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कलाम अमीर ख़ुसरो #सूफी काव्य
सूफी काव्य - कलाम कि मन बूदम -মনস ঐ সড়িল নুন থান আৎ ब-हर ्सू रक़्स ए-बिस्मिल बूद शब जाए कि मन बूदम कल रात जहाँ मैं था वो एक अज्ञात जगह थी, कल जहाँ मैं था हर तरफ़ ज़ख़्मियों(चायलों ) का नाच हो रहा था परी-पैकर निगारे सर्व क़द्दे लालः रुख़्सारे आफ़त ए-दिल बूद शब जाए कि मन बूदम सरापा कल रात जहाँ मैं था लाला चेहरे (दिल ' वाला), लम्बे क़द लुभाने  और परी जैसे लोग,हमारे दिल के लिए आफत बने हुए थे रक़ीबाँ गोश-बर आवाज़ ऊ दर नाज़नओ-्मन तरसाँ सुख़न गुफ़्तन चे मुश्किल बूद शब जाए कि मन बूदम जहाँ मैं था तमाम रक़ीब (प्रतिस्पर्धी) उस की बात पर कल रात धरे हुए थे, वह अभिमान में था और मैं डरा था, वहाँ बात कान भी मुश्किल हो गया था HI ख़ुदा ख़ुद मीर-ए॰्मज्लिस बूद अंदर ला-्मकाँ ख़ुसरौ' मोहम्मद शम्अ ए ्महफ़िल बूद शब जाए कि मन बूदम ऐ ख़ुसरौ' कल जहाँ मैं था वहाँ ख़ुदा ख़ुद सभा ्अध्यक्ष था, जब कि हज़रत मोहम्मद महफ़िल की शम' थे आतिश ए इश्क़ ए॰तू दामन सोख़्त ऐ ख़ुसरौ' TRI 3೮ मोहम्मद शम्अ एन्महफ़िल बूद शब जाए कि मन बूदम ऐ ख़ुसरौ' इश्क़ की आग ने मेरा दामन जला डाला, कल रात जहाँ मैं था वहाँ हज़रत मोहम्मद ख़ुद शम' -ए ्महफ़िल थे (अमीर ख़ुसरो) Motivationat Vdeos App Want कलाम कि मन बूदम -মনস ঐ সড়িল নুন থান আৎ ब-हर ्सू रक़्स ए-बिस्मिल बूद शब जाए कि मन बूदम कल रात जहाँ मैं था वो एक अज्ञात जगह थी, कल जहाँ मैं था हर तरफ़ ज़ख़्मियों(चायलों ) का नाच हो रहा था परी-पैकर निगारे सर्व क़द्दे लालः रुख़्सारे आफ़त ए-दिल बूद शब जाए कि मन बूदम सरापा कल रात जहाँ मैं था लाला चेहरे (दिल ' वाला), लम्बे क़द लुभाने  और परी जैसे लोग,हमारे दिल के लिए आफत बने हुए थे रक़ीबाँ गोश-बर आवाज़ ऊ दर नाज़नओ-्मन तरसाँ सुख़न गुफ़्तन चे मुश्किल बूद शब जाए कि मन बूदम जहाँ मैं था तमाम रक़ीब (प्रतिस्पर्धी) उस की बात पर कल रात धरे हुए थे, वह अभिमान में था और मैं डरा था, वहाँ बात कान भी मुश्किल हो गया था HI ख़ुदा ख़ुद मीर-ए॰्मज्लिस बूद अंदर ला-्मकाँ ख़ुसरौ' मोहम्मद शम्अ ए ्महफ़िल बूद शब जाए कि मन बूदम ऐ ख़ुसरौ' कल जहाँ मैं था वहाँ ख़ुदा ख़ुद सभा ्अध्यक्ष था, जब कि हज़रत मोहम्मद महफ़िल की शम' थे आतिश ए इश्क़ ए॰तू दामन सोख़्त ऐ ख़ुसरौ' TRI 3೮ मोहम्मद शम्अ एन्महफ़िल बूद शब जाए कि मन बूदम ऐ ख़ुसरौ' इश्क़ की आग ने मेरा दामन जला डाला, कल रात जहाँ मैं था वहाँ हज़रत मोहम्मद ख़ुद शम' -ए ्महफ़िल थे (अमीर ख़ुसरो) Motivationat Vdeos App Want - ShareChat