सावन की कांवड़ यात्रा🕉️ हर हर महादेव 🙏🚩🚩🚩
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विष्णु की कथा — महासागर की गहराइयों से ब्रह्माण्ड के केन्द्र तक: 'विष्णु' का शाब्दिक अर्थ है सर्वव्यापी यानी जो हर जगह व्याप्त हो; उनकी चार बाहुएँ और शंख-पंचजन्य, चक्र-सुदर्शन, गदा-कौमुदकी व पद्म न केवल पौराणिक चिन्ह हैं बल्कि क्रमशः ध्वनि, चक्रण, शक्ति और शुद्धता जैसे ब्रह्माण्डीय सिद्धांतों का प्रतीक भी दिखते हैं। तर्क और साइंस की भाषा में दशावतार को भी एक प्रतीकात्मक विकासक्रम के रूप में पढ़ा जा सकता है — कुछ आधुनिक व्याख्याकार मछली से मनुष्य तक के क्रम को evolutionary/आनुवंशिक adaptation और ecological niches के संदर्भ में जोड़ते हैं, जिससे धर्म और जीवविज्ञान के बीच रोचक संवाद बनता है। पुराणों का निहित वाक्य — "सारी सृष्टि उसी में बुनी हुई है" — इस बात की चेतावनी और प्रेरणा दोनों है कि धर्म और विज्ञान विरोधी नहीं, बल्कि जीवन की समझ के complementary तरीके हैं; इसलिए धर्म में जो सत्य है उसे अपनाएँ और अंधविश्वास, हिंसा व छल को स्पष्ट रूप से नकारें। 🙏✨🌊🌀🔱 #विष्णुकथा #दशावतार #SpiritualScience #धर्मविज्ञान #प्रेरणा #Vishnu @vishnu @gujjar ki gujjari @papa ki sherni @😘kshitij ki jaan pihu😘 @cute 🥰 jattni.. #vishnu bhagvan ki katha #सावन की कांवड़ यात्रा🕉️ हर हर महादेव 🙏🚩🚩🚩 #बम - बम भोले #--- #👩‍🌾खान सर मोटिवेशन💡
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🌟 अनुषासन पर्व — भीष्म की अंतिम शिक्षाओं से भरा 'Book of Instructions', महाभारत का 13वाँ पर्व (दो उप-पर्व, पारंपरिक 168 अध्याय) — यहाँ युधिष्ठिर-भीष्म के धर्म संवाद, करुणा और अहिंसा की गहरी बातें मिलती हैं और चौंकाने वाली बात: अध्याय 134 में विष्णु सहस्रनाम भी संकलित है, जो देवों की एकात्मकता पर भी प्रश्न उठाता है। एक दिलचस्प पंक्ति जो सीधे दिल में उतरती है: "जैसा बीज, वैसा फल; बिना बीज के जो मिट्टी जुताई भी कर ले, व्यर्थ है" — अनुषासन का यह बीज-मिट्टी वाला उपमात्मक तर्क कहता है कि भाग्य (बीज) और वर्तमान प्रयास (मिट्टी) दोनों मिलकर ही नतीजा देते हैं; विज्ञान और कृषि-तर्क से भी यह analogy बैठती है: पूर्वजों के कर्म, जैविक/सामाजिक परिस्थितियाँ बीज हैं, पर सक्रिय प्रयत्न ही उन्हें फल में बदलते हैं। धर्म के मामले में भीष्म की करुणा-आधारित शिक्षा आज भी नैतिक है; पर कुछ अध्यायों में महिलाओं के कर्तव्यों/हक़ पर जो कट्टर विचार मिलते हैं, उन्हें आधुनिक नैतिकता के आधार पर अस्थायी या पारंपरिक माना जाना चाहिए — और यही कारण है कि scholars ने कुछ अध्यायों को बाद में जोड़े गए होने का विवाद उठाया है। पढ़िए, सोचिए और चर्चा फैलाइए। 📚✨ #अनुषासनपर्व #Mahabharata #Bhishma #VishnuSahasranama #Dharma #Karma @पर्व @पर्व @पर्व @शेतकरी पर्व @गुरुकुल पर्व #अनुषासन पर्व #बम - बम भोले #सावन की कांवड़ यात्रा🕉️ हर हर महादेव 🙏🚩🚩🚩 #---
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हरि हरि — नाम में विज्ञान और भक्ति का संगम! ✨🙏 हुक: "एक साँस, एक नाम, एक पल की शांति" — 'हरि हरि' जैसा सरल भजन केवल भावों का गीत नहीं; इतिहास और परंपरा इसे महा-मंत्र/भक्ति-आंदोलन से जोड़ते हैं और यह ध्वनि-प्रभाव (sound vibration) के माध्यम से मन को केंद्रित करने का साधन भी है। मीराबाई के भजन 'Hari Tuma Haro' जैसे गीतों का सामाजिक-ऐतिहासिक असर इतना गहरा रहा कि उसे महात्मा गांधी भी प्रिय मानते थे, जो दिखाता है कि नाम-स्मरण का प्रभाव व्यक्तिगत अनुभूति से बढ़कर समाज और नेतृत्व तक पहुंचा है। वैज्ञानिक विश्लेषण बताता है कि मंतर-जप और सामूहिक कीर्तन से हृदय-गति धीमी होती है, तनाव-हॉर्मोन (कोर्टिसोल) घटते हैं, और parasympathetic प्रतिक्रिया/वागस-नर्व से जुड़ी आराम स्थिति बढ़ती है — यानी मन की शांति, फोकस और सामाजिक जुड़ाव में वास्तविक सुधार के प्रमाण मिलते हैं; इसलिए नियमित, सचेत और निष्ठापूर्ण जाप मानसिक स्वास्थ्य के लिए उपयोगी पाया गया है, पर ध्यान रहे कि भक्ति को तमाशा या व्यावसायिक शैलियों में बदलना धर्म के मूल सिद्धांतों के विरुद्ध है। 🧘‍♀️🎶 मेरी छोटी सी बात: "हरि के नाम की एक धुन — हजारों उलझनों का हल" — रोज़ाना धीमी श्वास के साथ सचेत जाप करने पर ध्यान और शांति बढ़ती है। 🕉️💫 #हरिहरि #HareKrishna #भक्ति #MantraMeditation #ध्यान #भजन #MentalHealth #नामस्मरण. @Hari Haran @krishna @Krishna @Krishna @Gokul Krishna #krishna bhajan hari hari #प्रसिद तिरंगा कांवड़ यात्रा #सावन की कांवड़ यात्रा🕉️ हर हर महादेव 🙏🚩🚩🚩 #viral #बुद्ध
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