sn vyas
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#भक्ति `🚩 श्रीभृगुविरचित श्रीदत्तस्तोत्रम् 🚩` `॥ ध्यानश्लोक १–२ ॥` *बालार्कप्रभमिन्द्रनीलजटिलं भस्माङ्गरागोज्वलं* *शान्तं नादविलीनचित्तपवनं शार्दूलचर्माम्बरम् ।* *ब्रह्मज्ञैः सनकादिभिः परिवृतं सिद्धैः समाराधितं* *आत्रेयं समुपास्महे हृदि मुदा ध्येयं सदा योगिभिः ॥१॥* *दिगम्बरं भस्मविलेपिताङ्गं चक्रं त्रिशूलं डमरुं गदां च ।* *पद्मासनस्थं शशिसूर्यनेत्रं दत्तात्रेयं ध्येयमभीष्टसिद्ध्यै ॥२॥* `अर्थात 👉🏻उदीयमान सूर्य के समान तेजस्वी , इंद्रनील मणि ( नीलम ) के समान जटाधारी एवं शरीर पर भस्म का लेप धारण किए हुए हैं । उनका मन तथा श्वास नाद में विलीन हो चुका है , वे शांत हैं , उन्होंने बाघम्बर ( बाघ की चर्म ) धारण किया हुआ है । सनकादि ब्रह्मज्ञानी ऋषियों से घिरे हुए औऱ सिद्धों द्वारा पूजित , उन भगवान दत्तात्रेय ( अत्रिपुत्र ) का हम हृदय में ध्यान करते हैं ।` `– जो दिगम्बर ( दिशाएँ ही जिनके वस्त्र हैं ) हैं व जिनके अंगों पर भस्म लिपटी हुई है । जिनके हाथों में चक्र , त्रिशूल , डमरू एवं गदा है । जो पद्मासन में स्थित हैं , जिनके नेत्र सूर्य तथा चंद्रमा ( शशिसूर्य ) हैं , उन भगवान दत्तात्रेय का समस्त मनोकामनाओं की सिद्धि के लिए ध्यान करें ।` `🎯 महत्व 👉🏻 इस ध्यान में त्रिमूर्ति का एकत्व दर्शन है ।भस्म–त्रिशूल–डमरु अर्थात – शिवतत्व , चक्र-गदा अर्थात – विष्णुतत्व , नाद-ज्ञान अर्थात – ब्रह्मातत्व । दत्त ही गुरु हैं , दत्त ही ब्रह्म हैं । इनके ध्यान से ज्ञान , वैराग्य , भक्ति औऱ सिद्धि चारों प्राप्त होते हैं ।` *ॐ द्रां दत्तात्रेयाय नमः🙏🏻🚩* `© सर्वाधिकार सुरक्षित – सर्वज्ञ शङ्कर 🚩 चैनल` `🌄🌄 प्रभात वंदन 🌄🌄` `#आदिअनादि_अनंतशिवहर` `#श्रीदत्तात्रेय` `#दत्तस्तोत्र` `#गुरुदेवदत्त` `#त्रिमूर्ति` `#ध्यान`
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