सुशील मेहता
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महाराणा प्रताप जयंती
हिंदू पंचांग के अनुसार महाराणा प्रताप का जन्म विक्रम संवत 1597 ज्येष्ठ माह में शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि पर हुआ था। वहीं अग्रेंजी कैलेंडर के अनुसार महाराण प्रताप का जन्म 9 मई, 1540 में हुआ था। महाराणा प्रताप का जन्म राजस्थान के कुंभलगढ़ में हुआ था। महाराणा प्रताप ने कई बार रणभूमि में मुगल शासक तो टक्कर दी थी। राजस्थान में महाराणा प्रताप के जन्मोत्सव को बड़े ही धूम- धाम से मनाया जाता है। महाराणा प्रताप ने अपनी मां से युद्ध कौशल की शिक्षा ग्रहण की थी।
महाराणा प्रताप ने हल्दीघाटी के युद्ध में अकबर को पूरी टक्कर दी थी। जबकि महाराणा प्रताप के पास केवल 20 हजार सैनिक थे और अकबर के पास करीबन 85 हजार सैनिकों की सेना थी। इसके बावजूद इस युद्ध को अकबर जीत नहीं पाया था।
महाराणा प्रताप के भाले का वजन 81 किलो और छाती के कवच का वजन 72 किलो था। महाराणा प्रताप कभी भी मुगलों के सामने झुके नहीं। हर बार उन्होंने मुगलों को मुंह तोड़ जवाब दिया।
महाराणा प्रताप का सबसे प्रिय घोडे़ का नाम चेतक था। वह घोड़ा भी बहुत बहादुर था। हल्दी घाटी में आज भी चेतक की समाधि बनी हुई है। हल्दीघाटी के युद्ध के दौरान ही चेतक की मृत्यु हो गई थी। महाराणा प्रताप के शासनकाल में सबसे रोचक तथ्य यह है कि मुगल सम्राट अकबर बिना युद्ध के प्रताप को अपने अधीन लाना चाहता था इसलिए अकबर ने प्रताप को समझाने के लिए चार राजदूत नियुक्त किए जिसमें सर्वप्रथम सितम्बर 1572 ई. में जलाल खाँ प्रताप के खेमे में गया, इसी क्रम में मानसिंह (1573 ई. में ), भगवानदास ( सितम्बर, 1573 ई. में ) तथा राजा टोडरमल ( दिसम्बर,1573 ई. ) प्रताप को समझाने के लिए पहुँचे, लेकिन राणा प्रताप ने चारों को निराश किया, इस तरह राणा प्रताप ने मुगलों की अधीनता स्वीकार करने से मना कर दिया जिसके परिणामस्वरूप हल्दी घाटी का ऐतिहासिक युद्ध हुआ।
#शत शत नमन
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