𓆘Sσɳα Vҽɾɱα𓆘
ShareChat
click to see wallet page
@bittu_creation3
bittu_creation3
𓆘Sσɳα Vҽɾɱα𓆘
@bittu_creation3
🙏🌹Vip Verma jiii 🌹🙏Ham Banarasi Hai Guru 🌹🙏
#✍️ साहित्य एवं शायरी #✍️ अनसुनी शायरी #🖊 एक रचना रोज़ ✍ #सोना की जिंदगी कुछ इस तरह
✍️ साहित्य एवं शायरी - झूठे लोगों के मुंह मत लगो,आप बहस में उनसे कभी नहीं जीत पाओगे। क्योंकि यह कलयुग है, यहां सच अकेला चलता है और झूठ बारात लेकर निकलता है। @sona_creationa3 झूठे लोगों के मुंह मत लगो,आप बहस में उनसे कभी नहीं जीत पाओगे। क्योंकि यह कलयुग है, यहां सच अकेला चलता है और झूठ बारात लेकर निकलता है। @sona_creationa3 - ShareChat
#✍️ साहित्य एवं शायरी #✍️ अनसुनी शायरी #🖊 एक रचना रोज़ ✍ #सोना की जिंदगी कुछ इस तरह #❤ गुड मॉर्निंग शायरी👍
✍️ साहित्य एवं शायरी - : इच्छायें खत्म नहीं होती :: इंसान की मरने के बाद भी स्वर्ग मांगता है सुप्रभात : इच्छायें खत्म नहीं होती :: इंसान की मरने के बाद भी स्वर्ग मांगता है सुप्रभात - ShareChat
#✍️ साहित्य एवं शायरी #✍️ अनसुनी शायरी #🖊 एक रचना रोज़ ✍ #सोना की जिंदगी कुछ इस तरह
✍️ साहित्य एवं शायरी - और फिर मैने बहुत 66 कुछ छोड़ दिया ' 99 जैसे कि ज्यादा बातें करना, लोगों पे भरोसा करना महफिलों में जाना, दोस्त बनाना, हसना सबको अपना समझना , !! और फिर मैने बहुत 66 कुछ छोड़ दिया ' 99 जैसे कि ज्यादा बातें करना, लोगों पे भरोसा करना महफिलों में जाना, दोस्त बनाना, हसना सबको अपना समझना , !! - ShareChat
#✍️ साहित्य एवं शायरी #✍️ अनसुनी शायरी #🖊 एक रचना रोज़ ✍ #सोना की जिंदगी कुछ इस तरह
✍️ साहित्य एवं शायरी - ८८ ना संघर्ष ख़त्म होता है, और ना ही शिकायतें . धीरे धीरे जो ख़त्म हो रही "वो है ज़िन्दगी"..! ११ ८८ ना संघर्ष ख़त्म होता है, और ना ही शिकायतें . धीरे धीरे जो ख़त्म हो रही "वो है ज़िन्दगी"..! ११ - ShareChat
#✍️ साहित्य एवं शायरी #✍️ अनसुनी शायरी #🖊 एक रचना रोज़ ✍ #सोना की जिंदगी कुछ इस तरह
✍️ साहित्य एवं शायरी - @sona_creationa3 खत्म हये गई नादानियां, 6. 99 बन गए समझदार, पहले कुछ न मिलने पर रोते थे, अब सब कुछ खोकर मुस्कुरा देते हैं. @sona_creationa3 खत्म हये गई नादानियां, 6. 99 बन गए समझदार, पहले कुछ न मिलने पर रोते थे, अब सब कुछ खोकर मुस्कुरा देते हैं. - ShareChat
#✍️ साहित्य एवं शायरी #✍️ अनसुनी शायरी #🖊 एक रचना रोज़ ✍ #सोना की जिंदगी कुछ इस तरह
✍️ साहित्य एवं शायरी - 9؟٢ @क हृदु के बाद 66 ತ[ತೂ लगाव उम्मीद ಕ1l@) ತ[[gಾಾ]' சச5 कर दैती है.!! १ ঐ বরখতীী 9؟٢ @क हृदु के बाद 66 ತ[ತೂ लगाव उम्मीद ಕ1l@) ತ[[gಾಾ]' சச5 कर दैती है.!! १ ঐ বরখতীী - ShareChat
#✍️ साहित्य एवं शायरी #✍️ अनसुनी शायरी #🖊 एक रचना रोज़ ✍ #सोना की जिंदगी कुछ इस तरह
✍️ साहित्य एवं शायरी - ताजमहल क्या चीज़ है उससे अच्छी इमार्त बनाऊँगा.. मुमताज तो मरके दफन हुई थी तुझे तो मैं जिंदा दफनाऊँगा !! Nex ताजमहल क्या चीज़ है उससे अच्छी इमार्त बनाऊँगा.. मुमताज तो मरके दफन हुई थी तुझे तो मैं जिंदा दफनाऊँगा !! Nex - ShareChat
#✍️ साहित्य एवं शायरी #✍️ अनसुनी शायरी #🖊 एक रचना रोज़ ✍ #सोना की जिंदगी कुछ इस तरह
✍️ साहित्य एवं शायरी - रिसवत का जमाना है कुछ ले देकर मेरे हो जाओ ना रिसवत का जमाना है कुछ ले देकर मेरे हो जाओ ना - ShareChat
#✍️ साहित्य एवं शायरी #✍️ अनसुनी शायरी #🖊 एक रचना रोज़ ✍ #सोना की जिंदगी कुछ इस तरह
✍️ साहित्य एवं शायरी - का बलिदान पति ने एक दिन गुस्से से कहाः तुम्हारी हैसियत ही क्या है? आज मेरे खुद की नाम और मेरे कमाए हुए पैसों से ही तो दुनिया तुम्हें जानती और इज्जत देती है! पत्नी ने आँखों में आंसू लिए पर पूरी मजबूती से कहाः मैंने अपना सरनेम , अपना मायका और अपनी सारी ख्वाहिशें इसलिए मिटा दीं॰ ताकि # uri आप बेफिक्र होकर दुनिया पहचान बना सकें। अगर मैं घरकी चारदीवारी, आपके बच्चे और बुजुर्गों को ना संभालती तो आपकी आधी उम्र उलझनों में ही कट जाती। मेरी खोई हुई पहचान ही आपकी इस कामयाबी की नींव है।" क्या आप पत्नी की इस बात से पूरी तरह सहमत हो? का बलिदान पति ने एक दिन गुस्से से कहाः तुम्हारी हैसियत ही क्या है? आज मेरे खुद की नाम और मेरे कमाए हुए पैसों से ही तो दुनिया तुम्हें जानती और इज्जत देती है! पत्नी ने आँखों में आंसू लिए पर पूरी मजबूती से कहाः मैंने अपना सरनेम , अपना मायका और अपनी सारी ख्वाहिशें इसलिए मिटा दीं॰ ताकि # uri आप बेफिक्र होकर दुनिया पहचान बना सकें। अगर मैं घरकी चारदीवारी, आपके बच्चे और बुजुर्गों को ना संभालती तो आपकी आधी उम्र उलझनों में ही कट जाती। मेरी खोई हुई पहचान ही आपकी इस कामयाबी की नींव है।" क्या आप पत्नी की इस बात से पूरी तरह सहमत हो? - ShareChat
#✍️ साहित्य एवं शायरी #✍️ अनसुनी शायरी #🖊 एक रचना रोज़ ✍ #सोना की जिंदगी कुछ इस तरह
✍️ साहित्य एवं शायरी - एक दिन हम भी कफ़न ओढ़ जाएँगे . हर एक रिश्ता इस ज़मीन से तोड़े जाएँगे . जितना जी चाहे सतालो यारी. एक दिन रुलाते हुए सबको छोड़ जाएँगे . @sona_creationa3 9 Sona Verma एक दिन हम भी कफ़न ओढ़ जाएँगे . हर एक रिश्ता इस ज़मीन से तोड़े जाएँगे . जितना जी चाहे सतालो यारी. एक दिन रुलाते हुए सबको छोड़ जाएँगे . @sona_creationa3 9 Sona Verma - ShareChat