री, जगत् की माता और करुणा निधान श्री राजा जनक की रामचन्द्रजी की प्रियतमा श्री जानकीजी के दोनों चरण कमलों को मैं मनाता हूँ॰ जिनकी कृपा से निर्मल बुद्धि पाऊँ श्रीरामचरितमानस, बालकांड १७/४
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  • अनिल साहू - Author on ShareChat
    अनिल साहू
    https://chatgpt.com/s/m_6a7422d8c79c8191a4cf274e415213b8 #जय माँ गायत्री जय गुरुवर
    30 सुप्रभात गुरुवार 35 विष्णु का दिन है। भगवान श्री हरि विष्णु जी की कृपा आप और आपके परिवार पर सदैव बनी रहे। आज गुरुवार के पावन दिन पर विष्णु 7 যী সাথনা ঔ ক্ি ঐ भगवान में सुख, glifd; आपके जीवन समृद्धि और उत्तम स्वास्थ्य प्रदान करें। CO जहाँ श्रद्धा है, वहाँ शक्ति है। जहाँ विश्वास है, वहाँ विजय है। आशीर्वाद है, विष्णु 7 जहॉ भगवान ಹT वहाँ हर कार्य सफल है। ३ँ नमो भगवते वासुदेवाय आपका दिन मंगलमय एवं शुभ होे। शुभ गुरुवार 30 सुप्रभात गुरुवार 35 विष्णु का दिन है। भगवान श्री हरि विष्णु जी की कृपा आप और आपके परिवार पर सदैव बनी रहे। आज गुरुवार के पावन दिन पर विष्णु 7 যী সাথনা ঔ ক্ি ঐ भगवान में सुख, glifd; आपके जीवन समृद्धि और उत्तम स्वास्थ्य प्रदान करें। CO जहाँ श्रद्धा है, वहाँ शक्ति है। जहाँ विश्वास है, वहाँ विजय है। आशीर्वाद है, विष्णु 7 जहॉ भगवान ಹT वहाँ हर कार्य सफल है। ३ँ नमो भगवते वासुदेवाय आपका दिन मंगलमय एवं शुभ होे। शुभ गुरुवार
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