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#गीता #🙏गीता ज्ञान🛕 #❤️जीवन की सीख #📖जीवन का लक्ष्य🤔 #🙏 प्रेरणादायक विचार
गीता - श्रीमद्धगवद्गीता ' आनन्दचिद्घन, पडैश्वर्यपूर्ण चराचरवन्दित   परमपुरुपोत्तम  भगवान মাঙ্ান  श्रीकृष्णकी दिव्य वाणी है।यह अनन्त रहस्योंसे எரீ है | परम दयामय भगवान् श्रीकृष्णको कृपासे किसी अंशमें इसका रहस्य समझमें आ सकता  है।जो पुरुप परम श्रद्धा और प्रेममयी विशुद्ध भक्तिसे  अपने हृदयको भरकर भगवद्गीताका मनन करते हैँ, वे ही भगवत्कृपाका प्रत्यक्ष अनुभव करके गीताके  स्वरूपकी किसी अंशमें झाँकी कर सकते हैे । अतएव अपना कल्याण चाहनेवाले नर-नारियौंको उचित है कि वे भक्तवर अर्जुनको आदर्श मानकर अपनेमें अर्जुनके-से दैवी  अर्जन करते हुए श्रद्धा- गुणोंका भक्तिपूर्वक गोताका श्रवण मनन, अध्ययन करें एवं भगवानके आज्ञानुसार यथायोग्य तत्परताके साथ साधनमें लग जायँ।जो पुरुप इस प्रकार करते हैँ, उनके अन्तःकरणमें नित्य नये-्नये परमानन्ददायक अनुपम और दिव्य भावौंको स्फुरणाएँ होतो रहतो हैं तथा वे सर्वथा शुद्धान्तःकरण होकर भगवान्को अलौकिक कृपासुधाका रसास्वादन करते हुए शीघ्र हो भगवानूको प्राप्त हा जाते हेँ। हरिः ३ तत्सत् हरिः ३० तत्सत् हरिः ३० तत्सत् 4@| श्रीमद्भगवढ्गीता गीता प्रेस, गोरखपुर से साभार श्रीमद्धगवद्गीता ' आनन्दचिद्घन, पडैश्वर्यपूर्ण चराचरवन्दित   परमपुरुपोत्तम  भगवान মাঙ্ান  श्रीकृष्णकी दिव्य वाणी है।यह अनन्त रहस्योंसे எரீ है | परम दयामय भगवान् श्रीकृष्णको कृपासे किसी अंशमें इसका रहस्य समझमें आ सकता  है।जो पुरुप परम श्रद्धा और प्रेममयी विशुद्ध भक्तिसे  अपने हृदयको भरकर भगवद्गीताका मनन करते हैँ, वे ही भगवत्कृपाका प्रत्यक्ष अनुभव करके गीताके  स्वरूपकी किसी अंशमें झाँकी कर सकते हैे । अतएव अपना कल्याण चाहनेवाले नर-नारियौंको उचित है कि वे भक्तवर अर्जुनको आदर्श मानकर अपनेमें अर्जुनके-से दैवी  अर्जन करते हुए श्रद्धा- गुणोंका भक्तिपूर्वक गोताका श्रवण मनन, अध्ययन करें एवं भगवानके आज्ञानुसार यथायोग्य तत्परताके साथ साधनमें लग जायँ।जो पुरुप इस प्रकार करते हैँ, उनके अन्तःकरणमें नित्य नये-्नये परमानन्ददायक अनुपम और दिव्य भावौंको स्फुरणाएँ होतो रहतो हैं तथा वे सर्वथा शुद्धान्तःकरण होकर भगवान्को अलौकिक कृपासुधाका रसास्वादन करते हुए शीघ्र हो भगवानूको प्राप्त हा जाते हेँ। हरिः ३ तत्सत् हरिः ३० तत्सत् हरिः ३० तत्सत् 4@| श्रीमद्भगवढ्गीता गीता प्रेस, गोरखपुर से साभार - ShareChat