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तंत्र मंत्र यंत्र
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भगवती दुर्गा के शक्तिस्वरूप की पूजा होती है शारदीय नवरात्रि में नवरात्रि पूजन के माध्यम से एक किसी नारी के त्याग, तपस्या, समर्पण करने वाली, अन्नपूर्णा स्वरूप आदि की महिमा को समझा और सम्मान किया जाता है। एक नारी के पूरे जीवन चक्र को मां अंबे के 9 रूपों के माध्यम से नवदुर्गा के नौ स्वरूपों के माध्यम से एक नारी का संपूर्ण जीवन प्रतिबिंबित होता है। 1. जन्म ग्रहण करती हुई कन्या शैलपुत्री' स्वरूप है। 2. कौमार्य अवस्था तक 'ब्रह्मचारिणी' का रूप है। 3. विवाह से पूर्व तक चंद्रमा के समान निर्मल होने से वह 'चंद्रघंटा' समान है। 4. नए जीव को जन्म देने के लिए गर्भ धारण करने पर वह 'कूष्मांडा' स्वरूप में है। 5. संतान को जन्म देने के बाद वही स्त्री 'स्कन्दमाता' हो जाती है। 6. संयम व साधना को धारण करने वाली स्त्री 'कात्यायनी' रूप है। 7. अपने संकल्प से पति की अकाल मृत्यु को भी जीत लेने से वह 'कालरात्रि' जैसी है। 8. संसार (कुटुंब ही उसके लिए संसार है) का उपकार करने से महागौरी हो जाती है। 9. धरती को छोड़कर स्वर्ग प्रयाण करने से पहले संसार में अपनी संतान को सिद्धि (समस्त सुख-संपदा) का आशीर्वाद देने वाली 'सिद्धिदात्री' हो जाती है। जय जय भवानी। 🇮🇳#एकभारत #श्रेष्ठभारत🇮🇳: #ॐ नमः शिवाय ऊं #भूर्भुव: स्व ऊं #हौं जूं स: ऊं ॐ नमो भगवते रुद्राय नमः ॐ #त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम् |उर्वारुकमिव बन्धनान्मृत्योर्मुक्षीय माऽमृतात् || ॐ तत्पुरुषाय विद्महे #महादेवाय धीमहितन्नो रुद्रः प्रचोदयात् ॐ #पार्वतीपतये नमः द्रीं ओम नमः शिवाय द्रीं ऊँ हौं जूं सः #ओम नमो शिवाय गुरु देवाय नमः हे महाबली देवी - देवता मेरी व मेरी पत्नी एवं पुत्रियों सहित भूत भविष्य वर्तमान तीनों काल में हमारी रक्षा एवं सुरक्षा करते हुये हमारे धन-सम्पत्ति, सौभाग्य में वृद्धि करें हम लोगों के माध्यम से पुण्य कर्म, देव कर्म करायें और हमारे माध्यम से सुख शान्ती का भोग करें, इसके लिए हम लोगो को बुद्धि विद्या बल एवं धन-सम्पत्ति से सम्पन्न करें। ऊं ए #क्लीं #ह्लीं #श्रीं ह्सौ: ऐं ह्सौ: श्रीं ह्लीं क्लीं ऐं जूं क्लीं सं लं श्रीं र: अं आं इं ईं उं ऊं ऋं ऋं लं लृं एं ऐं ओं औं अं अ: ऊं कं खं गं घं डं ऊं चं छं जं झं त्रं ऊं टं ठं डं ढं णं ऊं तं थं दं धं नं ऊं पं फं बं भं मं ऊं यं रं लं वं ऊं शं षं हं क्षं स्वाहा। 🇮🇳एक भारत श्रेष्ठ भारत🇮🇳: स्नेहकाँक्षी परिवार :- #मधुकर, #किरन, #शिवाँशी, #लक्षिता 🕉✡✡✡☸☸☸☯☯☯⚛⚛⚛🕉 🇮🇳#एकभारत #श्रेष्ठभारत🇮🇳: ॐ श्रीं ह्रीं #क्लीं ऐं सौं ॐ #ह्रीं क ए ई ल ह्रीं ह स क ह ल ह्रीं सकल ह्रीं सौं ऐं क्लीं ह्रीं श्री ॐ ॐ श्रीम ##महालक्ष्म्यै नमः ॐ ह्रीं श्रीं क्लीं श्रीं क्लीं वित्तेश्वराय नमः ॐ ह्रीं #श्रीं क्रीं क्लीं श्रीं #लक्ष्मी मामगृहे धन पूरय चिन्ताम्तूरय स्वाहा ॐ धनाय नमः ॐ वसुधरे स्वाहा पद्मानने पद्म पद्माक्ष्मी पद्म संभवे तन्मे भजसि पद्माक्षि येन सौख्यं लभाम्यहम् ॐ असतो मा सद्गमय। तमसो मा ज्योतिर्गमय। मृत्योर्मा अमृतं गमय। ॐ शान्तिः शान्तिः #शान्तिः॥ हे महाबली देवी - देवता मेरी व मेरी पत्नी एवं पुत्रियों सहित भूत भविष्य वर्तमान तीनों काल में हमारी रक्षा एवं सुरक्षा करते हुये हमारे #धन-सम्पत्ति, #सौभाग्य में वृद्धि करें हम लोगों के माध्यम से पुण्य कर्म, देव कर्म करायें और हमारे माध्यम से #सुख #शान्ती का भोग करें, इसके लिए हम लोगो को #बुद्धि #विद्या बल एवं धन-#सम्पत्ति से सम्पन्न करें। 🕉✡✡✡☸☸☸☯☯☯⚛⚛⚛🕉 ऊँ #केशवाय नमः ऊँ #माधवाय नमः ऊँ #शिवाय नमः ऊँ #नमों नरायणायः नमः ऊँ ह्मैं जूं सः ऊँ नमः शिवाय श्री #मधुकर, #किरन, #शिवांशी एवं #लक्षिता को #रक्षय-रक्षय, #पालय-पालय ऊँ सः जूं ह्मैं ऊँ शिवायै नमः ऊँ ॐ स्वस्ति न इन्द्रो वृद्धश्रवाः। स्वस्ति नः पूषा विश्ववेदाः। स्वस्ति नस्तार्क्ष्यो अरिष्टनेमिः। स्वस्ति नो बृहस्पतिर्दधातु॥ ॐ शान्तिः शान्तिः शान्तिः॥ स्नेहकाँक्षी परिवार :- #मधुकर, #किरन, #शिवाँशी, #लक्षिता 🕉✡✡✡☸☸☸☯☯☯⚛⚛⚛🕉 #भक्ति स्टेट्स, #भक्ति भावना, #भक्ति की शक्ति, #भगवान के भक्त -🇮🇳#एकभारत #श्रेष्ठभारत🇮🇳: #ॐ नमः शिवाय ऊं #भूर्भुव: स्व ऊं #हौं जूं स: ऊं ॐ नमो भगवते रुद्राय नमः ॐ #त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम् |उर्वारुकमिव बन्धनान्मृत्योर्मुक्षीय माऽमृतात् || ॐ तत्पुरुषाय विद्महे #महादेवाय धीमहितन्नो रुद्रः प्रचोदयात् ॐ #पार्वतीपतये नमः द्रीं ओम नमः शिवाय द्रीं ऊँ हौं जूं सः #ओम नमो शिवाय गुरु देवाय नमः हे महाबली देवी - देवता मेरी व मेरी पत्नी एवं पुत्रियों सहित भूत भविष्य वर्तमान तीनों काल में हमारी रक्षा एवं सुरक्षा करते हुये हमारे धन-सम्पत्ति, सौभाग्य में वृद्धि करें हम लोगों के माध्यम से पुण्य कर्म, देव कर्म करायें और हमारे माध्यम से सुख शान्ती का भोग करें, इसके लिए हम लोगो को बुद्धि विद्या बल एवं धन-सम्पत्ति से सम्पन्न करें। ऊं ए #क्लीं #ह्लीं #श्रीं ह्सौ: ऐं ह्सौ: श्रीं ह्लीं क्लीं ऐं जूं क्लीं सं लं श्रीं र: अं आं इं ईं उं ऊं ऋं ऋं लं लृं एं ऐं ओं औं अं अ: ऊं कं खं गं घं डं ऊं चं छं जं झं त्रं ऊं टं ठं डं ढं णं ऊं तं थं दं धं नं ऊं पं फं बं भं मं ऊं यं रं लं वं ऊं शं षं हं क्षं स्वाहा। 🇮🇳एक भारत श्रेष्ठ भारत🇮🇳: स्नेहकाँक्षी परिवार :- #मधुकर, #किरन, #शिवाँशी, #लक्षिता 🕉✡✡✡☸☸☸☯☯☯⚛⚛⚛🕉 🇮🇳#एकभारत #श्रेष्ठभारत🇮🇳: ॐ श्रीं ह्रीं #क्लीं ऐं सौं ॐ #ह्रीं क ए ई ल ह्रीं ह स क ह ल ह्रीं सकल ह्रीं सौं ऐं क्लीं ह्रीं श्री ॐ ॐ श्रीम ##महालक्ष्म्यै नमः ॐ ह्रीं श्रीं क्लीं श्रीं क्लीं वित्तेश्वराय नमः ॐ ह्रीं #श्रीं क्रीं क्लीं श्रीं #लक्ष्मी मामगृहे धन पूरय चिन्ताम्तूरय स्वाहा ॐ धनाय नमः ॐ वसुधरे स्वाहा पद्मानने पद्म पद्माक्ष्मी पद्म संभवे तन्मे भजसि पद्माक्षि येन सौख्यं लभाम्यहम् ॐ असतो मा सद्गमय। तमसो मा ज्योतिर्गमय। मृत्योर्मा अमृतं गमय। ॐ शान्तिः शान्तिः #शान्तिः॥ हे महाबली देवी - 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यह चित्र एक अत्यंत पवित्र रक्षा यंत्र-मंत्र है, जिसमें वेद-मंत्रों, विशेष नाम-संरक्षण प्रार्थना और "ॐ" शक्ति का संगम दिखाई देता है। प्रमुख विशेषताएँ – 1. महामृत्युंजय मंत्र का प्रयोग यंत्र के चारों ओर लिखा है – "ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्। उर्वारुकमिव बन्धनान् मृत्योर्मुक्षीय माऽमृतात्॥" यह महामृत्युंजय मंत्र शिवजी का अत्यंत शक्तिशाली मंत्र है, जो प्राण, आयु, रोग-शांति और रक्षा प्रदान करता है। इसके प्रयोग से साधक मृत्यु के भय, अकाल संकट और रोग-बाधाओं से सुरक्षित रहता है। 2. मध्य का नाम मंत्र बीच में लिखा है – "ॐ मधुकर सिंह पटेल को रक्षय–रक्षय, पालय–पालय" यह व्यक्तिगत रक्षा प्रार्थना है। जब किसी का नाम लेकर ईश्वर से रक्षा मांगी जाती है, तो वह यंत्र व्यक्तिगत कवच बन जाता है। 3. बीज मंत्रों का सहारा नीचे लिखा गया है – ॐ हौं जूं सः ॐ ॐ भूर्भुवः स्वः ॐ ये बीज मंत्र (हौं, जूं, सः) शिव-शक्ति और ब्रह्मांडीय ऊर्जा के सूक्ष्म रूप हैं। इनका प्रयोग यंत्र में दिव्य चेतना (प्राण-प्रतिष्ठा) स्थापित करता है। 4. ॐ का आध्यात्मिक महत्व यंत्र में हर ओर "ॐ" अंकित है। "ॐ" ध्वनि सम्पूर्ण ब्रह्मांड का मूल स्वर है और यह यंत्र को जीवन्त और ऊर्जावान बनाती है। --- महत्व – यह रक्षा यंत्र साधक के चारों ओर अदृश्य महामृत्युंजय कवच तैयार करता है। यह विशेषकर रोग, भय, आकस्मिक दुर्घटना और नकारात्मक शक्तियों से बचाने वाला है। इसे अपने पास रखने या पूजा स्थल पर स्थापित कर प्रतिदिन धूप-दीप, जल अर्पण और "महामृत्युंजय मंत्र" का जप करने से साधक का जीवन सुरक्षित रहता है। यह यंत्र व्यक्ति को दीर्घायु, स्वास्थ्य, शांति और दिव्य संरक्षण प्रदान करता है। 👉 संक्षेप में, यह यंत्र महामृत्युंजय मंत्र, बीज मंत्र और व्यक्तिगत नाम-संरक्षण मंत्र का संयुक्त दिव्य कवच है, जो साधक को हर प्रकार के संकट से रक्षा प्रदान करता है और जीवन में स्थिरता, सुरक्षा व शांति लाता है। #भैरव तंत्र #मंत्र साधना#यंत्र मंत्र तंत्र#टोटके और उपाय#ज्योतिष# #🪔ज्योतिष वास्तु यंत्र मंत्र तंत्र #तंत्र मंत्र यंत्र #यंत्र तंत्र मंत्र #ज्योतिष वास्तु यंत्र मंत्र तंत्र
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यह चित्र एक रक्षा यंत्र-मंत्र का स्वरूप है, जिसका उद्देश्य साधक को नकारात्मक शक्तियों, अशुभ ग्रह प्रभाव, भय, रोग और अनिष्ट से बचाना होता है। प्रमुख विशेषताएँ – 1. ॐ का प्रयोग यंत्र के केंद्र से लेकर चारों ओर तक "ॐ" की परिक्रमा की गई है। "ॐ" को आदि अनादि नाद, ब्रह्मांडीय शक्ति और दिव्य ऊर्जा का स्रोत माना गया है। बार-बार "ॐ" लिखने से यंत्र में कंपन (vibrations) उत्पन्न होते हैं जो साधक की आभा (Aura) को सुरक्षित करते हैं। 2. बीच का मंत्र "ॐ मधुकर को रक्षय–रक्षय, पालय–पालय" यहाँ साधक का नाम लेकर (मधुकर) दिव्य शक्तियों से रक्षा और पालन-पोषण की प्रार्थना की गई है। इसे व्यक्तिगत रक्षा कवच मंत्र कहा जा सकता है। 3. मंत्र पंक्तियाँ नीचे "सदा भवानी साथ सहित, गौरी पुत्र गणेशा। पंच देव रक्षा करें, कमला विष्णु महेशा॥" इस श्लोक में माता भवानी, गणेश, पंचदेव (ब्रह्मा, विष्णु, महेश, दुर्गा, गणेश) तथा लक्ष्मी–नारायण से रक्षण की प्रार्थना की गई है। यह श्लोक यंत्र को और भी शक्तिशाली व पूर्ण बना देता है। महत्व – इसे नित्य पूजन स्थल पर रखकर प्रातः- सायं धूप-दीप से आराधना करने से अदृश्य सुरक्षा कवच बनता है। नकारात्मक विचार, भय, तनाव और अशुभ प्रभाव दूर होते हैं। साधक को आत्मविश्वास, मानसिक शांति और दिव्य सुरक्षा का अनुभव होता है। जब नाम लेकर रक्षा-मंत्र लिखा जाता है तो वह विशेष रूप से उसी व्यक्ति के लिए फलदायी होता है। 👉 संक्षेप में, यह रक्षा यंत्र-मंत्र एक व्यक्तिगत आध्यात्मिक सुरक्षा कवच है, जो साधक के जीवन में आत्मबल, शांति और सुरक्षित ऊर्जा का संचार करता है। #ज्योतिष वास्तु यंत्र मंत्र तंत्र #भैरव तंत्र #मंत्र साधना#यंत्र मंत्र तंत्र#टोटके और उपाय#ज्योतिष# #यंत्र तंत्र मंत्र #तंत्र मंत्र यंत्र #सनातन धर्म#उपदेश#सूक्ति#यंत्र,मंत्र,तंत्र#
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