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MEKHRAM SAHU - Author on ShareChat
MEKHRAM SAHU
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#🌴🌹🙏साहेब बंदगी साहेब🙏🌹🌴
सत्यनाम ।l गांवो सखी सुनाम I। कबीर भजन ।। गावो सखी सुनाम , तो मंगल गाइये। भवसागर संसार, परम पद पाइये।। गुरू के रूप सरुप, तो समरथ पाइये। मिटे कर्म के अंक, बहुरि नहीं आइये।। सुनो सखी यह बार, बहुरि नहीं पाइये। ऐसे अवसर आज, पिया घर जाइये।।  विसार , गुण गहा राखिये। जग की आस पिया मिले सनेही , परम सुख पाइये।। जब कबीर कहे सुनो भाई साधो, सहज समाना राम। खसम चुरामन जान , और नहीं ध्याइये। जिन खोजा तिन पाइया , आमिन कहे विचार , परम सुख पाइये।। गहरे पानी पैठि थाम।। साहेब बंदगी साहेब II नाम जपो साहेब एक है जीवन संवारो नाम अनेक कबीर वाणी अमृत है सुनो , समझो और जीवन में उतारो। सत्यनाम ।l गांवो सखी सुनाम I। कबीर भजन ।। गावो सखी सुनाम , तो मंगल गाइये। भवसागर संसार, परम पद पाइये।। गुरू के रूप सरुप, तो समरथ पाइये। मिटे कर्म के अंक, बहुरि नहीं आइये।। सुनो सखी यह बार, बहुरि नहीं पाइये। ऐसे अवसर आज, पिया घर जाइये।।  विसार , गुण गहा राखिये। जग की आस पिया मिले सनेही , परम सुख पाइये।। जब कबीर कहे सुनो भाई साधो, सहज समाना राम। खसम चुरामन जान , और नहीं ध्याइये। जिन खोजा तिन पाइया , आमिन कहे विचार , परम सुख पाइये।। गहरे पानी पैठि थाम।। साहेब बंदगी साहेब II नाम जपो साहेब एक है जीवन संवारो नाम अनेक कबीर वाणी अमृत है सुनो , समझो और जीवन में उतारो।
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    #🌴🌹🙏साहेब बंदगी साहेब🙏🌹🌴
    प्रथम फंदे सब देवता , बिल्सै स्वर्ग निवास | সীম্ভ मगन सुख पायीया , मृत्यु लोक की आस । [ प्रथम फंदे सब देवता , बिल्सै स्वर्ग निवास | সীম্ভ मगन सुख पायीया , मृत्यु लोक की आस । [
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    #🌴🌹🙏साहेब बंदगी साहेब🙏🌹🌴
    ग्रंथ पढ़े और वेद पढ़े, पढ डाले कुरआन। प्रेम न जाना हृद्य का, तो सब पढ़ना बेकार।। "प्रेम हीसच्चा ज्ञान है।" कबीर साहिब अमृतवाणी प्रेम ही परमात्मा है | सत साहिब | ग्रंथ पढ़े और वेद पढ़े, पढ डाले कुरआन। प्रेम न जाना हृद्य का, तो सब पढ़ना बेकार।। "प्रेम हीसच्चा ज्ञान है।" कबीर साहिब अमृतवाणी प्रेम ही परमात्मा है | सत साहिब |
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    चारिऊँ वेद पढ़ाई करि, हरि सूँ न लाया हेत। वालि कबीरा ले गया, पण्डित ढूँढै खेत।I "ग्रंथों का ज्ञान तभी सार्थक है, हृदय में हरि-प्रेम जागे। " जब FOLLOW GOD VLOGS प्रेम - भक्ति - ज्ञान 3শেচlন
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    #🌴🌹🙏साहेब बंदगी साहेब🙏🌹🌴
    सतगुरू कबीर साहेब वाणी बंदौ चरण सरोज रज, मुद मंगल आगार | जेहि सेवत नर होत हैं, भवसागर से पर Il सतगुरु कबीर साहेब कहते हैं कि मैं उनके चरण ्कमलों की रज को प्रणाम करता हूँ जो सभी प्रकार के मांगलों के भंडार हैं | जिसकी सेवा करने से मनुष्य इस संसार रूघी हो जाता हैं | भवसागर से R साहेब 7 सप्रेम साहेब बंदगी साहेब सतगुरू कबीर साहेब वाणी बंदौ चरण सरोज रज, मुद मंगल आगार | जेहि सेवत नर होत हैं, भवसागर से पर Il सतगुरु कबीर साहेब कहते हैं कि मैं उनके चरण ्कमलों की रज को प्रणाम करता हूँ जो सभी प्रकार के मांगलों के भंडार हैं | जिसकी सेवा करने से मनुष्य इस संसार रूघी हो जाता हैं | भवसागर से R साहेब 7 सप्रेम साहेब बंदगी साहेब
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    #🌴🌹🙏साहेब बंदगी साहेब🙏🌹🌴
    चींटी चावल ले चली, बीच में मिल गई दाल | कहत कबीर दो ना मिले, एक ले दूजी डाल II SKabi Se Sam Sp चींटी चावल ले चली, बीच में मिल गई दाल | कहत कबीर दो ना मिले, एक ले दूजी डाल II SKabi Se Sam Sp
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    #🌴🌹🙏साहेब बंदगी साहेब🙏🌹🌴
    कबीर कबीर अक्षर अनादि है, वेदों मैं प्रचारः कबीर अक्षर समझाने , साहेब प्रगटे बार बार कबीर अक्षर का कोई जन्म नहीं , नाहिं बिंद आधार; कबीर अक्षर कोई जाति नहीं , नाहिं वर्ण आधार. कबीर अक्षर का कोई रूप नहीं, नाहीं रंग आधार; कबीर अक्षर की कोई रेखा नहीं , चिन्ह नाहीं आधार. कबीर अक्षर पार ब्रह्म है, यही है चेतन सार; कबीर अक्षर जिन जानिया, उतरे भव जल पार. कबीर अक्षर सत्यनाम है, ये ही सत्यपुरुष निरालम्बकार; कबीर अक्षर साहेब है, ये ही दिव्य शब्द सार. कबीर अक्षर ही निःअक्षर है, ये ही सतगुरू ज्ञान; कबीर अक्षर को समझ के, पावे आत्म ज्ञान. कबीर अक्षर को समझना , ये ही खांडे की धार! कबीर अक्षर को जिन समझा , पाया साहेब का दीदार. कबीर अक्षर अनादि है, वेदों मै प्रचार; कबीर अक्षर समझाने , साहेब प्रगटे बार बार. 09 कबीर कबीर अक्षर अनादि है, वेदों मैं प्रचारः कबीर अक्षर समझाने , साहेब प्रगटे बार बार कबीर अक्षर का कोई जन्म नहीं , नाहिं बिंद आधार; कबीर अक्षर कोई जाति नहीं , नाहिं वर्ण आधार. कबीर अक्षर का कोई रूप नहीं, नाहीं रंग आधार; कबीर अक्षर की कोई रेखा नहीं , चिन्ह नाहीं आधार. कबीर अक्षर पार ब्रह्म है, यही है चेतन सार; कबीर अक्षर जिन जानिया, उतरे भव जल पार. कबीर अक्षर सत्यनाम है, ये ही सत्यपुरुष निरालम्बकार; कबीर अक्षर साहेब है, ये ही दिव्य शब्द सार. कबीर अक्षर ही निःअक्षर है, ये ही सतगुरू ज्ञान; कबीर अक्षर को समझ के, पावे आत्म ज्ञान. कबीर अक्षर को समझना , ये ही खांडे की धार! कबीर अक्षर को जिन समझा , पाया साहेब का दीदार. कबीर अक्षर अनादि है, वेदों मै प्रचार; कबीर अक्षर समझाने , साहेब प्रगटे बार बार. 09
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    सत्यनाम Kabir bhakti am सत्यनाम Kabir bhakti am
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    #🌴🌹🙏साहेब बंदगी साहेब🙏🌹🌴
    सुबह की शुरुआत सतज्ञान के साथ कबीर साहिब जी का ज्ञान जो जागा सो पाया, जो सोया सो खोया, মময যঁনাযা ওল্কীন, ক্িং হীমা এচলামা] मानुष जन्म दुर्लभ है, बार-बार नहीं होय, जो इस जीवन में साधना करे, वही पार उतरे। पढ़-्पढ़ गढ़-पढ़ जग मुआ , पंडित भया न कोय, ढाई आखर प्रेम का, पढ़े सो पंडित होय। तिरगुन " माया महा ठगिनी हम जानी , ক্াঁম लीन। कहे कबीर गुरु मिले तो, छूटे जनम की कीन। प्रभु नाम की ज्योति जलाओ , अज्ञान अंधेरा  मिट जायेगा , सतगुरु की शरण में आओ , जीवन सफल हाो जायेगा | आज का संदेश सुबह का समय सबसे पवित्र होता है। इस समय यदि हम वाणी कबीर सतगुरु का स्मरण करें , नाम सुमिरन करें और सकालामक सतनाम विचारों के साथ दिन की शुरुआत करें , तो हमारा पूरा दिन की डोरी से शांति, सुख और सफलता से भरा होगा | बंधे रहो, उठो , जागो और ज्ञान का प्रकाश फैलाओ जीवन की नैया पार होगी| कबीर भजन ज्ञान सत साहिब जी सतनाम कगारभनन 5 सुबह की शुरुआत सतज्ञान के साथ कबीर साहिब जी का ज्ञान जो जागा सो पाया, जो सोया सो खोया, মময যঁনাযা ওল্কীন, ক্িং হীমা এচলামা] मानुष जन्म दुर्लभ है, बार-बार नहीं होय, जो इस जीवन में साधना करे, वही पार उतरे। पढ़-्पढ़ गढ़-पढ़ जग मुआ , पंडित भया न कोय, ढाई आखर प्रेम का, पढ़े सो पंडित होय। तिरगुन " माया महा ठगिनी हम जानी , ক্াঁম लीन। कहे कबीर गुरु मिले तो, छूटे जनम की कीन। प्रभु नाम की ज्योति जलाओ , अज्ञान अंधेरा  मिट जायेगा , सतगुरु की शरण में आओ , जीवन सफल हाो जायेगा | आज का संदेश सुबह का समय सबसे पवित्र होता है। इस समय यदि हम वाणी कबीर सतगुरु का स्मरण करें , नाम सुमिरन करें और सकालामक सतनाम विचारों के साथ दिन की शुरुआत करें , तो हमारा पूरा दिन की डोरी से शांति, सुख और सफलता से भरा होगा | बंधे रहो, उठो , जागो और ज्ञान का प्रकाश फैलाओ जीवन की नैया पार होगी| कबीर भजन ज्ञान सत साहिब जी सतनाम कगारभनन 5
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    MEKHRAM SAHU
    #🌴🌹🙏साहेब बंदगी साहेब🙏🌹🌴
    सत््गुरू कबीर साहेब वाणी चंचल मन की दौड़ को , गुरु ही पावे पार। अंतिम क्षण की चूक भी, भटकावे संसार Il भावार्थ सतगुरु कबीर साहेब कहते हैं कि चंचल और अशांत मन अनेक विचारों और इच्छाओं के इस वाणी से सीख पीछे भागता रहता है। इस मन की दौड़ से जीव थक जाता है, भटक जाता है। ऐसे मन को केवल सटगुरु की शरण, उनकी भक्ति और उनके बताए मार्ग से ही पार पाया 81 जा सकता गुरू भक्ति और गुरु का मार्ग ही ஈ समय रहते और यदि अंतिम समय में भी साधना, स्मरण सतगुरु के चरणों सुमिरन से ही सही दिशा और साधना करो, और गुरू-भक्ति में चूक हो जाए, तो जीव में लगाओ| मन को शांति मिलती है। जीवन अनमोल है। পাং ওনানে নালা ট1 संसार के बंधनों में भटकता ही रहता है। सप्रेम साहेब बंदगी साहेब Y7n ' सत््गुरू कबीर साहेब वाणी चंचल मन की दौड़ को , गुरु ही पावे पार। अंतिम क्षण की चूक भी, भटकावे संसार Il भावार्थ सतगुरु कबीर साहेब कहते हैं कि चंचल और अशांत मन अनेक विचारों और इच्छाओं के इस वाणी से सीख पीछे भागता रहता है। इस मन की दौड़ से जीव थक जाता है, भटक जाता है। ऐसे मन को केवल सटगुरु की शरण, उनकी भक्ति और उनके बताए मार्ग से ही पार पाया 81 जा सकता गुरू भक्ति और गुरु का मार्ग ही ஈ समय रहते और यदि अंतिम समय में भी साधना, स्मरण सतगुरु के चरणों सुमिरन से ही सही दिशा और साधना करो, और गुरू-भक्ति में चूक हो जाए, तो जीव में लगाओ| मन को शांति मिलती है। जीवन अनमोल है। পাং ওনানে নালা ট1 संसार के बंधनों में भटकता ही रहता है। सप्रेम साहेब बंदगी साहेब Y7n '
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