sn vyas
656 views 17 days ago
#ॐ नमः शिवाय *🕉️ शिवभक्त औऱ #यमराज 🕉️* `शिवभक्त यमराज के लिए भी सदैव पूजनीय है ।` `यम एवं उनके गण सदा उनका सम्मान करते हैं ।` `वे कभी यमदंड के अधिकारी नहीं होते ।` *📜 प्रमाण –* `१. स्कन्दपुराण , सूतसंहिता , यज्ञवैभवखण्ड अध्याय १८ ~` `प्रथम प्रमाण श्लोक –` *"त्रिपुण्ड भस्मना स्कन्धे ललाटे च तथा हृदि ।* *यो दधाति महाप्रीत्या तं त्वं परिहर प्रभुम् ॥"* `शब्दार्थ 👉🏻 जो मनुष्य कंधे , ललाट एवं हृदय पर भस्म का त्रिपुण्ड अत्यंत प्रीति से धारण करता है , हे प्रभु ! तुम उसे छोड़ दो ।` `भावार्थ 👉🏻 भस्म तथा त्रिपुण्डधारी को यमदूत स्पर्श भी नहीं कर सकते ।` `द्वितीय प्रमाण श्लोक –` *"नित्यं लिङ्गे महादेवं साक्षात्संसारमोचकम्।* *आराधयति यो मर्त्यस्तं त्वं परिहर प्रभुम् ॥"* `शब्दार्थ 👉🏻 जो मनुष्य प्रतिदिन संसार से मुक्ति देने वाले साक्षात् महादेव लिंग की आराधना करता है , हे प्रभु ! उसे छोड़ दो ।` `भावार्थ 👉🏻 नित्य शिवपूजक यमपाश से सदैव मुक्त रहता है ।` `तृतीय प्रमाण श्लोक –` *"रुद्राक्ष त्रीणि षड्वैकं परया श्रद्धया सह ।* *दधाति नित्यं यो मर्त्यस्तं त्वं परिहर प्रभुम् ॥"* `शब्दार्थ 👉🏻 जो मनुष्य परम् श्रद्धा के साथ ३, ६ अथवा अधिक रुद्राक्ष प्रतिदिन धारण करता है , हे प्रभु ! उसे छोड़ दो ।` `भावार्थ 👉🏻 रुद्राक्षधारी भी यमदंड का अधिकारी नहीं होता ।` `२. शिवमहापुराण , विद्येश्वरसंहिता अध्याय २५ –` `यमराज का अपने गणों को आदेश ~` *"ज्ञात्वा ज्ञात्वा तत्प्रभावं भस्मरुद्राक्षधारिणः ।* *ते पूज्याः सर्वदास्माकं नो नेतव्याः कदाचन ॥"* `शब्दार्थ 👉🏻 भस्म औऱ रुद्राक्ष धारण करने वालों के प्रभाव को भली-भांति जानकर , वे सदैव हमारे द्वारा पूजनीय हैं । उन्हें कभी भी यमलोक में नहीं लाना चाहिए ।` `भावार्थ 👉🏻 शिवभक्त यमराज के लिए भी वंदनीय हैं ।` *🔱 निष्कर्ष –*`त्रिपुण्ड , रुद्राक्ष , पंचाक्षर जप , एवं शिवलिंग पूजा अर्थात – यम से मुक्ति ।` हर हर महादेव🙏🏻🚩 `© सर्वाधिकार सुरक्षित – आदिअनादि अनंत शिवहर🚩 चैनल` `#आदिअनादिशिवहर` `#हरहरमहादेव` `#शिवभक्त` `#त्रिपुण्ड` `#रुद्राक्ष` `#स्कन्दपुराण` `#शिवमहापुराण` `#सनातनधर्म` `#यमराज` `#मोक्ष`
21 likes
14 shares

More like this