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#गुलज़ार साहब की शायरी #गुलज़ार साहब के शायरी #गुलज़ार साहब📝
गुलज़ार साहब की शायरी - nisha | कुछ ख़्वाबों के ख़त इन में 9 कुछ चाँद के आईने , सूरज की शुआएँ हैंnmn के लिफाफ़ों में कुछ मेरे तजुर्बे हैं नज़मों कुछ मेरी दुआएँ हैं II লনা निकलोगे सफ़र पर जब यह साथ में रख शायद कहीं काम आएँ. nisha | कुछ ख़्वाबों के ख़त इन में 9 कुछ चाँद के आईने , सूरज की शुआएँ हैंnmn के लिफाफ़ों में कुछ मेरे तजुर्बे हैं नज़मों कुछ मेरी दुआएँ हैं II লনা निकलोगे सफ़र पर जब यह साथ में रख शायद कहीं काम आएँ. - ShareChat