gyan ganga
• 21K views
...
736 views
#santrampal mahraj ji #gyan ganga #GodMorningTuesday #2026_की_सबसे_बड़ी_भविष्यवाणी . #शब्द जाग जाग जंजाली जियरा, यह तो मेला हाट का...। धोबी घर के कुत्ता होइहौ, नहिं घर का न घाट का...। खानिन भ्रमत अमित दुख पाय, मानुष तन हाथ का। माथे भार धरयो ममता का, मानो घोड़ा भाँट का....। ‌जाग जाग जंजाली जियरा, यह तो मेला हाट का....। धोबी घर के कुत्ता होइहौ, नहिं घर का न घाट का...। दुनिया दौलत माल खजाना, जामा दरकस पाट का। सोने रूप भंडार भरे हैं, धरा सन्दूखा काठ का.......। जाग जाग जंजाली जियरा, यह तो मेला हाट का....। धोबी घर के कुत्ता होइहौ, नहिं घर का न घाट का...। मातु पिता सुत बन्धु सहोदर कुटुम्ब कबीला ठाट का। अन्त की बेरिया चला अकेला, मानो बटोही बाट का। जाग जाग जंजाली जियरा, यह तो मेला हाट का...। धोबी घर के कुत्ता होइहौ, नहिं घर का न घाट का...। आये सन्त आदर न कीन्हों, धंधा किहो घर घाट का। कहे कबीर सुनो भाई साधो, भयो किरौना खाट का। जाग जाग जंजाली जियरा, यह तो मेला हाट का...। धोबी घर के कुत्ता होइहौ, नहिं घर का न घाट का...। Factful Debates YouTube Channel
12 likes
17 shares
...
728 views
#santrampal mahraj ji #gyan ganga #GodMorningTuesday #2026_की_सबसे_बड़ी_भविष्यवाणी . कबीर साहिब जी अलख अभेवा।। बोलत हैं धर्मदास, सुनौं सरबंगी देवा। देखै पिण्ड अरू प्राण,कहौ तुम अलख अभेवा।। नाद बिंद की देह, शरीर है प्राण‌ तुम्हारै। तुम बोलत बड़ बात, नहीं आवत दिल म्हारै।। खान पान अस्थान, देह में बोलत दीशं। कैसे अलख स्वरूप, भेद कहियो जगदीशं।। ‌ कैसैं रचे चंद अरू सूर, नदी गिरिबर पाषानां। कैसैं पानी पवन, धरनि‌ पृथ्वी असमानां।। कैसैं सष्टि संजोग, बिजोग‌ करैं किस‌ भांती। कौन कला करतार,कौन बिधि अबिगत नांती।। कैसैं घटि घटि रम रहे, किस बिधि रहौ नियार। कैसैं धरती पर चलौ, कैसैं अधर अधार।। धर्मदास जी श्री विष्णु जी के भक्त थे। शिव जी की भी भक्ति करते थे। परमात्मा इन्हीं को मानते थे। फिर लोकवेद के आधार से परमात्मा को निराकार भी कहते थे। इसी आधार पर धर्मदास जी ने परमात्मा से प्रश्न किया कि आपका नाद-बिन्द यानि माता-पिता से उत्पन्न शरीर प्रत्यक्ष दिखाई दे रहा है। आप खाते-पीते हो, बोलते, चलते हो। आप अपने को परमेश्वर भी कह रहे हो। परमात्मा तो निराकार है। वह दिखाई नहीं देता। हे जगदीश! मुझे यह (भेद) रहस्य समझाईए। आपने सृष्टि की रचना कैसे की? कैसे चाँद व सूर्य उत्पन्न किए? कैसे नदी, पहाड़, पानी, पवन, पृथ्वी, आकाश की रचना की? आप कितनी कला के प्रभु हैं? जैसे श्री विष्णु जी सोलह कला के प्रभु हैं। आप कैसे सर्वव्यापक हैं? कैसे सबसे (न्यारे) भिन्न हो? धरती पर चलते हो। परंतु आकाश में कैसे चलते हो? यह सब ज्ञान मुझे बताएँ। Factful Debates YouTube Channel
13 likes
15 shares
...
758 views
#gyan ganga #santrampal mahraj ji उत्तराखंड के नेत्रहीन मदन दास जी को निःशुल्क राशन और सामग्री देकर अन्नपूर्णा मुहिम ने बड़ा सहारा दिया। अंधेरे जीवन में नई उम्मीद— ऐसा असर है अन्नपूर्णा मुहिम का! समाज सेवा का सही उदाहरण: ज़रूरतमंदों तक नियमित मदद का संकल्प। पंजाब के फाजिल्का में दुर्घटना पीड़ित परिवार को आजीवन सहारा— राशन, कपड़े और शिक्षा सामग्री। सेवा का ऐसा नज़ारा दुर्लभ है, पर अन्नपूर्णा मुहिम इसे लगातार साकार कर रही है। समाज में बदलाव सेवा से आता है, और यह मुहिम उसका प्रमाण है। कपड़े, राशन और आवश्यक सामग्री ने परिवार को जीवन की नई उम्मीद दी। मानवता के कार्य शब्दों से नहीं— सेवा से साबित होते हैं। ओडिशा के खोरधा में टूटी छत से टपकते पानी की समस्या— तिरपाल और सहायता से तुरंत समाधान। बेसहारा माँ-बेटे तक राहत पहुँचाना— यही अन्नपूर्णा मुहिम की पहचान है। अधिक जानकारी के लिए AnnaPurna Muhim YouTube Channel पर visit करें। #AnnpurnaMuhimविश्वकेलिएवरदान #Kalyug_Mein_Satyug_Part3 #FactfulDebatesYtChannel #Haryana #SewaBy_SantRampalJi #flood #floodrelief #flooding #farmer #AnnapurnaMuhimSantRampalJi #kalyug #satyug #goldenage #help #humanity #Kindness #AnnapurnaMuhim #heaven #SantRampalJiMaharaj
13 likes
13 shares