sn vyas
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अंधकार में अलौकिक प्रकाश और संकट से उद्धार: स्वयंप्रभा गुफा में वानर सेना की रक्षा ......
## सुंदरकांड ##सुंदरकांड पाठ चौपाई📙🚩 #जय सियाराम सुंदरकांड 🚩
माता सीता की खोज में दक्षिण दिशा की ओर बढ़ा वानर दल जब भटकते- भटकते भूख, प्यास और थकान से व्याकुल होकर एक घोर अंधकारमयी और विशाल गुफा में प्रवेश कर गया, तो वे सब जीवन की आस छोड़ चुके थे। लेकिन वहीं पर उन्हें प्रभु की लीला से एक परम तपस्विनी के दर्शन हुए। इस चमत्कारी और दिव्य प्रसंग को इस अद्वितीय चित्र के माध्यम से गहराई से समझिए
स्वयंप्रभा गुफा......
रंग-बिरंगे दैवीय क्रिस्टल्स, चमकीले पत्थरों, सोने के वृक्षों और मीठे पानी की सरोवरों से सजी एक अलौकिक रहस्यमयी गुफा, जिसे मय दानव ने बनाया था।
दिव्य तपस्विनी स्वयंप्रभा.....
चित्र के केंद्र में साक्षात तेज से दमकती हुई योगिनी स्वयंप्रभा, जो अपने तपोबल से इस पावन स्थल की रक्षा कर रही थीं। उन्होंने न केवल भूखे-प्यासे वानरों को दिव्य फल और शीतल जल देकर उनकी प्राण रक्षा की,बल्कि अपनी योग-शक्ति से पलक झपकते ही पूरी सेना को समुद्र तट पर पहुँचा दिया।
कृतज्ञ वीर हनुमान और जाम्बवंत तपस्विनी के सामने हाथ जोड़कर पूरी श्रद्धा से खड़े संकटमोचन हनुमान जी और परम ज्ञानी ऋच्छराज जाम्बवंत
जी, जो प्रभु श्री राम के नाम की महिमा सुनकर स्वयंप्रभा के इस परम सहयोग के प्रति कृतज्ञता प्रकट कर रहे हैं।
"एक गुफा देखी तिन जाई,
जहाँ तपस्या करई एक माई।"
संकट के समय ईश्वर द्वारा भेजे गए मार्गदर्शक और निस्वार्थ सहायता के इस महान पौराणिक प्रसंग।।
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