**भोजपुरी लोक गीत _ (गोडऊ धुन हुड़का पर) नवका साल के छूटेला ।**
अंग्रेजी महीना के आइल जनवरिया ये साजन।
नवका साल के छूटेला फुलझरिया ये साजन ।
आइल नया साल हमके झूलनी गढ़वा दा।
नैनीताल शिमला हमके अबकी घुमवा दा ।
घूमी घूमी मनाईब हमऊ जनवरिया ये साजन ।
नवका साल के छुटेला ...............।
नवका साल में नई साड़ी हमके चाही।
गुरही जलेबी गोलगप्पा हमके चाही।
सोना के कंगनवा लेइब फरवरिया ये साजन।
नवका साल के छूटेला ...........।
पच्चीस में बियाह छब्बीस में ललनवा।
बनिहा सिपाही इहे हमरो अरमनवा।
देशवा बचइहा बनी के पहरिया ये साजन ।
नवका साल के छुटेला .........।
सास ससुर के खूब सेवा हम करब ।
उपजाइब अनाज किसान हम बनब।
खुशहाल होई सगरो नगरिया ये साजन।
नवका साल के छुटेला ........।
नवका साल में नया काम देशवा में होई।
जगवा में बड़ा नाम हमरे देशवा के होई।
भारती पिया उतारी तोहार नजरिया ये साजन ।
नवका साल में छूटेला फुलझरिया ये साजन ।
गीतकार
श्याम कुंवर भारती ( राजभर)
बोकारो, झारखंड
मॉब.9955509286, #📗प्रेरक पुस्तकें📘 #💔दर्द भरी कहानियां #✍प्रेमचंद की कहानियां #📚कविता-कहानी संग्रह #🇮🇳मेरा भारत, मेरी शान
नव वर्ष २०२६ की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं आपको सपरिवार।
मुक्तक _ नव वर्ष आया।
हर्ष और उल्लास नव प्रकाश लेकर नव वर्ष आया।
उमंग व विजयोत्सव करने पूर्ण आस नव वर्ष आया।
मिले मान पद और प्रतिष्ठा बढे धन वैभव कामना है।
बधाई हो स्वीकार करने कार्य खास नव वर्ष आया।
श्याम कुंवर भारती
बोकारो,झारखंड #🇮🇳मेरा भारत, मेरी शान #📚कविता-कहानी संग्रह #✍प्रेमचंद की कहानियां #💔दर्द भरी कहानियां #📗प्रेरक पुस्तकें📘
नव वर्ष २०२६ की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं आपको सपरिवार।
मुक्तक _ नव वर्ष आया।
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उमंग व विजयोत्सव करने पूर्ण आस नव वर्ष आया।
मिले मान पद और प्रतिष्ठा बढे धन वैभव कामना है।
बधाई हो स्वीकार करने कार्य खास नव वर्ष आया।
श्याम कुंवर भारती
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भोजपुरी गजल _ जियल बाड़ा ।
ढेर दिनन बाद मिलल बाड़ा
तू फूल गुलाब खिलल बाड़ा ।
केवन बात बा तोहरा मे बोला।
रूप शराब जईसन पियल बाड़ा ।
मस्त बयार सब हमसे पूछले,
गंध बदन मंद पवन मिलल बाड़ा ।
दिल क हाल का तोहके बताई।
हमसे पूछा कि कईसे जियल बाड़ा ।
कबो सोचा हमरे बारे फुर्सत में।
पता चली भारती प्यार डुबल बाड़ा
श्याम कुंवर भारती ( राजभर)
बोकारो,झारखंड
मॉब.9955509286, #🇮🇳मेरा भारत, मेरी शान #📚कविता-कहानी संग्रह #✍प्रेमचंद की कहानियां #💔दर्द भरी कहानियां #📗प्रेरक पुस्तकें📘
**कहानी _ महावारी**
भाग _ 11
लेखक_ श्याम कुंवर भारती
अगले दिन वो महिला आई जिसका बच्चा नहीं हो रहा था। डॉ निर्मला ने उसकी मेडिकल रिपोर्ट जांच की ।उसे यह देखकर बड़ी खुशी हुई कि उसकी पूरी रिपोर्ट सामान्य थी ।उसने उस महिला से कहा _ तुम्हारी इस बार की रिपोर्ट भी बिल्कुल सही है।तुम मां बन सकती हो ।तुम किसी तरह अपने पति को बुलाकर लाओ और उसकी भी जांच करवा दो तब पता चलेगा कमी कहा से है ताकि उस मर्ज का इलाज किया जा सके ।इलाज के बाद तुम जरूर मां बन सकोगी।
डॉ की बात सुनकर एक महिला उदास हो गई ।उसकी उदासी देखकर डॉ ने पूछा क्या हुआ तुम मुंह लटकाकर क्यों बैठ गई।
मैडम मैने बताया था मेरे पति ने मुझे घर से निकाल दिया है।मैं अपने मायके में रह रही हूं ।वो मेरे बुलाने पर क्यों आयेंगे ।उल्टा मै अगर उनको बुलाने गई तो वो मेरे साथ मारपीट कर सकते है ।उस महिला ने अपना दुख बताया ।
डॉ ने पूछा तुम्हारे पास तुम्हारे पति का फोन नंबर है क्या ।अगर है तो दो मुझे मैं बात करती हूं उससे ।उस महिला ने अपने पति का नंबर दे दिया। डॉ ने उसे फोन लगाया ।फोन उठाने पर डॉ ने उसके पति को अपना परिचय देकर बताया कि तुम्हारी पत्नी मेरे सेंटर पर आई हुई है ।मैने उसकी जांच किया है वो बिल्कुल ठीक है।वो मां बन सकती है।तुम भी सेंटर आ जाओ ताकि तुम्हारी भी जांच कर लूं ।अगर कोई बीमारी हुई तो मैं उसका इलाज करूंगी।
हो सकता है तुम दोनों माता पिता बन जाओ ।
उस समय उस महिला का पति शराब के नशे में था ।मुझे कोई जांच नहीं करानी है।वो औरत बांझ है।मैने उसे छोड़ दिया है।मैं दूसरी शादी करूंगा और बाप बनूंगा।
उसकी बात सुनकर डॉ ने फोन काट दिया उसे उस शराबी आदमी पर बहुत गुस्सा आया ।
तभी वहां उज्जवल आ गया ।वो थोड़ा चिंतित था ।आते ही उसने डॉ का अभिवादन किया और कहा मैडम आपको कुछ पता चला ।
क्यों क्या हुआ डॉ ने उसे देखते हुए पूछा ।तुम्हारी मां तो ठीक है न।
जी मैडम मेरी मां बिल्कुल ठीक है।थोड़ा बहुत दर्द है तो आपकी दी हुई दवा से आराम हो जाता है।बाकी प्लास्टर लगा है तो बेडरेस्ट कर रही है।
उसमें बताया मैडम मेरे एक दोस्त जो जो स्वस्थ विभाग में कम्प्यूटर ऑपरेटर है ने बताया कि आपका ट्रांसफर दूसरे जिला में कर दिया गया।थोड़ी देर पहले ईमेल आया है सिविल सर्जन के पास।
ओह अच्छा लेकिन मुझे कोई सूचना नहीं है डॉ ने बताया।
इतना ही नहीं देखिए मुझे सस्पेंड कर दिया गया है।और एक सप्ताह के अंदर विधायक को थप्पड़ मारने कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है मेरे विभाग से ।उज्जवल ने एक पत्र दिखाते हुए कहा।
ओह बड़ा बुरा हुआ तुम्हारे साथ।
डॉ ने कहा ।
मुझे अपनी चिंता नहीं है मैडम बल्कि आपकी है ।आपके जाने के बाद आपके जैसी कोई प्रभारी डॉ यहां नहीं आ पाएगी ।उज्जवल ने चिंता व्यक्त किया।इसलिए हमलोग आपको जाने नहीं देंगे ।इसके लिए सारे ग्रामीण प्रखंड कार्यालय में जाकर धरना प्रदर्शन करेंगे।
उज्जवल ने पूरे जोश के साथ कहा ।
तभी उस महिला ने पूछा मैडम मै क्या करूं।
मेरे पति ने। तो आने से आपको भी मना कर दिया ।
क्या हुआ है मैडम इनके साथ उज्जवल ने पूछा ।डॉ ने उसकी समस्या बताते हुए कहा समझ में नहीं आ रहा है क्या करूं।
मैं कुछ करूंगी तो फिर कोई नेता आ जाएगा पैरवी करने और डराने धमकाने ।
आप चिंता मत कीजिए मैडम मेरा एक दोस्त होई कोर्ट में वकील उससे आपकी बात करवाता हूं।
इतना कहकर उसने अपने दोस्त को फोन लगा दिया ।फोन उठाते ही उसने हाय हेलो करने के बाद बोला यार हमारी डॉ मैडम को तुमसे बात करनी थी ।इतना कहकर उसने फोन डॉ को दे दिया।
निर्मला ने उस महिला की बात सुनाकर पूछा उसके पति की जांच कैसे करूं ।
वकील ने बताया मैडम यदि आपके पास उस महिला की मां बनने की पॉजिटिव रिपोर्ट है तो उस आधार पर आप उस महिला द्वारा पुलिस थाना में शिकायत दर्ज करवाकर उसे जांच के लिए पुलिस द्वारा मंगवा सकते हैं।साथ ही आपकी रिपोर्ट के आधार पर उसका पति उसे घर से भी नहीं निकाल सकता।
ओह अच्छा ठीक है मैं अभी पुलिस थाना में बात करती हूं।फिर उसने फोन काट दिया।
उसने उज्जवल से कहा _ थोड़ी तुम्हारी मदद की जरूरत है तुम्हे कोई दिक्कत तो नहीं होगी ।
नहीं मैडम बोलिए न उज्जवल ने कहा।
मैं अभी थाना में फोन कर देती हूं।तुम थाना में जाकर मेरी रिपोर्ट को लगाकर इसकी तरफ से इसके पति की खिलाफ एक शिकायत दर्ज करवा दो और थाना प्रभारी को बोलना इसके पति को गिरफ्तार कर मेरे केंद्र में ले आए उसकी जांचकरवाने के लिए ।जांच के बाद इस महिला को उसके घर पुलिस बल पर रखवाना भी है ।तुम केवल शिकायत दर्ज करवाकर इस महिला को लेकर यहां आ जाना ।डॉ ने कहा।
उज्जवल तुंरत उस महिला को अपनी बाइक पर बैठा कर चला गया ।
उसके जाते ही डॉ के फोन पर सिविल सर्जन का फोन आया ।उसने बताया कि तुम्हारा ट्रांसफर ऑर्डर आया है लेकिन मैं तुम्हे वीरमीत नहीं करूंगा ।पूरे जिले के डॉक्टरों ने विधायक द्वारा तुमसे माफी मांगने और तुम्हारा ट्रांसफर रोकने के लिए हड़ताल कर रखा है।
तुम अपनी जगह पर बने रहो ।जी ठीक है सर लेकिन मेरा सपोर्ट करने की वजह से उज्जवल को भी सस्पेंड कर दिया है ।जरा डीसी साहब से उसके बारे में भी बात कर लेंगे उसने कहा।तुम उसकी भी चिंता मत करो उसको बोलो उचित जवाब दे दे बाकी मैं देखता हूं तुम चिंता मत करो।
थोड़ी देर में उज्जवल भी उस महिला को लेकर आ गया और बताया मैडम शिकायत दर्ज हो गई है।थाना प्रभारी ने कहा वे खुद जाकर इसके पति को ले आयेंगे।
उसकी बात सुनकर डॉ निर्मला ने कहा ।बहुत अच्छा काम किया तुमने ।अब एक काम और करो जल्दी जाकर अपनी नोटिस का उचित जवाब बनाकर अपने विभाग को दे दो।
बाहर निकलकर उज्जवल अपने कुछ पत्रकार मित्रों से मिला और डॉ निर्मला के बारे में बताकर कहा कि डॉ मैडम के पिछले कार्यों की इतनी तारीफ छापों की सबको पता चले कि वास्तव में डॉ निर्मला ने क्या किया है आम लोगों के लिए ।
चाहे तुम लोगों विधायक की बुराई उसके डर से छापों या न छापों।
करीब एक घंटे के बाद थाना प्रभारी उस महिला के पति को पीएचसी में ले आया।डॉ निर्मला ने उसका आभार व्यक्त किया ।
अपनी पत्नी को देखते ही आदमी उसे डांटने फटकारने लगा ।उसे मांरने पीटने की धमकी देने लगा।थाना प्रभारी ने उसे डंडा दिखाते हुए कहा चुपचाप रहो वरना अभी तुम्हारा नशा उतार दूंगा । और सुनो अब अपनी पत्नी को घर से मत निकालना वरना तुमको लाकर लॉकअप में बंद कर दूंगा।इसके बाद वो चला गया।
वो डर से शांत हो गया।
देखो तुम नाराज मत हो हमलोग तुम्हारा भला करने के लिए यहां बुलाए हैं।इसलिए चलो और आराम से अपना चेकअप करवाओ डॉ निर्मला ने कहा ।
डॉ ने अपनी पूरी टिम को उसकी जांच में लगा दिया है। उसने अपनी नर्स से कहा _ इसकी हालत ठीक नहीं लग रही है।इसलिए इसका ब्लड,यूरिन, शुगर,हर्ट और थूक सब जांच करो ।ताकि इसकी सारी बीमारियां पकड़ में आए।
थोड़ी देर में उसकी सारी जांच रिपोर्ट डॉ के टेबल पर आ गई थी ।उसमें देखा उसके ब्लड में अल्कोहल की मात्रा थी।उसे हल्का डायबिटीज भी था।खून की कमी थी।शारीरिक रूप से अस्वस्थ था।
उसने दवा लिखकर उस महिला को देते हुए कहा _ इसकी शराब पीने की आदत धीरे धीरे से छुड़वानी होगी।पौष्टिक आहार जैसे फल फूल हरी साब्जियां औरदूध आदि देना होगा। इसे थोड़ा योगा और व्यायाम करवाना होगा।
मैं कुछ इंजेक्शन लिख कर दे रही हूं इसे बाहर से किसी ब्रांडेड कंपनी का लेना होगा ।यह हार्मोन थेरेपी है।इससे इसके शरीर में बच्चा पैदा करने हेतु शुक्राणु का निर्माण होगा ।जो जांच हुई उसमें तुम्हारे पति में शुक्राणुओं की कमी है।फिर बच्चा कैसे पैदा होगा।
अगर सही से और नियमानुसार इसका इलाज करवाओगी तो लगभग छ माह से लेकर एक साल में यह ठीक हो जाएगा और तुम मा बन सकोगी ।
शेष अगले भाग ,_12 में
लेखक _ श्याम कुंवर भारती
बोकारो,झारखंड
मॉब.9955509286 #📗प्रेरक पुस्तकें📘 #💔दर्द भरी कहानियां #✍प्रेमचंद की कहानियां #📚कविता-कहानी संग्रह #🇮🇳मेरा भारत, मेरी शान
**कहानी _ महावारी**
भाग _ 10
लेखक_ श्याम कुंवर भारती
सिविल सर्जन की बात सुनकर निर्मला बहुत चिंतित हुई और बोली _ सर इसको इतना तूल देने की जरूरत नही है।मरीजों का इलाज कैसे होगा।अगर सभी डॉ हड़ताल पर चले जायेंगे।
तुम उसकी चिंता मत करो इमरजेंसी सेवाएं चालू रहेंगी ।कोई मरीज इलाज से वंचित नहीं रहेगा और न मरेगा।लेकिन किसी की गुंडागर्दी नहीं चलेगी।वरना कोई भी मुंह उठाकर किसी के ऑफिस में दनदनाते हुए घुस जाएगा और डॉ का कॉलर पकड़ लेगा या थप्पड़ मार देगा जैसे तुम्हारे साथ हुआ है।
हम सब डॉ हैं लोगों की जान बचाते हैं और हमारा कोई सम्मान नहीं है।सिविल सर्जन ने गुस्से से कहा।
ठीक है सर अगर मरीजों का इलाज बाधित नहीं होगा तो मैं भी आपके साथ हूं ।
निर्मला ने फोन काटा ही था तभी कुछ मीडिया वाले पहुंच गए और विधायक के साथ हुआ घटना के बारे में पूछने लगे।नहीं चाहते हुए भी उसे पूरी घटना के बारे में बताना पड़ा। वो नौजवान लड़का भी वही था उसने भी अपना बयान दर्ज करा दिया।
मीडिया वालो के जाने के बाद निर्मला ने उस लड़के से उसका नाम पूछा ।उसने अपना नाम उज्जवल कुमार बताया।अच्छा अब तुम अपने घर जाओ मैं भी मरीज को देख लेती हूं।
उज्जवल बाहर निकला और अपनी बाइक स्टार्ट कर अपने घर चला गया।
डॉ निर्मला डिलेवरी रुम में वो महिला बेड पर लेटी हुई थी। निर्मला उसके पास जाकर पूछी _ तुम्हारा माहवारी रेगुलर होता है न ।
जी डॉ साहब उस महिला ने जवाब दिया।मुझे हर महीने मासिक आता है।
तुमने कभी अपना मेडिकल जांच करवाया है। डॉ ने पूछा ।
जी डॉ साहब हुआ लेकिन डॉ ने बताया मै बिल्कुल मां बनने के योग्य हूं ।फिर भी कोई बच्चा नहीं हुआ।
तुम्हारे पति की जांच हुई है क्या। डॉ ने फिर पूछा।
नहीं डॉ साहब वो तो आते ही नहीं है कभी जांच करवाने ।बल्कि उल्टे मुझे ही दोष देते हैं कि तुम बच्चा पैदा कर ही नहीं सकती ।खराबी तुममें है।इसलिए तुम्हे रखने से क्या फायदा है।फिर मुझे मार पीट कर घर से बाहर निकाल दिया।इतना बोलकर वो रोने लगी ।
देखो रोना बंद करो और पहले मैं तुम्हारी जांच करूंगी फिर तुम्हारे पति की करूंगी।
तब ही कुछ बता पाऊंगी। डॉ निर्मला ने कहा।
फिर उसने उस महिला का पेट और गर्भाशय जांच किया।फिर उसने पूछा तुम पति पत्नी हमेशा साथ सोते थे या नहीं ।मैडम अब क्या बताऊं मेरा पति हमेशा दारू शराब पीकर आता था और मेरी इक्षा के बिना भी मनमानी करता था मुझे बिल्कुल अच्छा नहीं लगता था।
खैर ठीक है जो हुआ वो हुआ अब मैं जैसा कहती हूं वैसा करो।अभी अपना पेशाब ,स्टूल और बल्ड जांच के लिए दे दो ।उसने एक रुई के बड को उसके जननांगों में डाला और उसे भींगा हुआ बाहर निकाल कर एक सीसी में रख लिया ।फिर मंजू से कहा _ इसे ले जाओ पैथोलॉजी में और जो मै लिखकर दे रही हूं वो सब जांच करवाओ।
मंजू उस महिला को लेकर निकल गई । डॉ अपने चैंबर में गई और एक पुर्जा उस महिला के नाम से लिखकर पैथोलॉजी में भेजवा दी।
दूसरे दिन दोपहर को सिविल सर्जन के कार्यालय में ईमेल से डॉ निर्मला के स्थानांतरण का आदेश स्वस्थ विभाग से आया जिसे देखते ही पूरे ऑफिस में चर्चा होने लगी ।
धीरे धीरे यह खबर जिले के सभी डॉ को मिल गई ।सभी नाराज तो पहले से ही थे इस घटना ने और आग में घी का काम किया।सबने तुरंत हड़ताल की घोषणा कर दिया ।
डॉ निर्मला के ट्रांसफर को रोकने और विधायक द्वारा माफी मांगे जाने की मांग को लेकर ।
शेष_ अगले भाग 11में
लेखक_ श्याम कुंवर भारती
बोकारो,झारखंड
मॉब. 9955509286 #🇮🇳मेरा भारत, मेरी शान #📚कविता-कहानी संग्रह #✍प्रेमचंद की कहानियां #💔दर्द भरी कहानियां #📗प्रेरक पुस्तकें📘
मुक्तक _ अटल बिहारी बाजपेई।
बुलंद था हौसला जिसका बाजपेई अटल कहलाया था।
समझ न पाया राज कोई पोखरण भूतल करवाया था।
काव्य रथी वतन सारथी निर्भीक अदित्य व अडिग रहा।
वो अमर हुआ सीमा समर हुआ विश्व पटल दिखाया था।
श्याम कुंवर भारती #📗प्रेरक पुस्तकें📘 #💔दर्द भरी कहानियां #✍प्रेमचंद की कहानियां #📚कविता-कहानी संग्रह #🇮🇳मेरा भारत, मेरी शान
**कहानी _ महावारी**
भाग _ 9
लेखक_ श्याम कुंवर भारती
सबने हैरत से उस नौजवान हिम्मती लड़के को देख रहे थे जिसने बेधड़क और बिना डरे विधायक के मुंह पर घुसा मारा था। डॉ निर्मला भी आश्चर्य से उसे देख रही थी।आखिर उसमें इतनी हिम्मत आई कैसे ।सब यही सोचने लगे पता नहीं ये विधायक उस लड़के के साथ क्या करेगा ।
तभी उस नेता के चार पांच समर्थक जो शक्ल से ही गुंडे लग रहे थे। उस लड़के की तरफ गुस्से से आगे बढ़े ।विधायक तो अपनी नाक पकड़कर बैठ गया और गैंडे की तरह चिल्ला रहा था तोड़ दो साले की हड्डी पसली ।
लेकिन अभी उसकी बात भी पूरी नहीं हुई थी कि उन चारों को उस लड़के ने लात घुसो से मारकर जमीन पर लिटा दिया। सब उसकी फुर्ती और बहादुरी देखकर दांतों तले अंगुली दबा लिए ।उस समय वो एक फिल्म के हीरो की तरह लग रहा है।
तभी वो लपकर विधायक के पास पहुंचा और शांति से कहा _ देखिए विधायक जी मेरी आपसे कोई दुश्मनी नहीं है लेकिन यदि आप हमारी देवता समान डॉ पर हाथ उठाएंगे और उनके ही ऑफिस ने उनका अपमान करेंगे तो यह हम सब अपमान नहीं करेंगे ।
किसी से पूछ लीजिए डॉ निर्मला मैडम अपने क्षेत्र में आपकी तरह पैसा खर्च कर और गुंडागर्दी के बल पर नहीं बल्कि हम सब इनके नेक कार्यों की वजह से मनाते है।
आपने मैडम पर हाथ उठाकर अच्छा नहीं किया ।वो भी ऐसे आदमी के लिए जिसने अपनी पत्नी को जानवरों की तरह बुरी तरह मारा और पीटा जिसकी जान मैडम की वजह से ही बची है।
मैं तुमको और और तुम्हारी मैडम को बर्बाद कर दूंगा तुम मुझे जानते नहीं हो ।
अगर तुम दोनों अपनी खैरियत चाहते हो तो अभी इस डॉ को बोलो अपनी इंजुरी रिपोर्ट बदल दे वरना मैं इसकी और तुम्हारी दोनों की नौकरी खा जाऊंगा ।मैं तुझे पहचान गया हूं तुम पीएचडी विभाग में इंजीनियर हो न मै अभी तुम पर विधायक यानि जन प्रतिनिधि पर हाथ उठाने के लिए पुलिस केस कर गिरफ्तार करवाता हूं और पुलिस के डंडे से तुम्हारी हड्डियां तुड़वा दूंगा और जेल में सडा दूंगा।विधायक ने गुस्से में कहा।
उसने तुरंत फोन कर पुलिस थाना को बुला लिया था।
डॉ निर्मला ने तुरंत जिला में सिविल सर्जन को विधायक की गुंडागर्दी के बारे में जानकारी दे दिया।
सिविल सर्जन ने तुरंत डीसी और एसपी को फोन कर जानकारी देकर उस पीएचसी में तुरंत पुलिस बल भेजकर डॉ निर्मला और अपने केंद्र की सुरक्षा को सुनिश्चित करने हेतु अनुरोध किया।
उस विधायक से सभी जिला के पदाधिकारी पहले से ही चिढ़े हुए थे ।किसी को भी सरकार का धौंस दिखाकर डराने और धमकाने से बाज नहीं आता था।किसी का कही भी अपमान कर देता था।
डीसी ने तुरंत एसपी को फोन पर बात चित कर कहा एसपी साहब विधायक ने हमारी एक सरकारी डॉ को उसकी ड्यूटी के समय थप्पड़ मारा और गर्दन दबाया है और धमकाया था। आप तुरंत थाना को सूचित कर उस पीएचसी में पुलिस बल भेजे और डॉ को सुरक्षा दिलवाने का कार्य करे।
इतना ही नहीं डीसी ने तुरंत इस संबंध में राज्य सरकार के चिकित्सा सचिव ,गृह सचिव और मुख्य सचिव को भी पत्र द्वारा जानकारी दे कर उचित कार्रवाई करने का अनुरोध किया।
इधर थोड़ी ही देर में पुलिस पूरे दल बल के साथ पीएचसी पहुंच गई।पुलिस के आते ही विधायक ने उस लड़के की तरफ अंगुली दिखाते हुए कहा _ यही वो गुंडा लड़का है दरोगा इस तुरंत गिरफ्तार करो।
तभी डॉ निर्मला ने कहा _ उससे पहले मेरी शिकायत दर्ज करे प्रभारी साहब ।विधायक जी ने मुझे मेरे कार्य में बाधा पहुंचाया है।मुझ पर जानलेवा हमला किया है और मुझे बर्बाद करने की धमकी दिया है।
डॉ निर्मला की बात सुनकर उस लड़के ने तुरत कहा _ जी दरोगा जी मैडम बिल्कुल सही कह रही है।सबसे पहले मेरा बयान दर्ज कीजिए ।बाकी लोगों से भी पूछ सकते हैं।जब मैने बीच बचाव किया तो इनके कहने पर इनके लोगों ने मुझे भी मारा पीटा है।मुझे भी नौकरी से हटवाने की धमकी दे रहे हैं।
दरोगा बड़ी मुश्किल पड़ गया क्या करे क्या न करे ।एक तरफ दबंग विधायक और दूसरी तरफ एक ईमानदार महिला डॉ।
तभी उसके फोन पर किसी का फोन आया ।जी सर पर मैं मौके पर पहुंच गया हूं।उधर से कुछ कहा गया।
उसने जी सर जी सर किया और मोबाइल काट दिया।
उसने विधायक जी से कहा _ विधायक जी आपको थोड़ी देर के लिए थाना चलना पड़ेगा वहां आप अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं।
तुम क्या बोल रहे हो दरोगा किससे बात कर रहे हो पता है।मैं सत्तारूढ़ पार्टी का विधायक हूं ।मैं थाना नहीं जाऊंगा पहले इस लड़के को गिरफ्तार करो।
दरोगा ने कहा _ सर आप मेरी बात को समझिए आपने एक सरकारी डॉ को उसके ड्यूटी हॉवर् में थप्पड़ मारा है और डराया धमकाया है मामला बिगड़ जाएगा सर इसलिए अभी यहां से चलिए ।
ठीक है मैं चलूंगा लेकिन इस लड़के को भी गिरफ्तार करो। विधायक ने गुस्से से कहा।
दरोगा ने डॉ निर्मला से कहा _ मैडम मामले को शांत करने के लिए मुझे अभी इस लड़के को भी थाना ले जाना होगा ।आप चाहे तो आप इसे अपनी गारंटी पर रिहा करा सकती हैं।
डॉ निर्मला ने कहा _ ठीक है आप चलिए मै भी पीछे से थाना आ रही हूं लेकिन मेरी वजह से इस लड़के का बाल भी बांका नहीं होना चाहिए।
आप इत्मीनान रहे मैडम।
डॉ निर्मला ने उस नौजवान लड़के से कहा _ तुम दरोगा जी के साथ पुलिस थाना चलो पीछे से में भी आ रही हूं ।तुम चिंता मत करना तुम्हे कुछ नहीं होगा।
उस लड़के ने कहा ठीक है मैडम।
पुलिस ने वहा उपस्थित कई लोगों के बयान लिए।डॉ के अलावा बाकी मेडिकल स्टाफ का भी बयान लिया।सबने विधायक के खिलाफ ही बयान दिया।
दरोगा ने कहा _ मैडम अभी चार कांस्टेबल आपके केंद्र पर रहेंगे शांति व्यवस्था हेतु ।इतना कहकर विधायक और उस लड़के को लेकर चला गया।
सबके जाते ही उस पीएचसी के सभी स्टाफ और मरीजों में डॉ निर्मला को घेर लिया और बहुत अफसोस किया।सबने एक स्वर में कहा मैडम विधायक को बिना कसूर एक राक्षस आदमी के लिए आपके साथ इतना बुरा बर्ताव नहीं करना चाहिए था।
साथ ही सबने उस नौजवान लड़के की तारीफ भी किया और कहा कि कितना बहादुर लड़का है बिना देर किए आपको बचाने के लिए अकेले ही विधायक से भीड़ गया ।
चलिए मैडम जल्दी उस लड़के को थाना से छुड़वाकर ले आइए वरना बेचारा आपकी वजह से विधायक उसे किसी बड़ी मुसीबत में न डाल दे ।
मंजू ने कहा ।
पूजा ने पूछा मैडम आपको दर्द तो नहीं हो रहा है।
दर्द तो है आकर कोई दवा खा लूंगी पहले चलो ।
थोड़ी देर में डॉ निर्मला अपने कुछ स्टाफ को लेकर एंबुलेंस से थाना पहुंच गई ।जब वो वहां पहुंची विधायक अपने समर्थकों सहित थाना से जा चुका था ।लेकिन जाते जाते उसने इस लड़के को धमकी देते गया है।दरोगा ने बताया।
दरोगा ने बताया मैडम विधायक के खिलाफ सारे लोगों ने बयान दिया है।
अभी थोड़ी देर पहले ऊपर से फोन आया था उसे छोड़ने के लिए इसे उसे जाने दिया वरना उसे मै अंदर करने वाला था ।
ठीक है आपने ठीक ही किया ।उसे अब जिला जवाब देगा फिलहाल आप पेपर दीजिए जिसपर मुझे साइन करना है।उस लड़के को जल्दी छोड़िए ।मेरी वजह से बेकार ही झमेले में पड़ गया वरना वो तो अपनी मां के फ्रेक्चर का इलाज करवाने गया था।उसकी मां उसका घर पर इंतजार कर रही होगी।
थोड़ी ही देर में दरोगा ने डॉ से साइन करवाकर उस लड़के को छोड़ दिया। डॉ निर्मला उसे लेकर अपने केंद्र आ गई और अपने चेंबर में ले गई ।अपने एक सहायक को बोलकर चाय बिस्कुट मंगवाई।
लड़के ने कहा _ नहीं मैडम मुझे घर जाना है।काफी देर हो गई ।मेरी मां घबड़ा रही होगी और पापा भी चिन्तित होंगे ।
ठीक है चले जाना थोड़ा चाय बस्कुट ले लो फिर चले जाना ।डॉ ने उसे रोकते हुए कहा।
वो लड़का फिर मना नहीं कर पाया ।
डॉ निर्मला ने चाय पीते हुए पूछा _ तो तुम पीएचडी विभाग में इंजीनियर हो ।जी मैडम अभी मेरी तीन साल पहले नौकरी लगी थी।
उसने जवाब दिया।
घर में कौन कौन है डॉ ने पूछा।
जी मै और मेरे माता पिता ।मेरी एक बड़ी बहन भी है जिसकी शादी हो चुकी है वो ससुराल में है।अब जैसे ही उसे मां के बारे में पता चलेगा वो भागी भागी आ जाएगी।
उसने बताया
तुमने शादी नहीं किया है। डॉ ने पूछा ।
जी मैडम इस बारे में अभी नहीं सोचा है।लेकिन आपकी तरह अगर कोई सुंदर और सुशील लड़की मिल जाएगी तो जरूर सोचूंगा।
उसकी बात सुनकर निर्मला खुलकर हंसने लगी।
बाहर उसके स्टाफ की बड़ा आश्चरु हुआ मैडम इतनी बड़ी घटना के बाद भी हंस रही है।
अरे तुम क्या बोल रहे हो।मैं कहा से तुम्हे सुंदर लग रही हूं ।मैं तो अपने काम में इतनी बीजी रहती हूं कि कभी अपने बारे में सोचा ही ही नहीं।डॉ ने मुस्कुराते हुए कहा ।
अच्छा एक बात बताओ तुम को डर नहीं लगा इतने बड़े दबंग विधायक को घुसा मारते हुए ।
मुझे भी यकीन नहीं हो रहा है मैडम लेकिन जब उस गुंडे ने आप पर हाथ उठाया तो मुझसे बर्दाश्त नहीं हुआ ।मैं आपे से से बाहर हो गया था।उसे लड़के ने जवाब दिया।
ओह अच्छा बस यही बात थी या और कोई बात थी ।डॉ ने धीरे से पूछा।
अरे नहीं मैडम हम सब आपको भगवान मानते हैं।भला हमारे भगवान को कोई हमारे सामने अपमान करेगा तक हम कैसे छोड़ देंगे।उसने पूरे जोश में कहा।
अच्छा चलो ठीक है लेकिन अबसे उस विधायक से तुम्हे सावधान रहना होगा।डॉ ने उसे समझाते हुए कहा।
जी मैडम लेकिन मैं उससे नहीं डरता हूं मैं भी स्पोर्ट्स मैन और बॉक्सर रहा अपने कॉलेज में जो भी आयेगा घुसा मारकर उसका मुंह तोड़ दूंगा ।उसने बड़े आवेश में कहा
जब सामने आएगा तब तो अगर उसने सरकारी कार्यवाही करवा दी तब क्या करोगे। डॉ ने पूछा ।
ज़्यादा से ज्यादा क्या करेगा मैडम मुझे नौकरी से बर्खास्त करवा सकता है या ट्रांसफर करवा देगा ।आपकी दुआ से इतनी योग्यता है मै हर हाल में हर मुसीबत से लड़ सकता हूं।उसने पूरे जोश से कहा।
तभी डॉ के चेंबर में एक औरत रोती हुई आई उसके साथ उसकी मां भी थी ।उसने बताया मैडम मेरी शादी को हुए तीन साल हो गए हैं लेकिन मेरा कोई बच्चा नहीं हो रहा है।इसलिए मेरे पति ने ने मुझे घर से निकाल दिया है।अभी मैं अपने मायके में रह रही हूं ।
मेरा कुछ इलाज कीजिए डॉ साहब।
डॉ निर्मला ने कहा _ देखिए आप घबड़ाए नहीं ।फिर उसने अपनी नर्स मंजू की बुलाकर कहा _ इनको डिलीवरी तुम में ले चलो मैं अभी आती हूं ।
मंजू उस महिला को लेकर चली गई।तभी सिविल सर्जन का फोन आया ।उसने बताया तुम्हारा मामला राज्य सरकार तक चला गया है।डीसी साहब और एसपी साहब सब तुम्हारे सपोर्ट में है ।कल से जिला के सभी डॉ हड़ताल पर जाएंगे जबतक वो विधायक तुमसे माफी नहीं मांग लेता।क्योंकि इससे बाकी नेताओं का मन बढ़ेगा और डॉ सब डर और भय से काम करने को तैयार नहीं है।इसे सभी अपना अपमान मान रहे हैं।
शेष अगले भाग _ 10 में
लेखक_ श्याम कुंवर भारती
बोकारो,झारखंड
मॉब.9955509286 #🇮🇳मेरा भारत, मेरी शान #📚कविता-कहानी संग्रह #✍प्रेमचंद की कहानियां #💔दर्द भरी कहानियां #📗प्रेरक पुस्तकें📘
**कहानी _ महावारी**
भाग _ 7
लेखक_ श्याम कुंवर भारती
डॉ निर्मला उस सरकारी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में कुछ ही दिनों में उस क्षेत्र में काफी लोकप्रिय डॉ बन गई थी । आसपास के गांव वाले उसकी काफी इज्जत करते थे। जिला के सिविल सर्जन भी उसकी काफी तारीफ करते थे।
सदर अस्पताल के प्रभारी भी बहुत खुश थे उसकी वजह से उनका भी काम आसान हो गया था।पहले वाले प्रभारी हर छोटी बड़ी बीमारी के मरीज भेजते रहते थे लेकिन डॉ निर्मला बहुत कम ही मरीज भेजती थी । अधिकांशतः मरीज वो अपने केंद्र में ही ठीक कर देती थी।
उसने ग्रामीण क्षेत्रों में मेडिकल कैंप लगवाकर इलाज की सुविधा उनके घर तक पहुंचाई ।इससे किशोरी लड़कियों ,गर्भवती महिलाओं , बुजुर्गों और छोटे बच्चों को बहुत राहत हुई ।अब उनको इलाज हेतु इतने दूर पीएचसी नहीं आना पड़ता था।लड़कियों को फ्री में सेनेटरी नेपकिन का वितरण करवाया और उन्हें पीरियड के समय साफ सफाई सावधानी और खान पान पर ध्यान देने हेतु काफी जागरुकता फैलाया।
दो बच्चों के बीच में अंतर रखने के लिए ताकि जच्चा और बच्चा दोनों स्वस्थ रहे उसने गर्भ निरोधक दवाइयां और निरोध का भी वितरण करवाया ।
इस तरह डॉ निर्मला ने अपने क्षेत्र में स्वस्थ और माहवारी से होने वाली समस्याओं पर काफी हद तक नियंत्रण पा लिया था।
उसकी मांग पर जिला से सभी आवश्यक दवाओं की आपूर्ति नियमित की जा रही थी।साथ ही उसने ऑपरेशन थियेटर को भी काफी हद तक सुसज्जित किया।ऑपरेशन हेतु सर्जिकल औजार भी उपलब्ध करवाए।ताकि छोटे मोटे ऑपरेशन वो पीएचसी लेबल पर ही कर सके ।
अभी तक उसने अपनी शादी नहीं की थी ।अभी नई_ नई प्रभारी के पद पर पदस्थापित हुई थी। चार पांच सालों में वो जहां भी गई अपनी छाप छोड़ती आई थी ।इसलिए उसकी पदोन्नति कर उसे प्रभारी बनाया गया था।अपना पद संभालते ही उसने सरकारी स्वास्थ्य केंद्र को प्राइवेट क्लिनिक से बेहतर बना दिया था।
उसके केंद्र पर उसके अनुरोध पर कई मेडिकल स्टाफ और दो डॉ भी स्थानांतरित किए गए थे।जिससे केंद्र को और सहजता से चलाया जाय।
सबको देखकर यह आश्चर्य होता था कि उस केंद्र में प्राइवेट डॉ से ज्यादा मरीजों की भीड़ भाड़ रहती थी।
उसने कुछ विशेषज्ञ चिकित्सकों को प्रति सप्ताह बैठने की अनुमति सिविल सर्जन से ले लिया था।जिससे वहां आंख , कान, चर्म रोग,दांत और हड्डी नस के भी डॉ सप्ताह में एक दिन मरीजों को देखने के लिए आने लगे थे।
उस दिन वो जिला में मीटिंग के लिए निकल रही थी ।तभी सिविल सर्जन ने फोन पर कहा _ निर्मला मीटिंग में आ रही हो तो एंबुलेंस लेती आना और अपने दो स्टाफ को भी साथ में ले लेना क्योंकि तुम्हारी पीएचसी के लिए काफी दवाइयां,सर्जिकल स्ट्रूमेंट और काफी पम्पलेट पोस्टर है लेती जाना।
उसने कहा ठीक है सर ।
करीब शाम को छ बजे वो वो जिला से मीटिंग से अपने केंद्र पहुंची ।उसने अपने चैंबर में आते ही अपने एक सहायक को चाय लाने को कहा फिर अपने मेडिकल स्टोर इंचार्ज से दवाईयां और बाकी समान एंबुलेंस से उतारकर स्टोर में रखवाने के लिए कहा।
अभी उसने चाय के दो ही घूंट पिया था कि बाहर हो हल्ला होने लगा ।
थोड़ी ही देर में उसके एक स्टाफ ने भागते हुए आकर बताया _ मैडम बाहर एक महिला बुरी तरह घायल अवस्था में पड़ी हुई है और काफी खून भी बह रहा है।वो औरत दर्द से काफी कराह रही है।
डॉ ने पूछा क्या कोई एक्सीडेंट हुआ है।
ये तो पता नहीं मैडम उसके साथ उसकी सास और ननद भी है।उस स्टाफ ने बताया।
ठीक है उसे तुरंत ड्रेसिंग रूम में ले चलो सब मै देखती हूं उसे ।
थोड़ी ही देर में ।
उस घायल महिला को ड्रेसिंग रूम में पहुंचाते ही डॉ निर्मला तुरंत पहुंची ।उस महिला को देखते ही उस बहुत दुख हुआ ।वो बुरी तरह घायल थी । सिर हाथ पैर सबने चोट के निशान थे और वहां से खून बह रहे थे।
उसने उसके सिर में देखा । वहा काफी लंबा घाव था।
उसने नर्स मंजू से कहा _ एंटीसेप्टिक लोशन रूई और गॉज ले आओ इसके घावों को पहले सफाई करके पट्टी बांधनी होगी।खून को बंद करने के लिए तुरंत इंजेक्शन देना होगा इसके सिर में बड़ा घाव है ।उसमें टांके लगाने होंगे ।उसके गाल और माथे पर भी चोट के निशान थे।
उसने सबसे पहले जहां से ज्यादा खून बह रहा था वहां पहले ड्रेसिंग कर दिया।उसके सिर में पांच टांके लगाने पड़े।
उसने मंजू से कहा _ दर्द और एंटीसेप्टिक इंजेक्शन तुरंत लगाओ ताकि उसका दर्द कम हो और सेप्टिक न हो।फिर एंटीबायोटिक इंजेक्शन लगा दो ताकी घाव जल्दी ठीक हो जाए।
उस महिला की ननद रीता ने अपनी मां से कहा _ मम्मी तुमको भैया को रोकना चाहिए था । बेटा पैदा करने के लिए भाभी को इतनी बेरहमी से जानवरों की तरह नहीं मारना चाहिए था।अगर मैं नहीं बचाती तो भइया आज भाभी की जान ही ले लेते।
उसकी बात सुनकर डॉ निर्मला चौंक गई ।ये तुम क्या कह रही हो । क्या तुम्हारी भाभी का एक्सीडेंट नहीं हुआ है।बल्कि तुम्हारे भैया ने इसे मारा है।
इस तरह किसी औरत की कोई राक्षस ही मार सकता है।
डॉ बहुत गुस्से में थी ।उसने महिला से पूछना चाहा लेकिन तभी वो बेहोस हो गई।
उसने उसकी आंखों की पुतलियां चेक किया उसमें काफी सफेदी नजर आ रही थी ।
उसने कहा _ काफी खून बह जाने की वजह से ये बिहोश हुई है।इस तुरंत खून चढ़ाना पड़ेगा वरना इसकी मौत भी हो सकती है।मेरे केंद्र में खून की व्यवस्था नहीं है इसे तुरंत सदर अस्पताल भेजना होगा ।मै एंबुलेंस दे देती हूं ।
इसका प्राथमिक इलाज कर दी हूं अब खून नहीं बहेगा लेकिन यह एक पुलिस केस है मुझे अभी तुरंत पुलिस को बुलाना होगा ।
उसकी बात सुनकर उस महिला की सास घबड़ा गई ।
लेकिन उसकी ननद ने कहा _ जी मैडम आप बिल्कुल पुलिस को बुलाइए जबतक भैया को सबक नहीं मिलेगा वो सुधरेंगे नहीं ।
डॉ ने तुरंत पुलिस थाना जो फोन कर जल्दी केंद्र आने की कहा ।
थोड़ी देर में पुलिस आ गई ।
उसने उस महिला को देखा ,उसका फोटो लिया।उसकी सास और ननद का बयान लिया।फिर डॉ से पूछा मैडम हमे इस पीड़ित महिला का भी बयान लेना है ये कबतक होश में आ जाएगी।
डॉ ने बताया अभी कुछ कहा नहीं जा सकता ।मैं इसे सदर अस्पताल में रेफर कर रही हूं ।आपको बयान लेने के लिए वही जाना पड़ेगा।क्योंकि इसको यहां रखना खतरे से खाली नहीं है।
लेकिन फिलहाल आप तुरंत इसके पति को गिरफ्तार करे। यह जान से मारने का प्रयास है।अगर ये बच भी गई तो हाफ मर्डर का केस तो लगेगा ही ।
इसके बाद उसने उस महिला को सफर अस्पताल रेफर कर दिया।साथ ही उसने सदर में फोन कर बोल दिया उस महिला के लिए खून का इंतजाम करने के लिए।
शेष अगले भाग _ 8 में।
लेखक _ श्याम कुंवर भारती
बोकारो,झारखंड
मॉब.9955509286 #📗प्रेरक पुस्तकें📘 #💔दर्द भरी कहानियां #✍प्रेमचंद की कहानियां #📚कविता-कहानी संग्रह #🇮🇳मेरा भारत, मेरी शान
भोजपुरी गीत _ सहिला बड़ा सजा।
नायक _ दिलवा चुरवले बाड़ू ,अंखियां मिलवले बाड़ू ।
आके हमरे दिलवा में हल्ला मचवले बाड़ू ।
आजा गोरी तोहके बतिया दिलवा बताई,
करबु हमसे प्यार की देबू हमके भगाई।
नायिका_ पिया प्यार में हमके तू बड़ा तड़पावेला।
रतिया दिनवा तू याद बड़ा आवेला।
समझा मजबूरी गोरी आके तनी समझा जा।
प्यार बरसावा तनी घनघोर आवे तनी मजा
करा सराबोर तनी ताजा।
नायिका _ नजरिए में होला बड़ा बरखा सही ला बड़ा सजा ।
नायक _ पीरीतिया के रीत गोरी हम हरदम निभाईंब।
जाई चाहे जान सुना मोर जान हम ना भुलाईब।
नायिका _ दुनिया में तोहसे खाली हम दिलवा लगवली।
जिनगी के संगी पिया खाली तोहके हम बनवली।
नायक _ अखियां चोरवले बांडू ,मुंहवा लुकवले बाड़ू ।
जीयरा जरवले बाड़ू ,रूपवा ना दिखवले बाड़ू ।
दिलवा में का बा बोल के तनी हमके समझा जा।
गरवा लगा जा हमके आपन बना जा ।
नायिका _ बसी जा हमरे अंगवा में पोर पोर मोर राजा।
होखे ना केवनो ओर छोर ये राजा
नजरिए ने होला बड़ा बरखा सहिका बड़ा सजा ।
गीतकार
श्याम कुंवर भारती (राजभर )
बोकारो,झारखंड
मॉब.9955509286 #🇮🇳मेरा भारत, मेरी शान #📚कविता-कहानी संग्रह #✍प्रेमचंद की कहानियां #💔दर्द भरी कहानियां #📗प्रेरक पुस्तकें📘













