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MEKHRAM SAHU - Author on ShareChat
MEKHRAM SAHU
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#🌴🌹🙏साहेब बंदगी साहेब🙏🌹🌴
पानी की नन्ही सी बूंद सागर में मिलकर सागर ही बन जाती है। सागर उसे अपना स्वरूप प्रदान कर देता है। पूर्णतः अपने प्रभु को, अपने आराध्य के चरणों में समर्पित हा जाएँ तो देखो ~ हम अगर प्रभु को समर्पित होते हैं हम साहेब के चरणों में समा जाते हैं तो साहेब भी हमें अपना स्वरूप प्रदान कर देते हैं। जाता कुछ नहीं है। 9ভ্নুভ' ~पंथ प्रकाशमुन नाम साहब KABIR DHARMDAS VANSHAVALI kabirdharmdasvanshavali.org पानी की नन्ही सी बूंद सागर में मिलकर सागर ही बन जाती है। सागर उसे अपना स्वरूप प्रदान कर देता है। पूर्णतः अपने प्रभु को, अपने आराध्य के चरणों में समर्पित हा जाएँ तो देखो ~ हम अगर प्रभु को समर्पित होते हैं हम साहेब के चरणों में समा जाते हैं तो साहेब भी हमें अपना स्वरूप प्रदान कर देते हैं। जाता कुछ नहीं है। 9ভ্নুভ' ~पंथ प्रकाशमुन नाम साहब KABIR DHARMDAS VANSHAVALI kabirdharmdasvanshavali.org
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    #🌴🌹🙏साहेब बंदगी साहेब🙏🌹🌴
    वृक्ष कबहुँ नहीं फल भखै , नदी न संचै नीर। এহমাথ ক ক্াহন, साधुन धरा शरीर।। वृक्ष कबहुँ नहीं फल भखै , नदी न संचै नीर। এহমাথ ক ক্াহন, साधुन धरा शरीर।।
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    #🌴🌹🙏साहेब बंदगी साहेब🙏🌹🌴
    ( सत्यनाम सत्यनाम ( सत्यनाम ) = జ్ధి # జ్ఞి # = = 8 गुरू पारस को अन्तरो , जानत हैं सब सन्त। वह लोहा कंचन करे ,ये करि लये महन्त। | गुरू में और पारस पव्थर में अंन्तर है, यह सब सन्त जानते हैं। पारस तो लोहे को सोना ही बनाता है, परन्तु गुरू शिष्य को अपने समान महान बना लेता हैं। सुप्रभात सप्रेम साहेब बांदगी साहेब ( सत्यनाम सत्यनाम ( सत्यनाम ) = జ్ధి # జ్ఞి # = = 8 गुरू पारस को अन्तरो , जानत हैं सब सन्त। वह लोहा कंचन करे ,ये करि लये महन्त। | गुरू में और पारस पव्थर में अंन्तर है, यह सब सन्त जानते हैं। पारस तो लोहे को सोना ही बनाता है, परन्तु गुरू शिष्य को अपने समान महान बना लेता हैं। सुप्रभात सप्रेम साहेब बांदगी साहेब
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    #🌴🌹🙏साहेब बंदगी साहेब🙏🌹🌴
    इंसान सफल ^ तब होता है, ত্রুনিযা কী जब वो नहीं बल्कि खुद को बदलना शुरू कर देता है। ೫ सदगुरू ' कबीर साहेब खुद को जानो हर दिन बेहतर बनो लक्ष्य पर ध्यान दो सही सोच अपनाओ सप्रेम साहेब बंदगी साहेब इंसान सफल ^ तब होता है, ত্রুনিযা কী जब वो नहीं बल्कि खुद को बदलना शुरू कर देता है। ೫ सदगुरू ' कबीर साहेब खुद को जानो हर दिन बेहतर बनो लक्ष्य पर ध्यान दो सही सोच अपनाओ सप्रेम साहेब बंदगी साहेब
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    MEKHRAM SAHU
    #🌴🌹🙏साहेब बंदगी साहेब🙏🌹🌴
    सदगुरु कबीर वाणी वचन Dol 6|9 पंथ श्री हुजूर उदितमुनिनाम साहब के प्रवचन जब हम सेवा की बात करते ह तो अक्सर हमारा मन एक सीमित दायरे गें सोचता हे।  कोई भोतिक मदद कोई दान या कोई शारीरिक श्रम यही सेवा की सामान्य समडा हे। लेकिन क्या सेवा का अर्थ इतना सतही ह? सेवा का वास्तविक अर्थ हे अहं से मुक्ति।  जव तक '॰ कर्ता बना रहता हेःतव तक चास्तविक सेचा संभव नहीं ह। सेच। करने वाला  जव तक यह सोचता है कि"मे सेवा कर रहा तय तक बह सेवा के सार को नहीं समझ पाया हे। वास्तविक सेता तव होती ह जव करने वाला गायय हो जाता हे।  जेसे सूर्य प्रकाश देता हे, पर कभी नहीं सोचता " कि चह प्रकाश दे रहा हे।जेसो नदी बहती ह॰ पर कभी नही सोचती किबह किसी की 66 सेवा चही जो अहंसे मुक्त हो, प्यारा बुझा रही हे। यही सेचा का परम स्वरुप हे।  जहा कर्ता नःहो, केवल करुणा हो। सेवा का अर्थ हे स्वयं को मिटाकर स्वयंको मिटा कर॰ सबगें स्वयं को देखो में देखना।  বুমযৌ  यही सेचा हे॰ यही साथना ह यही पंथ ह।७७ जव तक 'दूसरा' हे॰ तब तक सेवा अथूरी ह।  जय आपःकिसी की सेवा करते हता यास्तय मे॰ आप स्वयं कीही सेचा कर रहे हें, क्योकि  बह ' दूसरा' आपसे अलग नहीं हे। बंदगी साहेब जी सप्रेम साहेब Nkp सदगुरु कबीर वाणी वचन Dol 6|9 पंथ श्री हुजूर उदितमुनिनाम साहब के प्रवचन जब हम सेवा की बात करते ह तो अक्सर हमारा मन एक सीमित दायरे गें सोचता हे।  कोई भोतिक मदद कोई दान या कोई शारीरिक श्रम यही सेवा की सामान्य समडा हे। लेकिन क्या सेवा का अर्थ इतना सतही ह? सेवा का वास्तविक अर्थ हे अहं से मुक्ति।  जव तक '॰ कर्ता बना रहता हेःतव तक चास्तविक सेचा संभव नहीं ह। सेच। करने वाला  जव तक यह सोचता है कि"मे सेवा कर रहा तय तक बह सेवा के सार को नहीं समझ पाया हे। वास्तविक सेता तव होती ह जव करने वाला गायय हो जाता हे।  जेसे सूर्य प्रकाश देता हे, पर कभी नहीं सोचता " कि चह प्रकाश दे रहा हे।जेसो नदी बहती ह॰ पर कभी नही सोचती किबह किसी की 66 सेवा चही जो अहंसे मुक्त हो, प्यारा बुझा रही हे। यही सेचा का परम स्वरुप हे।  जहा कर्ता नःहो, केवल करुणा हो। सेवा का अर्थ हे स्वयं को मिटाकर स्वयंको मिटा कर॰ सबगें स्वयं को देखो में देखना।  বুমযৌ  यही सेचा हे॰ यही साथना ह यही पंथ ह।७७ जव तक 'दूसरा' हे॰ तब तक सेवा अथूरी ह।  जय आपःकिसी की सेवा करते हता यास्तय मे॰ आप स्वयं कीही सेचा कर रहे हें, क्योकि  बह ' दूसरा' आपसे अलग नहीं हे। बंदगी साहेब जी सप्रेम साहेब Nkp
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    #🌴🌹🙏साहेब बंदगी साहेब🙏🌹🌴
    तोर चला आकाश में 07 স্বাঃ ~ निशाना भीतर जाय। गुरु वाणी की एक चोट, मन का भ्रम मिटाय।| गुरु वाणी से भीतर का अज्ञान मिटता है। FOLLOW GOD VLOGS आध्यात्मिक विचार ச எக 5 तोर चला आकाश में 07 স্বাঃ ~ निशाना भीतर जाय। गुरु वाणी की एक चोट, मन का भ्रम मिटाय।| गुरु वाणी से भीतर का अज्ञान मिटता है। FOLLOW GOD VLOGS आध्यात्मिक विचार ச எக 5
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    #🌴🌹🙏साहेब बंदगी साहेब🙏🌹🌴
    काबा काशी दूर हैं मत भटको संसार | प्रेम भरा जिस हृदय में م प्रभु वहीं साकार।| प्रेम ही प्रभु तक पहुँचने का मार्ग है। कबीर साहिब अमृतवाणी प्रेम ही परमात्मा है सत साहिब | काबा काशी दूर हैं मत भटको संसार | प्रेम भरा जिस हृदय में م प्रभु वहीं साकार।| प्रेम ही प्रभु तक पहुँचने का मार्ग है। कबीर साहिब अमृतवाणी प्रेम ही परमात्मा है सत साहिब |
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    MEKHRAM SAHU
    #🌴🌹🙏साहेब बंदगी साहेब🙏🌹🌴
    Il सत्यनाम ।| आशाको गाडे सिमुद्रहटाथिाजिगन्नाथ मंदिखसी दिन बना था महार्मंत्र्संतोंनिे यहौजपा थाः सितगुरु कबीरहरो काल पौरं ]l साहेब कबौरं हरौ काल पोरं॰. आप सभी को र्थयाात्रा पर्व की हार्दिक शुभकामनाएं II सप्रेम साहेब बंदगी साहेब Il KABIR DHARMDAS VANSHAVALI |kabirdharmdasvanshavali org Il सत्यनाम ।| आशाको गाडे सिमुद्रहटाथिाजिगन्नाथ मंदिखसी दिन बना था महार्मंत्र्संतोंनिे यहौजपा थाः सितगुरु कबीरहरो काल पौरं ]l साहेब कबौरं हरौ काल पोरं॰. आप सभी को र्थयाात्रा पर्व की हार्दिक शुभकामनाएं II सप्रेम साहेब बंदगी साहेब Il KABIR DHARMDAS VANSHAVALI |kabirdharmdasvanshavali org
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  • Prakash Mahant - Author on ShareChat
    Prakash Mahant
    #सप्रेम साहेब बंदगी साहेब @ #साहेब बंदगी साहेब 🙏🙏
    साहेब बंदगी ]] 11 साहेब बंदगी ]] 11
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  • MEKHRAM SAHU - Author on ShareChat
    MEKHRAM SAHU
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    2[46 गुरू प्रेम का, बिसरे तन मन का भान | सुख दुःख की चिंता नहीं, हर पल रहे सतगुरू का ध्यान...!! Generated by ONEPLUS Al 2[46 गुरू प्रेम का, बिसरे तन मन का भान | सुख दुःख की चिंता नहीं, हर पल रहे सतगुरू का ध्यान...!! Generated by ONEPLUS Al
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