INSTALL
@2042925815
Shyamnandan Kumar
@2042925815
386
फॉलोअर्स
5
फॉलोइंग
482
पोस्ट
जिन्दगी एक किताब है और मैं इसका लेखक हु।
Follow
Shyamnandan Kumar
414 ने देखा
•
2 घंटे पहले
#💔दर्द भरी कहानियां
#📗प्रेरक पुस्तकें📘
#✍प्रेमचंद की कहानियां
#✍मेरे पसंदीदा लेखक
#📚कविता-कहानी संग्रह
6
7
कमेंट
Shyamnandan Kumar
3.8K ने देखा
•
2 घंटे पहले
#📗प्रेरक पुस्तकें📘
#✍मेरे पसंदीदा लेखक
#✍प्रेमचंद की कहानियां
#📚कविता-कहानी संग्रह
#💔दर्द भरी कहानियां
19
46
कमेंट
Shyamnandan Kumar
529 ने देखा
•
5 दिन पहले
#💔दर्द भरी कहानियां
#✍प्रेमचंद की कहानियां
#✍मेरे पसंदीदा लेखक
#📚कविता-कहानी संग्रह
#📗प्रेरक पुस्तकें📘
11
17
कमेंट
Shyamnandan Kumar
523 ने देखा
•
6 दिन पहले
#📗प्रेरक पुस्तकें📘
#📚कविता-कहानी संग्रह
#✍प्रेमचंद की कहानियां
#✍मेरे पसंदीदा लेखक
#💔दर्द भरी कहानियां
15
10
कमेंट
Shyamnandan Kumar
599 ने देखा
•
6 दिन पहले
#💔दर्द भरी कहानियां
#✍प्रेमचंद की कहानियां
#📚कविता-कहानी संग्रह
#✍मेरे पसंदीदा लेखक
#📗प्रेरक पुस्तकें📘
6
11
कमेंट
Shyamnandan Kumar
526 ने देखा
•
9 दिन पहले
#📚कविता-कहानी संग्रह
#✍मेरे पसंदीदा लेखक
#✍प्रेमचंद की कहानियां
#📗प्रेरक पुस्तकें📘
#💔दर्द भरी कहानियां
14
11
कमेंट
Shyamnandan Kumar
548 ने देखा
•
9 दिन पहले
#💔दर्द भरी कहानियां
#✍प्रेमचंद की कहानियां
#📗प्रेरक पुस्तकें📘
#✍मेरे पसंदीदा लेखक
#📚कविता-कहानी संग्रह
15
11
कमेंट
Shyamnandan Kumar
1.2K ने देखा
•
11 दिन पहले
#📚कविता-कहानी संग्रह
#✍मेरे पसंदीदा लेखक
#📗प्रेरक पुस्तकें📘
#✍प्रेमचंद की कहानियां
#💔दर्द भरी कहानियां
16
15
कमेंट
Shyamnandan Kumar
560 ने देखा
•
11 दिन पहले
#💔दर्द भरी कहानियां
#📗प्रेरक पुस्तकें📘
#✍मेरे पसंदीदा लेखक
#✍प्रेमचंद की कहानियां
#📚कविता-कहानी संग्रह
10
14
कमेंट
Shyamnandan Kumar
475 ने देखा
•
14 दिन पहले
ज़िंदगी परबत हवे बाकिर चढ़े के पड़ी, आपन लड़ाई अपने से ही लड़े के पड़ी। केहू नाही आइ तोहके देबे के सहारा, ठोकर खा के खुदे आगे बढ़े के पड़ी। खाली बसंत के फूल नाही हऽ ज़िंदगी, पतझड़ में पतई नियन झड़े के पड़ी। केतनो निमन होई केहू, आइ ना कामे, आपन दुखवा अपने से ही हरे के पाङी आईसे ना मिली मूङी पर तहारा छाह . श्यामनंदन ओकरा खातिर धूप मे जले के पाङी
#✍मेरे पसंदीदा लेखक
#✍प्रेमचंद की कहानियां
#📗प्रेरक पुस्तकें📘
#📚कविता-कहानी संग्रह
#💔दर्द भरी कहानियां
अइसे नाही मिली मुड़ी पर तहरा छाँह, श्यामनंदन ओकरा खातिर धूप में जरे के पड़ी। - हमारे नानाजी
10
18
कमेंट
Your browser does not support JavaScript!