चेतावनी: इंसान को इंसान रहने दो
मर्यादा की सीमा तोड़ो, इतना न सम्मान करो,
मिट्टी के पुतले को तुम, ईश्वर का न नाम दो।
भक्ति करो उस परमात्मा की, जो जग का आधार है,
इंसान तो बस हाड़-मांस है, कर्मों का अवतार है।
सुनो मैथिली! सुरों की साधना, पथ से भटक न जाए,
चाटुकारिता की आँधी में, सत्य कहीं दब न जाए।
अमृत होता है चरणों में, यह अंधभक्त की वाणी है,
सजग समाज के लिए तो यह, केवल एक नादानी है।
लोकतंत्र की इस धरती पर, जनता ही भगवान है,
नेताओं के कर्मों पर ही, टिका हुआ संविधान है।
अवतारों की संज्ञा देकर, तुम प्रश्न पूछना छोड़ दोगी,
आने वाली पीढ़ी का तुम, सारा रुख ही मोड़ दोगी।
कलम मेरी 'क्रांति' लिखती, समाज को जगाने आई हूँ,
अंधभक्ति के इस घेरे में, आईना दिखाने आई हूँ।
कलाकार हो, सुरों से तुम, राष्ट्र का गौरव गान करो,
इंसान को भगवान न मानों, ईश्वर का अपमान न करो।
— सोनी शुक्ला 'क्रांति
'लेखिका कवयित्री
(संस्थापक राष्ट्रीय अध्यक्ष, जनहित सर्व समाज सेवा समिति) लखनऊ उत्तर प्रदेश
6386627403 #🚀SC बूस्ट के साथ Views को सुपरचार्ज करें
चेतावनी: इंसान को इंसान रहने दो
मर्यादा की सीमा तोड़ो, इतना न सम्मान करो,
मिट्टी के पुतले को तुम, ईश्वर का न नाम दो।
भक्ति करो उस परमात्मा की, जो जग का आधार है,
इंसान तो बस हाड़-मांस है, कर्मों का अवतार है।
सुनो मैथिली! सुरों की साधना, पथ से भटक न जाए,
चाटुकारिता की आँधी में, सत्य कहीं दब न जाए।
अमृत होता है चरणों में, यह अंधभक्त की वाणी है,
सजग समाज के लिए तो यह, केवल एक नादानी है।
लोकतंत्र की इस धरती पर, जनता ही भगवान है,
नेताओं के कर्मों पर ही, टिका हुआ संविधान है।
अवतारों की संज्ञा देकर, तुम प्रश्न पूछना छोड़ दोगी,
आने वाली पीढ़ी का तुम, सारा रुख ही मोड़ दोगी।
कलम मेरी 'क्रांति' लिखती, समाज को जगाने आई हूँ,
अंधभक्ति के इस घेरे में, आईना दिखाने आई हूँ।
कलाकार हो, सुरों से तुम, राष्ट्र का गौरव गान करो,
इंसान को भगवान न मानों, ईश्वर का अपमान न करो।
— सोनी शुक्ला 'क्रांति
'लेखिका कवयित्री
(संस्थापक राष्ट्रीय अध्यक्ष, जनहित सर्व समाज सेवा समिति) लखनऊ उत्तर प्रदेश
6386627403 #🚀SC बूस्ट के साथ Views को सुपरचार्ज करें
#🚀SC बूस्ट के साथ Views को सुपरचार्ज करें #✡️सितारों की चाल🌠 विश्व पत्रकारिता दिवस के गौरवमयी अवसर पर, **सोनी शुक्ला 'क्रांति'** के चिर-परिचित अंदाज़ में समाज और पत्रकार जगत के लिए एक ओजस्वी काव्य संदेश:
**कलम की हुंकार: एक क्रांति**
मैं कलमकार हूँ, सत्य की मशाल जलाती हूँ,
सोए हुए जमीर को, शब्दों से जगाती हूँ।
न डिगा सके कोई मुझे, लोभ और लालच से,
मैं अन्याय के विरुद्ध, 'क्रांति' का बिगुल बजाती हूँ।
### **पत्रकारिता का धर्म**
* **अटल विश्वास**
दब न जाए कहीं गरीब की सिसकी, ये फिक्र पालती हूँ,
मैं स्याही में हौसले और पसीने की बूंदें ढालती हूँ।
पत्रकारिता मेरे लिए पेशा नहीं, एक पावन इबादत है,
मैं हर खबर में समाज के सुधार का रास्ता निकालती हूँ।
* **सत्ता को आईना**
जो सच है, वही कहूँगी, चाहे कोई भी सामने हो,
मर्यादा में रहकर भी, मेरी कलम में धार हो।
विश्व पत्रकारिता दिवस पर, यही है मेरा संकल्प,
कि हर पत्रकार के हाथ में, न्याय का आधार हो।
**संदेश**
"पत्रकारिता का अर्थ केवल सूचना देना नहीं, बल्कि समाज के अंतिम व्यक्ति की आवाज़ बनना है। आइए, इस दिवस पर हम सब मिलकर निष्पक्षता और नैतिकता की शपथ लें।"
— आपकी, सोनी शुक्ला 'क्रांति'**
*(राष्ट्रीय अध्यक्षा - जनहित सर्व समाज सेवा समिति)*
**विश्व पत्रकारिता दिवस की अनंत शुभकामनाएँ!**
#🚀SC बूस्ट के साथ Views को सुपरचार्ज करें #✡️सितारों की चाल🌠 विश्व पत्रकारिता दिवस के गौरवमयी अवसर पर, **सोनी शुक्ला 'क्रांति'** के चिर-परिचित अंदाज़ में समाज और पत्रकार जगत के लिए एक ओजस्वी काव्य संदेश:
**कलम की हुंकार: एक क्रांति**
मैं कलमकार हूँ, सत्य की मशाल जलाती हूँ,
सोए हुए जमीर को, शब्दों से जगाती हूँ।
न डिगा सके कोई मुझे, लोभ और लालच से,
मैं अन्याय के विरुद्ध, 'क्रांति' का बिगुल बजाती हूँ।
### **पत्रकारिता का धर्म**
* **अटल विश्वास**
दब न जाए कहीं गरीब की सिसकी, ये फिक्र पालती हूँ,
मैं स्याही में हौसले और पसीने की बूंदें ढालती हूँ।
पत्रकारिता मेरे लिए पेशा नहीं, एक पावन इबादत है,
मैं हर खबर में समाज के सुधार का रास्ता निकालती हूँ।
* **सत्ता को आईना**
जो सच है, वही कहूँगी, चाहे कोई भी सामने हो,
मर्यादा में रहकर भी, मेरी कलम में धार हो।
विश्व पत्रकारिता दिवस पर, यही है मेरा संकल्प,
कि हर पत्रकार के हाथ में, न्याय का आधार हो।
**संदेश**
"पत्रकारिता का अर्थ केवल सूचना देना नहीं, बल्कि समाज के अंतिम व्यक्ति की आवाज़ बनना है। आइए, इस दिवस पर हम सब मिलकर निष्पक्षता और नैतिकता की शपथ लें।"
— आपकी, सोनी शुक्ला 'क्रांति'**
*(राष्ट्रीय अध्यक्षा - जनहित सर्व समाज सेवा समिति)*
**विश्व पत्रकारिता दिवस की अनंत शुभकामनाएँ!**
#🚀SC बूस्ट के साथ Views को सुपरचार्ज करें #✡️सितारों की चाल🌠 विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग (DST) के स्थापना दिवस के अवसर पर सोनी शुक्ला 'क्रांति' के भावों को व्यक्त करती एक विशेष काव्य रचना:
नवाचार की नई उड़ान: जय विज्ञान
कलम मेरी आज विज्ञान के सम्मान में उठी है,
प्रगति की नई एक परिभाषा गढ़ी है।
जहाँ तर्क की कसौटी पर सच को परखा जाता है,
वहीँ से सुनहरे भारत का रास्ता नज़र आता है।
विकास का आधार: अनुसंधान
नवल चेतना
वैज्ञानिकों के त्याग से, मस्तक ऊँचा हुआ हमारा है,
नवाचार और शोध ही, उज्ज्वल कल का सहारा है।
मंगल की कक्षा हो या सागर की गहराइयाँ अनकही,
भारत की मेधा ने हर तरफ अपनी विजय पताका फहराई है।
युवाओं को आह्वान
आओ मिलकर हम सब तकनीकी को अपनाएं,
अंधकार को मिटाकर, ज्ञान की ज्योति जलाएं।
DST के इस पावन स्थापना दिवस पर लें संकल्प,
सृजन के मार्ग पर बढ़ें, विकास का न हो कोई विकल्प।
शुभकामना संदेश
"देश के सभी वैज्ञानिकों, शोधकर्ताओं और इंजीनियरों को विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के स्थापना दिवस की हृदय से बधाई। आपकी मेहनत ही आधुनिक भारत की असली शक्ति है।"
— सादर शुभकामनाएँ,
लेखिका/ कवयित्री
सोनी शुक्ला 'क्रांति'
(राष्ट्रीय अध्यक्षा - जनहित सर्व समाज सेवा समिति)
लखनऊ, उत्तर प्रदेश
#🚀SC बूस्ट के साथ Views को सुपरचार्ज करें #✡️सितारों की चाल🌠 विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग (DST) के स्थापना दिवस के अवसर पर सोनी शुक्ला 'क्रांति' के भावों को व्यक्त करती एक विशेष काव्य रचना:
नवाचार की नई उड़ान: जय विज्ञान
कलम मेरी आज विज्ञान के सम्मान में उठी है,
प्रगति की नई एक परिभाषा गढ़ी है।
जहाँ तर्क की कसौटी पर सच को परखा जाता है,
वहीँ से सुनहरे भारत का रास्ता नज़र आता है।
विकास का आधार: अनुसंधान
नवल चेतना
वैज्ञानिकों के त्याग से, मस्तक ऊँचा हुआ हमारा है,
नवाचार और शोध ही, उज्ज्वल कल का सहारा है।
मंगल की कक्षा हो या सागर की गहराइयाँ अनकही,
भारत की मेधा ने हर तरफ अपनी विजय पताका फहराई है।
युवाओं को आह्वान
आओ मिलकर हम सब तकनीकी को अपनाएं,
अंधकार को मिटाकर, ज्ञान की ज्योति जलाएं।
DST के इस पावन स्थापना दिवस पर लें संकल्प,
सृजन के मार्ग पर बढ़ें, विकास का न हो कोई विकल्प।
शुभकामना संदेश
"देश के सभी वैज्ञानिकों, शोधकर्ताओं और इंजीनियरों को विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के स्थापना दिवस की हृदय से बधाई। आपकी मेहनत ही आधुनिक भारत की असली शक्ति है।"
— सादर शुभकामनाएँ,
लेखिका/ कवयित्री
सोनी शुक्ला 'क्रांति'
(राष्ट्रीय अध्यक्षा - जनहित सर्व समाज सेवा समिति)
लखनऊ, उत्तर प्रदेश
#🚀SC बूस्ट के साथ Views को सुपरचार्ज करें #✡️सितारों की चाल🌠
समय की पटरी और व्यक्तित्व की गति
एक ही ताल में चलते हैं दोनों,
चाहे पटरी हो या जीवन का पथ,
ट्रेन और महान व्यक्ति—
विराम नहीं, बस लक्ष्य का रथ।
ट्रेन की गति में एक संकल्प है,
जो काटती है मीलों का सन्नाटा,
वह नहीं देखती पीछे मुड़कर,
कि पीछे क्या छूटा, क्या सिमटा।
वह चलती है समय की पाबंदी संग,
हर पड़ाव को पीछे छोड़ते हुए,
मंज़िल की चाह में अडिग,
अंधेरी सुरंगों को चीरते हुए।
महान व्यक्ति भी कहाँ रुकते हैं?
उनके भीतर भी एक इंजन धधकता है,
वह इंजन—जो समाज को बदलने का,
अन्याय से लड़ने का साहस रखता है।
उनकी गति किसी घड़ी की मोहताज नहीं,
वे चलते हैं अपने सिद्धांतों के वेग से,
जहाँ भीड़ रुक जाती है डर कर,
वे निकलते हैं वहीं से संवेग से।
ट्रेन सबको साथ लेकर चलती है,
बिना पूछे किसी का नाम या जाति,
महानता की भी यही पहचान है—
जो हर दीन-दुखी की बने साथी।
पटरी पर दौड़ती लौह-शक्ति,
और ह्रदय में जलती क्रांति की मशाल,
दोनों ही बदलते हैं दुनिया का नक्शा,
दोनों ही रचते हैं नया इतिहास और काल।
— सोनी शुक्ला 'क्रांति #🚀SC बूस्ट के साथ Views को सुपरचार्ज करें
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