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🔥 भाषण: “डर नहीं, दिमाग़ चाहिए” 🔥
साथियो,
आज मैं आपसे सवाल करने आया हूँ—
लड़ने नहीं,
मारने नहीं,
जगाने आया हूँ।
बताइए—
जिस घर में माँ सबसे ज़्यादा सहन करती है,
जिस बहन की चुप्पी को संस्कार कहा जाता है,
उसी माँ-बहन को
कोई ढोंगी थप्पड़ मरवाए,
चीख-चिल्लाए,
डराए…
और घर वाले कहते हैं—
“सब्र रखो, बुराई निकल रही है!”
मैं पूछता हूँ—
कब से बुराई थप्पड़ से निकलने लगी?
कब से डर को श्रद्धा कहा जाने लगा?
सच सुनो—
ये पाखंडी किसी शक्ति वाले नहीं होते,
इनकी ताक़त सिर्फ़ तुम्हारा डर होती है।
जहाँ सवाल खत्म,
वहीं पाखंड शुरू।
ये कहते हैं—
“शिक्षा बेकार है”
क्योंकि पढ़ा-लिखा आदमी
इनसे डरता नहीं।
ये कहते हैं—
“डॉक्टर धोखा देते हैं”
क्योंकि डॉक्टर सवाल पूछता है,
रिपोर्ट माँगता है,
सबूत माँगता है।
और ये ढोंगी
सबूत से नहीं,
अंधविश्वास से जीते हैं।
आज मैं हर बाप से कहता हूँ—
👉 बेटी को ताबीज़ नहीं, तालीम दो
हर भाई से कहता हूँ—
👉 बहन को डर नहीं, हक़ दो
हर माँ से कहता हूँ—
👉 चुप्पी तोड़ो, सवाल पूछो
क्योंकि याद रखना—
जो आज चुप है,
वो कल अपराध में साझेदार होगा।
हम पत्थर नहीं उठाएँगे,
लेकिन आवाज़ ज़रूर उठाएँगे।
हम हाथ नहीं उठाएँगे,
लेकिन क़ानून ज़रूर उठाएँगे।
और जिस दिन समाज ने
सोचना शुरू कर दिया—
उस दिन आख़िरी पाखंडी
ख़ुद भाग जाएगा।
क्योंकि
डर से पाखंड चलता है,
और दिमाग़ से पाखंड मरता है।
नारा लगाइए मेरे साथ—
🗣️ डर छोड़ो!
🗣️ सवाल जोड़ो!
🗣️ पाखंड तोड़ो!
जागरूक समाज ज़िंदाबाद!
इंसाफ़ ज़िंदाबाद! 🔥✊ #😡jago andh bhakton jaago😡 #Andh Bhakt Special #अंध भक्तों को समर्पित #अंध भक्तों और बीजेपी से देश को बचाना है #अंध मुक्त अभियान
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