ShareChatUser
ShareChat
click to see wallet page
@824524984
824524984
ShareChatUser
@824524984
मुझे ShareChat पर फॉलो करें!
मुंबई से प्रकाशित लोकप्रिय अख़बार 'सामना' में #राजनीतिक व्यंग्य साप्ताहिक कॉलम में 03 दिसम्बर को प्रकाशित व्यंग्य... कुकर के पूछ अउरी समधी के मोछ सीध ना होला... अगर आपको पसंद आए तो सकारात्मक विचार से जरूर अवगत कराएं।
राजनीतिक व्यंग्य - सामना कुकुर के पोंछ अउरी समधी ক মীঘ সীঙ্স না মীলা ब रत के तैयारी त बड़ा अजब  के चाट आ रसगुल्ला चट कर  भोजपुरिया व्यंग्य चुकल रहेलें। चीज हवे। जइसे बारात के नइखे कवनो नाटक के तैयारी जीजा जी के खास आदत प्रभुनाथ शुक्ल भदोही  होखेला। जेकर उमिर पचपन के हौ हर प्लेट गें झांक झांक के देखे लगे उ पच्चीस के गबरू जवान के। अरे इ मे पनीर कम बा, हम  दिखल   चाहत हौ।  समधी- त पनीरवाला प्लेट खाइब। इ कहत कहत उ तीन प्लेट खतम H ६० पार कडले के बाद भी १६ के जवानी घोंट कई देले, जबकि बुआ जी के बाडे।   क्रीम मत। हमरा कुर्सी ೯[g " रहल पाउडर  नखर त गुटका  डाई राब कुछ एक हमरा त काजू अलग चाहीं। ई चम्मच  साथ। लगत बाकि बरात ना वाला   हलवा अउरी प्लेट फैंसी नइखे हौ। মীননা এল जवानी पुनरोद्धार  रहल बा। यहीं खातिर कुकुर के पोंछ अउरी समधी के मोंछ लइकी वाले हमारा स्टेटस के ख्याल नइखे रखले हौ। लगत बा कबो सीध ना होला। बुआ जी बरात में ना, राजमहल में आयल बाड़ीं।  लडिका वाला बरात लेकर भीतर घुसल ना कि लड़की  आ डॉन टाइप साला जी के एंट्री त फिल्मी होखे के 3ur' वाला के चेहरा बदल जाला। पहिले त गुस्कान बिखरत रहे चाहीं। हमार बैठकी वीआईपी होई। हमरा लोग खातिर अलग लेकिन बरात के लमहर भीड़ देखते ही ऊ मुस्कान ऐसे गायब  से इंतजाम होखे के चाही हेजा लइका के मामा के कवनो इज्जत  हो जाला जइसे दूध में लगी मलाई। एतना लोग़़. नइखे। जइसे बरात ना॰ चुनाव सभा होखे। लड़की वाला बेचारा " TTT- पानी कइसे होई? मन में शुरू हो जाला सवाल। समधी से इधर उधर भागे। पानी लाव चाय लाव, कुर्सी लगाव, पंखा ऑ  भेंट ्अकवार के बाद लड़की के बाप के आवाज में कंपकंपी न कर लेकिन मजाल बा कि बराती लोग काहू से खुश हो जाई। तू॰तू मैं-मैं 31r aಗ-ar T हमरा ध्यान ना देहलसः साफ झलक जाला  हमरा आराम करई के ना मिलल, हमरा सब्जी ठंडी  ई सब त ठीक बा, असली खुराफात त तब शुरू होला  बड़का जीजा जी अउर इज्जतदार डॉ मिलल। हमारा चाय गरम नइखे रहल। बरात के असली तुनक- जब बरात में फूफा जी दुल्हन के ननद के नखरा  न टाइप चाची-भाभी अउरी मिजाजी त इहे होला। लइका वालन के नखरा से लड़की वाला  खुलके  नाचे लागेला। भोजन शुरू होखे के पहिले ही फूफा जी चिल्ला  बेचारा परेशान हो जाला। बारात के तैयारी नइखे जइसे भांड उठले हमरा के देखे के कौनो पानी तक ना पूछलस! एहू बरात  के नाच हो जाला। जहाँ लड़को वाले के नजर में लड़का के घर  होला भला? जबकि पूरा घंटा ऊ पंडाल में गोल-गोल घूम ्घूम  वाले अउरी नातेदार अपने अपने रोल में सुपरस्टार होखेला।  Hindi Edition Saamana Dec 3 2025 Page No १५ Special supplement access Powered by eReLeGo com सामना कुकुर के पोंछ अउरी समधी ক মীঘ সীঙ্স না মীলা ब रत के तैयारी त बड़ा अजब  के चाट आ रसगुल्ला चट कर  भोजपुरिया व्यंग्य चुकल रहेलें। चीज हवे। जइसे बारात के नइखे कवनो नाटक के तैयारी जीजा जी के खास आदत प्रभुनाथ शुक्ल भदोही  होखेला। जेकर उमिर पचपन के हौ हर प्लेट गें झांक झांक के देखे लगे उ पच्चीस के गबरू जवान के। अरे इ मे पनीर कम बा, हम  दिखल   चाहत हौ।  समधी- त पनीरवाला प्लेट खाइब। इ कहत कहत उ तीन प्लेट खतम H ६० पार कडले के बाद भी १६ के जवानी घोंट कई देले, जबकि बुआ जी के बाडे।   क्रीम मत। हमरा कुर्सी ೯[g " रहल पाउडर  नखर त गुटका  डाई राब कुछ एक हमरा त काजू अलग चाहीं। ई चम्मच  साथ। लगत बाकि बरात ना वाला   हलवा अउरी प्लेट फैंसी नइखे हौ। মীননা এল जवानी पुनरोद्धार  रहल बा। यहीं खातिर कुकुर के पोंछ अउरी समधी के मोंछ लइकी वाले हमारा स्टेटस के ख्याल नइखे रखले हौ। लगत बा कबो सीध ना होला। बुआ जी बरात में ना, राजमहल में आयल बाड़ीं।  लडिका वाला बरात लेकर भीतर घुसल ना कि लड़की  आ डॉन टाइप साला जी के एंट्री त फिल्मी होखे के 3ur' वाला के चेहरा बदल जाला। पहिले त गुस्कान बिखरत रहे चाहीं। हमार बैठकी वीआईपी होई। हमरा लोग खातिर अलग लेकिन बरात के लमहर भीड़ देखते ही ऊ मुस्कान ऐसे गायब  से इंतजाम होखे के चाही हेजा लइका के मामा के कवनो इज्जत  हो जाला जइसे दूध में लगी मलाई। एतना लोग़़. नइखे। जइसे बरात ना॰ चुनाव सभा होखे। लड़की वाला बेचारा " TTT- पानी कइसे होई? मन में शुरू हो जाला सवाल। समधी से इधर उधर भागे। पानी लाव चाय लाव, कुर्सी लगाव, पंखा ऑ  भेंट ्अकवार के बाद लड़की के बाप के आवाज में कंपकंपी न कर लेकिन मजाल बा कि बराती लोग काहू से खुश हो जाई। तू॰तू मैं-मैं 31r aಗ-ar T हमरा ध्यान ना देहलसः साफ झलक जाला  हमरा आराम करई के ना मिलल, हमरा सब्जी ठंडी  ई सब त ठीक बा, असली खुराफात त तब शुरू होला  बड़का जीजा जी अउर इज्जतदार डॉ मिलल। हमारा चाय गरम नइखे रहल। बरात के असली तुनक- जब बरात में फूफा जी दुल्हन के ननद के नखरा  न टाइप चाची-भाभी अउरी मिजाजी त इहे होला। लइका वालन के नखरा से लड़की वाला  खुलके  नाचे लागेला। भोजन शुरू होखे के पहिले ही फूफा जी चिल्ला  बेचारा परेशान हो जाला। बारात के तैयारी नइखे जइसे भांड उठले हमरा के देखे के कौनो पानी तक ना पूछलस! एहू बरात  के नाच हो जाला। जहाँ लड़को वाले के नजर में लड़का के घर  होला भला? जबकि पूरा घंटा ऊ पंडाल में गोल-गोल घूम ्घूम  वाले अउरी नातेदार अपने अपने रोल में सुपरस्टार होखेला।  Hindi Edition Saamana Dec 3 2025 Page No १५ Special supplement access Powered by eReLeGo com - ShareChat
मुंबई से प्रकाशित 'सामना' में नियमित भोजपुरी व्यंग्य कॉलम में 12 नवम्बर बुधवार को प्रकाशित बिहार चुनाव पर आधारित व्यंग्य। पसंद आए तो अपनी राय जरूर रखें। #मुंबई #सामना #हिंदी #भोजपुरी #व्यंग्य मुंबई से प्रकाशित 'सामना' में नियमित भोजपुरी व्यंग्य कॉलम में 12 नवम्बर बुधवार को प्रकाशित बिहार चुनाव पर आधारित व्यंग्य। पसंद आए तो अपनी राय जरूर रखें। #मुंबई #सामना #राजनीतिक व्यंग्य
राजनीतिक व्यंग्य - सामना नेताजो के जोत तय बा! भोजपुरिया व्यंग्य टेलीविजन पर देखीं, एक चैनल कहत बा फलां पार्टी १८० सीट पावत बा, दोसरा कहत बाना ना, ऊ त हार रहल बा। अब जनता कहे, टीवी वाला प्रभुनाथ शुक्ल भदोही लोगन के भी अब सिख गइल बा। नेता जादू -टोना जी सभे मंच पर जा के ऐसें बोलत बानीं जइसे अबकी बार कुछ में चुनाव  के माहौल हार चुनाव आयोग ना, ऊ खुद भगवान बा, हम अइसन बा जइसे बरसात में मेंढक टर्र- जीतब, बाकी सब हारब, जनता के अब टर्र करत बाडे। कवनो के भरोसा नइखे कि ভুপ্সা মহল না কি $ মন সম না, বৈমন पानी कब रुक जाई, बाकि आवाज सबके बा। फर्क बस इतना बा कि टिकट जनता बराबर ऊँची बा। अब देखी ना, अभी त के हाथ में बा॰ बाकि स्क्रिप्ट नेता जी आखिरी चरण के वोट पड़ल भी नइखे पहले से लिख लिहले बानी। बाकि हर नेता के दिल में जीत के बिहार के जनता बड़ा सयानी बा, झंडा लहरात बा। कोई कहत बा हमरे ऊ जानत बा कि एतना विकास के वादा लहर बा, त कोई बोलत बा हमरे तेवर बा। चुनाव के बाद विलास में बदल जाई। जनता बुझा गइल बा कि॰ई लहर बा कि अब ऊ कहे लागल बानी, भइया, नेता बुखार बा। नेता जी अबहीं खुश बानी के भरोसा पर सरकार ना बनेला, कि ओकरा सरकार बन गईल। वोट से बनल सरकार भी नेता बाकि जनता मन में सोचत बा लोग के भरोसे टिकेला। कुछ लोग f बोट गिनले बिना रिजल्ट নানু; নিংক্ত  কম্ন নানী सरकार बनेगी। बतावत बानी, तई लोकतंत्र में त्रिशंकु जनता कहत बा॰ बने दीं॰ नहीं, भविष्यवाणी में लिहल जाई। तो रामायण में भी लटकत रहल हर गली मोहल्ला में पोस्टर सरकारो थोड़ दिन लटकी त का बिहार बदलेगा हमरे लटकावल बा॰ नारा लगावल बा बिगड़ी ? अबकी बिहार चुनाव में जनता ना हँसे के साथ , बाकि जनता कहत बा, पिछली बेरो अइसहीं মুত্রা ৭ बा॰ ना रोए के। ऊ त बस तमाशा देखत बा अब त रस्ता से लेकर राशन तक कहल गइल रहे, पर बयान, रोड शो में नाच, हेलीकॉप्टर के धूल बदले नइखे। अबकी बेर जनता चुप बा, बाकि अंदर- अउर नेता जी के जोश। बाकि जब बटन दबाई, अंदर सोच रहल बाकि॰ई सब बोले के रोग नेता जी सबके जोश उतर जाई। के छु रहल बा। Hindi Edition Saamana Saamana supplements 2025 Page Nov १२ , No 15 सामना नेताजो के जोत तय बा! भोजपुरिया व्यंग्य टेलीविजन पर देखीं, एक चैनल कहत बा फलां पार्टी १८० सीट पावत बा, दोसरा कहत बाना ना, ऊ त हार रहल बा। अब जनता कहे, टीवी वाला प्रभुनाथ शुक्ल भदोही लोगन के भी अब सिख गइल बा। नेता जादू -टोना जी सभे मंच पर जा के ऐसें बोलत बानीं जइसे अबकी बार कुछ में चुनाव  के माहौल हार चुनाव आयोग ना, ऊ खुद भगवान बा, हम अइसन बा जइसे बरसात में मेंढक टर्र- जीतब, बाकी सब हारब, जनता के अब टर्र करत बाडे। कवनो के भरोसा नइखे कि ভুপ্সা মহল না কি $ মন সম না, বৈমন पानी कब रुक जाई, बाकि आवाज सबके बा। फर्क बस इतना बा कि टिकट जनता बराबर ऊँची बा। अब देखी ना, अभी त के हाथ में बा॰ बाकि स्क्रिप्ट नेता जी आखिरी चरण के वोट पड़ल भी नइखे पहले से लिख लिहले बानी। बाकि हर नेता के दिल में जीत के बिहार के जनता बड़ा सयानी बा, झंडा लहरात बा। कोई कहत बा हमरे ऊ जानत बा कि एतना विकास के वादा लहर बा, त कोई बोलत बा हमरे तेवर बा। चुनाव के बाद विलास में बदल जाई। जनता बुझा गइल बा कि॰ई लहर बा कि अब ऊ कहे लागल बानी, भइया, नेता बुखार बा। नेता जी अबहीं खुश बानी के भरोसा पर सरकार ना बनेला, कि ओकरा सरकार बन गईल। वोट से बनल सरकार भी नेता बाकि जनता मन में सोचत बा लोग के भरोसे टिकेला। कुछ लोग f बोट गिनले बिना रिजल्ट নানু; নিংক্ত  কম্ন নানী सरकार बनेगी। बतावत बानी, तई लोकतंत्र में त्रिशंकु जनता कहत बा॰ बने दीं॰ नहीं, भविष्यवाणी में लिहल जाई। तो रामायण में भी लटकत रहल हर गली मोहल्ला में पोस्टर सरकारो थोड़ दिन लटकी त का बिहार बदलेगा हमरे लटकावल बा॰ नारा लगावल बा बिगड़ी ? अबकी बिहार चुनाव में जनता ना हँसे के साथ , बाकि जनता कहत बा, पिछली बेरो अइसहीं মুত্রা ৭ बा॰ ना रोए के। ऊ त बस तमाशा देखत बा अब त रस्ता से लेकर राशन तक कहल गइल रहे, पर बयान, रोड शो में नाच, हेलीकॉप्टर के धूल बदले नइखे। अबकी बेर जनता चुप बा, बाकि अंदर- अउर नेता जी के जोश। बाकि जब बटन दबाई, अंदर सोच रहल बाकि॰ई सब बोले के रोग नेता जी सबके जोश उतर जाई। के छु रहल बा। Hindi Edition Saamana Saamana supplements 2025 Page Nov १२ , No 15 - ShareChat
#राजनीतिक व्यंग्य
राजनीतिक व्यंग्य - ShareChat
भदोही: शिक्षक रामलाल यादव को मिला राष्ट्रपति पुरस्कार, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने किया सम्मानित, बड़वापुर कंपोजिट विद्यालय के शिक्षक हैं रामलाल #राष्ट्रपति
राष्ट्रपति - IAY TIiITII F்- THE daysamachar com Day Samachar Update WWW  राष्ट्रपनि पुरस्कार भदौहीष शशिक्षक श्री रयलाल यादव कौो िला ' द्रौपदी मुर्मूदै कियाा सय्यानिन, rigula बड़वाप्ुर कंपौजिट विद्यालय कै शिक्षक हैं श्री रामलाल यादव IAY TIiITII F்- THE daysamachar com Day Samachar Update WWW  राष्ट्रपनि पुरस्कार भदौहीष शशिक्षक श्री रयलाल यादव कौो िला ' द्रौपदी मुर्मूदै कियाा सय्यानिन, rigula बड़वाप्ुर कंपौजिट विद्यालय कै शिक्षक हैं श्री रामलाल यादव - ShareChat
#जन्मा अष्टमी
जन्मा अष्टमी - डेसमाचार के 377 सभी जनपदवासियों और देशवासियों को श्री कृुष्ण जन्माष्टमी की हार्दिक शुभकामनाए Day Samachar daysamachar| @dlaysamachar wwwdaysamacharcom डेसमाचार के 377 सभी जनपदवासियों और देशवासियों को श्री कृुष्ण जन्माष्टमी की हार्दिक शुभकामनाए Day Samachar daysamachar| @dlaysamachar wwwdaysamacharcom - ShareChat
भदोही जिलाधिकारी शैलेश कुमार ने सोमवार को बच्चों को अल्बेन्डाजॉल की टेबलेट खिलाकर राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस का किया शुभारम्भ #भदोही न्यूज़
भदोही न्यूज़ - Day update समाचार tFmn-mnr. भदोही जिलाधिकारी शैलेश कुमार ने सोमवार को बच्चों को अल्बेन्डाजॉल की टेबलेट खिलाकर राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस का किया शुभारम्भ @daysamachar Day update समाचार tFmn-mnr. भदोही जिलाधिकारी शैलेश कुमार ने सोमवार को बच्चों को अल्बेन्डाजॉल की टेबलेट खिलाकर राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस का किया शुभारम्भ @daysamachar - ShareChat
पवित्र रक्षाबंधन पर्व की समस्त जनपद वासियों को शुभकामनाएं #happy raksh bandan
happy raksh bandan - रक्षाबंधन की हार्दिक शुभकामनाएं Day सभी जनपदवासियों को Samachar| की ओर से रक्षाबंधन पर्व की हार्दिक शुभकामनाए Day Samachar daysamachar @daysamachar wwwdaysamacharcom रक्षाबंधन की हार्दिक शुभकामनाएं Day सभी जनपदवासियों को Samachar| की ओर से रक्षाबंधन पर्व की हार्दिक शुभकामनाए Day Samachar daysamachar @daysamachar wwwdaysamacharcom - ShareChat
सामना #व्यंग्य
व्यंग्य - सामना बुढ़ौती में के ट्रंप चचा मनमौजी आदमी हउवें। मन में గౌగా जवन आवेला उ उझिल देला। कवनो समय ऊ का कहस एकरा से कवनो फर्क ना पड़। बस पूरा दुनिया  में आपन बांसुरी बजावल चाहत बा। कहत बाड़न कि॰ बांस चाहे बरेली के होखे या वाशिंगटन के, हम धुन आ सठियायल संगीत के निर्देशक बनब। ओकरा ना दुनिया के परवाह बा ना अपना के। ओकरा लगे कवनो सिद्धांत नइखे। ना खाता बहि, ट्रंप जवन कहेले  बाड़़े ट्रंप कका सही। बरसात के मौसम में खुद गोवर्धन के उठावे के मन करेला। एही बहाने उ दुनिया के बतावल चाहतारे कि देख, पूरा दुनिया में हमहीं  भोजपुरिया व्यंग्य अकेले बानी जे सबके बचा लेले  बानी। प्रभुनाथ शुक्ल भदोही  चचा  ट्रंप आजकल  टैरिफ के बेमारी से ग्रस्त बाड़े। उ दिन- रात टैरिफ के गुणगान गावत बाड़े। उ अपना कि किरिया, वादा, प्रेम आ निष्ठा सब भजन कीर्तन समूह से ओ लोग के हटावल  वादा के का। आजकल चादा ह जेकरा उनकर तारीफ पसंद नईखे। हमनी के पड़ोस सेज्यादा लगाव चाहतारे दुनिया के कई देश के उनकर तारीफ पसंद हो गईल बाड़े। उ आतंकी अवुरी नईखे, लेकिन अब उ दुनिया के बेताज राजा निमन आदमी में अंतर नईखे बाड़े, उनका के के चुनौती दे सकता। बुढ़ापा  देख पावत। उ आतंकियन के में सठिया गइल बाड़े। उ नंगा हो गईल बा। गले लगावत बाड़े। व्हाइट हाउस दुनिया का साथे ऊ अमेरिका के भी डूबा दिहल  में रात के खाना खाए खातिर चाहत बा। अगर रउरा उनकर पूजा करत बानी बोलावत हउवें | चचा परेशान बाडे शांतिदूत  ऊ रउरा खातिर अमेरिका के सब कुछ काहे कि हम उनका के बलिदान कर दीहें। फिर उ तोहार गुणगान गावे ना बने देनी जवना खातिर टैरिफ के मुद्दा  लगिहीं   लेकिन अगर तू अयीसन ना करब त उठावत बाड़े। हमनी के वजह मुसीबत में पड़ गईबी। से बेचारा चचा नोबेल शांति पुरस्कार कका हमनी के दोस्ती भुला गईल बाड़े। से वंचित हो गईले। के भी गलत हमनी उ अब दोस्ती के में बदलल चाहतारे। काम कईनी जा। आखिर चचा हमनी दुश्मनी के दोस्त रहले, एहसे दोस्ती के जइसे बचपन के दोस्त हर छोट मुद्दा पर तोड़ के दोस्ती करेले, ओसहीं हमनी के चचा ट्रंप  कायम राखे के चाहत रहे। काहे कि दोस्ती में सब कुछ जायज बा। भी एही रास्ता पर चलत बाड़े कहत बाड़न Hindi Edition Saamana सामना बुढ़ौती में के ट्रंप चचा मनमौजी आदमी हउवें। मन में గౌగా जवन आवेला उ उझिल देला। कवनो समय ऊ का कहस एकरा से कवनो फर्क ना पड़। बस पूरा दुनिया  में आपन बांसुरी बजावल चाहत बा। कहत बाड़न कि॰ बांस चाहे बरेली के होखे या वाशिंगटन के, हम धुन आ सठियायल संगीत के निर्देशक बनब। ओकरा ना दुनिया के परवाह बा ना अपना के। ओकरा लगे कवनो सिद्धांत नइखे। ना खाता बहि, ट्रंप जवन कहेले  बाड़़े ट्रंप कका सही। बरसात के मौसम में खुद गोवर्धन के उठावे के मन करेला। एही बहाने उ दुनिया के बतावल चाहतारे कि देख, पूरा दुनिया में हमहीं  भोजपुरिया व्यंग्य अकेले बानी जे सबके बचा लेले  बानी। प्रभुनाथ शुक्ल भदोही  चचा  ट्रंप आजकल  टैरिफ के बेमारी से ग्रस्त बाड़े। उ दिन- रात टैरिफ के गुणगान गावत बाड़े। उ अपना कि किरिया, वादा, प्रेम आ निष्ठा सब भजन कीर्तन समूह से ओ लोग के हटावल  वादा के का। आजकल चादा ह जेकरा उनकर तारीफ पसंद नईखे। हमनी के पड़ोस सेज्यादा लगाव चाहतारे दुनिया के कई देश के उनकर तारीफ पसंद हो गईल बाड़े। उ आतंकी अवुरी नईखे, लेकिन अब उ दुनिया के बेताज राजा निमन आदमी में अंतर नईखे बाड़े, उनका के के चुनौती दे सकता। बुढ़ापा  देख पावत। उ आतंकियन के में सठिया गइल बाड़े। उ नंगा हो गईल बा। गले लगावत बाड़े। व्हाइट हाउस दुनिया का साथे ऊ अमेरिका के भी डूबा दिहल  में रात के खाना खाए खातिर चाहत बा। अगर रउरा उनकर पूजा करत बानी बोलावत हउवें | चचा परेशान बाडे शांतिदूत  ऊ रउरा खातिर अमेरिका के सब कुछ काहे कि हम उनका के बलिदान कर दीहें। फिर उ तोहार गुणगान गावे ना बने देनी जवना खातिर टैरिफ के मुद्दा  लगिहीं   लेकिन अगर तू अयीसन ना करब त उठावत बाड़े। हमनी के वजह मुसीबत में पड़ गईबी। से बेचारा चचा नोबेल शांति पुरस्कार कका हमनी के दोस्ती भुला गईल बाड़े। से वंचित हो गईले। के भी गलत हमनी उ अब दोस्ती के में बदलल चाहतारे। काम कईनी जा। आखिर चचा हमनी दुश्मनी के दोस्त रहले, एहसे दोस्ती के जइसे बचपन के दोस्त हर छोट मुद्दा पर तोड़ के दोस्ती करेले, ओसहीं हमनी के चचा ट्रंप  कायम राखे के चाहत रहे। काहे कि दोस्ती में सब कुछ जायज बा। भी एही रास्ता पर चलत बाड़े कहत बाड़न Hindi Edition Saamana - ShareChat
#मुंबई #सामना #भोजपुरिया(व्यंग्य)@#धन्यवाद #व्यंग्य
व्यंग्य - आपका ಹ[ನEC] Eತ್ವ EEu] बाड़े। उ कई दिन से चिंतित अगर एक दूसरा प निर्भरता इहाँ खतम हो जाई त दुनिया जोधर काका बहुत बाड़े। उ समझे में असमर्थ बाड़े कि लोग काहे नाराज हो अंत हो जाई। काका के बहुते परेशानी भइल बा। गजोधर काका अपना दोस्त के क्रोध से अवगत जाला। एह आजकल बहुत खिसियाइल बाड़े। লক্কিন के महीना में बादल काहें खिसियाइल  उनकर बचपन के दोस्त 67%| I7 ई समझे में असमर्थ बाड़े । एक समय रहे जब दुनु जाना dl५ए। भोजपुरिया व्यंग्य के बहुत नजदीकी रहे, लेकिन से इंसान के कवनो सीधा आज गजोधर काका के देखे के ना होखेला। बादल बड़ा ऊँचाई केहू ओकरा के मन नइख करत। अव इ प्रभुनाथ शुक्ल भदोही ؟ ٦ ٦ 6116 गजोधर काका के बहुते परेशान उखाड़ सकेला। ई बादल के केहू " ऊ ओह लोग के गु़स्सा के कारण समझे में आ धरती पर भी ऊँच लोग नुकसान ना पहुँचा कर रहल बा। में खेसारी काका खाली गजोधर आदमी से इनकर कवनो लेना-देना नईखे। बड़का असमर्थ बा। अब पूरा गोँव आम के लेके रोवत बाड़े। के आम जनता के कवनो परवाह नइखे। अब बादल के हाल 4|9>| गजोधर काका एह बात सेभी परेशान बाड़े कि कबो भी उहे बा॰ सावन में जेठ के गर्मी बा। बिजली नवविवाहित खिसियाइल कबो खुश होखल इंसान के स्वभाव ह। क्रोध दुलहिन निहन नखरा फेंक रहल बा। किसान आसमान जीवन के एगो हिस्सा ह। कबो-कबो पड़ोसी खिसिया जाला। ओर देख रहल बा। खेत में दरार लउकल बा। रोपल आफिस में बॉस के फसल खेत में सुखत बा। धान के बेहन रोपनी के उम्मीद कबो पत्नी त कबो भाई कबा लइका जवानी में बूढ़ हो गईल बाड़ी। लेकिन बादल खिसियाइल रहेला। कतनो बढ़िया काम करीं, बॉस के कसान ٦٦٩٦ निहोरा ना सुनेला। अब बादल के सजा देवे वाला केहु नईखे।  भौंह आ चेहरा टेढ़ रहेला। काहे कि हर आदमी एक दोसरा पर निर्भर होला, एही से एहिजा खिसियाइल फिर के जाने किसान के का होई। ई चिंता गजोधर rT फाका मिलन आ बिदाई होला। ई दूनिया स्वार्थ के बंधन ह के खा रहल बा। मनाव आपका ಹ[ನEC] Eತ್ವ EEu] बाड़े। उ कई दिन से चिंतित अगर एक दूसरा प निर्भरता इहाँ खतम हो जाई त दुनिया जोधर काका बहुत बाड़े। उ समझे में असमर्थ बाड़े कि लोग काहे नाराज हो अंत हो जाई। काका के बहुते परेशानी भइल बा। गजोधर काका अपना दोस्त के क्रोध से अवगत जाला। एह आजकल बहुत खिसियाइल बाड़े। লক্কিন के महीना में बादल काहें खिसियाइल  उनकर बचपन के दोस्त 67%| I7 ई समझे में असमर्थ बाड़े । एक समय रहे जब दुनु जाना dl५ए। भोजपुरिया व्यंग्य के बहुत नजदीकी रहे, लेकिन से इंसान के कवनो सीधा आज गजोधर काका के देखे के ना होखेला। बादल बड़ा ऊँचाई केहू ओकरा के मन नइख करत। अव इ प्रभुनाथ शुक्ल भदोही ؟ ٦ ٦ 6116 गजोधर काका के बहुते परेशान उखाड़ सकेला। ई बादल के केहू " ऊ ओह लोग के गु़स्सा के कारण समझे में आ धरती पर भी ऊँच लोग नुकसान ना पहुँचा कर रहल बा। में खेसारी काका खाली गजोधर आदमी से इनकर कवनो लेना-देना नईखे। बड़का असमर्थ बा। अब पूरा गोँव आम के लेके रोवत बाड़े। के आम जनता के कवनो परवाह नइखे। अब बादल के हाल 4|9>| गजोधर काका एह बात सेभी परेशान बाड़े कि कबो भी उहे बा॰ सावन में जेठ के गर्मी बा। बिजली नवविवाहित खिसियाइल कबो खुश होखल इंसान के स्वभाव ह। क्रोध दुलहिन निहन नखरा फेंक रहल बा। किसान आसमान जीवन के एगो हिस्सा ह। कबो-कबो पड़ोसी खिसिया जाला। ओर देख रहल बा। खेत में दरार लउकल बा। रोपल आफिस में बॉस के फसल खेत में सुखत बा। धान के बेहन रोपनी के उम्मीद कबो पत्नी त कबो भाई कबा लइका जवानी में बूढ़ हो गईल बाड़ी। लेकिन बादल खिसियाइल रहेला। कतनो बढ़िया काम करीं, बॉस के कसान ٦٦٩٦ निहोरा ना सुनेला। अब बादल के सजा देवे वाला केहु नईखे।  भौंह आ चेहरा टेढ़ रहेला। काहे कि हर आदमी एक दोसरा पर निर्भर होला, एही से एहिजा खिसियाइल फिर के जाने किसान के का होई। ई चिंता गजोधर rT फाका मिलन आ बिदाई होला। ई दूनिया स्वार्थ के बंधन ह के खा रहल बा। मनाव - ShareChat