क्या आप जानते हैं कि पद्म श्री, भारत का चौथा सबसे ऊँचा नागरिक सम्मान, जो 1954 में शुरू हुआ था, अब तक 3448 लोगों को मिल चुका है, लेकिन 2025 में 113 प्राप्तकर्ताओं में एक 100 वर्षीय स्वतंत्रता सेनानी लिबिया लोबो सर्देसाई जैसी प्रेरणा हैं जिन्होंने आजीवन सेवा समर्पित की? 😲 यह पुरस्कार 'कमल सम्मान' के नाम से जाना जाता है, जहाँ पद्म का अर्थ संस्कृत में कमल है जो शुद्धता और ज्ञान का प्रतीक है, जबकि श्री का अर्थ महान है—विज्ञान की दृष्टि से यह दर्शाता है कि कैसे छोटे-छोटे योगदान समाज की जड़ों को मजबूत बनाते हैं, जैसे कमल की जड़ें कीचड़ में भी फलता-फूलता है। 🪷 एक अद्भुत उद्धरण पद्म श्री प्राप्तकर्ता विलायत खान का है: "चयन समितियाँ मेरे संगीत का न्याय करने के लिए अक्षम हैं," जो साहस और आत्मविश्वास की तर्कपूर्ण मिसाल है कि सम्मान से ऊपर कला की गरिमा होती है। 🎶 और हुक यह है कि 90 वर्षीय गायिका संध्या मुखोपाध्याय ने इसे ठुकरा दिया क्योंकि उनके 80 वर्षों के करियर को उच्च पुरस्कार की जरूरत थी—यह दिखाता है कि सच्ची महानता कभी संतुष्ट नहीं होती! 💥 इन कहानियों से सीखें कि धर्म में सत्य और सेवा सही हैं, जबकि लालच गलत, और विज्ञान हमें बताता है कि ऐसे सम्मान सामाजिक प्रगति को 20% तक बढ़ावा देते हैं। #PadmaShriMagic 🌟 #BharatKeGaurav 🇮🇳 #InspiringIndia 💖
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