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MEKHRAM SAHU - Author on ShareChat
MEKHRAM SAHU
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#🌴🌹🙏साहेब बंदगी साहेब🙏🌹🌴
66 निंदक नियरे राखिए, 3ಫ ক্রুমী छवाय बिन पानी , साबुन बिन, निर्मल करे सुभाय।। 66 0 भावार्थ निंदक (आलोचक ) को अपने पास रखो, उसे अपने घर के आंगन में कूटी ( झोपड़ी ) बना कर रहने दो। वह बिना पानी और बिना साबुन के ही तुम्हारे स्वभाव को निर्मल (शुद्ध ) कर देता है। कबीर भजन ज्ञान कबीर वाणी , भजन और आध्यात्मिक ज्ञान का संगम 66 निंदक नियरे राखिए, 3ಫ ক্রুমী छवाय बिन पानी , साबुन बिन, निर्मल करे सुभाय।। 66 0 भावार्थ निंदक (आलोचक ) को अपने पास रखो, उसे अपने घर के आंगन में कूटी ( झोपड़ी ) बना कर रहने दो। वह बिना पानी और बिना साबुन के ही तुम्हारे स्वभाव को निर्मल (शुद्ध ) कर देता है। कबीर भजन ज्ञान कबीर वाणी , भजन और आध्यात्मिक ज्ञान का संगम
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    #🌴🌹🙏साहेब बंदगी साहेब🙏🌹🌴
    कबीर साहेब की अमृत वाणी तन को जोगी सब करे , मन को बिरला कोय | सहजी सब विधि पिये . जो मन जोगी होय || अर्थ कबीर साहेब जी कहते हैं कि बहुत लोग बाहरी रूप से जोगी बनते हैं, भेष धारण करते हैं, जटा, तिलक, माला, चोला पहनते हैं, परंतु मन को जीतना और शुद्ध करना बहुत ही दुर्लभ है। ೯g್೯ ' सच्चा योगी वही है जिसका मन विषय-विकारों  होकर परमात्मा रूपीअमृत ) का अनुभव करता में लग जाता है। वही सहज रूप से (आनंद है। केवल बाहरी दिखावा करने से कुछ नहीं होता, जब तक मन योगी नहीं बनता, तब तक सच्चा योग नहीं होता। सार यही है कि सच्चा योग बाहरी वेशभूषा में नहीं, যী বক ' बल्कि मन की पवित्रता और परमात्मा 87481 कबीर भजन ज्ञान कबीर वाणी , सच्चा ज्ञान जीवन का सच्चा पहचान ceiirerlel ~( कबीर साहेब की अमृत वाणी तन को जोगी सब करे , मन को बिरला कोय | सहजी सब विधि पिये . जो मन जोगी होय || अर्थ कबीर साहेब जी कहते हैं कि बहुत लोग बाहरी रूप से जोगी बनते हैं, भेष धारण करते हैं, जटा, तिलक, माला, चोला पहनते हैं, परंतु मन को जीतना और शुद्ध करना बहुत ही दुर्लभ है। ೯g್೯ ' सच्चा योगी वही है जिसका मन विषय-विकारों  होकर परमात्मा रूपीअमृत ) का अनुभव करता में लग जाता है। वही सहज रूप से (आनंद है। केवल बाहरी दिखावा करने से कुछ नहीं होता, जब तक मन योगी नहीं बनता, तब तक सच्चा योग नहीं होता। सार यही है कि सच्चा योग बाहरी वेशभूषा में नहीं, যী বক ' बल्कि मन की पवित्रता और परमात्मा 87481 कबीर भजन ज्ञान कबीर वाणी , सच्चा ज्ञान जीवन का सच्चा पहचान ceiirerlel ~(
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    हाड़ जले ज्यों लकड़ी , केस जले ज्यों घास। सब तन जलता देख कर, भया कबीर उदास।। केस जले ज्यों घास हाड़ जले ज्यों लकड़ी हडियों जलती हैं बाल जलते हैं जैसे लकड़ी जलती है। जैसे घास जलती है। सब तन जलता देख , भया कबीर उदास ।। कनीर पूरे शरीर को जलता देख कबीर जी उदास हो गए। हाड़ जले ज्यों लकड़ी , केस जले ज्यों घास। सब तन जलता देख कर, भया कबीर उदास।। केस जले ज्यों घास हाड़ जले ज्यों लकड़ी हडियों जलती हैं बाल जलते हैं जैसे लकड़ी जलती है। जैसे घास जलती है। सब तन जलता देख , भया कबीर उदास ।। कनीर पूरे शरीर को जलता देख कबीर जी उदास हो गए।
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    पानी की नन्ही सी बूंद सागर में मिलकर सागर ही बन जाती है। सागर उसे अपना स्वरूप प्रदान कर देता है। पूर्णतः अपने प्रभु को, अपने आराध्य के चरणों में समर्पित हा जाएँ तो देखो ~ हम अगर प्रभु को समर्पित होते हैं हम साहेब के चरणों में समा जाते हैं तो साहेब भी हमें अपना स्वरूप प्रदान कर देते हैं। जाता कुछ नहीं है। 9ভ্নুভ' ~पंथ प्रकाशमुन नाम साहब KABIR DHARMDAS VANSHAVALI kabirdharmdasvanshavali.org पानी की नन्ही सी बूंद सागर में मिलकर सागर ही बन जाती है। सागर उसे अपना स्वरूप प्रदान कर देता है। पूर्णतः अपने प्रभु को, अपने आराध्य के चरणों में समर्पित हा जाएँ तो देखो ~ हम अगर प्रभु को समर्पित होते हैं हम साहेब के चरणों में समा जाते हैं तो साहेब भी हमें अपना स्वरूप प्रदान कर देते हैं। जाता कुछ नहीं है। 9ভ্নুভ' ~पंथ प्रकाशमुन नाम साहब KABIR DHARMDAS VANSHAVALI kabirdharmdasvanshavali.org
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    #🌴🌹🙏साहेब बंदगी साहेब🙏🌹🌴
    ( सत्यनाम सत्यनाम ( सत्यनाम ) = జ్ధి # జ్ఞి # = = 8 गुरू पारस को अन्तरो , जानत हैं सब सन्त। वह लोहा कंचन करे ,ये करि लये महन्त। | गुरू में और पारस पव्थर में अंन्तर है, यह सब सन्त जानते हैं। पारस तो लोहे को सोना ही बनाता है, परन्तु गुरू शिष्य को अपने समान महान बना लेता हैं। सुप्रभात सप्रेम साहेब बांदगी साहेब ( सत्यनाम सत्यनाम ( सत्यनाम ) = జ్ధి # జ్ఞి # = = 8 गुरू पारस को अन्तरो , जानत हैं सब सन्त। वह लोहा कंचन करे ,ये करि लये महन्त। | गुरू में और पारस पव्थर में अंन्तर है, यह सब सन्त जानते हैं। पारस तो लोहे को सोना ही बनाता है, परन्तु गुरू शिष्य को अपने समान महान बना लेता हैं। सुप्रभात सप्रेम साहेब बांदगी साहेब
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    वृक्ष कबहुँ नहीं फल भखै , नदी न संचै नीर। এহমাথ ক ক্াহন, साधुन धरा शरीर।। वृक्ष कबहुँ नहीं फल भखै , नदी न संचै नीर। এহমাথ ক ক্াহন, साधुन धरा शरीर।।
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    #🌴🌹🙏साहेब बंदगी साहेब🙏🌹🌴
    हिंदू कहैं मोहि राम प्यारा, कहैं रहमाना | मुस्लिम आपस में दोऊ लड़ी लड़ी मुए, मरम न कोउ जाना।। हिंदू कहैं मोहि राम प्यारा, कहैं रहमाना | मुस्लिम आपस में दोऊ लड़ी लड़ी मुए, मरम न कोउ जाना।।
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    #🌴🌹🙏साहेब बंदगी साहेब🙏🌹🌴
    इंसान सफल ^ तब होता है, ত্রুনিযা কী जब वो नहीं बल्कि खुद को बदलना शुरू कर देता है। ೫ सदगुरू ' कबीर साहेब खुद को जानो हर दिन बेहतर बनो लक्ष्य पर ध्यान दो सही सोच अपनाओ सप्रेम साहेब बंदगी साहेब इंसान सफल ^ तब होता है, ত্রুনিযা কী जब वो नहीं बल्कि खुद को बदलना शुरू कर देता है। ೫ सदगुरू ' कबीर साहेब खुद को जानो हर दिन बेहतर बनो लक्ष्य पर ध्यान दो सही सोच अपनाओ सप्रेम साहेब बंदगी साहेब
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    saheb bandagi group
    #🙏Saprem Saheb Bandagi Saheb🙏 #🙏🙏saheb bandagi saheb🙏🙏
    स्त्यन।स ೧ನ स्त्यन।स ೧ನ
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    Prakash Mahant
    #सप्रेम साहेब बंदगी साहेब @ #साहेब बंदगी साहेब 🙏🙏
    साहेब बंदगी ]] 11 साहेब बंदगी ]] 11
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    MEKHRAM SAHU
    #🌴🌹🙏साहेब बंदगी साहेब🙏🌹🌴
    गुरु गोविंद दोनों खड़े , काके लागुं पाय। बलिहारी गुरु आपने , गोविंद दियो बताय Il 312f: जब गुरु और भगवान दोनों सामने हों , तो पहले गुरु को प्रणाम करना चाहिए, क्योंकि गुरु ही हमें भगवान पहुंचने का मार्ग बताते हैं। নক गुरु गोविंद दोनों खड़े , काके लागुं पाय। बलिहारी गुरु आपने , गोविंद दियो बताय Il 312f: जब गुरु और भगवान दोनों सामने हों , तो पहले गुरु को प्रणाम करना चाहिए, क्योंकि गुरु ही हमें भगवान पहुंचने का मार्ग बताते हैं। নক
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